महासमुंद : आधार केन्द्र संचालन के लिए आधार संचालक/ऑपरेटर का चयन, 23 सितंबर को होगा मूल दस्तावेज सत्यापन

महासमुंद : आधार केन्द्र संचालन के लिए आधार संचालक/ऑपरेटर का चयन, 23 सितंबर को होगा मूल दस्तावेज सत्यापन

महासमुंद, 22 सितंबर 2026। जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी के निर्देशानुसार इन हाउस मॉडल (ग्रामीण) के अंतर्गत जिले की 14 ग्राम पंचायतों में आधार केन्द्रों के संचालन के लिए 14 आधार संचालक/ऑपरेटरों का चयन किया जाना है। चयन प्रक्रिया के तहत पात्र अभ्यर्थियों के मूल दस्तावेजों का सत्यापन 23 सितंबर 2026 को किया जाएगा।

पात्र अभ्यर्थियों का मूल दस्तावेज सत्यापन 23 सितंबर को दोपहर 12 बजे से शाम 5.30 बजे तक जिला कार्यालय महासमुंद के कक्ष क्रमांक 22, सी.जी. स्वान कक्ष में किया जाएगा। सूची में शामिल सभी अभ्यर्थियों को निर्धारित तिथि एवं समय पर स्वयं उपस्थित होकर दस्तावेज सत्यापन कराना अनिवार्य होगा।

दस्तावेज सत्यापन के दौरान अभ्यर्थियों को अपने समस्त मूल दस्तावेजों के साथ प्रत्येक दस्तावेज की एक स्वप्रमाणित एवं स्वच्छ छायाप्रति अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करनी होगी। अभ्यर्थियों से निर्धारित समय पर उपस्थित होकर सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ सत्यापन प्रक्रिया पूर्ण कराने की अपील की गई है।

पात्र अभ्यर्थियों की सूची का अवलोकन जिला कार्यालय के सूचना पटल के साथ-साथ महासमुंद जिले की अधिकृत वेबसाइट [mahasamund.gov.in](https://mahasamund.gov.in?utm_source=chatgpt.com) पर किया जा सकता है।

महासमुंद : सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले में विभिन्न गतिविधियों का होगा आयोजन

महासमुंद : सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले में विभिन्न गतिविधियों का होगा आयोजन

‘मेरे सपनों का भारत’ चित्र सेवा पहल से लेकर सुशासन सेवा संवाद तक होंगे विविध कार्यक्रम

महासमुंद, 22 सितंबर 2026। सेवा, समर्पण और जनभागीदारी की भावना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक सेवा संकल्प अभियान का आयोजन किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत विभिन्न विभागों, विद्यालयों, युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों की सहभागिता से सेवा, नवाचार, राष्ट्रभक्ति और सुशासन से जुड़ी विविध गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इन आयोजनों के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग को जनसेवा के कार्यों से जोड़ने और सेवा भावना को व्यापक स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है।

अभियान के अंतर्गत ‘मेरे सपनों का भारत’ चित्र सेवा पहल के तहत 18 सितंबर को विद्यालय स्तर पर चित्रांकन कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यार्थियों ने अपने सपनों के भारत की परिकल्पना को चित्रों के माध्यम से अभिव्यक्त किया। इसके बाद 19 सितंबर को पहल के द्वितीय दिवस चित्रों का प्रदर्शन एवं चित्रांकन प्रतियोगिता आयोजित की गई। विद्यार्थियों ने विकसित भारत, राष्ट्र निर्माण, सेवा, स्वच्छता, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण तथा देश के उज्ज्वल भविष्य जैसे विषयों को अपनी रचनात्मकता के माध्यम से प्रस्तुत किया। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्र निर्माण के प्रति सोच, रचनात्मक अभिव्यक्ति और सेवा भावना को प्रोत्साहित करना है।

 

