महासमुंद जिले में बारिश ने बढ़ाई रफ्तार: सरायपाली में सर्वाधिक 798.6 मिमी वर्षा, जिले का औसत 596.7 मिमी

महासमुंद जिले में बारिश ने बढ़ाई रफ्तार: सरायपाली में सर्वाधिक 798.6 मिमी वर्षा, जिले का औसत 596.7 मिमी

महासमुंद 28 जुलाई 2026/ महासमुंद जिले में चालू मानसून के दौरान 01 जून 2026 से अब तक 596.7 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। भू-अभिलेख से मिली जानकारी के अनुसार जिले में सर्वाधिक औसत वर्षा सरायपाली तहसील में 798.6 मिलीमीटर दर्ज की गई।

वहीं अन्य तहसीलों में जिसमें पिथौरा में 789.4 मिलीमीटर, बसना में 664.6 मिलीमीटर, महासमुंद में 481.4 मिलीमीटर, बागबाहरा में 446.2 मिलीमीटर और सबसे कम वर्षा 400.5 मिलीमीटर कोमाखान तहसील में दर्ज की गई। आज 28 जुलाई को 31.7 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई।

जिले के तहसीलवार वर्षा में पिथौरा तहसील में 76.6 मिलीमीटर, बसना में 31.8 मिलीमीटर, सरायपाली में 23.2 मिलीमीटर, बागबाहरा में 22.3 मिलीमीटर, महासमुंद तहसील में 21.7 मिलीमीटर एवं कोमाखान तहसील में 15.0 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।

महासमुंद साप्ताहिक बैठक में कलेक्टर का एक्शन मोड, बारिश और किसानों के मुद्दों पर दिए सख्त निर्देश

महासमुंद साप्ताहिक बैठक में कलेक्टर का एक्शन मोड, बारिश और किसानों के मुद्दों पर दिए सख्त निर्देश

महासमुंद, 28 जुलाई 2026/ कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने आज सुबह 10ः00 बजे आयोजित समय-सीमा की बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर श्री सचिन भूतड़ा, श्री रवि साहू सहित सभी एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायत सीईओ, सीएमओ एवं जिला स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।

बैठक में कलेक्टर श्री लंगेह ने सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कहा कि सीएम हेल्पलाइन के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जाए। सभी विभागीय अधिकारियों को नियमित रूप से पोर्टल में लॉगिन कर लंबित शिकायतों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में 676 प्रकरणों का फीडबैक सहित निराकरण किया गया है। जिले में सीएम हेल्पलाइन अंतर्गत 3097 शिकायत प्राप्त हुए हैं। कलेक्टर ने प्राकृतिक आपदा (आरबीसी) 6-4 के प्रकरणों को अविलंब निराकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रकरणों में पटवारी स्वयं मौके पर जाकर सत्यापन करें और प्रकरण दर्ज करें। संबंधित तहसीलदार प्रकरण के निराकरण के लिए आवश्यक समन्वय करते हुए समय-सीमा में आर्थिक सहायता प्रदान करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग से पोस्टमार्टम, पुलिस विभाग से खात्मा खारिज रिपोर्ट प्राप्त करें।

कलेक्टर ने विशेष प्रकरणा एवं वनाधिकार पट्टा धारकों का एग्रीस्टैक पंजीयन शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि एग्रीस्टेक पंजीयन किसानों के लिए महत्वपूर्ण है, संस्थागत पंजीयन के मामले को भी प्राथमिकता से समाधान किया जाए। उन्होंने सभी एसडीएम, तहसीलदार, राजस्व एवं कृषि विभाग के मैदानी अमले को विशेष ध्यान देते हुए शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने कहा।

