सरायपाली/शासकीय उच्च प्राथमिक शाला केदुवाँ में कक्षा 8वीं के विद्यार्थियों को दी गई भावभीनी विदाई

सरायपाली/शासकीय उच्च प्राथमिक शाला केदुवाँ में कक्षा 8वीं के विद्यार्थियों को दी गई भावभीनी विदाई

शासकीय उच्च प्राथमिक शाला केदुवाँ में कक्षा 8वीं के विद्यार्थियों के सम्मान में विदाई समारोह का आयोजन बड़े ही हर्षोल्लास एवं भावुक वातावरण में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की वंदना से हुई। इसके पश्चात विद्यालय के कक्षा 6वीं एवं 7वीं के विद्यार्थियों ने कक्षा 8वीं के विद्यार्थियों का गर्मजोशी से स्वागत किया।

इस अवसर पर विद्यालय की शिक्षिका रेखा पांडेय मैडम तथा शिक्षक घनश्याम प्रसाद पटेल, हेमंत कुमार चौधरी, घनश्याम दास एवं राजेश पटेल ने कक्षा 8वीं के विद्यार्थियों को आशीर्वचन देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सभी शिक्षकों ने विद्यार्थियों को जीवन में अनुशासन, परिश्रम और अच्छे संस्कारों के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

कार्यक्रम में विद्यालय के पूर्व शिक्षक खुशीराम दास, मोतीलाल पटेल एवं शमशाद ख़ान भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने भी विद्यार्थियों को आशीष देते हुए शिक्षा के महत्व और जीवन में आगे बढ़ने के लिए महत्वपूर्ण बातें बताईं।

समारोह के दौरान विद्यार्थियों के लिए विभिन्न मनोरंजक खेलों और म्यूजिकल गेम्स का भी आयोजन किया गया, जिसमें सभी विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और कार्यक्रम का आनंद उठाया। कक्षा 6वीं एवं 7वीं के विद्यार्थियों ने कक्षा 8वीं के विद्यार्थियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानपूर्वक विदाई दी।

कार्यक्रम के दौरान छोटे विद्यार्थियों द्वारा गीत, नृत्य एवं अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी दी गईं, जिससे वातावरण अत्यंत आनंदमय हो गया। कक्षा 8वीं के विद्यार्थियों ने भी विद्यालय में बिताए अपने अनुभव साझा करते हुए शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया, जिससे माहौल भावुक हो उठा। अंत में विद्यालय परिवार द्वारा सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

गढ़फुलझर में आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी में होगा होला मोहल्ला कार्यक्रम

महासमुंद 15 मार्च 2026/ प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज 15 मार्च को जिला महासमुंद अंतर्गत बसना तहसील के ग्राम गढ़फुलझर के दौरे पर रहेंगे।

 

मुख्यमंत्री श्री साय दोपहर 12:50 बजे बलरामपुर से प्रस्थान कर दोपहर 2ः10 बजे ग्राम नानक सागर गढ़फुलझर (रामचंडी मंदिर मैदान) हेलीपेड पहुंचेगे तथा दोपहर 2:20 बजे ग्राम गढ़फुलझर में होला महल्ला कार्यक्रम में शामिल होंगे। तत्पश्चात दोपहर 3ः40 बजे वे ग्राम गढ़फुलझर से ग्राम नानक सागर हेलीपेड के लिए प्रस्थान करेंगे। इसके पश्चात दोपहर 3:50 बजे रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे।

छत्तीसगढ़: बस्तर क्षेत्र में खुशहाली और शांति बहाल करने में हो रहे हैं कामयाब: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

छत्तीसगढ़: बस्तर क्षेत्र में खुशहाली और शांति बहाल करने में हो रहे हैं कामयाब: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

‘आदि परब’ जनजातीय संस्कृति, कला और परंपराओं को साझा मंच प्रदान करने का बेहतर आयोजन आदि परब’ चित्रकला और परिधान को मिला ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड’ पुरस्कार मुख्यमंत्री ने 43 जनजातियों के पारंपरिक परिधान में सजे अटायर शो का लिया आनंद जनजातीय विद्यार्थियों के उच्च शिक्षा और शोधार्थियों के लिए 100 सीटर छात्रावास का लोकार्पण हर्षोल्लास के साथ ‘आदि परब’ का हुआ समापन

