महासमुंद/आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

महासमुंद/आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

महासमुंद, 17 जून 2026/ आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत महासमुंद जिले का चयन मॉडल जिला के रूप में किया गया है। इस पहल के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सोमवार को जिला पंचायत महासमुंद के सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के विभिन्न प्रावधानों, उद्देश्यों एवं कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

कार्यशाला में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव एवं राज्य स्तरीय टीम के अधिकारियों ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के विभिन्न घटकों, उनकी उपयोगिता तथा मॉडल जिला बनाने की कार्ययोजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डिजिटल हेल्थ सिस्टम लागू होने से मरीजों, अस्पतालों एवं स्वास्थ्य विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा।

कार्यशाला में बताया गया कि आयुष्मान भारत योजना से सूचीबद्ध अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों के उपचार की पूरी प्रक्रिया अब डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ी होगी। मरीज के भर्ती होने से लेकर जांच, दवा, उपचार एवं डिस्चार्ज तक की समस्त जानकारी ऑनलाइन दर्ज की जाएगी। इससे स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा मरीजों के उपचार संबंधी रिकॉर्ड सुरक्षित एवं व्यवस्थित रूप से उपलब्ध रहेंगे।कार्यशाला के दौरान हेल्थ फैसिलिटी रजिस्टर को जिले में प्रभावी रूप से लागू करने की जानकारी दी गई। इसके माध्यम से अस्पतालों एवं स्वास्थ्य संस्थानों को डिजिटल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, जिससे मरीजों की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी डिजिटल रूप में संरक्षित रहेगी और आवश्यकता पड़ने पर किसी भी अस्पताल में आसानी से उपलब्ध हो सकेगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव ने सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों, विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधकों एवं निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों को निर्देशित करते हुए कहा कि महासमुंद को मॉडल डिजिटल हेल्थ जिला बनाने के लिए सभी संबंधित संस्थानों को युद्धस्तर पर कार्य करना होगा।

कार्यशाला में बताया गया कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत अब जिले के सभी निजी अस्पतालों एवं क्लीनिकों में भी आभा (ABHA) कार्ड बनाने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। अब तक यह सुविधा मुख्य रूप से शासकीय अस्पतालों में उपलब्ध थी। आभा कार्ड बनने के बाद मरीज की एक डिजिटल हेल्थ आईडी तैयार होगी, जिसमें उसके उपचार, जांच, दवाइयों तथा चिकित्सकीय इतिहास का संपूर्ण रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा। इससे मरीजों को बार-बार कागजी दस्तावेज साथ रखने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी तथा उपचार प्रक्रिया और अधिक सरल एवं सुविधाजनक होगी। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के प्रमुख लाभ मरीज की पूरी मेडिकल हिस्ट्री ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी। भर्ती से डिस्चार्ज तक की प्रत्येक प्रक्रिया डिजिटल रूप से दर्ज होगी। जिले के 29 निजी अस्पतालों में भी आभा कार्ड बनाया जाएगा। उपचार में पारदर्शिता एवं निगरानी बढ़ेगी। फर्जी क्लेम एवं रिकॉर्ड संबंधी गड़बड़ियों की संभावना कम होगी। मरीजों को कागजी दस्तावेजों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

बसना सरायपाली पिछले साल की बची किताबों से शाला प्रवेशोत्सव , पहले दिन व्यवस्था पर उठे सवाल, स्कूलों में नहीं पहुंचीं किताबें ,भीषण गर्मी के बीच स्कूल खुलने से अभिभावकों की चिंता आगे बढ़ाने की मांग

बसना सरायपाली पिछले साल की बची किताबों से शाला प्रवेशोत्सव , पहले दिन व्यवस्था पर उठे सवाल, स्कूलों में नहीं पहुंचीं किताबें ,भीषण गर्मी के बीच स्कूल खुलने से अभिभावकों की चिंता आगे बढ़ाने की मांग

बसना हेमन्त वैष्णव महाजनपद न्यूज / छत्तीसगढ़ में मंगलवार को नए शिक्षा सत्र की शुरुआत शाला प्रवेशोत्सव के साथ हुई। प्रदेशभर के शासकीय स्कूलों में विद्यार्थियों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया और शिक्षा को जनअभियान बनाने का संदेश दिया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अपील पर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने विभिन्न स्कूलों में पहुंचकर बच्चों का उत्साहवर्धन किया। लेकिन प्रवेशोत्सव के पहले ही दिन शिक्षा विभाग की तैयारियों पर सवाल खड़े हो गए।

जानकारी के अनुसार, बसना सरायपाली विकासखंड सहित के कई शासकीय स्कूलों में कक्षा पहली से आठवीं तक अध्ययनरत विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध नहीं हो सकीं। इसमें स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में भी किताबों की आपूर्ति नहीं होने से बच्चों और अभिभावकों में निराशा देखी गई वही कल पिछले सालों के बची हुई पुराने किताबो को बाटकर प्रवेशोत्सव मनाया गया है