कलेक्टर श्री लंगेह ने किसानों को खाद की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए कहा कि शासन के निर्देशानुसार किसानों को यूरिया का आवश्यकतानुसार एकमुश्त मात्रा में प्रदान किया जाए, शेष खाद निर्देशानुसार प्रदान करें। कृषि विभाग के अधिकारी ने बताया कि जिले में कुल 87 हजार 227 मीट्रिक टन खाद का भण्डारण किया गया है, जो कुल लक्ष्य का 82 प्रतिशत है। जिसमें 67 हजार 640 मीट्रिक टन का वितरण किया गया है। कलेक्टर ने खाद के वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए। सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को खाद वितरण पाॅस मशीन से करवाने एवं सतत मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए।

कलेक्टर ने शासन के निर्देशानुसार सभी विभागों को ई-ऑफिस एवं ई-फाइल प्रणाली का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने कहा है। उन्होंने कहा कि ई-फाईल 1 अगस्त से अनिवार्य है। इसी तरह आधार आधारित उपस्थिति प्रणाली की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी विभाग प्रमुखों की इसकी नियमित माॅनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं तथा अनिवार्य रूप से आधार आधारित उपस्थिति दर्ज करने कहा है। उन्होंने कहा कि ई-फाईल और आधार आधारित उपस्थित में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विभाग को पुरस्कृत किया जाएगा।

मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट को देखते हुए सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए। नदी-नालों, पुराने पुल-पुलियों और जलभराव वाले क्षेत्रों में सुरक्षा के समुचित इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ किया जाए। उन्होंने ग्राम पंचायतों में कोटवार और सचिवों को सतर्क रहने तथा मुनादी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि बारिश में बिना वजह घर से बाहर न निकले। उन्होंने जीवन रक्षक दवाइयों, मेडिकल टीमों एवं स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन करने कहा।

कलेक्टर ने कहा कि जिले के सभी आदि सेवा केंद्र सप्ताह के प्रत्येक शुक्रवार को नियमित रूप से संचालित किए जाएं, ताकि हितग्राहियों को सेवाओं का लाभ मिल सके। जिले में ऐसे 308 ग्राम का चयन किया गया है। बैठक में टीबी मुक्त जिला अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को टीबी मरीजों की शीघ्र पहचान, नियमित उपचार, निक्षय पोषण योजना के प्रभावी क्रियान्वयन तथा जनजागरूकता गतिविधियों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टीबी मुक्त पंचायत, विकासखंड एवं जिला बनाने के लक्ष्य को समयबद्ध तरीके से प्राप्त करने के लिए सभी संबंधित विभाग समन्वय के साथ कार्य करें।

कलेक्टर श्री लंगेह ने नगरीय निकायों के सीएमओ को निर्देशित किया कि शासन की मंशानुरूप आवासहीन व्यक्तियों को पट्टा प्रदान करने किए जा रहे सर्वेक्षण कार्य को गंभीरता से लेते हुए सर्वेक्षण कार्य 10 अगस्त तक पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे। सभी अनुविभागीय अधिकारियों को मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा कलेक्टर ने विभिन्न प्राधिकरणों के लंबित निर्माण कार्यों को पूर्ण करने, न्यायालय के प्रकरणों का जवाबदावा समय पर प्रस्तुत करने, सुशासन तिहार, कलेक्टर जनदर्शन, पीजी पोर्टल, लोक सेवा गारंटी अधिनियम, पेयजल व्यवस्था, प्रधानमंत्री आवास योजना तथा जन शिकायतों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

महासमुंद/नशामुक्त वाहन संचालन का संदेश, स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में 98 चालक-परिचालकों की जांच

महासमुंद/ नशामुक्त वाहन संचालन का संदेश, स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में 98 चालक-परिचालकों की जांच

