सारंगढ़ : बिहान योजना ने बदली गीता मिरी की जिंदगी, सब्जी खेती और बकरी पालन से बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल
सारंगढ़, 01 अक्टूबर 2026।
राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं जब अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती हैं, तो वे न केवल आर्थिक स्थिति सुधारती हैं, बल्कि जीवन जीने की दिशा भी बदल देती हैं। इसकी प्रत्यक्ष मिसाल सारंगढ़ विकासखंड के ग्राम जेवरा की श्रीमती गीता मिरी हैं। कभी घर-गृहस्थी तक सीमित रहने वाली गीता आज क्षेत्र की अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।
बिहान से मिला 50 हजार रुपये का संबल, खेती बनी आजीविका का आधार
गीता के पास पहले आय का कोई स्थायी और मजबूत जरिया नहीं था। आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में उनका नया सफर तब शुरू हुआ, जब वे राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़ीं। समूह के माध्यम से उन्हें 50 हजार रुपये का उद्यमी ऋण प्राप्त हुआ। उन्होंने इस राशि का उपयोग अपनी 80 डिसमिल भूमि को आजीविका का केंद्र बनाने में किया।
टमाटर, खीरा और करेला की खेती से रोजाना 3 से 4 हजार रुपये की आमदनी
गीता ने अपने खेत में उन्नत तकनीक और मेहनत के साथ टमाटर, खीरा और करेला जैसी नकदी फसलों की खेती शुरू की। अच्छी पैदावार और बाजार में मांग के चलते उन्हें सब्जियों की बिक्री से प्रतिदिन 3,000 से 4,000 रुपये तक की आमदनी होने लगी।
अब तक वे केवल सब्जी उत्पादन से करीब 2 लाख रुपये की कुल आय अर्जित कर चुकी हैं। वहीं, एक फसल चक्र में उन्हें लगभग 60 हजार रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ है।
बकरी पालन बना अतिरिक्त आय का स्रोत
सब्जी उत्पादन में सफलता के बाद गीता ने अपनी आय के स्रोतों में विविधता लाने के लिए बकरी पालन को भी अपनाया। इससे उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 50 हजार रुपये की अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है। खेती और पशुपालन के इस एकीकृत मॉडल से उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।
मेहनत की कमाई से परिवार का संबल बनना गर्व की बात
अपनी सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए श्रीमती गीता मिरी ने बताया कि बिहान योजना और समूह से मिले सहयोग ने उन्हें नई पहचान और आत्मविश्वास दिया है। अपनी मेहनत की कमाई से परिवार का संबल बनना उनके लिए गर्व की बात है।
सरकार की ‘बिहान योजना’ गीता जैसी हजारों ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर दे रही है। ग्राम जेवरा की गीता मिरी न केवल अपने परिवार की आर्थिक रीढ़ बनी हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार अपनाकर आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दे रही हैं।