शासन स्तर पर शाला प्रवेशोत्सव के दौरान निःशुल्क किताबें वितरित करने की घोषणा की गई थी, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका लाभ विद्यार्थियों तक नहीं पहुंच पाया। बसना ब्लॉक शिक्षा अधिकारी बद्री विशाल जोल्हे ने बताया कि, “शासन की ओर से अभी तक प्राथमिक और माध्यमिक स्तर की किताबें प्राप्त नहीं हुई हैं। जैसे ही किताबों की खेप पहुंचेगी, विद्यार्थियों को तत्काल वितरित किया जाएगा।” उन्होंने यह भी कहा कि हाई स्कूल स्तर की पुस्तकों की आपूर्ति पहुंचने की जानकारी मिली है और उनका वितरण किया जा रहा है। वहीं सरायपाली ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को दूरभाष के माध्यम से संपर्क किया गया घंटी बजती रही फोन नहीं उठाए

इधर, भीषण गर्मी के बीच स्कूल खुलने से अभिभावकों की चिंता भी बढ़ गई है। कई पालकों ने मांग की है कि वर्तमान मौसम को देखते हुए स्कूलों के संचालन समय में बदलाव किया जाए, ताकि छोटे बच्चों को तेज धूप और गर्मी से राहत मिल सके। उनका कहना है कि सुबह के समय स्कूल संचालित होने से विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका कम होगी।

शाला प्रवेशोत्सव के उत्साह के बीच कक्षा 1 से 8वीं तक के विद्यार्थियों को किताबें नहीं मिलना और भीषण गर्मी के बीच स्कूल संचालन को लेकर उठे सवालों ने शिक्षा विभाग की तैयारियों पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। अब अभिभावकों और विद्यार्थियों की नजर शासन और शिक्षा विभाग पर टिकी है कि आखिर बच्चों को उनकी जरूरी पाठ्यपुस्तकें कब तक उपलब्ध कराई जाएंगी और मौसम को देखते हुए स्कूल समय में बदलाव को लेकर क्या निर्णय लिया जाएगा

बागबाहरा खेत बचाओ अभियान के तहत जिला स्तरीय जैविक एवं प्राकृतिक कृषि कार्यशाला का आयोजन किसानों से मिट्टी की सेहत बचाने जैविक खेती अपनाने की अपील

बागबाहरा खेत बचाओ अभियान के तहत जिला स्तरीय जैविक एवं प्राकृतिक कृषि कार्यशाला का आयोजन किसानों से मिट्टी की सेहत बचाने जैविक खेती अपनाने की अपील

महासमुंद/ भारत सरकार के निर्देशानुसार देशव्यापी “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत आज विकासखण्ड बागबाहरा के कृषि उपज मंडी प्रांगण में जिला स्तरीय खेत बचाओ अभियान कार्यक्रम सह जैविक एवं प्राकृतिक कृषि कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री एवं खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष श्री चन्द्रहास चन्द्राकर, विधायक बसना डॉ. संपत अग्रवाल, पूर्व राज्यमंत्री एवं संसदीय सचिव श्री पूनम चन्द्राकर, श्री येतराम साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोंगरा किशन पटेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री भीखमसिंह ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिले के प्रभारी मंत्री श्री दयालदास बघेल ने किसानों से खेती में जैविक एवं प्राकृतिक पद्धतियों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ मिट्टी ही बेहतर उत्पादन का आधार है। रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग के साथ जैविक खाद, प्राकृतिक संसाधनों एवं पारंपरिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने से भूमि की उर्वरा शक्ति बनी रहती है और आने वाली पीढ़ियों के लिए कृषि को सुरक्षित बनाया जा सकता है।

सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि खेती में आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ पर्यावरण संरक्षण भी आवश्यक है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के सीमित एवं संतुलित उपयोग पर जोर देते हुए किसानों और आम नागरिकों से प्राकृतिक एवं जैविक खेती के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा जनभागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने 01 जून से 30 जून 2026 तक चलाए जा रहे देशव्यापी खेत बचाओ अभियान के उद्देश्य एवं महत्व की जानकारी भी दी।

कार्यशाला में कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती के विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस दौरान असंतुलित रासायनिक उर्वरकों के उपयोग से मिट्टी के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव, जैविक खेती के लाभ, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों पर वैज्ञानिक परिचर्चा आयोजित की गई।

कृषक चौपाल एवं संगोष्ठी के माध्यम से किसानों को हरी खाद, नील हरित काई (ब्लू ग्रीन एल्गी), जैव उर्वरक एवं जैविक खाद के उपयोग की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। कृषि विशेषज्ञों ने यूरिया एवं डीएपी के विकल्प के रूप में एनपीके, एसएसपी, टीएसपी, 20:20:0:13, जैव उर्वरक, नैनो यूरिया, नैनो डीएपी, सूक्ष्म पोषक तत्वों के उपयोग तथा मृदा स्वास्थ्य कार्ड की अनुशंसा के अनुसार संतुलित उर्वरक प्रबंधन अपनाने की सलाह दी।

