LATEST ARTICLES

सरायपाली जिला तो बाद में अभी रेलवे लाइन को लेकर बड़ी खबर, सांसद रूप कुमारी चौधरी ने कहा कि ?

रायपुर से संबलपुर रेल निर्माण में आंशिक परिवर्तन के साथ मानेश्वर से रायपुर के बीच निर्माण का प्रस्ताव
0 गोड़भग्गा से मानेश्वर के बीच सर्वे हेतु 6.5 करोड़ स्वीकृत
0 रायपुर से गौड़भग्गा के बीच कोई परिवर्तन नहीं 0

सरायपाली से दिलीप गुप्ता की रिपोर्ट। रायपुर से संबलपुर के मध्य हो चुके रेलवे लाइन निर्माण सर्वे के बाद रेल्वे की एक बैठक के दौरान पूर्व प्रस्तावित रेलवे लाइन में थोड़ा संशोधन करते हुवे अब गौड़भग्गा से मानेश्वर के बीच बाई पास रेलवे लाइन निर्माण का सुझाव दिया गया है । इस हेतु रेलवे द्वारा 6.5 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बजट सर्वे के लिए पास किया गया है । यह रेल्वे लाइन अब वाई कनेक्शन के रूप में बनाया जाएगा । यह प्रस्ताव संबलपुर रेलवे स्टेशन में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को ध्यान में रखते हुवे बनाया गया है ।

ज्ञातव्य हो कि रायपुर संबलपुर रेलवे लाइन निर्माण किए जाने हेतु रायपुर से संबलपुर रेल लाइन निर्माण संघर्ष समिति सरायपाली द्वारा विगत 6 वर्षों से निरंतर संघर्षशील व प्रयासरत है । रेल लाइन निर्माण हेतु बनाई गई समिति के संयोजक दिलीप गुप्ता व संगठन सचिव अभिजीत प्रतिहार ने जानकारी देते हुवे बताया कि रेल विभाग से मिली जानकारी के अनुसार विगत दिनों भुवनेश्वर स्थित ईसीओआर के महाप्रबंधक की अध्यक्षता में “रायपुर और संबलपुर के बीच नई लाइन (290.21 किमी) का निर्माण” विषय पर हुई चर्चा के अनुसार पीसीओएम द्वारा निम्नलिखित मुद्दे उठाए गए इन मुद्दों पर महाप्रबंधक ने उन पर सहमति व्यक्त करते हुवे बताया कि संबलपुर स्टेशन पर भारी यातायात के कारण होने वाली भीड़भाड़ से बचने के लिए प्रस्तावित रायपुर-संबलपुर नई लाइन को संबलपुर के बजाय मानेश्वर से शुरू किया जाना चाहिए।

उपरोक्त प्रस्ताव को लागू करने के लिए, मानेश्वर और गोड़भागा को जोड़ने के बीच एक बाईपास/कनेक्शन लाइन को परियोजना का हिस्सा बनाया जाना चाहिए, जिसमें उपयुक्त फ्लाईओवर व्यवस्था और मानेश्वर में वाई-कनेक्शन का प्रावधान हो, ताकि झारसुगुडा और तालचेर की ओर से रेल यातायात की आवाजाही सुगम हो सके।
प्रस्तावित रायपुर-संबलपुर लाइन को गोडभागा स्टेशन पर वाई-लेग के साथ आरओआर व्यवस्था के माध्यम से मौजूदा संबलपुर-टिटलागढ़ लाइन के ऊपर लिया जा सकता है, और फ्लाईओवर व्यवस्था और वाई-लेग के माध्यम से मानेश्वर से उपयुक्त रूप से जोड़ा या विलय किया जा सकता है।

समिति के पदाधिकारी दिलीप गुप्ता व अविजित प्रतिहार ने बताया कि रायपुर से संबलपुर के बीच रेल्वे लाइन हेतु समिति पिछले 6 वर्षों से संघर्षशील है । समिति के सदस्यों द्वारा 3/1/2022 को दिल्ली रेल भवन जाकर रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर मांग पर सर्वे का आदेश भी दिया गया था जिसके तहत 2 वर्ष पूर्व तक इस लाइन का सर्वे हो चुका था । किंतु अब संबलपुर रेलवे स्टेशन में भारी ट्रैफिक दबाव को देखते हुवे गौड़भग्गा से मानेश्वर तक नई रेल लाइन निर्माण के सर्वे हेतु 6.5 करोड़ स्वीकृत किया गया है । गौड़भग्गा से रायपुर के बीच कोई परिवर्तन नहीं होने की जानकारी दी गई है । यह सर्वे कार्य 3 महीने के अंदर कर लिए जाने की जानकारी दी गई है । रेल्वे विभाग के इस प्रयास व प्रस्ताव को देखते हुवे रायपुर से मानेश्वर के बीच निर्माणाधीन रेलवे लाइन के बनने की संभावना बढ़ती दिखाई दे रही है जो क्षेत्र के सर्वांगीण विकास लिए बहुत ही आवश्यक होगा ।