महासमुंद, 25 जुलाई 2026/ सड़क सुरक्षा एवं यात्रियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने आज बस स्टैंड महासमुंद में परिवहन विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं यातायात पुलिस के संयुक्त तत्वावधान में बस चालकों एवं परिचालकों के लिए स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बस चालकों एवं परिचालकों के रक्तचाप (बीपी), शुगर तथा नेत्र परीक्षण सहित आवश्यक स्वास्थ्य जांच की गई। इस दौरान कुल 98 बस चालक एवं परिचालक स्वास्थ्य परीक्षण से लाभान्वित हुए। चिकित्सकों ने जांच के आधार पर आवश्यक परामर्श देते हुए नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह दी।

इस अवसर पर परिवहन विभाग एवं यातायात पुलिस के अधिकारियों ने बस चालकों को सड़क सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करने, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने, सीट बेल्ट का उपयोग करने तथा शराब या अन्य नशीले पदार्थों का सेवन कर वाहन नहीं चलाने के निर्देश दिए।

वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने चालकों एवं परिचालकों को पर्याप्त विश्राम, संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच तथा यात्रा के दौरान स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां अपनाने की सलाह दी। साथ ही उच्च रक्तचाप, मधुमेह और दृष्टि संबंधी समस्याओं की समय-समय पर जांच कराने कहा गया।

उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं ने बागबाहरा अंतर्गत संचालित गौशाला का किया निरीक्षण पशुओं एवं गौशाला के उचित रख-रखाव के लिए दिए सुझाव

उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं ने बागबाहरा अंतर्गत संचालित गौशाला का किया निरीक्षण पशुओं एवं गौशाला के उचित रख-रखाव के लिए दिए सुझाव

महासमुंद 16 जुलाई 2026/ विकासखण्ड बागबाहरा के अंतर्गत उप संचालक पशु चिकित्सा सेवायें, डॉ. अंजना नायडू द्वारा बुधवार को विद्यादेवी गौशाला एवं टेमरी गौशाला का निरीक्षण किया गया। इस अवसर पर उप संचालक द्वारा वर्षा ऋतु में पशुओं के उचित रख-रखाव एवं गौशाला परिसर को सूखा रखने, पशुओं को गिले एवं पानी भरे गड्ढ़ों से बचाने हेतु आवश्यक सुझाव एवं दिशा-निर्देश गौशाला संचालक को दिया गया।

इस दौरान विद्यादेवी गौशाला अध्यक्ष गणेश अग्रवाल ने बताया कि गौशाला में वर्तमान में 345 गौवंशीय पशु रखे गए है। सभी पशुओं में संक्रामक बीमारी से बचाव हेतु टीकाकरण किया जा चुका है। गौशाला में 07 शेड निर्मित है जिसमें पशुओं को रखा जा रहा है गौशाला में आने वाले 02 माह के चारा एवं दाने का भंडारण किया गया है।

इसी तरह ग्राम टेमरी के हर्ष सेवा समिति द्वारा संचालित गौशाला संचालक गुरबक्श सिंह गांधी ने बताया कि गौशाला में 03 शेड निर्मित है जिसकी क्षमता 300 पशु रखने की है, वर्तमान में गौशाला में 250 गौवंशीय पशु रखे गए है। सभी पशुओं में संक्रामक रोग से बचाव हेतु टीकाकरण किया गया जा चुका है। गौशाला में 02 एकड में बारहमासी घास बरसीम लगाया गया है एवं 02 एकड़ नए जमीन तैयार कर नेपीयर प्लांटटेशन किया गया है।

उप संचालक डॉ. नायडू द्वारा टेमरी गौशाला को भविष्य में प्रशिक्षण केन्द्र के रूप में विकसित करने हेतु गौशाला संचालक से चर्चा की गई। जिले के पशुपालकों को चारा विकास कार्यक्रम से जोड़ने हेतु गौशाला का भ्रमण कराया जाकर चारा संरक्षण हेतु साईलेज बनाने की विधि का प्रशिक्षण देने एवं पशुओं को हरा चारा खिलाने से होने वाले लाभ से अवगत कराया जाएगा।

महासमुंद धान के बदले दलहन-तिलहन को बढ़ावा देने जिला प्रशासन का विशेष अभियान शुरू

महासमुंद धान के बदले दलहन-तिलहन को बढ़ावा देने जिला प्रशासन का विशेष अभियान शुरू

महासमुंद 16 जुलाई 2026/ राज्य शासन के मंशानुरूप जिले में कृषि को अधिक लाभकारी, टिकाऊ एवं जल संरक्षण आधारित बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा उच्चहन (ऊँची) भूमि में धान के स्थान पर दलहन, तिलहन, रागी, मक्का, कपास एवं अन्य वैकल्पिक फसलों के रकबे में वृद्धि के लिए विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। कलेक्टर श्री विनय लंगेह के निर्देशन में खरीफ सीजन के दौरान किसानों को वैकल्पिक खेती के लिए प्रेरित करते हुए इसे जन-अभियान का स्वरूप दिया गया है।

जिले में वर्ष 2026-27 के लिए धान के स्थान पर दलहन, तिलहन एवं अन्य फसलों का 15,150 हेक्टेयर रकबा आच्छादित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके विरुद्ध अब तक 6,139 हेक्टेयर क्षेत्र में किसानों द्वारा वैकल्पिक फसलों की बुवाई की जा चुकी है, जो लक्ष्य प्राप्ति की दिशा में सकारात्मक प्रगति को दर्शाता है। विकासखंडवार निर्धारित लक्ष्य के अनुसार महासमुंद में 2,560 हेक्टेयर, बागबाहरा में 3,500 हेक्टेयर, पिथौरा में 2,890 हेक्टेयर, बसना में 2,980 हेक्टेयर तथा सरायपाली में 3,220 हेक्टेयर क्षेत्र में धान के स्थान पर दलहन, तिलहन एवं अन्य फसलों का विस्तार किया जाना है।

इस विशेष अभियान को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन ने बहुआयामी रणनीति अपनाई है। कृषि विभाग द्वारा गांव-गांव में किसानों को जागरूक करने के लिए विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जहाँ जल उपलब्धता, मिट्टी की प्रकृति और आर्थिक लाभ को ध्यान में रखते हुए फसल विविधीकरण के महत्व की जानकारी दी जा रही है। खेती बचाओ अभियान के अंतर्गत आयोजित शिविरों में किसानों को कम पानी में अधिक उत्पादन देने वाली फसलों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। बताया गया कि सामान्य भूमि पर दलहन-तिलहन की खेती करने पर कृषकों को 15,000 रुपये प्रति एकड़ की अनुदान राशि प्रदान की जाएगी। साथ ही, उच्च भूमि, असिंचित क्षेत्र में दलहन, तिलहन, रागी एवं कपास की खेती करने पर 10,000 रुपये प्रति एकड़ की विशेष अनुदान राशि देने का प्रावधान है।

कृषि उपसंचालक कृषि एफ.आर. कश्यप ने बताया कि अभियान के तहत किसानों को दलहन एवं तिलहन फसलों के गुणवत्तायुक्त बीजों का नियमित वितरण किया जा रहा है। साथ ही विभिन्न ग्रामों में मॉडल प्लॉट विकसित कर उन्नत तकनीकों एवं वैकल्पिक खेती का प्रदर्शन किया जा रहा है, जिससे किसान प्रत्यक्ष रूप से नई पद्धतियों के लाभों को देख सकें।