‘मेरे सपनों का भारत’ चित्र सेवा पहल को आगे बढ़ाते हुए 28 सितंबर एवं 01 अक्टूबर को विकासखंड स्तर पर माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए चित्रांकन एवं चित्र प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा। विकासखंड स्तर पर चयनित विद्यार्थियों की सहभागिता से चित्रों का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद 03 अक्टूबर को जिला स्तर पर चित्रांकन एवं प्रदर्शन प्रतियोगिता आयोजित होगी, जिसमें विद्यार्थियों को अपनी कल्पनाशीलता एवं राष्ट्र निर्माण की सोच को चित्रों के माध्यम से प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।

इसी क्रम में 23 से 25 सितंबर तक ‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके माध्यम से नागरिकों एवं विभिन्न वर्गों को समाजहित और जनसेवा के कार्यों में अपने योगदान के लिए प्रेरित किया जाएगा। वहीं 25 सितंबर से 07 अक्टूबर तक ‘आंगन मिलन सेवा’ के माध्यम से आंगनवाड़ी केंद्रों तथा समुदाय के बीच सहभागिता और जनजागरूकता से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

29 सितंबर एवं 07 अक्टूबर को ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ कार्यक्रम के तहत सेवा भावना, राष्ट्रप्रेम और जनभागीदारी को रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से अभिव्यक्त किया जाएगा। इसी तरह 01 से 07 अक्टूबर तक ‘सेवा सेतु अभियान’ के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों के बीच सेवा और सहयोग की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से गतिविधियां आयोजित होंगी।

02 से 05 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प यात्रा’ आयोजित की जाएगी। इस दौरान सेवा, समर्पण और जनकल्याण के संदेश को व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। इसके बाद 07 अक्टूबर को ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’ का आयोजन किया जाएगा, जो सेवा और सामाजिक सहभागिता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी।

 

अभियान के अंतिम चरण में युवाओं की रचनात्मकता और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए 09 अक्टूबर को ‘हैकेथॉन सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रतिभागियों को सेवा और जनहित से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए नवाचारी विचार एवं तकनीकी समाधान प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।

सेवा संकल्प अभियान का समापन 17 अक्टूबर को ‘सुशासन सेवा संवाद’ के आयोजन के साथ होगा। इस दौरान सुशासन, जनभागीदारी, सेवा भावना और जनकल्याण से जुड़े विषयों पर संवाद एवं विचार-विमर्श किया जाएगा।

इस प्रकार सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से जिले में विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, विभागों, विद्यालयों और आम नागरिकों को विभिन्न गतिविधियों से जोड़ते हुए सेवा, समर्पण, नवाचार, राष्ट्रभावना, जनभागीदारी और सुशासन के संदेश को व्यापक स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

महासमुंद : सेवा की कहानी : उड़ीसा सीमा से लगे आदिवासी बहुल गांव में जल जीवन मिशन ने आसान की पानी की राह

महासमुंद : सेवा की कहानी : उड़ीसा सीमा से लगे आदिवासी बहुल गांव में जल जीवन मिशन ने आसान की पानी की राह

202 घरों तक पहुंचा नल कनेक्शन, महिलाओं का बचा समय, बढ़ी स्वच्छता और सुविधा

महासमुंद, 22 सितंबर 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा सेवा, सुशासन और जनकल्याण को केंद्र में रखकर देश के अंतिम छोर तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के संकल्प की यात्रा रही है। इसी सोच को धरातल पर साकार करती हुई योजनाएं आज गांवों में लोगों के जीवन को आसान बना रही हैं। महासमुंद जिले के उड़ीसा सीमा से लगे आदिवासी बहुल ग्राम झिटकी में जल जीवन मिशन ने पानी की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान करते हुए ग्रामीणों के जीवन में ऐसा बदलाव लाया है, जिसे वे रोज अपनी आंखों से देख और महसूस कर रहे हैं। कभी दो हैंडपंप और दूर स्थित जोक नदी पानी का सहारा थे, आज उसी गांव के 202 घरों तक नल से पानी पहुंच रहा है।