आज सरायपाली में सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने कहा कि उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव द्वारा बिना भेदभाव के सभी क्षेत्रों में विकास कार्य कराए जा रहे हैं, जिसका लाभ आम जनता को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही रेल लाइन की मांग की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा है और अब सर्वे का कार्य शुरू हो गया है। उन्होंने सरायपाली क्षेत्र के विकास के लिए 5 करोड़ रुपये के अतिरिक्त विकास कार्यों की मांग भी रखी।

सरायपाली को 178 करोड़ की विकास सौगात, 5 करोड़ अतिरिक्त देने की घोषणा; डिप्टी CM साव बोले—विकास के लिए राशि की कमी नहीं होगी

 

 

महासमुंद, 23 सितंबर 2026/ उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं खेल युवा कल्याण विभाग मंत्री श्री अरुण साव आज नई मंडी प्रांगण सरायपाली में आयोजित लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम में सरायपाली नगर पालिका क्षेत्र के लिए 23 करोड़ 28 लाख 61 हजार रुपए के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं 154 करोड़ 88 लाख रुपए की लागत के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर क्षेत्रवासियों को पेयजल, सामुदायिक भवन, अधोसंरचना और अमृत मिशन सहित विभिन्न विकास कार्यों की सौगात मिली। किया गया। इस अवसर पर सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, , छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष श्री रामलाल चैहान, छत्तीसगढ़ शाकम्भरी बोर्ड के अध्यक्ष श्री राजेंद्र नायक, महिला आयोग की सदस्य श्रीमती सरला कोसरिया, जिला स्काउट गाइड संघ के जिलाध्यक्ष श्री ऐतराम साहू, , उपाध्यक्ष श्री हेमंत प्रधान, कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह सहित जनप्रतिनिधि, पार्षदगण, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्यक्रम में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के जल जीवन मिशन अंतर्गत रेट्रो फिटिंग एवं एकल ग्राम योजना कुल 24 ग्रामों में पेयजल सुविधा के लिए 1818. 61 लाख रुपये के कार्यों तथा नगर के विभिन्न वार्डों में सामुदायिक भवन एवं अन्य निर्माण कार्यों के लिए 510 लाख रुपये के कार्यों का लोकार्पण किया गया। इसी प्रकार एसटीपी निर्माण से संबंधित 10.21 करोड़ रुपये तथा जल प्रदाय अमृत मिशन 2.0 अंतर्गत 139.55 करोड़ रुपए के विकास कार्य एवं 512 लाख रुपये के विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया गया।


इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि कोई भी शुभ कार्य होता है तो इंद्रदेव का आशीर्वाद मिलता है। आज वर्षा के रूप में भी हमें आशीर्वाद मिल रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार विकास और जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ा रही है। यह पानी देने वाली सरकार है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में अभूतपूर्व विकास कार्य हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार जिस कार्य का भूमिपूजन करती है, उसका लोकार्पण भी हमारी ही सरकार करती है। विकास कार्यों को समयबद्ध रूप से पूरा कर जनता को उसका लाभ पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के माथे पर नक्सलवाद का कलंक था, जिसे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में समाप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा ढाई वर्ष में लगभग 12 हजार 666 करोड़ रुपये के विकास कार्य किए गए हैं।

उप मुख्यमंत्री श्री अरूपण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ के साथ साथ अब सरायपाली का विकास भी तीव्र गति से हो रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन की सरकार में लगातार विकास के काम हो रहे है। देश की दशा और दिशा बदलने का काम हमारी डबल इंजन की सरकार कर रही है। उन्होंने कहा कि सरायपाली के विकास के लिए पैसों की कोई कमी नही होगी। उप मुख्यमंत्री ने सांसद की मांग पर क्षेत्र के विकास के लिए 5 करोड़ देने की घोषणा की।

सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने कहा कि उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव द्वारा बिना भेदभाव के सभी क्षेत्रों में विकास कार्य कराए जा रहे हैं, जिसका लाभ आम जनता को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही रेल लाइन की मांग की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा है और अब सर्वे का कार्य शुरू हो गया है। उन्होंने सरायपाली क्षेत्र के विकास के लिए 5 करोड़ रुपये के अतिरिक्त विकास कार्यों की मांग भी रखी।

सारंगढ़-बिलाईगढ़ : मिर्च की खेती से दशमत साहू की बदली जिंदगी

सारंगढ़-बिलाईगढ़ : मिर्च की खेती से दशमत साहू की बदली जिंदगी

दुर्गा महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़कर 40 क्विंटल मिर्च का किया उत्पादन और विक्रय, 2 लाख रुपये की सकल बिक्री

सारंगढ़-बिलाईगढ़, 23 सितंबर 2026। ग्राम मल्दा-अ की श्रीमती दशमत साहू ने मिर्च उत्पादन को अपनी आजीविका का जरिया बनाकर परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। दुर्गा महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने खेती को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाते हुए मिर्च उत्पादन एवं विक्रय का कार्य शुरू किया। मेहनत और लगन का परिणाम यह रहा कि अब तक उन्होंने 40 क्विंटल मिर्च की तुड़ाई कर पूरी उपज का विक्रय कर लिया है।

दशमत साहू के खेत से एक बार में लगभग 10 क्विंटल मिर्च की तुड़ाई हुई। अब तक कुल 40 क्विंटल मिर्च का उत्पादन कर उसका विक्रय लगभग 5 हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से किया गया। इस प्रकार मिर्च की बिक्री से उन्हें 2 लाख रुपये की सकल बिक्री प्राप्त हुई। खेती से प्राप्त इस आय ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को सहारा देने के साथ ही भविष्य में अपनी आजीविका गतिविधि को और आगे बढ़ाने का विश्वास भी दिया है।

स्वयं सहायता समूह से जुड़कर मिली नई राह

दुर्गा महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद दशमत साहू ने खेती को केवल पारंपरिक गतिविधि के रूप में न देखते हुए इसे आय का मजबूत माध्यम बनाने की दिशा में प्रयास किया। मिर्च की खेती में मेहनत, नियमित देखभाल और उपज के बेहतर विक्रय से उन्हें आर्थिक लाभ मिला।

दशमत साहू की सफलता यह दर्शाती है कि ग्रामीण महिलाएं मेहनत, स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और स्वयं सहायता समूह से जुड़कर अपनी आजीविका को मजबूत कर सकती हैं। मिर्च उत्पादन से मिली आमदनी ने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया है। अब वे स्वयं अपनी आर्थिक गतिविधि को आगे बढ़ाने के साथ गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं।

सेवा संकल्प अभियान में सामने आ रही बदलाव की ऐसी कहानियां

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चल रहे सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत शासन की योजनाओं और आजीविका गतिविधियों से लोगों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव की कहानियों को सामने लाया जा रहा है। दशमत साहू की कहानी भी इसी बदलाव की एक मिसाल है।

महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़कर उन्होंने खेती को आय का माध्यम बनाया और अपनी मेहनत से परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ीं। उनके खेत में उगी मिर्च अब केवल एक फसल नहीं, बल्कि परिवार की आय, आत्मनिर्भरता और बेहतर भविष्य की उम्मीद का आधार बन रही है।

40 क्विंटल मिर्च का उत्पादन एवं विक्रय और 2 लाख रुपये की सकल बिक्री दशमत साहू की मेहनत और आजीविका गतिविधि के सफल परिणाम को दर्शाती है। उनकी यह उपलब्धि ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और कृषि आधारित आजीविका गतिविधियों को अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए प्रेरित कर रही है।

रायपुर : छत्तीसगढ़ की दूरियां घटेंगी, विकास की रफ्तार बढ़ेगी : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रायपुर : छत्तीसगढ़ की दूरियां घटेंगी, विकास की रफ्तार बढ़ेगी : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मॉडिफाइड उड़ान योजना के नए चरण के लिए भारत सरकार और छत्तीसगढ़ शासन के बीच महत्वपूर्ण समझौता

बेहतर हवाई संपर्क से पर्यटन, व्यापार, निवेश और रोजगार की संभावनाओं को मिलेगी नई गति