कार्यक्रम में कृषि विभाग द्वारा किसानों को मिट्टी परीक्षण, फसल पोषण प्रबंधन एवं प्राकृतिक खेती से संबंधित तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराई गई। अधिकारियों ने बताया कि खेतों की उर्वरा शक्ति बनाए रखने के लिए जैविक कार्बन बढ़ाना, रासायनिक उर्वरकों का विवेकपूर्ण उपयोग और कृषि में प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण समय की आवश्यकता है।

इस अवसर पर उप संचालक कृषि महासमुंद श्री एफ.आर. कश्यप, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी बागबाहरा श्री जितेन्द्र चन्द्राकर, कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक, कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में जिले के कृषक उपस्थित रहे।

महासमुंद/सुशासन तिहार 2026 बना दिव्यांगजनों के लिए संबल का माध्यम शिविर के दौरान 151 दिव्यांगजनों को मौके पर ही मिला सहायक उपकरण

महासमुंद/सुशासन तिहार 2026 बना दिव्यांगजनों के लिए संबल का माध्यम शिविर के दौरान 151 दिव्यांगजनों को मौके पर ही मिला सहायक उपकरण

महासमुंद/ प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत जिले में आयोजित समाधान शिविर मांग एवं शिकायतों के निराकरण के साथ ही जरूरतमंद दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लेकर आया है। समाज कल्याण विभाग द्वारा समाधान शिविरों में प्राप्त आवेदनों का त्वरित निराकरण करते हुए दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए, जिससे उनके जीवन में नई आशा और आत्मविश्वास का संचार हुआ।

उप संचालक समाज कल्याण श्रीमती संगीता सिंह ने बताया कि समाधान शिविरों में प्राप्त आवेदनों के आधार पर विभाग द्वारा जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में कुल 151 सहायक उपकरणों का वितरण किया गया। इनमें 05 मोटराइज्ड ट्रायसायकल, 06 ट्रायसायकल, 30 श्रवण यंत्र, 08 व्हील चेयर, 87 छड़ी, 10 वॉकर तथा 05 बैसाखियां शामिल हैं।

समाधान शिविर में सहायक उपकरण प्राप्त करने वाले दिव्यांग हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। हितग्राहियों ने कहा कि शासन की संवेदनशील और त्वरित कार्यवाही से उनकी विशेष आवश्यकताओं का समाधान हुआ है। मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल प्राप्त करने वाले दिव्यांग डिगेश, अजय, पूरन पटेल एवं अन्य हितग्राहियों ने इसे अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाला महत्वपूर्ण साधन बताया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से आवागमन में कठिनाइयों के कारण उन्हें दैनिक कार्यों के लिए परिवार एवं अन्य लोगों पर निर्भर रहना पड़ता था। समाधान शिविर में आवेदन करने के बाद मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल मिलने से अब वे स्वतंत्र रूप से आवागमन कर सकेंगे तथा आवश्यक कार्यों के लिए आसानी से बाहर जा सकेंगे। इसी तरह व्हीलचेयर, वॉकर, बैसाखी एवं छड़ी प्राप्त करने वाले हितग्राहियों ने भी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इन सहायक उपकरणों से वे पहले की अपेक्षा अधिक सहजता एवं आत्मविश्वास के साथ अपने दैनिक कार्यों को कर पाएंगे।

सरायपाली/खेत बचाओ अभियान अंतर्गत ग्राम राजाडीही में जागरूकता शिविर आयोजित

सरायपाली/खेत बचाओ अभियान अंतर्गत ग्राम राजाडीही में जागरूकता शिविर आयोजित

महासमुंद/ जिले में खेत बचाओ अभियान कार्यक्रम अंतर्गत कृषि विभाग द्वारा 30 जून तक रासायनिक उर्वरकों के सीमित व समझदारी पूर्ण उपयोग और प्राकृतिक खेती के प्रति किसानों व आम नागरिकों में जागरूकता और जनभागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से कृषक चौपाल एवं कृषक संगोष्ठी कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में जिले के विकासखण्ड सरायपाली अंतर्गत ग्राम राजाडीही में आज कृषक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर में किसानों को खेती में बढ़ती लागत, मिट्टी की उर्वरता में कमी तथा फसल उत्पादन को प्रभावित करने वाले विभिन्न कारणों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। इस दौरान किसानों को मृदा परीक्षण (मिट्टी जांच) के महत्व, संतुलित एवं अनुशंसित मात्रा में उर्वरकों के उपयोग, जैविक खाद एवं हरी खाद के प्रयोग, जल संरक्षण, फसल चक्र अपनाने तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के बारे में जागरूक किया गया। साथ ही किसानों को यूरिया एवं डीएपी के विकल्प के रूप में एनपीके, एसएसपी, जैव उर्वरक, नैनो यूरिया, नैनो डीएपी, जैविक खाद एवं सूक्ष्म पोषक तत्वों के उपयोग के लिए प्रेरित किया गया। किसानों को बताया गया कि नियमित मृदा परीक्षण एवं वैज्ञानिक खेती अपनाकर भूमि की उर्वरता बनाए रखी जा सकती है तथा उत्पादन लागत को कम करते हुए बेहतर उपज प्राप्त की जा सकती है।