कृषि विस्तार अधिकारी एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी नियमित रूप से किसानों के संपर्क में रहकर तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। किसानों की समस्याओं का मौके पर समाधान किया जा रहा है तथा फसल चयन, बीज उपचार, उर्वरक प्रबंधन एवं वैज्ञानिक खेती संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। जिला प्रशासन का मानना है कि उच्चहन भूमि में धान की अपेक्षा दलहन एवं तिलहन फसलें अधिक लाभकारी होने के साथ-साथ कम सिंचाई में बेहतर उत्पादन देती हैं। इससे भू-जल संरक्षण, उत्पादन लागत में कमी, मिट्टी की उर्वरता में वृद्धि तथा किसानों की आय में बढ़ोतरी सुनिश्चित होगी। दलहन फसलें भूमि में नाइट्रोजन स्थिरीकरण कर मिट्टी की गुणवत्ता भी सुधारती हैं, जिससे आगामी फसलों को भी लाभ मिलता है। इसी कड़ी में अभियान से प्रेरित होकर ग्राम कस्तुरबोड़ के श्री चैन सिंग मरार ने अपने 1 हेक्टेयर रकबा मंे धान के बदले मक्का की खेती प्रारंभ कर दी है। ग्राम दाबपाली, चपिया, जमदरहा, पुरूषोत्तमपुर, बोदानवापाली जैसे ग्रामों में किसानों को निरंतर प्रेरित किया जा रहा है।

बागबाहरा/साही के अवैध शिकार पर पांच आरोपी गिरफ्तार वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई, न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा

बागबाहरा/साही के अवैध शिकार पर पांच आरोपी गिरफ्तार वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई, न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा

महासमुंद 15 जुलाई 2026/ वनमण्डलाधिकारी श्री मयंक पाण्डेय के मार्गदर्शन एवं उपवन मंडलाधिकारी श्री गोविंद सिंह के नेतृत्व में वन परिक्षेत्र बागबाहरा द्वारा संचालित सघन गश्ती एवं वन्यजीव संरक्षण अभियान के तहत वन विभाग ने साही (इंडियन पॉर्कुपाइन) के अवैध शिकार पर कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

वन परिक्षेत्र अधिकारी श्री नवीन वर्मा के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने प्राप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच की। जांच में रैताल बीट के आरक्षित वन के कक्ष क्रमांक 154 में साही के अवैध शिकार की पुष्टि हुई। विवेचना एवं पूछताछ के दौरान ग्राम नवाडीह (खम्हरिया) के पांच व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आई। जांच में यह भी पाया गया कि आरोपियों ने शिकार किए गए साही के मांस को काटकर आपस में बांटकर रखा था। पूछताछ के दौरान आरोपियों द्वारा अपराध स्वीकार किए जाने पर वन अपराध प्रकरण क्रमांक 22666/05, दिनांक 13 जुलाई 2026 पंजीबद्ध किया गया। प्रकरण में वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 2(16), 9, 39, 50 एवं 51 के तहत विधि सम्मत कार्रवाई की गई।

वन विभाग ने गिरधारी गोंड, लोकनाथ गोंड, नागेश्वर गोंड, सियाराम राजपूत एवं नरसिंह कुमार को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से सभी आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई में डिप्टी रेंजर श्री नवीन शर्मा, वनरक्षक श्रीमती डीलेश्वरी कंवर, श्री नीलकंठ दीवान, श्री वीरेंद्र दीवान सहित वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका रही। साथ ही वन प्रबंधन समिति नवाडीह (खम्हरिया) के सदस्यों ने भी सक्रिय सहयोग प्रदान किया। वन विभाग ने आम नागरिकों से वन्यजीवों के संरक्षण में सहयोग करने तथा वन्यजीवों के अवैध शिकार या तस्करी संबंधी किसी भी गतिविधि की जानकारी तत्काल वन विभाग को देने की अपील की है। वन्यजीव संरक्षण के लिए विभाग द्वारा सघन गश्त एवं निगरानी अभियान लगातार जारी रहेगा।

महासमुंद तेन्दूपत्ता संग्राहकों को बोनस की सौगात, महासमुंद के 76,650 परिवारों को मिलेंगे 12.40 करोड़ रुपये

महासमुंद तेन्दूपत्ता संग्राहकों को बोनस की सौगात, महासमुंद के 76,650 परिवारों को मिलेंगे 12.40 करोड़ रुपये

महासमुंद, 15 जुलाई। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने तेन्दूपत्ता संग्राहकों के लंबे समय से प्रतीक्षित प्रोत्साहन पारिश्रमिक (बोनस) वितरण का शुभारंभ कर प्रदेशभर के संग्राहकों को बड़ी सौगात दी है। रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में वर्ष 2023 के तेन्दूपत्ता संग्राहकों के लिए बोनस वितरण की शुरुआत की गई।

महासमुंद जिले में वर्ष 2023 के 65 प्राथमिक लघु वनोपज समितियों के 680 फड़ों से जुड़े 76,650 संग्राहक परिवारों को 12.40 करोड़ रुपये की बोनस राशि सीधे उनके बैंक खातों में ऑनलाइन माध्यम से भेजी जाएगी। जिला लघु वनोपज सहकारी संघ के अनुसार 14 जुलाई 2026 तक 3.28 करोड़ रुपये की राशि संग्राहकों के खातों में ट्रांसफर की जा चुकी है, जबकि शेष पात्र हितग्राहियों के खातों में राशि भेजने की प्रक्रिया जारी है।

कार्यक्रम में वर्ष 2023 में सर्वाधिक बोनस प्राप्त करने वाले दो संग्राहकों तथा वर्ष 2026 में सर्वाधिक तेन्दूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक प्राप्त करने वाले दो संग्राहकों को सम्मानित किया गया। उन्हें बैंक खाते में राशि भुगतान का प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया।

प्रबंध संचालक ने बताया कि जिन संग्राहकों का नाम ऑनलाइन सॉफ्टवेयर में दर्ज नहीं है, उनके नाम, बैंक खाते और आधार की जानकारी जोड़ने का कार्य तेजी से किया जा रहा है, ताकि वर्ष 2023 के सभी पात्र संग्राहकों को बोनस का लाभ मिल सके। सभी प्राथमिक समितियों को पात्र हितग्राहियों की सूची का पुनः सत्यापन कर आवश्यक सुधार शीघ्र करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने बताया कि तेन्दूपत्ता संग्रहण सीजन 2026 के 81,597 संग्राहक परिवारों को 41.52 करोड़ रुपये का संग्रहण पारिश्रमिक तथा सीजन 2023 के 76,650 परिवारों को 12.40 करोड़ रुपये का बोनस दिया जा रहा है। इस प्रकार महासमुंद जिले में कुल 53.92 करोड़ रुपये का भुगतान संग्राहकों के बैंक खातों में किया जाएगा। इससे हजारों वन आश्रित परिवारों को आजीविका, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक जरूरतों में आर्थिक संबल मिलेगा।

महासमुंद कलेक्टर की समीक्षा बैठक: किसानों को वैकल्पिक फसलों के लिए करें प्रेरित, एचपीवी टीकाकरण लक्ष्य जल्द करें पूरा

महासमुंद कलेक्टर की समीक्षा बैठक: किसानों को वैकल्पिक फसलों के लिए करें प्रेरित, एचपीवी टीकाकरण लक्ष्य जल्द करें पूरा

महासमुंद, 14 जुलाई 2026/ कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने आज सुबह 10ः00 बजे आयोजित समय-सीमा की बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री सचिन भूतड़ा, श्री रवि साहू सहित सभी एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायत सीईओ, सीएमओ एवं जिला स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।

बैठक में कलेक्टर श्री लंगेह ने सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कहा कि सीएम हेल्पलाइन के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जाए। सभी विभागीय अधिकारियों को नियमित रूप से पोर्टल में लॉगिन कर लंबित शिकायतों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

कलेक्टर श्री लंगेह ने वर्षा की स्थिति को देखते हुए कृषि विभाग को निर्देशित किया कि किसानों को खरीफ सीजन में धान के बदले दलहन, तिलहन फसलों को प्राथमिकता देने प्रोत्साहित करें। साथ ही प्राकृतिक खेती, जैविक खेती तथा हरी खाद के उपयोग को व्यापक रूप से प्रोत्साहित करने को कहा। उन्होंने किसानों को रासायनिक उर्वरकों के संतुलित एवं वैज्ञानिक उपयोग के प्रति जागरूक करने तथा यूरिया एवं डीएपी के संतुलित उपयोग के साथ नैनो यूरिया एवं प्राकृतिक खाद के उपयोग को भी बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत शेष किसानों एवं वनाधिकार पट्टाधारकों का एग्रीस्टैक पंजीयन शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी एसडीएम, तहसीलदार, राजस्व एवं कृषि विभाग के मैदानी अमले को विशेष ध्यान देते हुए शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने कहा।

कलेक्टर ने खाद की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए कहा कि शासन के निर्देशानुसार किसानों को यूरिया का आवश्यकतानुसार एकमुश्त मात्रा में प्रदान किया जाए, शेष खाद निर्देशानुसार प्रदान करें। उन्होंने कहा कि किसानों को समसामयिक सलाह देते रहें। कृषि विभाग द्वारा बताया गया कि जिले के सहकारी समितियों में अब तक 42 हजार 565 मीट्रिक टन खाद का भंडारण किया गया है। जिसमें 26 हजार 458 मीट्रिक टन खाद का वितरण किया जा चुका है। कलेक्टर ने खाद के वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए। सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को समय-समय में खाद वितरण की मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए।

जिले में 13 से 18 जुलाई तक एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। अभियान में 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की पात्र बालिकाओं को निःशुल्क एचपीवी टीका लगाया जाएगा। कलेक्टर ने श्री लंगेह ने स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित किया कि अभियान के दौरान किसी भी पात्र बालिका का टीकाकरण छूटने न पाए। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को शिक्षा विभाग के साथ आवश्यक समन्वय बनाकर टीकाकरण के निर्देश दिए। साथ ही अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से अधिक से अधिक अभिभावकों को टीकाकरण के प्रति जागरूक किया जाए। कलेक्टर ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की पात्र बालिकाओं को निर्धारित तिथि पर चिन्हांकित स्वास्थ्य संस्थानों में लेकर आएं तथा निःशुल्क एचपीवी टीकाकरण अवश्य कराएं। जिले में अभी तक 3000 पात्र बालिकाओं का एचपीवी टीकाकरण किया जा चुका है।

कलेक्टर ने मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं के अनुरूप स्वीकृत कार्याें के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रवास के दौरान किए गए घोषणाओं को प्राथमिकता से क्रियान्वयित करें। कलेक्टर ने शासन के निर्देशानुसार सभी विभागों को ई-ऑफिस एवं ई-फाइल प्रणाली का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने कहा है। बैठक में राजस्व विभाग को सतत नक्शा अपडेशन के निर्देश दिए। साथ ही सेवा सेतु पोर्टल, नक्शा बटांकन, सीमांकन, नामांकन, मुख्यमंत्री घोषणाओं, कलेक्टर जनदर्शन, पीजी पोर्टल, लोक सेवा गारंटी अधिनियम, पेयजल व्यवस्था, प्रधानमंत्री आवास योजना तथा जन शिकायतों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

महासमुंद कलेक्टर ने ली सड़क सुरक्षा समिति की बैठक संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के दिए निर्देश

महासमुंद कलेक्टर ने ली सड़क सुरक्षा समिति की बैठक संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के दिए निर्देश

महासमुंद 14 जुलाई 2026/ कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय सीमा की बैठक के पश्चात सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात व्यवस्था सुदृढ़ करने एवं आमजन में जागरूकता बढ़ाने के संबंध में संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री सचिन भूतड़ा, श्री रवि साहू, सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य एवं जिला अधिकारी मौजूद थे।

रात्रि के समय सड़कों पर विचरण करने वाले मवेशियों से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु कलेक्टर ने सीईओ, सीएमओ, एनएचआई, पशुपालन विभाग, यातायात विभाग तथा नगरीय निकायों को संयुक्त रूप से अभियान चलाकर मवेशियों को सड़कों से हटाने की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही पशु मालिकों की पहचान कर उन्हें समझाईश देने तथा उनके विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा चिन्हित दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट) एवं नवीन ब्लैक स्पॉट का चिन्हांकन कर वहां आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग तथा नगरीय एवं ग्रामीण निकायों को निर्देशित किया गया। साथ ही ओवरलोड संचालित हो रहे वाहनों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।

बैठक में कलेक्टर श्री लंगेह ने निर्देशित किया कि स्कूलों में विद्यार्थियों के माध्यम से पालकों से संपर्क स्थापित कर यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाएं, ताकि सड़क सुरक्षा के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी विकसित हो सके। कलेक्टर ने यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए यातायात विभाग को निर्देशित किया गया कि हेलमेट न पहनने एवं अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर ई-चालान की प्रभावी कार्रवाई करें।

जिला परिवहन अधिकारी श्री प्रतीक शुक्ला ने बताया कि जिले में 4 नवीन ब्लैक स्पॉट के लिए आवश्यक सुधारात्मक उपाय किया जा रहा है। कलेक्टर श्री लंगेह ने सभी संबंधित विभागों को सड़क सुरक्षा से जुड़े दिशा-निर्देशों का गंभीरता से पालन सुनिश्चित करने तथा समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

पिथौरा–बसना में पुलिस का बड़ा एक्शन: धान उपार्जन केंद्र चोरी का खुलासा, जुआ फड़ पर छापा, 10 आरोपी गिरफ्तार

पिथौरा–बसना में पुलिस का बड़ा एक्शन: धान उपार्जन केंद्र चोरी का खुलासा, जुआ फड़ पर छापा, 10 आरोपी गिरफ्तार

महासमुंद जिले में पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में सफलता हासिल की है। एक ओर बसना पुलिस ने अवैध जुआ फड़ पर छापा मारकर आठ जुआरियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है, तो दूसरी ओर पिथौरा पुलिस ने धान उपार्जन केंद्र में हुई चोरी का खुलासा करते हुए दो शातिर चोरों को दबोच लिया है।

पहले बात करते हैं बसना थाना क्षेत्र की…

मुखबिर की सूचना पर ग्राम पठियापाली के तालाब मेड़ पर महुआ पेड़ के नीचे चल रहे अवैध जुआ फड़ पर पुलिस ने दबिश दी। मौके से 52 पत्ती ताश पर दांव लगाकर जुआ खेल रहे आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने 8 हजार 50 रुपये नकद, 52 पत्ती ताश और चार मोटरसाइकिलें जब्त की हैं। जब्त सामग्री की कुल कीमत 88 हजार 50 रुपये आंकी गई है। सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में पुरुषोत्तम जगत, अंतर्यामी भोई, ललित दास, हिरादास मानिकपुरी, संतोष दास, राजकुमार सुरलिया, धनेश नाग और अजय साव शामिल हैं।

अब बात पिथौरा थाना क्षेत्र की…

ग्राम डिघेपुर धान उपार्जन केंद्र में हुई 78 हजार 250 रुपये की चोरी का पुलिस ने त्वरित खुलासा कर दिया है। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और दोनों संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर चोरी गया पूरा सामान बरामद कर लिया गया, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटे, सीसीटीवी कैमरे, केबल, इलेक्ट्रॉनिक तार, 20 किलो के बाट और अन्य सामग्री शामिल है। इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों के नाम हैं मोहित नागर और शोभु देवार। दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

महासमुंद पुलिस का कहना है कि जिले में अवैध गतिविधियों और संपत्ति संबंधी अपराधों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।