रायपुर, 22 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मॉडिफाइड उड़ान योजना के नए चरण के अंतर्गत भारत सरकार और छत्तीसगढ़ शासन के बीच हुए समझौते को विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश की भौगोलिक दूरियां घटेंगी और विकास की रफ्तार बढ़ेगी। नई दिल्ली में हुए इस समझौते पर छत्तीसगढ़ शासन की ओर से विमानन सचिव श्री मुकेश बंसल ने हस्ताक्षर किए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि बेहतर हवाई संपर्क का लाभ बड़े शहरों के साथ-साथ छोटे शहरों और दूरस्थ अंचलों तक भी पहुंचे। इस समझौते से प्रदेश में नए हवाई संपर्क, हवाई पट्टियों के विकास और दूरस्थ क्षेत्रों में हेली-कनेक्टिविटी के विस्तार की संभावनाओं को मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि बेहतर हवाई संपर्क से नागरिकों का आवागमन सुगम होगा और पर्यटन, व्यापार, निवेश तथा रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। प्रदेश के प्राकृतिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।

दूरस्थ क्षेत्रों में हेली-कनेक्टिविटी के विस्तार से आपातकालीन चिकित्सा सहायता, आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों में भी मदद मिलेगी। इससे जरूरत के समय दूर-दराज के क्षेत्रों तक त्वरित पहुंच सुनिश्चित करने में सहायता मिल सकेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय नागर विमानन मंत्री श्री राम मोहन नायडू के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ देश के विस्तारित होते विमानन नेटवर्क से और मजबूती से जुड़ेगा।

उल्लेखनीय है कि मॉडिफाइड उड़ान योजना के अंतर्गत देश में मौजूदा अनुपयोगी हवाई पट्टियों से 100 हवाई अड्डे तथा दूरस्थ क्षेत्रों में 200 आधुनिक हेलीपैड विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।

रविवार को भी खुले रहेंगे बैंक – वित्त मंत्रालय

देशभर की बैंक यूनियनों ने पांच दिवसीय बैंकिंग कार्य सप्ताह लागू करने की मांग को लेकर 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर जाने का फैसला बरकरार रखा है। यह जानकारी ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय सचिव डी. एन. त्रिवेदी ने बुधवार के दी। हालांकि आरबीआई ने 27 सितंबर 2026 (रविवार) को देशभर में बैंक शाखाएं, एटीएम लिंक शाखाओं और करेंसी चेस्ट को संचालित रखने की अनुमति दी है। वित्त मंत्रालय ने बताया है कि सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक रविवार 27 सितंबर को खुले रहेंगे।

मंत्रालय ने कहा है कि यह कदम यूनाइटेड फोरम ऑफ़ बैंक यूनियंस की ओर से इस महीने की 28 से 30 तारीख तक बुलाई गई तीन दिन की देशव्यापी बैंक हड़ताल को देखते हुए उठाया गया है।

CG बसना/ कलार समाज का राज्य स्तरीय ‘सामाजिक शिक्षा रत्न सम्मान 2026’ समारोह संपन्न गोपेश डड़सेना, डॉ. आकाश सिन्हा एवं सभापति प्रकाश सिन्हा सम्मानित

शिक्षा, संस्कार और सेवा से ही समाज का समग्र विकास : रूपकुमारी चौधरी

कलार समाज के राज्य स्तरीय ‘सामाजिक शिक्षा रत्न सम्मान 2026’ समारोह में प्रतिभाओं का सम्मान, बसना क्षेत्र की तीन हस्तियां सम्मानित

बसना। छत्तीसगढ़ कलार समाज के शिक्षा प्रकोष्ठ द्वारा शिक्षा, सामाजिक सेवा एवं समाजहित के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्य स्तरीय ‘सामाजिक शिक्षा रत्न सम्मान 2026’ समारोह का आयोजन सत्य साईं हॉस्पिटल ऑडिटोरियम, नया रायपुर में किया गया। समारोह में प्रदेशभर से शिक्षा, सामाजिक सेवा एवं समाजहित के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों, समाजसेवियों एवं प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि महासमुंद सांसद एवं भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष रूपकुमारी चौधरी थीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ कलार समाज के प्रदेश अध्यक्ष युवराज सिन्हा ने की। अति विशिष्ट अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष राकेश पाण्डेय उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश महामंत्री अशोक सिन्हा, भाजपा प्रदेश कार्यालय मंत्री अशोक बजाज, प्रांतीय महिला अध्यक्ष प्रमिला सिन्हा एवं पूर्व प्रांताध्यक्ष भोजराम सिन्हा सहित समाज के पदाधिकारी एवं गणमान्यजन मौजूद रहे।