कार्यक्रम में उपस्थित किसानों के साथ खेती से जुड़ी समस्याओं एवं उनके समाधान पर चर्चा की गई। किसानों ने भी अपने अनुभव साझा किए तथा विभागीय अधिकारियों से विभिन्न कृषि योजनाओं एवं तकनीकों की जानकारी प्राप्त की गई।

महासमुंद/ प्रत्येक ब्लाक में 5 नए स्वामी विवेकानंद विद्यालय, शिक्षकों को ऑनलाइन अटेंडेंस देना होगा, डिजिटल ट्रैकिंग और अधिकारियों को सतत निगरानी के निर्देश 16 जून से मनेगा शाला प्रवेश उत्सव ,कड़े निर्देशों का होगा पालन

महासमुंद/ प्रत्येक ब्लाक में 5 नए स्वामी विवेकानंद विद्यालय, शिक्षकों को ऑनलाइन अटेंडेंस देना होगा,
डिजिटल ट्रैकिंग और अधिकारियों को सतत निगरानी के निर्देश 16 जून से मनेगा शाला प्रवेश उत्सव ,कड़े निर्देशों का होगा पालन

महासमुंद के स्कूलों में गूंजेगी किलकारी: 16 जून से मनेगा शाला प्रवेश उत्सव 2026, राज्य शासन के कड़े निर्देशों का होगा पालन
[महासमुंद, जून 2026/ छत्तीसगढ़ शासन के सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग, आयुक्त समग्र शिक्षा छत्तीसगढ़, संचालक,लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ के द्वारा संयुक्त विडियो कांफ्रेंस 12 जून 2026 को दिए निर्देशानुसार महासमुंद जिले में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत आगामी 16 जून से होने जा रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप बच्चों को स्वच्छ, सुंदर और गुणवत्तापूर्ण माहौल देने के लिए जिले के समस्त शासकीय प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में व्यापक स्तर पर शाला प्रवेश उत्सव 2026 का गरिमामय आयोजन किया जाएगा।
जिला प्रशासन और स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य शासन द्वारा जारी कड़े दिशा-निर्देशों के तहत तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिला कलेक्टर , मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत और जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी विकासखंड और संकुल प्रभारियों को निर्धारित समय-सीमा में सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए हैं। 15 जून तक विद्यालय में साफ सफाई पोताई का कार्य पूर्ण कर लिए जाएंगे ।

16 जून को प्रवेश उत्सव के प्रथम दिन स्कूलों में त्योहार जैसा माहौल बनाने के निर्देश दिया गया है। पहली बार स्कूल कदम रखने वाले (कक्षा पहली) और छठवीं में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं का तिलक लगाकर और माला पहनाकर स्वागत किया जाएगा। प्रवेश के साथ बच्चों को राज्य शासन की योजना के तहत निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, अभ्यास पुस्तिका, गणवेश (यूनिफॉर्म), निःशुल्क सरस्वती सायकल, छात्रवृत्ति, मध्यान्ह भोजन वितरित की जाएंगी। पालकों और शिक्षा में रुचि रखने वाले जनप्रतिनिधियों के सहयोग से इस दिन न्योता भोज कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
जिले में खुलेंगे 5 नए स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय
राज्य शासन के मंशा अनुरूप नए शैक्षणिक सत्र से जिले के प्रत्येक ब्लॉक में एक एक स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय खोले जाने की अनुमति प्राप्त हुई है। इससे जिले में सरकारी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की संख्या बढ़ेगी जिसका सीधा लाभ पालकों को होगा और न्यूनतम फीस में अंग्रेजी माध्यम के शालाओं में पढ़ाई करा सकेंगे। इन स्कूलों का विकास पीएम श्री स्कूलों की तर्ज पर किए जाना है।
राज्य शासन के निर्देशानुसार इस बार सभी स्कूलों में सुबह 10 बजे और दोपहर 3.50 को दो बार प्रार्थना सभा आयोजित की जाएगी। सुबह के प्रार्थना सभा में राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान के साथ ही सरस्वती वंदन, दीपमंत्र और गुरुमंत्र का वाचन होगा। साथ ही राज्य एवं राष्ट्र के महापुरुषों के योगदान को याद करते हुए छात्रों द्वारा वाचन किया जाएगा। छुट्टी के समय होने वाले प्रथम सभा में राजकीय गीत, गायत्री मंत्र और शांति मंत्र के साथ प्रत्येक दिन के शाला संचालन का समापन होगा।
शून्य ड्रॉप-आउट का लक्ष्य