हमारी सरकार जनजातीय समाज के भविष्य को संवारने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प से अब हम बस्तर क्षेत्र में खुशहाली और शांति बहाल करने में कामयाब हो रहे हैं। बस्तर पिछले लगभग 40 वर्षों से विकास से अछूता रहा और लंबे समय तक नक्सल प्रभाव से प्रभावित था, लेकिन अब परिस्थितियाँ तेजी से बदल रही हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश जल्द ही नक्सलवाद से मुक्त होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिससे जनजातीय समाज में अमन-चैन के साथ-साथ खुशहाली और समृद्धि का नया दौर आएगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (TRTI) परिसर में आयोजित दो दिवसीय ‘आदि परब’ के समापन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘आदि परब’ की थीम ‘परंपरा से पहचान तक’ रखी गई है। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, कला और परंपराओं को साझा मंच देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ सहित तेलंगाना, ओडिशा, महाराष्ट्र और झारखंड के आदिवासी लोक कलाकारों ने भाग लिया।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की 43 विभिन्न जनजातियों के लोग एक मंच पर एकत्रित हुए, जो हमारी सांस्कृतिक विविधता और समृद्धि का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने इस सफल आयोजन के लिए विभाग की पूरी टीम को बधाई दी तथा ‘आदि परब’ चित्रकला और परिधान को मिले ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ पुरस्कार के लिए भी शुभकामनाएँ दीं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनजातीय समाज के युवाओं को उच्च शिक्षा और शोध के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से टीआरटीआई परिसर में 5 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 100 सीटर छात्रावास का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय बाहुल्य प्रदेश छत्तीसगढ़ में इस प्रकार के आयोजन का विशेष महत्व है, क्योंकि यह हमारी समृद्ध जनजातीय संस्कृति और परंपराओं की व्यापकता को प्रदर्शित करता है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में पारंपरिक चित्रकला, शिल्प, हाट-बाजार और पारंपरिक व्यंजनों का अद्भुत संगम देखने को मिला। हमारी लोक परंपराएँ ही हमारी असली पहचान हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां स्थित दो संग्रहालयों में से एक शहीद वीर नारायण सिंह जी की जीवनगाथा को समर्पित है। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर 2025 को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश के पहले डिजिटल ‘शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह-जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय’ का लोकार्पण किया था, जो हम सभी के लिए गर्व की बात है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे जनजातीय संग्रहालय में जन्म, विवाह और मृत्यु संस्कारों सहित जनजातीय जीवन के विभिन्न अवसरों पर पहने जाने वाले पारंपरिक परिधानों और रीति-रिवाजों का जीवंत चित्रण प्रस्तुत किया गया है। आधुनिकता की दौड़ में हमें अपनी विलुप्त होती सांस्कृतिक विरासत को सहेजना होगा।

उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि आज देश में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जैसे नेतृत्व के कारण आदिवासी समाज का कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च पद राष्ट्रपति के लिए आदिवासी समाज की बेटी श्रीमती द्रौपदी मुर्मु को अवसर मिला, जो पूरे जनजातीय समाज के लिए गौरव का विषय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से छत्तीसगढ़ में चिन्हित 6 हजार 691 बसाहटों का कायाकल्प किया जा रहा है। अति पिछड़ी जनजातियों को मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

उन्होंने कहा कि पीएम जनमन योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातियों को सड़क, आवास और अन्य मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस योजना के तहत प्रदेश की 2300 से अधिक पीवीटीजी बसाहटों के 56 हजार से अधिक परिवार लाभान्वित हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नियद नेल्लानार योजना (आपका अच्छा गांव) हमारी सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र के जनजातीय गांवों तक सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएँ पहुंचाई जा रही हैं। साथ ही इन क्षेत्रों के लोगों को अब सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल रहा है।

इस अवसर पर आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद जनजातीय समाज के गौरव के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। इनमें शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय और जनजातीय संस्कृति एवं परंपराओं पर आधारित संग्रहालय प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि यह देश का ऐसा डिजिटल संग्रहालय है जिसका अध्ययन करने देश और विदेश से लोग आ रहे हैं। संग्रहालय में अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष करने वाले जनजातीय नायकों और आंदोलनों की जीवंत प्रस्तुति की गई है, जो समाज के गौरव को बढ़ाती है। उन्होंने बताया कि सरकार 3357 आश्रम-छात्रावास, 17 प्रयास विद्यालय और 75 एकलव्य विद्यालयों के माध्यम से जनजातीय वर्ग के भविष्य को संवारने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार ने एफआरए के तहत 4 लाख 25 हजार 425 हितग्राहियों को 3.49 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में पट्टा प्रदान किया है।

इस अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने ‘परंपरा से पहचान तक’ की थीम पर आयोजित ‘आदि परब’ के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हमने नक्सलवाद की पीड़ा को नजदीक से देखा है और अब डबल इंजन की सरकार के दृढ़ संकल्प से नक्सलवाद समाप्ति की ओर बढ़ रहा है।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से मुक्त कराने में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने ‘आदि परब’ के माध्यम से जनजातीय संस्कृति और परंपराओं को दुनिया तक पहुंचाने के इस प्रयास की सराहना की।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने यूपीएससी परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले जनजातीय समाज के श्री अंकित साकिनी और श्री डायमंड ध्रुव को सम्मानित किया। साथ ही प्रयास आवासीय विद्यालय के उन विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया जिनका चयन NIT और IIT में हुआ है। मुख्यमंत्री ने ‘प्रयास’ आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को लैपटॉप के लिए चेक भी प्रदान किए।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने सरगुजा क्षेत्र के जनजातीय इतिहास पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी किया तथा पारंपरिक वेशभूषा में सजे जनजातीय युवाओं द्वारा प्रस्तुत अटायर शो का आनंद लिया।

कार्यक्रम में विधायक श्री प्रबोध मिंज एवं श्री इन्द्रकुमार साहू, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ जनजातीय आयोग के अध्यक्ष श्री रूपसिंह मण्डावी, छत्तीसगढ़ राज्य औषधि एवं पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम, आदिम विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, आयुक्त डॉ. सारंश मित्तर, टीआरटीआई की संचालक श्रीतमी हिना नेताम सहित बड़ी संख्या में जनजातीय समाज के गणमान्यजन उपस्थित थे।

 

आज का राशिफल: भाग्य देगा साथ या आएंगी परेशानियां? पढ़ें अपनी राशि का हाल

आज का राशिफल: भाग्य देगा साथ या आएंगी परेशानियां? पढ़ें अपनी राशि का हाल

मेष(अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो): नई योजना बनेगी। नए अनुबंध होंगे। लाभ के अवसर बढ़ेंगे। कार्यस्थल पर परिवर्तन हो सकता है। परिवार की समस्याओं की चिंता रहेगी। समय की अनुकूलता का लाभ अधिकाधिक लेना चाहिए। नवीन उपलब्धियों की प्राप्ति संभव है। व्यापार-व्यवसाय अच्छा चलेगा।

राशि फलादेश

वृषभ(ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो): संपत्ति के कार्य लाभ देंगे। बेरोजगारी दूर होगी। धन की आवक बनी रहेगी। जोखिम व जमानत के कार्य न करें। लक्ष्य को ध्यान में रखकर प्रयत्न करें, सफलता मिलेगी। शुभ कार्यों में संलग्न होने से सुयश एवं सम्मान प्राप्त हो सकेगा। व्यापारिक निर्णय लेने में देर नहीं करें।

राशि फलादेश

मिथुन(का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह): रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का मौका मिलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। आपके व्यवहार एवं कार्यकुशलता से अधिकारी वर्ग से सहयोग मिलेगा। संतान के कार्यों पर नजर रखें। पूँजी निवेश बढ़ेगा। प्रचार-प्रसार से दूर रहें।

राशि फलादेश

कर्क(ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो): क्रोध पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। दु:खद समाचार मिल सकता है। चिंता बनी रहेगी। व्यापार-व्यवसाय में सावधानी रखें। वास्तविकता को महत्व दें। प्रयासों में सफलता के योग कम हैं। परिवार में कलह-कलेश का माहौल रह सकता है।

राशि फलादेश

सिंह(मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे): नए अनुबंधों का लाभ मिलेगा। धन प्राप्ति सुगम होगी। पूछ-परख रहेगी। रुके कार्य बनेंगे। जोखिम न लें। वाणी पर नियंत्रण रखना होगा। व्यवहार कुशलता एवं सहनशीलता के बल पर आने वाली बाधाओं का समाधान हो सकेगा। खानपान पर नियंत्रण रखें।

राशि फलादेश

कन्या(ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो): मेहमानों का आवागमन होगा। उत्साहवर्धक सूचना मिलेगी। प्रसन्नता रहेगी। मान बढ़ेगा। जल्दबाजी न करें। जोखिम के कार्यों से दूर रहें। पराक्रम में वृद्धि होगी। परिवार में सहयोग का वातावरण रहेगा। अभिष्ट कार्य की सिद्धि के योग हैं। उलझनों से मुक्ति मिलेगी।

राशि फलादेश

तुला(रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते): यात्रा, नौकरी व निवेश मनोनुकूल लाभ देंगे। भेंट आदि की प्राप्ति होगी। कोई बड़ा कार्य होने से प्रसन्नता रहेगी। व्यापार में उन्नति के योग हैं। संतान की ओर से सुखद स्थिति बनेगी। प्रयास की मात्रा के अनुसार लाभ की अधिकता रहेगी। अपनी वस्तुएँ संभालकर रखें।

राशि फलादेश

वृश्चिक(तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू): वाणी पर नियंत्रण रखें। अप्रत्याशित बड़े खर्च सामने आएंगे। कर्ज लेना पड़ सकता है, जोखिम न लें। अजनबी व्यक्ति पर विश्वास न करें। उदर विकार के योग के कारण खान-पान पर संयम रखें। विवादों से दूर रहना चाहिए। आर्थिक प्रगति में रुकावट आ सकती है।

राशि फलादेश

धनु(ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे): कोर्ट व कचहरी के काम निबटेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। तंत्र-मंत्र में रुचि रहेगी। धनार्जन होगा। प्रमाद न करें। संतान के कार्यों से समाज में प्रतिष्ठा बढ़ेगी। नेतृत्व गुण की प्रधानता के कारण प्रशासन व नेतृत्व संबंधी कार्य सफल होंगे। शत्रुओं से सावधान रहें।

राशि फलादेश

मकर(भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी): मेहनत का फल मिलेगा। कार्यसिद्धि से प्रसन्नता रहेगी। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। शत्रु शांत रहेंगे। धनार्जन होगा। आज विशेष लाभ होने की संभावना है। बुद्धि एवं मनोबल से सुख-संपन्नता बढ़ेगी। व्यापार में कार्य का विस्तार होगा। सगे-संबंधी मिलेंगे।

राशि फलादेश

कुंभ(गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा): प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। कोर्ट व कचहरी में अनुकूलता रहेगी। धनार्जन होगा। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। प्रमाद न करें। व्यापार-व्यवसाय में इच्छित लाभ की संभावना है। भाइयों की मदद मिलेगी। संपत्ति के लेनदेन में सावधानी रखें।

राशि फलादेश

मीन(दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची): वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। दूसरों की जमानत न लें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। पारिवारिक जीवन में तनाव हो सकता है। व्यापार में नई योजनाओं से लाभ के योग हैं। स्थायी संपत्ति क्रय करने के योग बनेंगे। प्रतिष्ठित व्यक्तियों से भेंट होगी।

राशि फलादेश

 

महासमुंद/नेशनल लोक अदालत में 65,962 लंबित मामलो का निराकरण एवं 7,54,33,398 रूपये के अवार्ड पारित

महासमुंद/नेशनल लोक अदालत में 65,962 लंबित मामलो का निराकरण एवं 7,54,33,398 रूपये के अवार्ड पारित

महासमुंद/ न्यायालयों में लंबित प्रकरणों का निराकरण एवं पक्षकारों के त्वरित सुलह एवं समझौते के आधार पर उनके प्रकरणों के निराकरण के उद्देश्य से आज 14 मार्च को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, महासमुंद की प्रभारी सचिव एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुश्री चेतना ठाकुर द्वारा जानकारी दी गई कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण महासमुंद की अध्यक्ष एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती अनिता डहरिया के कुशल मार्गदर्शन एवं नेतृत्व के अधीन आज जिला न्यायालय महासमुंद एवं तहसील पिथौरा, सरायपाली, बसना और बागबाहरा स्थित सिविल, श्रम न्यायालय एवं राजस्व न्यायालयों सहित 25 खण्डपीठो का गठन कर नेशनल लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के प्रकरणों का निराकरण किया गया। जिला न्यायालय परिसर के सभाकक्ष में गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्जवलित कर लोक अदालत का विधिवत् शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर कुटुम्ब न्यायालय के न्यायाधीश श्री प्रफुल्ल कुमार सोनवानी, प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश सुश्री संघपुष्पा भतपहरी, द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश श्री आनंद बोरकर, खंडपीठों के अन्य पीठासीन अधिकारीगण, खंडपीठो के लिए नियुक्त सुलहकर्ता सदस्यगण, जिला अधिवक्ता संघ के सचिव श्री संदीप साहू, एवं अन्य अधिवक्तागण, बैकर्स व विभिन्न विभागों के आए अधिकारी कर्मचारीगण उपस्थित थे। नेशनल लोक अदालत की उक्त सभी खण्डपीठों में श्रमिक विवाद, बैंक रिकवरी प्रकरण, विद्युत एवं देयकां के अवशेष बकाया की वसूली और राजीनामा योग्य अन्य मामले के बकाया की वसूली संबंधी प्री-लिटिगेशन मामले, राजस्व न्यायालयों से संबंधित प्रकरण सुनवाई हेतु रखे गये थे। उक्त मामलों के अलावा राजीनामा योग्य दांडिक प्रकरण, परक्राम्य लिखत अधि0 की धारा-138 के अधीन परिवाद पर संस्थित मामले, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण संबंधी मामले तथा विद्युत अधिनियम 2003 की धारा-135 (क) के तहत विद्युत बकाया अथवा विद्युत चोरी के मामले तथा सिविल मामले भी नियत किये गये थे। उक्त खण्डपीठों में उपरोक्त सभी मामलों की सुनवाई करते हुए जिला महासमुंद स्थित विभिन्न न्यायालयों में प्रकरणों का निराकरण किया गया।