शिक्षा और संस्कार से ही समाज की प्रगति : युवराज सिन्हा

स्वागत उद्बोधन में प्रदेश अध्यक्ष युवराज सिन्हा ने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक प्रगति उसकी शिक्षा, संस्कार और प्रतिभाओं के विकास से होती है। समाज निर्माण में शिक्षकों, विद्यार्थियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि अपनी जिम्मेदारियों से आगे बढ़कर समाज एवं नई पीढ़ी के निर्माण में योगदान देने वाली प्रतिभाओं का सम्मान अन्य लोगों को भी बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने शिक्षा प्रकोष्ठ की पहल को समाज में शिक्षा एवं सामाजिक चेतना को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण प्रयास बताया।

शिक्षा केवल रोजगार नहीं, व्यक्तित्व और राष्ट्र निर्माण का आधार : रूपकुमारी चौधरी

मुख्य अतिथि रूपकुमारी चौधरी ने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व निर्माण, संस्कार और राष्ट्र निर्माण का आधार है। शिक्षकों के नवाचार और विद्यार्थियों को प्रोत्साहन देने से उनकी प्रतिभा को नई दिशा मिलती है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में शिक्षा, संस्कार, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने सभी सम्मानित प्रतिभाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

बसना क्षेत्र की तीन प्रतिभाओं को मिला ‘सामाजिक शिक्षा रत्न’ सम्मान

समारोह में बसना क्षेत्र की तीन प्रतिभाओं को ‘सामाजिक शिक्षा रत्न सम्मान 2026’ से सम्मानित किया गया।

गोपेश कुमार डड़सेना — बसना निवासी एवं कन्या शाला पिथौरा में पदस्थ शिक्षक, नवाचारी शिक्षक, साहित्यकार, पर्यावरण प्रेमी एवं सामाजिक कार्यकर्ता गोपेश कुमार डड़सेना को शिक्षा में नवाचार एवं विद्यार्थियों के मार्गदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। उनके मार्गदर्शन में अनेक विद्यार्थियों का एकलव्य विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल, प्रयास आवासीय विद्यालय एवं राष्ट्रीय साधन-सह-छात्रवृत्ति योजना जैसी शैक्षणिक अवसरों के लिए चयन हुआ है।

डॉ. आकाश सिन्हा — रसायन शास्त्र में पीएचडी की उपाधि हासिल करने एवं शिक्षा क्षेत्र में योगदान के लिए असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आकाश सिन्हा को सम्मानित किया गया। सम्मान के बाद उन्होंने कहा कि विभिन्न संस्थाओं से सम्मान मिलना गौरव की बात है, लेकिन अपने समाज के बीच सम्मानित होना उनके लिए विशेष गर्व और आत्मीयता का विषय है।

प्रकाश सिन्हा — जनपद पंचायत बसना के सभापति एवं जनपद सदस्य क्षेत्र क्रमांक 21 अंकोरी प्रकाश सिन्हा को सामाजिक एवं जनसेवा के क्षेत्र में सक्रिय योगदान, सामाजिक एवं राजनीतिक दायित्वों के निर्वहन, क्षेत्रीय विकास को गति देने तथा जनसामान्य के सर्वांगीण विकास एवं रचनात्मक गतिविधियों में निरंतर सहभागिता के लिए ‘सामाजिक शिक्षा रत्न सम्मान 2026’ से सम्मानित किया गया।

शिक्षा, संस्कार और सेवा का संदेश

सम्मान समारोह में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे समाज के पदाधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षा, संस्कार और सेवा के क्षेत्र में कार्य करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित कर नई पीढ़ी को समाजहित में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया गया।

बसना/ बम्हनी में नुवाखाई सम्मेलन में उमड़ा कोलता समाज का जनसैलाब, मोक्ष प्रधान की मौजूदगी में उत्कृष्ट प्रतिभाओं का सम्मान