विकासखंड बागबाहरा का ग्राम झिटकी छत्तीसगढ़ के अंतिम छोर पर उड़ीसा सीमा से लगा हुआ गांव है। कुछ समय पहले तक गांव में पेयजल की व्यवस्था केवल दो हैंडपंपों पर निर्भर थी। गर्मी के दिनों में पानी की समस्या और गंभीर हो जाती थी। कई परिवारों को दूर स्थित जोक नदी से पानी लाना पड़ता था। पानी लाने की जिम्मेदारी का बड़ा हिस्सा महिलाओं के कंधों पर था। घर के दूसरे जरूरी कामों के बीच पानी लाने में लगने वाला समय उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका था। इसका असर बच्चों की पढ़ाई, परिवार के साथ समय और अन्य घरेलू कार्यों पर भी पड़ता था।

62.43 लाख रुपये की लागत से मजबूत हुई पेयजल व्यवस्था

ग्राम झिटकी में जल जीवन मिशन के अंतर्गत एकल ग्राम योजना के माध्यम से पेयजल व्यवस्था को मजबूत किया गया। 62.43 लाख रुपये की लागत से तैयार योजना में 40 किलोलीटर क्षमता और 12 मीटर स्टेजिंग वाले उच्च स्तरीय जलागार का निर्माण किया गया। इसके साथ ही 3196 मीटर पाइपलाइन बिछाकर ग्रामीणों के घरों तक पेयजल पहुंचाने की व्यवस्था की गई।

जल उत्सव में झिटकी हुआ हर घर जल घोषित

11 सितंबर 2026 का दिन ग्राम झिटकी के लिए विशेष बन गया। ग्राम की सरपंच श्रीमती कौशल्या पटेल एवं सचिव श्री कृष्ण चंद पटेल के प्रयासों से गांव में जल उत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसी अवसर पर झिटकी को हर घर जल घोषित किया गया। ग्रामीणों ने इसे वर्षों से चली आ रही पानी की समस्या से मिली राहत के उत्सव के रूप में मनाया। नल से पानी मिलने की खुशी में श्रीमती मधुलिका दीवान एवं अन्य ग्रामीणों ने स्टैंड पोस्ट की पूजा की।

पानी की सुविधा से महिलाओं को मिली राहत

ग्राम की हितग्राही श्रीमती मधुलिका दीवान पुराने दिनों को याद करते हुए बताती हैं कि पहले पानी लाने के लिए काफी परेशानी होती थी। दूर से पानी लाना पड़ता था और इसमें काफी समय और मेहनत लगती थी। अब घर में नल से पानी मिलने लगा है। पानी के लिए बाहर जाने की जरूरत कम हो गई है और रोजमर्रा के काम आसानी से पूरे हो रहे हैं।

उनकी बातों में पानी मिलने की सुविधा के साथ उस राहत की खुशी भी साफ दिखाई देती है, जो घर के आंगन में नल से पानी पहुंचने के बाद उनके जीवन में आई है।

स्कूल, आंगनबाड़ी और पंचायत भवन में भी पहुंचा नल का पानी

 

घरों के साथ ही स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र और पंचायत भवन में भी नल से पानी की व्यवस्था की गई है। इससे बच्चों, महिलाओं और ग्रामीणों को सार्वजनिक संस्थानों में भी स्वच्छ पानी की सुविधा मिल रही है।

स्कूल में पानी की उपलब्धता से बच्चों के लिए हाथ धोना और स्वच्छता संबंधी गतिविधियां आसान हुई हैं। वहीं आंगनबाड़ी केंद्र में छोटे बच्चों की देखभाल तथा स्वच्छता संबंधी कार्यों में भी पानी की उपलब्धता महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

जल गुणवत्ता की निगरानी में ग्रामीणों की भागीदारी

गांव में पेयजल की गुणवत्ता पर नजर रखने और ग्रामीणों को सुरक्षित पेयजल के प्रति जागरूक करने के लिए 5 जल वाहिनियों की नियुक्ति की गई है। इनमें श्रीमती हीराबाई सेन, श्रीमती मधुलिका दीवान, श्रीमती सिया भाई दीवान, श्रीमती प्रियंका दीवान एवं श्रीमती सेवती सेन शामिल हैं।

इनके माध्यम से जल गुणवत्ता परीक्षण के साथ ग्रामीणों को सुरक्षित पेयजल के महत्व के बारे में जागरूक किया जा रहा है। इस तरह झिटकी में केवल पानी पहुंचाने की व्यवस्था ही नहीं बनी, बल्कि जल की गुणवत्ता और सुरक्षित उपयोग की जिम्मेदारी में भी ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित हुई है।