इस बार प्रवेश उत्सव में शत-प्रतिशत नामांकन और ‘शून्य ड्रॉप-आउट’ (एक भी बच्चा स्कूल से बाहर न रहे) का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए कक्षा पहली के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों से बच्चों की सूची लेकर सीधे प्रवेश दिया जा रहा है। कक्षा पांचवीं उत्तीर्ण कर चुके बच्चों की सूची और टीसी के आधार पर उन्हें सीधे कक्षा छठवीं में प्रवेश दिलाया जा रहा है। कक्षा नवमी में प्रवेश हेतु कैचमेंट एरिया के मिडिल स्कूलों के प्रधान पाठकों से सीधे टीसी लेकर बोर्ड और शासन के नियमानुसार प्रवेश दिया जाएगा। समग्र और समावेशी शिक्षा के लक्ष्य प्राप्ति के लिए सभी शालाओं को दिव्यांग छात्रों के लिए विशेष पहल करते हुए एक एक मेंटर शिक्षक नियुक्त करते हुए उनके शाला प्रवेश की जिम्मेदारी दी गई है।
डिजिटल ट्रैकिंग और अधिकारियों को सतत निगरानी के निर्देश

महासमुंद जिला शिक्षा विभाग ने सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों बीआरसीसी और समस्त प्राचार्य संकुल प्रभारी , संकुल समन्वयकों को सतत शैक्षणिक मॉनिटरिंग के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया है कि नए शैक्षणिक सत्र से शिक्षकों और विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन अटेंडेंस प्रणाली वी इस के को अनिवार्य किया गया है ।साथ ही सभी विषय शिक्षकों को आगामी तीन महीने का शैक्षणिक रोडमैप तैयार करने को कहा गया है। सभी विषय के पाठ्यक्रम राज्य शासन द्वारा निर्धारित शैक्षणिक कैलेंडर के अधार पर समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश जारी किए हैं। 16 जून से ही विद्यालय में अध्यापन कार्य प्रारंभ तथा नई शिक्षा नीति 2020 के अनुसार से ही कक्षाओं में प्रयोगशालाओं , पुस्तकालयों, अटल टिंकरिंग लैब के समुचित उपयोग के निर्देश दिया गया है। उक्त बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा, सहायक संचालक शिक्षा, एडीपीओ समस्त एपीसी प्रोग्रामर उपस्थित रहे।

CG सरायपाली/ दागदार से दमदार?” जांच आदेश और पदोन्नति आदेश की वायरल पोस्ट से गरमाई सियासत, कांग्रेस नेता और RTI कार्यकर्ता ने उठाए सवाल

CG सरायपाली/ दागदार से दमदार?” जांच आदेश और पदोन्नति आदेश की वायरल पोस्ट से गरमाई सियासत, कांग्रेस नेता और RTI कार्यकर्ता ने उठाए सवाल

सरायपाली/महासमुंद। शिक्षा विभाग के एक अधिकारी को सहायक संचालक पद पर पदोन्नति दिए जाने के बाद राजनीतिक विवाद गहरा गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक पोस्ट में भाजपा सरकार के “सुशासन” पर सवाल उठाते हुए दावा किया गया है कि जिस अधिकारी के खिलाफ कथित वित्तीय अनियमितता के मामले में जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही थी, उसी अधिकारी को पदोन्नति देकर सहायक संचालक बना दिया गया।

वायरल पोस्ट में बड़े अक्षरों में लिखा गया है—

> “भाजपा सरकार में ‘दागदार’ दमदार बन रहे!”

 

इसके नीचे आरोप लगाया गया है कि—

> “जिस अधिकारी की वर्तमान में ‘वित्त अनियमितता’ मामले में जांच चल रही, उसे प्रमोट कर ‘सहायक संचालक’ बना दिया!”

 

पोस्ट में शिक्षा विभाग से जुड़े दो आदेशों की प्रतियां भी साझा की गई हैं। एक आदेश में तत्कालीन विकासखंड शिक्षा अधिकारी, सरायपाली के विरुद्ध निरीक्षण के बाद कथित वित्तीय अनियमितताओं के संबंध में अनुशासनात्मक कार्रवाई का उल्लेख दिखाई देता है, जबकि दूसरे आदेश में संबंधित अधिकारी श्री प्रकाशचंद्र मांझी को सहायक संचालक पद पर पदस्थ किए जाने का उल्लेख है।

मामले को राजनीतिक रंग तब मिला जब महासमुंद लोकसभा कांग्रेस आईटी सेल के पूर्व अध्यक्ष जफर खान ने उक्त पोस्ट को साझा करते हुए भाजपा सरकार के सुशासन के दावों पर सवाल उठाए। पोस्ट में नीचे लिखा गया है—

> “कैसा तेरा सुशासन!”

 

वहीं, RTI कार्यकर्ता विनोद कुमार दास ने भी सोशल मीडिया पर टिप्पणी करते हुए दावा किया कि उन्होंने तत्कालीन बीईओ सरायपाली के खिलाफ कई शिकायतें की थीं। उनके अनुसार, जांच में वित्तीय अनियमितता सामने आई थी और जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट एवं अभिमत सहित प्रकरण को लोक शिक्षण संचालनालय भेजा था।

अब कई सवाल खड़े हो रहे हैं—

क्या संबंधित अधिकारी के खिलाफ जांच पूरी हो चुकी थी?