बसना नुवाखाई सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में सामाजिक एकता का दिखा भव्य संगम
बाबा बिसाशहे कुल कोलता समाज के नुवाखाई सम्मेलन में उमड़ा समाज का जनसैलाब, उत्कृष्ट प्रतिभाओं का हुआ सम्मान
बम्हनी में आयोजित हुआ भव्य नुवाखाई सम्मेलन एवं सम्मान समारोह — जिला पंचायत सदस्य मोक्ष कुमार प्रधान ने की शिरकत, सामाजिक एकता और संस्कृति को मजबूत करने का दिया संदेश
बसना / महासमुंद।
बाबा बिसाशहे कुल कोलता समाज शाखा सभा आरंगी के ग्राम बम्हनी में नुवाखाई पर्व के अवसर पर भव्य नुवाखाई सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। पारंपरिक संस्कृति, सामाजिक एकता और नई पीढ़ी को समाज की गौरवशाली परंपराओं से जोड़ने का संदेश देते हुए आयोजित इस सम्मेलन में पूरे क्षेत्र से समाज के वरिष्ठजन, पदाधिकारी, युवा, महिलाएं एवं विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हुए।
कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य एवं कोलता समाज युवा प्रकोष्ठ के पूर्व अध्यक्ष मोक्ष कुमार प्रधान विशेष रूप से शामिल हुए। उनके पहुंचने पर समाजजनों द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया। सम्मेलन में सामाजिक एकजुटता, समाज के विकास, शिक्षा, संस्कार, युवाओं की भूमिका तथा अपनी संस्कृति और परंपराओं को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने को लेकर चर्चा हुई।
समारोह में मुख्य अतिथि बिजेपुर विधायक श्री शनत गढ़तिया जी, कोलता समाज के अध्यक्ष श्री गिरधारी साहू जी, संरक्षक श्री हरिचरण प्रधान जी, व्यासदेव भोई जी सहित समाज के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
नुवाखाई केवल पर्व नहीं, हमारी संस्कृति और सामाजिक एकता की पहचान

सम्मेलन को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि नुवाखाई हमारे लिए केवल नया अन्न ग्रहण करने का पर्व नहीं, बल्कि अपनी मिट्टी, अपनी परंपरा, अपने इष्टदेव, अपने बुजुर्गों और अपनी सामाजिक जड़ों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर है। यह पर्व समाज के हर वर्ग को एक सूत्र में बांधने और आपसी प्रेम, भाईचारे तथा सद्भावना को मजबूत करने का संदेश देता है।
कार्यक्रम में इस बात पर भी जोर दिया गया कि समाज की प्रगति केवल आर्थिक विकास से नहीं, बल्कि शिक्षा, संस्कार, सामाजिक एकता और युवाओं की सकारात्मक भागीदारी से संभव है। समाज के युवाओं को अपनी संस्कृति एवं परंपराओं से जोड़ते हुए आधुनिक शिक्षा और नई संभावनाओं की ओर आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर भी विचार व्यक्त किए गए।
उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं का हुआ सम्मान
नुवाखाई सम्मेलन के दौरान समाज के विभिन्न वर्गों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। शिक्षा, सामाजिक सेवा, समाजसेवा, विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धि हासिल करने वाली प्रतिभाओं तथा समाज के लिए उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों का सम्मान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

सम्मान समारोह में प्रतिभाओं को सम्मानित किए जाने से उपस्थित समाजजनों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। वक्ताओं ने कहा कि समाज की प्रतिभाओं को पहचान और सम्मान मिलना नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का कार्य करता है। ऐसे आयोजनों से बच्चों और युवाओं में आगे बढ़ने तथा समाज के लिए बेहतर कार्य करने की भावना मजबूत होती है।
मोक्ष कुमार प्रधान ने कहा—समाज की एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत

इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य मोक्ष कुमार प्रधान ने समाजजनों को नुवाखाई पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारी सामाजिक शक्ति हमारी एकता, आपसी भाईचारे और संस्कारों में निहित है। उन्होंने कहा कि नुवाखाई जैसे पर्व हमें अपनी जड़ों से जोड़ते हैं और समाज के सभी लोगों को एक मंच पर आने का अवसर प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि समाज के वरिष्ठजनों का मार्गदर्शन और युवाओं की ऊर्जा जब एक साथ मिलती है, तो समाज विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर सकता है। उन्होंने समाज के युवाओं से अपनी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक मूल्यों को आगे बढ़ाने के साथ-साथ शिक्षा एवं सामाजिक सेवा के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि समाज में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, जरूरत है तो उन्हें पहचानने, प्रोत्साहित करने और उचित मंच देने की। समाज के उत्कृष्ट लोगों का सम्मान इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
बम्हनी में दिखी सामाजिक एकजुटता की मजबूत तस्वीर
नुवाखाई सम्मेलन में समाज के विभिन्न गांवों एवं क्षेत्रों से पहुंचे लोगों की उपस्थिति ने आयोजन को भव्य बना दिया। कार्यक्रम के दौरान समाज के लोगों में आपसी मेल-मिलाप, भाईचारा और उत्साह देखने को मिला। बुजुर्गों के अनुभव, युवाओं का उत्साह और महिलाओं की सक्रिय सहभागिता ने पूरे आयोजन को सामाजिक एकता का स्वरूप प्रदान किया।
आयोजकों ने कहा कि ऐसे सामाजिक सम्मेलन आने वाली पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने के साथ-साथ समाज के भीतर आपसी संवाद और सहयोग को मजबूत करने का कार्य करते हैं।