नल की धार में दिख रही नई उम्मीद

आज झिटकी में नल से निकलती पानी की धार केवल पानी नहीं है। उसमें ग्रामीणों की वर्षों की परेशानी से मिली राहत, महिलाओं का बचा हुआ समय, बच्चों के लिए बेहतर स्वच्छता, परिवारों की बढ़ी सुविधा और भविष्य की नई उम्मीद दिखाई देती है।

कभी जिन हाथों में पानी के बर्तन लेकर दूर जाने की मजबूरी थी, आज उन्हीं घरों के आंगन में नल से पानी पहुंच रहा है। जल जीवन मिशन ने झिटकी में केवल घरों तक पानी नहीं पहुंचाया, बल्कि सुविधा, स्वच्छता और सम्मान के साथ ग्रामीण जीवन को एक नई दिशा दी है।

महासमुंद कलेक्टर श्री लंगेह ने समय सीमा की बैठक में की विभागीय कार्यों की समीक्षा

महासमुंद कलेक्टर श्री लंगेह ने समय सीमा की बैठक में की विभागीय कार्यों की समीक्षा

 महासमुंद, 22 सितंबर 2026/ कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने आज सुबह 10ः00 बजे से कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक लेकर विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरणों, जनकल्याणकारी योजनाओं एवं आगामी कार्यक्रमों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की प्राथमिकताओं और जनहित से जुड़े मामलों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा में सुनिश्चित करें। बैठक में जिला पंचायत की सीईओ सुश्री अनुपमा आनंद, अपर कलेक्टर श्री सचिन भूतड़ा, श्री रवि साहू सहित सभी एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायत सीईओ, सीएमओ एवं जिला स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े र

बैठक में सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री लंगेह ने कहा कि एल-1 स्तर पर प्राप्त आवेदनों का समय-सीमा में निराकरण किया जाए। प्रथम स्तर पर ही प्रकरणों के निराकरण के लिए अधिकारियों को 7 से 10 दिवस की समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि आवेदकों की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ परीक्षण कर गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही सभी विभागों को सीएम हेल्पलाइन पोर्टल का नियमित अवलोकन करते हुए प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश दिए गए।

बैठक में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित एवं आगामी कार्यक्रमों की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में अभियान की गतिविधियों का व्यापक स्तर पर आयोजन कर अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करें।

‘सेवा मेरा योगदान’ के तहत 23 सितंबर को जिले के सभी नगरीय निकायों में जल स्रोतों की सफाई एवं वृक्षारोपण की गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। वहीं 24 सितंबर को सफाई कर्मियों के लिए हेल्थ कैंप, सड़क सुरक्षा एवं साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता अभियान तथा नशा मुक्ति अभियान आयोजित किया जाएगा। 25 सितंबर को प्लास्टिक मुक्त अभियान के तहत नागरिकों को प्लास्टिक के उपयोग को हतोत्साहित करने तथा कपड़े अथवा जूट के बैग के उपयोग के लिए प्रेरित करते हुए बैग वितरण की गतिविधियां की जाएंगी। कलेक्टर ने इस दौरान अन्य कार्यक्रमों जैसे ‘सेवा के रंग’, ‘आंगन मिलन’, ‘सेवा कलश यात्रा’ और ‘सेवा सेतु अभियान’ सहित अभियान के तहत आयोजित किए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों की भी समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। सेवा सेतु अभियान के तहत 1, 3, 5 एवं 6 अक्टूबर को क्लस्टर लेवल पर शिविर लगाए जाएंगे। जिसके लिए निर्देश दिए गए।

बैठक में ई-ऑफिस व्यवस्था एवं आधार आधारित उपस्थिति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को कार्यालयीन कार्यों में ई-ऑफिस प्रणाली का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने तथा आधार आधारित उपस्थिति व्यवस्था का नियमित रूप से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने बिना मान्यता के चल रहे अवैध क्लीनिकों एवं स्कूलों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर श्री लंगेह ने बैठक में डीसीएस सर्वे की प्रगति की भी जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सर्वे कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने तथा उन्होंने सर्वे के दौरान सभी संबंधित प्लॉट एवं आवश्यक अभिलेखों की जानकारी व्यवस्थित रूप से सही एवं अद्यतन संधारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पटवारियों को सर्वे किए गए प्लाॅट्स का अप्रूवल शीघ्र करने कहा गया है।

इसके अलावा कलेक्टर ने न्यायालय के प्रकरणों का जवाबदावा समय पर प्रस्तुत करने, सुशासन तिहार, कलेक्टर जनदर्शन, पीजी पोर्टल, लोक सेवा गारंटी अधिनियम तथा जन शिकायतों की भी समीक्षा की। बैठक में जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा अपने-अपने विभागों से संबंधित प्रकरणों एवं प्रगति की जानकारी कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

CG : स्कूल शिक्षा विभाग में 854 पदों पर होगी भर्ती

 

हिन्दी, अंग्रेजी और संस्कृत में सर्वाधिक 120-120 पद, भर्ती परीक्षा 29 नवम्बर को संभावित

छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग में व्याख्याता के 854 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। मुख्यमंत्री श्री  विष्णु देव साय द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत 5 हजार शिक्षकीय पदों पर भर्ती की घोषणा के क्रम में विभाग द्वारा व्याख्याता पदों की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया जा रहा है।
लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ द्वारा जारी जानकारी के अनुसार व्याख्याता के कुल 854 पदों में ई-संवर्ग की शालाओं में 424 पद तथा टी-संवर्ग की शालाओं में 430 पद भरे जाएंगे।विषयवार रिक्त पदों में हिन्दी के 120, अंग्रेजी के 120, संस्कृत के 120, भौतिकी के 94, राजनीति शास्त्र के 100, इतिहास के 100, भूगोल के 100 तथा अर्थशास्त्र के 100 पद शामिल हैं।

भर्ती के लिए आवश्यक शैक्षणिक अर्हता, आयु सीमा एवं अन्य शर्तों की विस्तृत जानकारी भर्ती विज्ञापन में दी जाएगी। भर्ती परीक्षा का पाठ्यक्रम छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल (CGSSB) की वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाएगा। विस्तृत विज्ञापन व्यापम की वेबसाइट पर जारी किया जाएगा।
व्याख्याता पदों के लिए लिखित भर्ती परीक्षा का आयोजन छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल (CGSSB) द्वारा किया जाएगा। भर्ती परीक्षा की संभावित तिथि 29 नवम्बर 2026 निर्धारित की गई है। आवेदन भरने की तिथि एवं अन्य आवश्यक जानकारी CGSSB द्वारा पृथक से जारी की जाएगी।

सीएम साय ओडिशा दौरे पर, राहुल गांधी पर साधा निशाना

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रविवार को दो दिवसीय ओडिशा दौरे पर रवाना हुए। रायपुर एयरपोर्ट पर रवाना होने से पहले उन्होंने मीडिया से बातचीत में अपने दौरे की जानकारी साझा की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, “यह ओडिशा का दो दिवसीय दौरा है। इस दौरान मैं ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से मुलाकात करूंगा और कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करूंगा।”उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के बीच कई ऐसे साझा विषय हैं, जिन पर चर्चा जरूरी है। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि वह इस दौरान पुरी धाम भी जाएंगे। उन्होंने कहा, “मैं भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद लेने और छत्तीसगढ़ की खुशहाली एवं समृद्धि के लिए प्रार्थना करने पुरी धाम भी जाऊंगा।बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री साय की ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के साथ मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच महानदी जल विवाद समेत कई अंतरराज्यीय मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। इसके अलावा दोनों राज्यों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने और विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी विचार-विमर्श होने की संभावना है।

 

वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर भी निशाना साधा। राहुल गांधी के कार्यक्रम पर टिप्पणी करते हुए सीएम साय ने कहा, “पुराना रिकॉर्ड देखिए। राहुल गांधी जहां भी गए हैं, कांग्रेस को नुकसान ही हुआ है।” उन्होंने कहा कि इंदौर और मध्य प्रदेश में भी यही होने वाला है। उनका पिछला ट्रैक रिकॉर्ड बताता है कि जहां भी वे गए हैं, कांग्रेस बर्बाद हुई है। इंदौर में भी यही होगा और मध्य प्रदेश में भी यही परिणाम देखने को मिलेगा।गौरतलब है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी इन दिनों देशभर में युवाओं और छात्रों के बीच संवाद कार्यक्रम कर रहे हैं। इसी कड़ी में उनका इंदौर में ‘वॉइस ऑफ स्टूडेंट्स’ कार्यक्रम आयोजित हो रहा है, जिसे लेकर भाजपा लगातार हमलावर हैसीएम विष्णु देव साय के इस बयान के बाद छत्तीसगढ़ में सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने सीएम के बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि भाजपा राहुल गांधी की बढ़ती लोकप्रियता से घबरा गई है। फिलहाल मुख्यमंत्री का ओडिशा दौरा काफी अहम माना जा रहा है।

बसना : कहीं बांस बना झगड़े की वजह तो कहीं जमीन बंटवारे पर मारपीट

थाना बसना क्षेत्र में विवाद को लेकर मारपीट के दो मामले सामने आए हैं। दोनों मामलों में शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की है।

 

खुर्शीपहार में खेत की मेड़ को लेकर विवाद: चिनीलाल बरिहा के अनुसार, 20 सितंबर को वह पत्नी, बेटे और दामाद के साथ अवंरा घुटकुरी स्थित खेत में दवाई का छिड़काव कर रहा था। इसी दौरान नरेन्द्र निषाद खेत की मेड़ पर लगे करील (बांस) को तोड़कर ले जा रहा था। मना करने पर कथित रूप से गाली-गलौज करते हुए बांस के डंडे से उसके सिर पर वार किया गया। घटना में सिर में चोट लगने की बात रिपोर्ट में कही गई है।

 

पितईपाली में जमीन बंटवारे को लेकर विवाद: जगबंधु मानिकपुरी ने शिकायत में बताया कि 19 सितंबर को जमीन बंटवारे की बात को लेकर उसके छोटे भाई गोपलाल दास, उसकी पत्नी शिवमोती दास और भतीजे महेन्द्र दास से विवाद हुआ। आरोप है कि तीनों ने उसकी पत्नी सेतबती और बहू रथ बाई के साथ गाली-गलौज कर मारपीट की। दोनों महिलाओं के हाथ में चोट लगने की बात रिपोर्ट में कही गई है। दोनों मामलों की शिकायत थाना बसना में की गई है।

राजमिस्त्री और रेजा-कुली के बच्चे अब पढ़ेंगे बड़े आवासीय स्कूलों में

राजमिस्त्री और रेजा-कुली के बच्चे अब पढ़ेंगे बड़े आवासीय स्कूलों में

अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना से नारायणपुर के श्रमिक परिवारों के सपनों को मिली नई उड़ान

रायपुर, 20 सितंबर 2026

छत्तीसगढ़ सरकार के भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा संचालित अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना नारायणपुर जिले के श्रमिक परिवारों के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नई और मजबूत राह तैयार कर रही है। आर्थिक तंगी और सीमित संसाधनों के कारण जिन प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में अपने बच्चों को पढ़ाना श्रमिक परिवारों के लिए कभी अधूरा सपना हुआ करता था, आज इसी योजना के माध्यम से उन संस्थानों के दरवाजे मेधावी बच्चों के लिए खुल गए हैं। जिले के पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक निःशुल्क, गुणवत्तापूर्ण और आवासीय शिक्षा प्रदान कर यह योजना उनके सपनों को नई उड़ान दे रही है।

जिले के ग्राम खरगांव में राजमिस्त्री का कार्य करने वाले रामधर दुग्गा के पुत्र साहिल दुग्गा का चयन राज्य के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में शामिल राजकुमार कॉलेज, रायपुर में हुआ है। बेटे के चयन से पूरा परिवार बेहद खुश है। रामधर दुग्गा भावुक होकर बताते हैं कि एक श्रमिक परिवार के लिए इतने बड़े विद्यालय में बच्चे को पढ़ाने की कल्पना करना भी आसान नहीं होता, लेकिन सरकार की इस पहल ने उनके बेटे की शिक्षा की राह आसान कर दी है।

इसी तरह नारायणपुर के जगदीश मंदिर वार्ड की रहने वाली डिगेश्वरी जैन, जो स्वयं रेजा-कुली का कार्य करती हैं, अपनी पुत्री तेजल जैन के चयन से बेहद उत्साहित हैं। तेजल का चयन दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS), राजनांदगांव में निःशुल्क अध्ययन के लिए हुआ है।

वहीं ओरछा तहसील के सुदूर ग्राम कुतुल की रेजा-कुली गणेशिया उसेंडी की बेटी दिप्ती उसेंडी और ग्राम बाकुलवाही के दयाल सिंह पात्र की पुत्री पूर्वी पात्र का चयन संस्कार द गुरुकुल, बस्तर में हुआ है। इसी क्रम में ग्राम बोरण्ड निवासी बेनु राम राना के पुत्र हिमांशु राना को कृष्णा एजुकेशन सोसायटी, भिलाई में रहकर शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिला है।

अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना केवल निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने की पहल नहीं है, बल्कि यह दूरस्थ और आदिवासी अंचलों के बच्चों में आत्मविश्वास, प्रतिभा और बेहतर करियर की संभावनाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। आवासीय एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण मिलने से ये बच्चे अपनी प्रतिभा को निखारने के साथ ही भविष्य की चुनौतियों के लिए भी बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे।

इस सुखद बदलाव से उत्साहित हितग्राही श्रमिक परिवारों ने श्रम विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन का सहृदय धन्यवाद किया है। योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर श्रमिक परिवारों के बच्चों को प्रतिष्ठित विद्यालयों में शिक्षा का अवसर मिलना उनके भविष्य को नई दिशा देने वाला कदम है।

CG बसना/ कार में आग लगाकर भागने का प्रयास, MP के 2 आरोपी गिरफ्तार, एक जंगल में फरार; ग्रामीणों की मदद से सीसा तोड़कर पुलिस ने बुझाई आग

महासमुंद, 20 सितंबर 2026। जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, परिवहन और बिक्री के खिलाफ पुलिस एवं ANTF की टीम द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में बसना पुलिस और ANTF की संयुक्त टीम ने वाहन चेकिंग के दौरान गांजा तस्करी के एक मामले का पर्दाफाश करते हुए 28.465 किलो गांजा, एक वेगनआर कार और दो मोबाइल समेत कुल 18 लाख 53 हजार 250 रुपये की संपत्ति जब्त की है। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक आरोपी जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गया।

पुलिस के अनुसार मुखबिर से सूचना मिली थी कि ओडिशा की ओर से एक संदिग्ध काले रंग की वेगनआर कार क्रमांक MP 18 ZH 8555 तेज गति से बसना की ओर आ रही है। सूचना पर बसना थाना पुलिस और ANTF की संयुक्त टीम ने थाना बसना के सामने सड़क पर नाकाबंदी कर वाहनों की निगरानी शुरू की।

 

इसी दौरान संदिग्ध कार पुलिस नाकाबंदी के पास पहुंची। पुलिस को देखकर चालक ने अचानक कार को वापस मोड़ दिया और तेज रफ्तार से भागने लगा। पुलिस और ANTF की टीम ने कार का पीछा किया। कार चालक ने ग्राम चोरभट्ठी से मेदनीपुर जाने वाले मार्ग पर वाहन रोक दिया।

पुलिस के अनुसार, पकड़े जाने के डर और साक्ष्य मिटाने की नीयत से आरोपियों ने कार के अंदर गांजे से भरी बोरियों में आग लगा दी और कार को लॉक कर वहां से भागने लगे। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए पीछा कर भाग रहे दो आरोपियों को पकड़ लिया। वहीं, आसपास मौजूद ग्रामीणों की मदद से कार का सामने का शीशा तोड़कर अंदर लगी आग को बुझाया गया। इस दौरान एक आरोपी जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गया।

🔥 आग बुझाने के बाद मिला अधजला गांजा

कार की आग बुझाने के बाद पुलिस टीम ने डिक्की की तलाशी ली। तलाशी के दौरान तीन अधजली प्लास्टिक बोरियों में कुल 28.465 किलो गांजा बरामद हुआ। पुलिस के मुताबिक जब्त गांजे की कीमत 14 लाख 23 हजार 250 रुपये है।

पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे ओडिशा के बलांगीर निवासी विनोद राणा से गांजा खरीदकर अपने साथी शिवा सिंह निवासी शहडोल (मध्यप्रदेश) के साथ शहडोल ले जा रहे थे। इसी दौरान बसना में पुलिस नाकाबंदी देखकर उन्होंने कार वापस मोड़कर भागने का प्रयास किया और पकड़े जाने के डर से गांजे सहित कार में आग लगा दी।

👮 दो आरोपी गिरफ्तार, एक फरार

पुलिस ने मामले में सुलभ सिंह परिहार (29) और सागर कुशवाहा (25) को गिरफ्तार किया है। दोनों मध्यप्रदेश के सतना जिले के नागौद थाना क्षेत्र के निवासी हैं। वहीं शिवा सिंह निवासी शहडोल फरार बताया गया है।

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट एवं BNS की संबंधित धाराओं के तहत विधि सम्मत कार्रवाई की है। मामले में गांजा सप्लाई करने वाले व्यक्ति और फरार आरोपी की भूमिका को लेकर आगे जांच जारी है।

📦 यह संपत्ति हुई जब्त

28.465 किलो गांजा — कीमत ₹14,23,250

काले रंग की वेगनआर कार MP 18 ZH 8555 — कीमत ₹4,00,000

02 मोबाइल फोन — कीमत ₹30,000

कुल जब्ती — ₹18,53,250

पुलिस की कार्रवाई से ओडिशा के बलांगीर से गांजा लाकर मध्यप्रदेश के शहडोल में खपाने की योजना विफल हो गई।

बसना : धूमधाम से हुआ भगवान विश्वकर्मा का विसर्जन, जयकारों से गूंज उठा पर्रापाट

बसना विकासखंड के ग्राम पर्रापाट में सृष्टि के प्रथम शिल्पकार एवं निर्माण के देवता भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना के बाद प्रतिमा का विसर्जन पूरी श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। विशेष हवन-पूजन एवं महाआरती के पश्चात श्रद्धालुओं द्वारा भगवान विश्वकर्मा की भव्य विसर्जन यात्रा निकाली गई। गाजे-बाजे और “जय भगवान विश्वकर्मा” के गगनभेदी जयकारों के साथ ग्रामीण प्रतिमा को लेकर तालाब घाट पहुंचे। यात्रा के दौरान युवाओं और ग्रामीणों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर खुशियां मनाईं।

वैदिक रीती-रिवाज से दी गई भावभीनी विदाई
तालाब घाट (विसर्जन स्थल) पर मंत्रोच्चार के साथ अंतिम पूजा-अर्चना कराई गई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने अश्रुपूर्णा आंखों से भगवान की प्रतिमा को जल में प्रवाहित कर विदाई दी। इस अवसर पर सभी ने गांव की सुख-समृद्धि, खुशहाली और निर्माण कार्यों में प्रगति की मंगलकामना की।

समिति की रही सराहनीय भूमिका, आयोजन में बने सहयोगी
आयोजन को सफल बनाने में विश्वकर्मा पूजा समिति के सदस्यों और गांव के युवाओं की सक्रिय एवं अनुकरणीय भूमिका रही। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जुजेष्टी यादव, जयकृष्टों यादव, विजय कुमार जगत, चित्रसेन यादव, लक्ष्मण दास मानिकपुरी, सरजू निषाद, घनश्याम पोर्ते, योगेश पोर्ते, शोभाराम जगत, हेमलाल जगत, प्रभुलाल, रूपलाल, कलपराम, दीनानाथ, गोपनाथ, पुजेरी सहित समिति के समस्त पदाधिकारियों, सदस्यों एवं बड़ी संख्या में माताएं-बहनें व ग्रामीणजन उपस्थित रहे। समिति की उत्कृष्ट व्यवस्था और आपसी समन्वय से पूरा कार्यक्रम गरिमामय एवं शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।