इसी प्रकार प्री-लिटिगेशन संबंधित मामलों में बैंक रिकवरी के 4 हजार 631 प्रकरणों में 30 लाख 59 हजार 870 रूपए का अवार्ड पारित किया गया। इसी प्रकार विद्युत के 14 हजार 329 प्रकरणों में 52 लाख 02 हजार 900 रूपए, श्रम प्रकरण के 41 मामलों में 16 लाख 50 हजार 400 रूपए, एमएसीटी के 27 प्रकरण में. 3 करोड़ 33 लाख 75 हजार रूपए, एनआई एक्ट-138 के 30 प्रकरणों में एक करोड़ 40 लाख 25 हजार 212 रूपए तथा 231 अन्य सिविल प्रकरणों का निराकरण कर एक करोड़ 69 लाख 47 हजार 116 रूपए अवार्ड पारित किया गया। जिले के सभी तहसील एवं अनुभाग क्षेत्रों के राजस्व न्यायालयों के माध्यम से 43 हजार 122 प्रकरणों का निराकरण किया गया है। इस प्रकार नेशनल लोक अदालत में् सुलह एवं समझौता के आधार पर विभिन्न खंडपीडों के माध्यम से कुल 65 हजार 962 प्रकरणों का निराकरण किया गया और उनमें 07 करोड़ 54 लाख 33 हजार 398 रूपए की राशि के आवार्ड पारित किए गए। विदित हो कि आज दिनांक 14 मार्च 2026 को पूरे देश भर में माननीय उच्चतम न्यायालय से लेकर तहसील स्तर तक के न्यायालयों में एक साथ हाईब्रिड नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया जिसके सफल आयोजन हेतु विगत कई माह से अनवरत तैयारी की जा रही थी और पक्षकारों को नियत सुनवाई दिनांक के पूर्व राजीनामा हेतु नोटिस प्रेषित कर प्री-सीटिंग कर राजीनामा करने हेतु प्रोत्साहित किया गया था। इसके अलावा आज आयोजित नेशनल लोक अदालत के अवसर पर विशेष स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किया गया।

जिसमें बड़ी संख्या में न्यायालयीन अधिकारी-कर्मचारीगण, अधिवक्तागण तथा अपने प्रकरण में उपस्थित पक्षकारगणों एवं विभिन्न विभागों से आए अधिकारी-कर्मचारियों का निःशुल्क स्वास्थ्य जांच किया गया। नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन में महासमुंद अधिवक्तागण एवं न्यायालय के कर्मचारियों का अभूतपूर्व सहयोग प्राप्त हुआ।

महासमुंद/सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए जिले में जल्द शुरू होगा एचपीवी टीकाकरण अभियान

महासमुंद/सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए जिले में जल्द शुरू होगा एचपीवी टीकाकरण अभियान

महासमुंद/ महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए जिला महासमुंद में जल्द ही एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान प्रारंभ किया जाएगा। इस अभियान के तहत जिले की 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन लगाई जाएगी।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला महासमुंद डॉ. आई. नागेश्वर राव ने बताया कि राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले में इस महत्वपूर्ण टीकाकरण अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा तैयारी शुरू कर दी गई है। अभियान के तहत जिले में लगभग 11 हजार से अधिक बालिकाओं को टीकाकरण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

उन्होंने बताया कि एचपीवी वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए प्रभावी और सुरक्षित टीका है, जो बालिकाओं को भविष्य में होने वाले इस गंभीर रोग से सुरक्षा प्रदान करता है। टीकाकरण के लिए बालिकाओं की आयु का निर्धारण आधार कार्ड के आधार पर किया जाएगा तथा उन्हें 0.5 एमएल की सिंगल डोज दी जाएगी।अभियान के दौरान टीकाकरण कार्य चिन्हित शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों एवं विद्यालयों में चिकित्सकों की उपस्थिति में किया जाएगा। टीकाकरण के बाद बालिकाओं को कुछ समय तक स्वास्थ्य कर्मियों की निगरानी में रखा जाएगा तथा सामान्य स्थिति होने पर टीकाकरण कार्ड प्रदान किया जाएगा।

अभियान के सफल संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा आदिवासी एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के बीच समन्वय स्थापित कर कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इस दौरान विद्यालयों के माध्यम से बालिकाओं एवं उनके अभिभावकों को टीकाकरण के संबंध में जानकारी देकर उनकी सहमति प्राप्त की जाएगी।

सीएमएचओ डॉ. आई. नागेश्वर राव ने जिले के सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी 14–15 वर्ष की बालिकाओं को इस टीकाकरण अभियान का लाभ दिलाने में सहयोग करें, ताकि उन्हें सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखा जा सके।

महासमुंद/जिला स्तरीय किसान मेला एवं तिलहन महोत्सव बसना में सम्पन्न, जैविक खेती और तिलहनी फसलों पर जोर

महासमुंद/जिला स्तरीय किसान मेला एवं तिलहन महोत्सव बसना में सम्पन्न, जैविक खेती और तिलहनी फसलों पर जोर

महासमुंद/ नेशनल मिशन ऑन इडिबल ऑयल–ऑयल सीड (एनएमईओ) योजना के अंतर्गत बसना विकासखण्ड के ग्राम मिलाराबाद मैदान में शनिवार को जिला स्तरीय किसान मेला एवं तिलहन महोत्सव, कृषि मेला सह कृषक–वैज्ञानिक परिचर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोगरा पटेल के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोगरा पटेल, सदस्य श्रीमती रामदुलारी,देवकी दीवान सिन्हा,दीपा साहू,नरेश पटेल, अनुविभागीय अधिकारी हरिशंकर पैंकरा, तहसीलदार कृष्ण कुमार साहू,उपसंचालक कृषि एफ आर कश्यप, कृषि विभाग के अधिकारी, उन्नत किसान सहित किसान साथी मौजूद थे।

जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोगरा पटेल ने किसानों को बधाई देते हुए कहा कि आज सरकार किसानों को दलहनी और तिलहनी फसलों के लिए प्रोत्साहित कर रही है।हर संभव सब्सिडी दे रही है। यहां क्षेत्र के किसान इसका अधिक से अधिक लाभ उठाए।

जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार ने किसानों से संवाद करते हुए कहा कि मिलाराबाद क्षेत्र जैविक खेती के लिए एक विशिष्ट पहचान बना रहा है। उन्होंने किसानों को अधिक से अधिक उद्यानिकी फसलों की ओर अग्रसर होने और आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रामदुलारी सिंहा ने कहा कि इस क्षेत्र में इस तरह का सम्मेलन आयोजन करना बड़ी बात हैं इससे किसानों को प्रेरणा मिलेगी।

कार्यक्रम में किसानों ने अपने अनुभव भी साझा किए। उन्हें प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया। कार्यक्रम में उन्नतशील किसान श्री अंतर्यामी प्रधान ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि पानी का संरक्षण करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने किसानों से धान पर निर्भरता कम कर दलहन एवं तिलहन फसलों की खेती बढ़ाने, खुर्रा बोनी लाइनिंग पद्धति अपनाने, उर्वरकों का कम उपयोग करने तथा जैविक खेती की ओर आगे बढ़ने की सलाह दी। उन्होंने पशुपालन को भी खेती के साथ जोड़ने की बात कही।

यहां के किसान अवध राम चौधरी ने बताया कि उन्होंने 20 एकड़ में खीरा और करेला की खेती की है और आने वाले खरीफ सीजन में 5 एकड़ में उद्यानिकी फसल लगाने की योजना है। वहीं युवा किसान वेदप्रकाश पटेल ने बताया कि उन्होंने शुरुआत में 1 एकड़ में सरसों की खेती की थी, जो कम पानी में अधिक उत्पादन देने वाली फसल साबित हुई। वर्तमान में वे लगभग 100 एकड़ में सरसों की खेती कर रहे हैं, जिसमें प्रति एकड़ 6 से 8 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हो रहा है। उन्होंने बताया कि वे सोनालिका किस्म की सरसों की खेती कर रहे हैं।

मिलाराबाद क्षेत्र अब जैविक खेती के हब के रूप में नई पहचान बना रहा है। लगभग 350 एकड़ क्षेत्र में किसान रबी फसल के दौरान दलहन, तिलहन और उद्यानिकी फसलों की खेती कर रहे हैं। यहां के अधिकांश किसान धान पर निर्भर रहने के बजाय विविध फसलों और जैविक खेती की ओर अग्रसर हो रहे हैं।

कृषि उपसंचालक एफ.आर. कश्यप ने बताया कि जिले में रबी सीजन के दौरान तिलहनी फसलों का रकबा 3125 हेक्टेयर, दलहनी फसलों का 6425 हेक्टेयर तथा अनाज फसलें रागी, मक्का और गेहूं का 5945 हेक्टेयर में विस्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि बसना और सरायपाली विकासखंड में 500 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए 475 क्विंटल प्रमाणित मूंगफली बीज का नि:शुल्क वितरण किया गया, जिससे लगभग 1700 किसान लाभान्वित हुए हैं। वहीं महासमुंद, पिथौरा और बागबाहरा विकासखंड में 200 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए 200 क्विंटल मूंगफली बीज, कीटनाशक एवं सूक्ष्म पोषक तत्व का वितरण क्लस्टर में चयनित किसानों को किया गया है। इसकी खरीदी की व्यवस्था एफपीओ के माध्यम से बसना में की गई है।

उन्होंने बताया कि एनएमईओ तिलहन योजना के अंतर्गत जिले के सभी पांच विकासखंडों में 1080 हेक्टेयर क्षेत्र में 1040 मिट्टी नमूनों का परीक्षण कराया गया है।

 

महासमुंद/बसना ग्राम ढलम में शिव मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का भव्य शुभारंभ, निकली विशाल कलश यात्रा

महासमुंद/बसना ग्राम ढलम में शिव मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का भव्य शुभारंभ, निकली विशाल कलश यात्रा

महासमुंद/बसना: विकासखंड बसना के अंतर्गत आने वाले ग्राम ढलम में शुक्रवार, 13 मार्च से शिव मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का अत्यंत भव्य और भक्तिमय शुभारंभ हो गया है। इस चार दिवसीय (13 से 16 मार्च) महाआयोजन के पहले दिन गाँव में एक विशाल और मनमोहक कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें श्रद्धालुओं ने भारी उत्साह के साथ हिस्सा लिया।

कलश यात्रा में उमड़ा आस्था का जनसैलाब

कार्यक्रम की शुरुआत भव्य कलश यात्रा से हुई। सैकड़ों की संख्या में मातृशक्तियों ने पारंपरिक परिधानों में सिर पर मंगल कलश धारण कर पूरे गाँव का भ्रमण किया। यात्रा के दौरान युवाओं और नन्हे-मुन्ने बच्चों के हाथों में लहराते पीले और भगवा ध्वज आकर्षण का केंद्र रहे। “हर हर महादेव” और “बम बम भोले” के जयकारों से पूरा ढलम गाँव शिवमय हो गया।

गाँव में उत्सवी माहौल और मीना बाजार की रौनक

इस प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर पूरे गाँव को बहुत ही सुंदर तरीके से सजाया गया है। आयोजन समिति और समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से हो रहे इस कार्यक्रम में मेले जैसा उल्लास है। लोगों के मनोरंजन और उत्सव के लिए मीना बाजार की व्यवस्था भी की गई है, जिससे बच्चों और महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।

आने वाले दिनों में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान शिव की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा, महाआरती का आयोजन किया जाएगा। इस पावन अवसर का साक्षी बनने के लिए आस-पास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु भारी संख्या में ढलम पहुँच रहे हैं। प्रतिदिन भंडारे की उत्तम व्यवस्था की गई है

आज का राशिफल, कैसा होगा दिन, किसे मिलेगा प्यार, किसका चलेगा व्यापार, करियर में किसे मिलेगी उड़ान, किसे मिलेगा प्यार जानिए दैनिक राशिफल

आज का राशिफल, कैसा होगा दिन, किसे मिलेगा प्यार, किसका चलेगा व्यापार, करियर में किसे मिलेगी उड़ान, किसे मिलेगा प्यार जानिए दैनिक राशिफल

मेष(अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो): पार्टी व पिकनिक का कार्यक्रम बन सकता है। स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद प्राप्त होगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। आय के नए स्रोत प्राप्त हो सकते हैं। नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी। नए विचार दिमाग में आएंगे। भाग्य का साथ मिलेगा। धनार्जन होगा।

राशि फलादेश

वृषभ(ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो): दु:खद समाचार प्राप्त हो सकता है। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। पुराना रोग उभर सकता है। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। काम में मन नहीं लगेगा। दूसरे आपसे अधिक की अपेक्षा करेंगे व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा।

राशि फलादेश

मिथुन(का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह): प्रयास सफल रहेंगे। पराक्रम वृद्धि होगी। सामाजिक कार्य करने का अवसर प्राप्त होगा। मान-सम्मान मिलेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी। आय में वृद्धि होगी। जल्दबाजी न करें। प्रतिद्वंद्विता में वृद्धि होगी। लाभ होगा।

राशि फलादेश

कर्क(ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो): दूर से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। घर में अतिथियों का आगमन होगा। प्रसन्नता तथा उत्साह बने रहेंगे। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल लाभ देगा। आलस्य हावी रहेगा। प्रमाद न करें। विवेक का प्रयोग करें।

राशि फलादेश

सिंह(मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे): अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। नौकरी में अधिकार वृद्धि हो सकती है। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। निवेश मनोनकूल रहेगा। घर-बाहर प्रसन्नता का वातावरण बनेगा। किसी कार्य के प्रति चिंता रहेगी। शारीरिक कष्ट संभव है।

राशि फलादेश

कन्या(ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो): अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। विवाद से स्वाभिमान को ठेस पहुंच सकती है। पुराना रोग उभर सकता है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। किसी भी अपरिचित व्यक्ति की बातों में न आएं। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगा।

राशि फलादेश

तुला(रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते): बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। नौकरी में अनुकूलता रहेगी। भाग्य का साथ मिलेगा। कोई बड़ा काम करने की इच्‍छा जागृत होगी। चिंता तथा तनाव बने रहेंगे। प्रमाद न करें।

राशि फलादेश

वृश्चिक(तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू): नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। मान-सम्मान मिलेगा। आय के नए स्रोत प्राप्त हो सकते हैं। व्यापार-व्यवसाय में मनोनुकूल लाभ होगा। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड इत्यादि से लाभ होगा। प्रेम-प्रसंग में जल्दबाजी न करें। थकान रहेगी। किसी कार्य की चिंता रहेगी।

राशि फलादेश

धनु(ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे): धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। कोर्ट व कचहरी के काम मनोनुकूल लाभ देंगे। किसी बड़े काम की रुकावट दूर होगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। पारिवारिक सहयोग प्राप्त होगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। दूसरों के कार्य में हस्तक्षेप न करें।

राशि फलादेश

मकर(भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी): यात्रा में जल्दबाजी न करें। शारीरिक कष्ट संभव है। पुराना रोग उभर सकता है। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। हंसी-मजाक में हल्कापन न हो, ध्यान रखें। कीमती वस्तुएं इधर-उधर हो सकती हैं, संभालकर रखें। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी।

राशि फलादेश

कुंभ(गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा): धनहानि की आशंका है। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। थकान व कमजोरी रह सकती है। व्यापार व व्यवसाय ठीक चलेगा। नौकरी में चैन रहेगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। राजकीय बाधा दूर होकर स्थिति अनुकूल बनेगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।

राशि फलादेश

मीन(दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची): स्थायी संपत्ति के कार्य बड़ा लाभ दे सकते हैं। रोजगार में वृद्धि होगी। आय के नए साधन प्राप्त हो सकते हैं। भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। जीवन सुखमय व्यतीत होगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। स्वास्थ्य में राहत मिलेगी। चिंता दूर होगी। नौकरी में रुतबा बढ़ेगा।

राशि फलादेश

 

पिथौरा सीएचसी में फिर शुरू हुई सी-सेक्शन सुविधा, 4.3 किलो की बच्ची का सुरक्षित जन्म

पिथौरा सीएचसी में फिर शुरू हुई सी-सेक्शन सुविधा, 4.3 किलो की बच्ची का सुरक्षित जन्म

महासमुंद/ जिले के ग्रामीण अंचल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में पहल करते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिथौरा में सी-सेक्शन ऑपरेशन सेवा को पुनः सफलतापूर्वक प्रारंभ किया गया है। सेवा शुरू होते ही यहां एक जटिल प्रसव का सफल ऑपरेशन कर 4.3 किलोग्राम वजन की स्वस्थ बच्ची का सुरक्षित जन्म कराया गया। प्रसव के बाद माता और नवजात दोनों की स्थिति पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ है।

यह उपलब्धि जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के समन्वित प्रयासों से संभव हो सकी है। जिला कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशन में तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव के मार्गदर्शन में प्रारंभ की गई है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं को उनके नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में ही सुरक्षित और बेहतर प्रसूति सेवाएं उपलब्ध कराना है।

बीएमओ डॉ. तारा अग्रवाल ने बताया कि पहले जटिल प्रसव की स्थिति में महिलाओं को जिला अस्पताल या अन्य बड़े अस्पतालों में रेफर करना पड़ता था, जिससे समय और संसाधनों की कठिनाई होती थी। अब पिथौरा सीएचसी में ही सी-सेक्शन सुविधा उपलब्ध होने से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को त्वरित और सुरक्षित उपचार मिल सकेगा, जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में मदद मिलेगी।

इस सफल ऑपरेशन के दौरान डॉ. छत्रपाल, डॉ. ज्योति साहू स्त्री रोग विशेषज्ञ, श्रीमती नीलू घृतलहरें डीपीएम, डॉ. त्रिलोक नेताम एनेस्थेटिस्ट, संदीप चंद्राकर कंसल्टेंट, बीएमओ डॉ. तारा अग्रवाल, डॉ. प्रदीप बिशाल बाल रोग विशेषज्ञ तथा डॉ. पीतांबर पटेल, हरिशंकर साहू हेल्थ एजुकेटर सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम उपस्थित रहे। ऑपरेशन के दौरान स्टाफ नर्स ऊषा महंत ओटी इंचाज), स्टाफ नर्स अजय वर्मा, स्टाफ नर्स मनीषा चान्दू, देवनारायण यादव ओटी टेक्नीशियन, मिल्टन डॉन ओटी टेक्नीशियन तथा जय कांत विश्वकर्मा बीपीएम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।