बम्हनी में आयोजित यह नुवाखाई सम्मेलन केवल एक पर्व का आयोजन नहीं रहा, बल्कि सामाजिक एकता, संस्कृति, सम्मान और नई पीढ़ी को नई दिशा देने का मजबूत संदेश लेकर सामने आया। समाज के वरिष्ठजनों और युवाओं की सामूहिक भागीदारी ने यह स्पष्ट किया कि अपनी परंपराओं को सहेजते हुए समाज निरंतर प्रगति की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

सरायपाली/इन गांव को सरला की मांग पर CM साय ने ग्रामीण क्षेत्र को दी ₹1 करोड़ की सौगात, बसना सरायपाली के गांवों में सड़क और स्कूलों में स्मार्ट क्लास

सरायपाली विधानसभा को ₹1 करोड़ की सौगात, गांवों में सीसी रोड और स्कूलों में बनेंगे स्मार्ट क्लास

सरला कोसरिया की अनुशंसा पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विभिन्न विकास कार्यों को दी स्वीकृति, ग्रामीणों में उत्साह

सरायपाली। सरायपाली विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न ग्राम पंचायतों और शासकीय विद्यालयों में विकास कार्यों के लिए छत्तीसगढ़ शासन ने करीब 1 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। भाजपा की पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती सरला कोसरिया की अनुशंसा पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा इन कार्यों को मंजूरी दी गई है।

स्वीकृत कार्यों में कई गांवों में सीसी रोड निर्माण के साथ शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास की स्थापना के कार्य शामिल हैं।

इन गांवों में होंगे सीसी रोड निर्माण

  • उमरिया — सीसी निर्माण हेतु ₹5 लाख
  • संतपाली — सीसी रोड हेतु ₹5 लाख
  • सलखण्ड — सीसी रोड हेतु ₹5 लाख
  • दलदली — सीसी रोड हेतु ₹5 लाख
  • कुसमुर — सीसी रोड हेतु ₹10 लाख
  • बुटिपाली — सीसी रोड हेतु ₹5 लाख
  • भंवरचुवां — सीसी रोड हेतु ₹5 लाख
  • मुनगाडीह — सीसी रोड हेतु ₹5 लाख
  • रिमजी — सीसी रोड हेतु ₹5 लाख

स्कूलों में स्मार्ट क्लास को भी मंजूरी

शिक्षा के क्षेत्र में भी स्वीकृति दी गई है। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बलौदा, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तथा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जम्हारी में स्मार्ट क्लास के लिए ₹11-11 लाख तथा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कलेण्डा (छिबर्रा) में स्मार्ट क्लास के लिए ₹11 लाख की स्वीकृति दी गई है।

श्रीमती सरला कोसरिया ने कहा कि वह ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ सरायपाली विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि किसी पद पर रहना या न रहना उनके लिए महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि क्षेत्र का विकास उनकी प्राथमिकता है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मिलकर सरायपाली विधानसभा क्षेत्र के विकास से जुड़ी विभिन्न मांगों को समय-समय पर उनके समक्ष रखा जाता रहा है। ग्रामीण प्रवास के दौरान ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए मांग पत्रों के आधार पर इन विकास कार्यों को स्वीकृति मिली है।

सरला कोसरिया ने कहा कि इससे पहले भी विधानसभा क्षेत्र में पुल, पुलिया, सड़क, एनीकट, बांध सहित विभिन्न छोटे-बड़े निर्माण कार्यों को स्वीकृति मिल चुकी है। नई स्वीकृतियों से ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ विद्यालयों में आधुनिक शिक्षा व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने विकास कार्यों की स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए आगे भी लगातार प्रयास जारी रहेंगे।

महासमुंद : सेवा की कहानी — 96 हजार से अधिक पेंशनधारियों को हर माह मिल रही 4.83 करोड़ रुपए से अधिक की पेंशन

महासमुंद : सेवा की कहानी — 96 हजार से अधिक पेंशनधारियों को हर माह मिल रही 4.83 करोड़ रुपए से अधिक की पेंशन

दिव्यांगों, बुजुर्गों एवं महिलाओं को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का मिला आर्थिक सहारा