क्या उन्हें विभागीय स्तर पर क्लीन चिट मिल चुकी थी?

यदि नहीं, तो पदोन्नति किन नियमों और परिस्थितियों में दी गई?

क्या स्कूल शिक्षा विभाग इस पूरे मामले में आधिकारिक स्थिति स्पष्ट करेगा?

हालांकि, यह भी स्पष्ट करना आवश्यक है कि महाजनपदन्यूज.कॉम वायरल पोस्ट में किए गए दावों और दस्तावेजों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है। किसी भी अधिकारी को केवल सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर दोषी नहीं ठहराया जा सकता। मामले की वास्तविक स्थिति विभागीय अभिलेखों, जांच की अंतिम रिपोर्ट और शासन के आधिकारिक स्पष्टीकरण से ही स्पष्ट होगी।

यदि इस मामले में संबंधित अधिकारी, स्कूल शिक्षा विभाग या शासन की ओर से कोई पक्ष या स्पष्टीकरण प्राप्त होता है, तो महाजनपदन्यूज.कॉम उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित करेगा।
महाजनपद न्यूज.कॉम

पिथौरा/ केसरीपुर तालाब जहर कांड में एफआईआर दर्ज / कलेक्टर के निर्देशन में केसरीपुर पहुंची टीम, 64 ग्रामीणों का किया गया परीक्षण

पिथौरा/ केसरीपुर तालाब जहर कांड में एफआईआर दर्ज / कलेक्टर के निर्देशन में केसरीपुर पहुंची टीम, 64 ग्रामीणों का किया गया परीक्षण केसरीपुर के तालाब में कीटनाशक जहर डालकर मछलियां मारने का आरोप, अधिवक्ता ने दर्ज कराई रिपोर्ट; सदमे में चाचा को लकवा आने का दावा, तीन लाख के नुकसान की शिकायत

सांकरा/महासमुंद। महासमुंद जिले के थाना सांकरा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम केसरीपुर में स्थित लगभग 10 एकड़ के तालाब में अज्ञात व्यक्ति द्वारा कथित रूप से कीटनाशक जहर डालकर मछलियों को मारने का मामला सामने आया है। इस संबंध में जिला न्यायालय महासमुंद में व्यवसायरत अधिवक्ता रामदाऊ पटेल ने थाना सांकरा में लिखित आवेदन प्रस्तुत कर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने आवेदन के अवलोकन के बाद प्रथम दृष्टया अपराध घटित होना पाए जाने पर अज्ञात आरोपी के विरुद्ध धारा 279-बीएनएस, 324(5)-बीएनएस एवं 325-बीएनएस के तहत मामला कायम कर विवेचना में लिया है।

प्राप्त प्रथम सूचना के अनुसार, रामदाऊ पटेल पिता घुराऊ राम पटेल, उम्र 55 वर्ष, निवासी ग्राम केसरीपुर, थाना सांकरा, जिला महासमुंद ने पुलिस को बताया कि वे जिला न्यायालय महासमुंद में अधिवक्ता हैं। उनके अलावा उनके चाचा परमानंद पटेल, चुडामणी पटेल एवं मोहन लाल पटेल के नाम पर ग्राम केसरीपुर में स्थित एक तालाब है, जिसका खसरा नंबर 300/1, 300/2, 300/3 एवं 300/4 है तथा जिसका कुल रकबा लगभग 10 एकड़ है। उक्त तालाब में वे लोग मछली पालन का कार्य करते हैं। साथ ही गांव के लोग भी इसी तालाब का उपयोग निस्तारी कार्यों के लिए करते हैं।

शिकायतकर्ता के अनुसार, दिनांक 07 जून 2026 को शाम लगभग 6 बजे से 08 जून 2026 की सुबह 6 बजे के मध्य किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा तालाब के पानी में कीटनाशक दवाई डाल दी गई। इसके कारण तालाब की मछलियां मरने लगीं और बड़ी संख्या में मछलियों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद जब वे तालाब पहुंचे तो बड़ी मात्रा में मरी हुई एवं तड़पती हुई मछलियां दिखाई दीं।

रामदाऊ पटेल ने थाना सांकरा में प्रस्तुत आवेदन में उल्लेख किया है कि उक्त घटना को देखकर उनके चाचा मोहन लाल पटेल को गहरा मानसिक आघात पहुंचा। आवेदन के अनुसार, इसी सदमे के कारण उन्हें लकवा मार गया, जिससे उनके शरीर का दाहिना हिस्सा पूर्णतः प्रभावित हो गया तथा वे बातचीत करने में भी असमर्थ हो गए क्योंकि उनके मुंह पर भी लकवे का असर हो गया है। शिकायतकर्ता ने इसे घटना से उत्पन्न मानसिक आघात का परिणाम बताया है।

आवेदन में यह भी कहा गया है कि भीषण गर्मी के इस दौर में यह तालाब गांव का एकमात्र निस्तारी तालाब है। तालाब के पानी में कथित रूप से कीटनाशक मिल जाने के कारण ग्रामीणों का नहाना-धोना बंद हो गया है तथा वे निस्तारी के लिए दूसरे गांव जाने को विवश हो गए हैं। इससे गांव के दैनिक जीवन पर भी असर पड़ा है।

शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि इस घटना से उन्हें एवं उनके चाचाओं को लगभग 3 लाख रुपये की आर्थिक क्षति हुई है। उन्होंने पुलिस से मामले की जांच कर दोषियों की पहचान करने तथा उनके विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना सांकरा में प्रस्तुत आवेदन के अवलोकन के बाद पुलिस ने प्रथम दृष्टया अज्ञात आरोपी का कृत्य अपराध की श्रेणी में पाए जाने पर अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि तालाब में कीटनाशक दवा किसने और किन परिस्थितियों में डाली।

आवेदन में थाना प्रभारी सांकरा को संबोधित करते हुए रामदाऊ पटेल ने लिखा है कि, “महोदय से मेरा निवेदन है कि आवेदन में बाद जांच उपरांत दोषियों के विरुद्ध उचित कार्यवाही किये जाने की कृपा करें।”

गौरतलब है कि इससे पहले भी इसी तालाब में मछलियों के मरने का मामला चर्चा में रहा था, लेकिन इस बार अधिवक्ता द्वारा दी गई लिखित शिकायत के बाद मामला पुलिस तक पहुंच गया है और अब जांच के निष्कर्षों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

कलेक्टर के निर्देशन में लगा स्वास्थ्य परीक्षण शिविर

मामले की गंभीरता को देखते हुए महासमुंद कलेक्टर के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्राम केसरीपुर पहुंचकर विशेष स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाया। शिविर में तालाब के पानी का उपयोग करने वाले ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जानकारी के अनुसार कुल 64 ग्रामीणों की जांच की गई, जिनमें किसी भी व्यक्ति में जहरीले पानी के प्रभाव, त्वचा रोग अथवा अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्या के लक्षण नहीं पाए गए।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है। वहीं तालाब में हजारों मछलियों की मौत के कारणों की जांच भी जारी है और संबंधित विभागों द्वारा पानी तथा अन्य नमूनों की जांच कराई जा रही है।

महत्वपूर्ण बात यह है कि स्वास्थ्य परीक्षण में ग्रामीणों में तत्काल कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं मिलने की पुष्टि हुई है, लेकिन मछलियों की सामूहिक मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।

क्या कहता है आवेदन?

• शिकायतकर्ता – रामदाऊ पटेल, पिता घुराऊ राम पटेल, उम्र 55 वर्ष।
• पेशा – जिला न्यायालय महासमुंद में व्यवसायरत अधिवक्ता।
• स्थान – ग्राम केसरीपुर, थाना सांकरा, जिला महासमुंद।
• तालाब का खसरा नंबर – 300/1, 300/2, 300/3 एवं 300/4।
• कुल रकबा – लगभग 10 एकड़।
• घटना अवधि – 07 जून 2026 शाम 6 बजे से 08 जून 2026 सुबह 6 बजे के बीच।
• आरोप – अज्ञात व्यक्ति द्वारा तालाब में कीटनाशक दवा डालना।
• प्रभाव – मछलियों की मौत, ग्रामीणों की निस्तारी प्रभावित।
• दावा – लगभग 3 लाख रुपये की आर्थिक क्षति।
• अतिरिक्त दावा – घटना के सदमे से मोहन लाल पटेल को लकवा आने की बात।

डिस्क्लेमर : इस समाचार में अज्ञात व्यक्ति द्वारा कीटनाशक डालने, तीन लाख रुपये के नुकसान तथा मोहन लाल पटेल को सदमे के कारण लकवा आने संबंधी उल्लेख शिकायतकर्ता रामदाऊ पटेल द्वारा थाना सांकरा में प्रस्तुत लिखित आवेदन एवं प्रथम सूचना के आधार पर प्रकाशित किए गए हैं। इन दावों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच, चिकित्सकीय दस्तावेजों एवं संबंधित अधिकारियों की जांच रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी। मछलियों की मौत के वास्तविक कारणों का भी अंतिम खुलासा संबंधित विभागों की जांच रिपोर्ट के बाद ही संभव होगा।– महाजनपदन्यूज.कॉम
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बसना/ टोल फ्री नंबर से शिकायत ओडिसा से बसना, सरायपाली क्षेत्र में रेत का अवैध परिवहन कर भंडारण करने वालों के विरूद्ध कार्यवाही

बसना/ टोल फ्री नंबर से शिकायत ओडिसा से बसना, सरायपाली क्षेत्र में रेत का अवैध परिवहन कर भंडारण करने वालों के विरूद्ध कार्यवाही

खनिज विभाग द्वारा खनिज के अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर सतत कार्रवाई जारी अवैध उत्खनन एवं परिवहन करते चैन माउंटेन एवं हाईवा जप्त महासमुंद 10 जून 2026/ कलेक्टर श्री विनय लंगेह के निर्देश पर खनिज विभाग द्वारा जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर लगातार कार्यवाही की जा रही है।
इसी क्रम में टोल फ्री नंबर से प्राप्त शिकायत के आधार पर मंगलवार को पद्मपुर जिला बरगढ़ ओड़िशा से बसना, सरायपाली क्षेत्र में रेत का अवैध परिवहन कर भंडारण करने वालों के विरूद्ध जांच की गई। जिसमें ग्राम खेमड़ा बसना में मनीष वाधवा द्वारा रेत का भंडारण किए जाने की जानकारी मिलने पर मौका निरीक्षण करने पर ग्राम खेमड़ा, बसना में फ्लाई ऐश ब्रिक्स निर्माण किए जाने वाले यूनिट में लगभग 23 हाईवा रेत का भंडारण किया जाना पाया गया। भंडारित रेत के संबंध में भंडारणकर्ता को नोटिस जारी कर वैध दस्तावेजों के साथ कार्यालय में उपस्थित होने हेतु निर्देशित किया गया है। लेकिन मौके पर दस्तावेज नहीं दिखा पाने वाले अब कहा से लाएंगे समझ से परे है

इसी तरह आज ग्राम लिलेशर, बोईरलामी, क्षेत्र का औचक जांच निरीक्षण किया गया। जिसमें बोईरलामी (जोंक नदी) में 01 नग चैन माउण्टेन मशीन एवं 01 नग हाईवा वाहन को मौके से जप्त कर तेन्दुकोना पुलिस अभिरक्षा में रखा गया है। आगे की कार्यवाही छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के तहत उचित कार्यवाही की जावेगी।जांच कार्यवाही के दौरान सहायक खनिज अधिकारी देवेन्द्र साहू, खनिज निरीक्षक सुश्री मधुलिका मिंज, सिपाही प्रशांत कालू, मनीष ढीढी, मनोज निर्मलकर मौजूद रहे।

खनिज अधिकारी श्री फागुलाल नागेश ने बताया कि आगे भी जांच कार्यवाही जारी रहेगा। कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन, भण्डारण पर प्रभावी नियंत्रण हेतु खनिज अमला द्वारा विशेष अभियान चलाकर निरंतर जांच किया जाएगा।

भंवरपुर/ मरीज की जान से खिलवाड़ एक्सपायरी बोतल चढ़ा कर डॉ साहब घंटों गायब महिला की जान खतरे से……………….…..

भंवरपुर/ मरीज की जान से खिलवाड़ एक्सपायरी बोतल चढ़ा कर डॉ साहब घंटों गायब महिला की जान खतरे से……………….…..

 

महाजनपद न्यूज हेमन्त वैष्णव बसना। महासमुंद जिले के बसना ब्लॉक अंतर्गत भंवरपुर स्वास्थ्य केंद्र से लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां दस्त की शिकायत पर भर्ती कराई गई एक महिला मरीज को कथित तौर पर एक्सपायरी डेट खत्म हो चुकी एनएस (नॉर्मल सलाइन) की बोतल चढ़ा दी गई। आरोप है कि मार्च महीने में ही एक्सपायर हो चुकी बोतल पूरी तरह चढ़ जाने के बाद इस बात का खुलासा हुआ।

जानकारी के मुताबिक, अहिल्या राणा को दस्त की शिकायत होने पर परिजनों ने भंवरपुर स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया था। पीड़ित महिला के पति हार लाल राणा ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ डॉ. मुकेश पटेल द्वारा महिला को एनएस की बोतल चढ़ाई गई। बोतल पूरी तरह खत्म होने के बाद परिजनों की नजर उसकी एक्सपायरी डेट पर पड़ी, जो मार्च माह में ही समाप्त हो चुकी थी।
हार लाल राणा का आरोप है कि बोतल चढ़ाने के बाद डॉ. मुकेश पटेल ने थोड़ी देर में वापस आकर देखने की बात कही और वहां से चले गए। इसी दौरान जब उन्होंने बोतल को ध्यान से देखा तो पाया कि उसकी वैधता अवधि समाप्त हो चुकी है। इसके बाद उन्होंने तत्काल इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग के ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) डॉ. नारायण साहू को दी।

परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते यह बात सामने नहीं आती तो महिला की जान को गंभीर खतरा हो सकता था। सवाल यह भी उठ रहा है कि जिस एक्सपायरी डेट को परिजनों ने देख लिया, वह अस्पताल के जिम्मेदार कर्मचारियों और चिकित्सकों की नजर से कैसे चूक गई।
वहीं, इस मामले में बीएमओ डॉ. नारायण साहू ने महाजनपद न्यूज से से चर्चा करते हुए बताया कि घटना की जानकारी मिली है और इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी तथा जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बीएमओ ने यह भी बताया कि संबंधित महिला की तबीयत अब सामान्य है और वह स्वस्थ है।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को दी जाने वाली दवाइयों और जीवनरक्षक तरल पदार्थों की गुणवत्ता जांच की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? यदि एक्सपायरी सामग्री का उपयोग हो रहा है तो यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि मरीजों की जान के साथ गंभीर खिलवाड़ माना जा सकता है।