महासमुंद, 22 सितंबर 2026।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा के दौरान जनकल्याण और जरूरतमंद वर्गों के सशक्तिकरण को निरंतर प्राथमिकता दी गई है। इसी सेवा और समर्पण की भावना के अनुरूप राज्य शासन द्वारा समाज कल्याण विभाग के माध्यम से जिले के बुजुर्गों, दिव्यांगजनों, विधवा महिलाओं एवं जरूरतमंद हितग्राहियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं का नियमित लाभ दिया जा रहा है। इन योजनाओं से जिले के हजारों परिवारों को आर्थिक संबल मिला है और हितग्राहियों को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का सहारा प्राप्त हुआ है।

सेवा संकल्प की भावना के अनुरूप समाज कल्याण विभाग द्वारा सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम के तहत संचालित विभिन्न पेंशन योजनाओं के माध्यम से महासमुंद जिले में कुल 96 हजार 765 पेंशन हितग्राही पंजीकृत हैं। इनमें से 96 हजार 254 हितग्राहियों को प्रतिमाह डीबीटी के माध्यम से कुल 4 करोड़ 83 लाख 82 हजार 500 रुपए की पेंशन राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की जा रही है।

इनमें इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के 32 हजार 304, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के 9 हजार 396, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना के 939, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के 24 हजार 109, सुखद सहारा पेंशन योजना के 9 हजार 74 तथा मुख्यमंत्री पेंशन योजना के 20 हजार 432 हितग्राही शामिल हैं।

इसी प्रकार राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में जून 2026 तक जिले के 56 हितग्राहियों को प्रति हितग्राही 20 हजार रुपए की दर से कुल 11 लाख 20 हजार रुपए की एकमुश्त सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खातों में प्रदान की गई है।

पेंशन और सहायता राशि सीधे बैंक खाते में पहुंचने से हितग्राहियों को कार्यालयों के चक्कर लगाने तथा राशि प्राप्त करने में होने वाली आर्थिक एवं शारीरिक परेशानियों से राहत मिली है। नियमित रूप से मिलने वाली पेंशन राशि से बुजुर्ग, दिव्यांगजन और जरूरतमंद महिलाएं अपनी दवाइयों, दैनिक आवश्यकताओं एवं अन्य छोटे खर्चों को स्वयं पूरा कर पा रहे हैं। इससे उनमें आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ-साथ आत्मसम्मान की भावना भी मजबूत हुई है।

महासमुंद : IFMIS Next Gen सिस्टम में ऑफिस एडमिन मॉड्यूल की ऑनबोर्डिंग 25 सितंबर तक अनिवार्य

महासमुंद : IFMIS Next Gen सिस्टम में ऑफिस एडमिन मॉड्यूल की ऑनबोर्डिंग 25 सितंबर तक अनिवार्य

सभी कार्यालय प्रमुख एवं डीडीओ को निर्धारित समय-सीमा में प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश

महासमुंद, 22 सितंबर 2026।

वित्त विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा राज्य के समस्त शासकीय कार्यालयों को IFMIS Next Gen सिस्टम के ऑफिस एडमिन मॉड्यूल में निर्धारित समय-सीमा के भीतर ऑनबोर्ड किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके परिपालन में महासमुंद जिले के सभी कार्यालय प्रमुखों एवं आहरण एवं संवितरण अधिकारियों (डीडीओ) को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

वरिष्ठ कोषालय अधिकारी श्री संजय चौधरी ने बताया कि जिले के जिन शासकीय कार्यालयों को उनके संबंधित विभागाध्यक्ष द्वारा अभी तक IFMIS Next Gen सिस्टम के ऑफिस एडमिन मॉड्यूल में ऑनबोर्ड नहीं किया गया है, ऐसे सभी कार्यालयों के कार्यालय प्रमुख एवं डीडीओ तत्काल वित्त विभाग द्वारा जिले के लिए नामांकित अधिकारियों से संपर्क कर अपने कार्यालय की ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया पूर्ण कराना सुनिश्चित करें।

ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया के संबंध में कार्यालय प्रमुख एवं डीडीओ श्री देवेन्द्र कुमार बाम्बोडे, सहायक कोषालय अधिकारी एवं डिस्ट्रिक्ट एडमिन तथा श्री देवेन्द्र ध्रुव, सहायक ट्रेनर से संपर्क कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करा सकते हैं।

वित्त विभाग द्वारा IFMIS Next Gen सिस्टम के ऑफिस एडमिन मॉड्यूल में ऑनबोर्डिंग की कार्रवाई पूर्ण करने के लिए अंतिम समय-सीमा 25 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। जिले के सभी संबंधित शासकीय कार्यालयों को इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं।