महासमुंद सेवा संकल्प अभियान के तहत दिव्यांग बच्चों ने चित्रों में उकेरे अपने सपनों का भारत

महासमुंद सेवा संकल्प अभियान के तहत दिव्यांग बच्चों ने चित्रों में उकेरे अपने सपनों का भारत

महासमुंद, 20 सितंबर 2026/ समाज कल्याण विभाग जिला महासमुंद द्वारा सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत 18 सितंबर को ‘‘मेरे सपनों का भारत’’ थीम पर चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित शासकीय बहुदिव्यांग विशेष विद्यालय महासमुंद सहित स्वैच्छिक संस्था फॉर्चून फाउंडेशन नेत्रहीन विशेष विद्यालय करमापटपर बागबाहरा, उड़ान दृष्टि एवं श्रवण बाधितार्थ विद्यालय सरायपाली तथा आशा मनोविकास केन्द्र घरौंदा नयापारा महासमुंद में अध्ययनरत बहुदिव्यांग बच्चों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

प्रतियोगिता में बच्चों ने स्वच्छ भारत, डिजिटल इंडिया, मेरे सपनों का भारत, विकसित भारत-2047 और महिला सशक्तिकरण सहित विभिन्न विषयों पर अपनी कल्पनाशीलता और रचनात्मक प्रतिभा को चित्रों के माध्यम से अभिव्यक्त किया। बच्चों द्वारा बनाए गए चित्रों में स्वच्छता, तकनीकी विकास, आत्मनिर्भरता, महिला सशक्तिकरण और विकसित भारत की परिकल्पना को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम के दौरान संस्थाओं के कर्मचारियों एवं बहुदिव्यांग बच्चों द्वारा नशामुक्त भारत अभियान एवं अटल अभ्युदय योजना के अंतर्गत नशामुक्ति की शपथ भी ली गई। उपस्थित सभी प्रतिभागियों द्वारा नशे से दूर रहने तथा समाज में नशामुक्ति का संदेश प्रसारित करने का संकल्प लिया गया।

बसना : विश्वकर्मा विसर्जन के दौरान पति-पत्नी से मारपीट, FIR दर्ज

बसना थाना क्षेत्र के ग्राम पठियापाली में विश्वकर्मा जी की मूर्ति विसर्जन के दौरान विवाद और मारपीट का मामला सामने आया है। मामले में एक व्यक्ति ने गांव के तीन लोगों पर गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी और मारपीट करने का आरोप लगाते हुए थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
शिकायत पुरूषोत्‍तम जगत के अनुसार, 19 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 1:30 बजे गांव में भगवान विश्वकर्मा जी की मूर्ति की विसर्जन झांकी निकाली जा रही थी। इस दौरान शिकायतकर्ता अपनी पत्नी निर्मला के साथ घर की छत से झांकी देख रहा था।

आरोप है कि झांकी में शामिल सुरेश भोई, श्यामलाल नाग और पहाड़ सिंह जगत ने उसे देखकर गाली-गलौज शुरू कर दी। शिकायतकर्ता के अनुसार, जब वह छत से नीचे आकर गाली देने का कारण पूछने पहुंचा तो तीनों ने कथित तौर पर एक राय होकर गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी और हाथ-मुक्का व डंडे से मारपीट की।
मारपीट में शिकायतकर्ता के दाहिने पैर की एड़ी, पीठ और जांघ में चोट लगने की बात कही गई है। बीच-बचाव करने पहुंची उसकी पत्नी निर्मला जगत से भी मारपीट किए जाने का आरोप है। शिकायत के मुताबिक, महिला के सीने और हाथ में चोट लगी है।

घटना के दौरान रमेश पोर्त और शोभनी जगत के मौके पर मौजूद होकर घटना देखने-सुनने और बीच-बचाव करने की बात शिकायत में कही गई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी सुरेश भोई, श्‍यामलाल नाग और पहाड सिंग जगत के खिलाफ धारा 115(2)-BNS, 296-BNS, 3(5)-BNS, 351(3)-BNS के तहत अपराध कायम किया है।

छत्तीसगढ़ में होगी झमाझम बारिश, मानसून एक बार फिर से सक्रिय

छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने अगले चौबीस घंटों के दौरान प्रदेश के एक-दो स्थानों पर भारी बारिश होने और गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी है। विभाग के अनुसार उत्तर-अंडमान के सागर में बन रहे सिस्टम के असर से प्रदेश में नमी आने लगी है। आज राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई है।

इस बीच, राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में अब तक नौ सौ छियानवे मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई है। सबसे अधिक बारिश बलरामपुर जिले में और सबसे कम कांकेर जिले में हुई है।

LPG गैस सिलेंडर बुकिंग के लिए नया नियम होगा लागू, जानें डिटेल

सब्सिडी वाले रसोई गैस की बुकिंग के लिए पहली अक्‍तूबर से आधार से जुड़ा बायोमीट्रिक प्रमाणन ज़रूरी होगा। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा कि इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सब्सिडी वाला LPG सिलेंडर केवल पात्र परिवारों को मिले। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य किसी भी पात्र परिवार को LPG से वंचित करना नहीं है। जो ग्राहक पहले ही प्रमाणीकरण पूरा कर चुके हैं, उन्हें दुबारा यह कराने की जरूरत नहीं है।

बायोमेट्रिक आधार प्रमाणन का काम सिलेंडर की डिलीवरी के समय, वितरक के शोरूम पर या तेल विपणन कंपनियों के मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जा सकता है।

छत्तीसगढ़ में जूनियर डॉक्टर करेंगे हड़ताल, इमरजेंसी सेवाएं बंद करने की चेतावनी

छत्तीसगढ़ की जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन ने स्टाइपेंड, वेतन-मानदेय में संशोधन समेत 17 सूत्रीय मांगों को लेकर  चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया है। इसके तहत 21 सितंबर से ओपीडी सेवाओं का बहिष्कार किया जाएगा। यदि इसके बाद भी मांगों पर कोई निर्णय नहीं होता है तो 23 सितंबर से इमरजेंसी सेवाओं का भी बहिष्कार करने की चेतावनी दी गई है। आंदोलन में एमबीबीएस इंटर्न, पीजी रेजिडेंट, सीनियर रेजिडेंट और बॉन्डेड जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के शामिल होने की बात कही गई है।

महासमुंद : सखी वन स्टॉप सेंटर के सहयोग से महिलाओं को मिल रहा आत्मसंबल, सुरक्षा और न्याय

महासमुंद : सखी वन स्टॉप सेंटर के सहयोग से महिलाओं को मिल रहा आत्मसंबल, सुरक्षा और न्याय

महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए सजग प्रहरी बना सखी सेंटर, अब तक 1400 से अधिक प्रकरणों का निराकरण

महासमुंद, 19 सितंबर 2026। महिला उत्थान, सुरक्षा, सम्मान, न्याय और आत्मनिर्भरता की दिशा में सखी वन स्टॉप सेंटर महासमुंद निरंतर कार्य कर रहा है। महिला उत्पीड़न पर अंकुश लगाने और संकट की स्थिति में महिलाओं को तत्काल सहयोग उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सखी वन स्टॉप सेंटर 24 घंटे महिलाओं के लिए एक सजग प्रहरी के रूप में कार्य कर रहा है।

सखी वन स्टॉप सेंटर की शुरुआत वर्ष 2017 में हुई थी। वर्ष 2017 से वर्ष 2026 तक महासमुंद जिले में कुल 1425 प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 1402 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण किया जा चुका है। सेंटर द्वारा संकट में आने वाली महिलाओं को उनकी आवश्यकता के अनुसार काउंसलिंग, कानूनी जानकारी, पुलिस सहायता एवं अन्य आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाता है।

सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक फोटो-वीडियो वायरल होने के मामले में मिली मदद

सखी वन स्टॉप सेंटर द्वारा निराकृत प्रकरणों में एक ऐसा मामला भी सामने आया, जिसमें एक महिला के आपत्तिजनक फोटो एवं वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किए जाने से वह मानसिक रूप से परेशान और भयभीत थी। महिला ने प्रारंभ में स्थानीय स्तर पर सहायता प्राप्त करने का प्रयास किया, लेकिन अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने पर उसने सखी वन स्टॉप सेंटर पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई।

प्रकरण की जानकारी मिलते ही सखी वन स्टॉप सेंटर की टीम ने महिला से संवेदनशीलता के साथ चर्चा कर काउंसलिंग एवं आवश्यक सहयोग प्रदान किया। महिला को कानूनी प्रक्रिया की जानकारी दी गई तथा पुलिस सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तत्काल शुरू की गई।

सखी वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से पुलिस अधीक्षक कार्यालय, संबंधित पुलिस थाना और साइबर सेल में शिकायत के लिए आवश्यक आवेदन एवं प्रतिवेदन तैयार कर प्रस्तुत कराया गया। साइबर सेल के सहयोग से सोशल मीडिया पर वायरल फोटो एवं वीडियो को आगे प्रसारित होने से रोकने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई।

प्रकरण में पुलिस द्वारा कार्रवाई करते हुए संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की गई। साथ ही आपत्तिजनक सामग्री को सोशल मीडिया से हटाने तथा उसके आगे प्रसार को रोकने की दिशा में कार्रवाई की गई।

काउंसलिंग और फॉलोअप से मिला सुरक्षित वातावरणसखी वन स्टॉप सेंटर द्वारा महिला की स्थिति की लगातार जानकारी लेने के लिए फॉलोअप भी किया जा रहा है। त्वरित समन्वय और सहयोग के माध्यम से महिला को आवश्यक कानूनी एवं पुलिस सहायता प्राप्त हुई और वह वर्तमान में सुरक्षित अपने घर पर है।

सखी वन स्टॉप सेंटर के परामर्श, समन्वय और त्वरित सहयोग से प्रकरण का सफलतापूर्वक निराकरण हुआ। संबंधित व्यक्ति ने भविष्य में ऐसी गलती दोबारा नहीं करने का आश्वासन दिया। महिला एवं उसके परिजनों ने संकट की घड़ी में सहयोग, सुरक्षा और न्याय दिलाने की दिशा में की गई सहायता के लिए सखी वन स्टॉप सेंटर के प्रति आभार व्यक्त किया।

सखी वन स्टॉप सेंटर महासमुंद महिलाओं के लिए संकट की घड़ी में सहयोग, सुरक्षा, परामर्श और न्याय की दिशा में मजबूत सहारा बनकर उभरा है। महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने और उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ सेंटर जरूरतमंद महिलाओं को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।

महासमुंद : पुरुषोत्तमपुर की कुन्ती निषाद मेहनत और बिहान से बदली परिवार की आर्थिक तस्वीर

महासमुंद : पुरुषोत्तमपुर की कुन्ती निषाद मेहनत और बिहान से बदली परिवार की आर्थिक तस्वीर

महासमुंद, 19 सितंबर 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा के दौरान आत्मनिर्भर भारत और महिला सशक्तिकरण को निरंतर प्राथमिकता दी गई है। इसी भावना को साकार करते हुए ग्रामीण महिलाएं आज स्व-सहायता समूहों से जुड़कर अपने हुनर, मेहनत और स्थानीय संसाधनों को आजीविका का आधार बना रही हैं। महासमुंद जिले के बसना विकासखंड के ग्राम पुरुषोत्तमपुर की श्रीमती कुन्ती निषाद की जीवन यात्रा इसी बदलाव की प्रेरक कहानी है। उन्होंने बिहान योजना से जुड़कर कृषि मजदूरी के साथ टेंट हाउस, कैटरिंग, मछली पालन और पशुपालन जैसी गतिविधियों को अपनाया और परिवार की वार्षिक आय को मजबूत करते हुए लखपति दीदी बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है।

श्रीमती कुन्ती निषाद सरस्वती महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ी हुई हैं। समूह में कुल 10 सदस्य हैं। समूह को आरएफ (रिवॉल्विंग फंड) के रूप में 15 हजार रुपये तथा सीआईएफ (कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड) के रूप में 60 हजार रुपये की राशि प्राप्त हुई है। वहीं बैंक लिंकेज के माध्यम से समूह को तृतीय किस्त में 3 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। समूह की अध्यक्ष श्रीमती मानकी सिदार और सचिव श्रीमती चन्द्रिका साहू के मार्गदर्शन में समूह की महिलाएं विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जुड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

श्रीमती कुन्ती निषाद बताती हैं कि बिहान योजना और स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने कृषि कार्य के साथ टेंट हाउस एवं कैटरिंग का कार्य प्रारंभ किया। इसके साथ ही मछली पालन और पशुपालन जैसी गतिविधियों से भी आय अर्जित होने लगी। वर्तमान में कृषि कार्य से लगभग 1 लाख 75 हजार रुपये तथा टेंट हाउस एवं कैटरिंग से लगभग 1 लाख 14 हजार रुपये की वार्षिक आय प्राप्त हो रही है। इस प्रकार परिवार की कुल वार्षिक आय लगभग 2 लाख 89 हजार रुपये तक पहुंच गई है।

बढ़ती आमदनी और व्यवसाय के विस्तार को देखते हुए समूह ने टेंट का सामान लाने-ले जाने में सुविधा के लिए ट्रैक्टर खरीदने का निर्णय लिया। समूह में प्रस्ताव पारित कर 2.50 लाख रुपये में पुराना ट्रैक्टर खरीदा गया। इससे टेंट हाउस के व्यवसाय के लिए परिवहन की समस्या दूर हुई और व्यवसाय को विस्तार देने के साथ आय के नए अवसर भी बने।

श्रीमती कुन्ती निषाद कहती हैं कि “बिहान योजना से जुड़ने के बाद हमारी आर्थिक स्थिति में काफी सुधार हुआ है। समूह के माध्यम से हमें आगे बढ़ने का अवसर मिला। टेंट हाउस, कैटरिंग और मछली पालन जैसी गतिविधियों से हमारी आमदनी बढ़ी है। शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए हम हृदय से आभार व्यक्त करते हैं।”

ग्रामीण आजीविका के क्षेत्र में बिहान योजना से जुड़कर श्रीमती कुन्ती निषाद का यह प्रयास अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रहा है। स्व-सहायता समूह के माध्यम से सामूहिक सहयोग, बैंक लिंकेज और विभिन्न आजीविका गतिविधियों को अपनाकर महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होने के साथ अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत कर रही हैं।

 रायपुर पारुल के सपनों का भारत: जहां हर बेटी को मिले उड़ान का अधिकार

रायपुर पारुल के सपनों का भारत: जहां हर बेटी को मिले उड़ान का अधिकार

सेवा संकल्प अभियान में छात्रा पारुल ने साझा की विकसित भारत की तस्वीर, कहा—समान अवसर और सम्मान से ही सशक्त होगा राष्ट्र

रायपुर, 19 सितम्बर 2026 मेरे सपनों का भारत वह है, जहां किसी बेटी के सपनों की उड़ान उसके लड़की होने की वजह सेरुके।शासकीय नवीन कन्या महाविद्यालय, सूरजपुर में बीए तृतीय सेमेस्टर की छात्रा सुश्री पारुल के शब्दों में उस भारत की तस्वीर दिखाई देती है, जहां बेटियों को शिक्षा, रोजगार, आत्मनिर्भरता और निर्णय लेने के समान अवसर मिलें। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से पारुल ने अपने सपनों के भारत की परिकल्पना साझा करते हुए महिला सशक्तिकरण को विकसित भारत की मजबूत नींव बताया।

 

सुश्री पारुल का मानना है कि हर बेटी के भीतर आगे बढ़ने की क्षमता और अपने भविष्य को संवारने का सपना होता है। जरूरत है तो उसे सही अवसर, परिवार का विश्वास और समाज का सहयोग देने की। वह ऐसा समाज देखना चाहती हैं, जहां बेटियां अपनी प्रतिभा के अनुरूप शिक्षा प्राप्त कर सकें, अपनी पसंद का क्षेत्र चुन सकें और आत्मनिर्भर बनकर अपने फैसले स्वयं ले सकें।

अपने विचार साझा करते हुए सुश्री पारुल ने कहा कि महिलाओं को बेटों के समान स्वतंत्रता, अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए। शिक्षा से लेकर रोजगार तक उन्हें आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर मिलें। बेटियां आत्मरक्षा के प्रति जागरूक और सक्षम बनें तथा अपने पैरों पर खड़े होकर परिवार और समाज के विकास में भागीदारी निभाएं।

उनके लिए महिला सशक्तिकरण का अर्थ केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता नहीं, बल्कि अपने जीवन से जुड़े फैसले लेने का आत्मविश्वास, अपनी प्रतिभा को पहचानने की स्वतंत्रता और अपने सपनों को पूरा करने का अवसर भी है। सुश्री पारुल कहती हैं कि जब एक बेटी शिक्षित और आत्मनिर्भर बनती है, तो उसका प्रभाव केवल उसके जीवन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसका परिवार और आने वाली पीढ़ियां भी उससे प्रेरित होती हैं।

सुश्री पारुल के सपनों में ऐसा भारत है, जहां बेटियों को आगे बढ़ने के लिए किसी विशेष पहचान या सहारे की जरूरत न पड़े, बल्कि उनकी योग्यता और मेहनत ही उनकी पहचान बने। उनका मानना है कि महिला और पुरुष दोनों को समान अवसर और सम्मान मिलने से ही ऐसा समाज तैयार होगा, जिसमें विकास की गति और अधिक तेज होगी।

बेटियों की भागीदारी से बनेगा विकसित भारत

वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को लेकर सुश्री पारुल का स्पष्ट विचार है कि देश की आधी आबादी को विकास की मुख्यधारा में समान भागीदारी दिए बिना यह लक्ष्य पूरा नहीं हो सकता। वे कहती हैं कि जब देश की बेटियां शिक्षित होंगी, सुरक्षित होंगी, आत्मनिर्भर होंगी और निर्णय लेने में सक्षम होंगी, तभी विकसित भारत की तस्वीर पूरी होगी।

सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से अपनी बात रखते हुए पारुल ने युवाओं की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। उनका मानना है कि विकसित भारत केवल सरकार के प्रयासों से नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और सहभागिता से आकार लेगा। युवाओं को अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों को समझते हुए समाज में सकारात्मक बदलाव का वाहक बनना होगा।

सुश्री पारुल की यह परिकल्पना एक छात्रा के व्यक्तिगत सपने से आगे बढ़कर उस नई पीढ़ी की सोच को सामने रखती है, जो ऐसा भारत देखना चाहती है जहां बेटियों के लिए अवसर सीमित नहीं, बल्कि संभावनाएं असीमित हों। जहां हर बेटी को अपनी पहचान बनाने, अपने सपनों को साकार करने और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का पूरा अवसर मिले।

यही सोच सेवा संकल्प अभियान को जनभागीदारी से जोड़ती है, जहां सेवा केवल सहायता का माध्यम नहीं, बल्कि समानता, सम्मान, आत्मनिर्भरता और विकसित समाज के निर्माण का संकल्प बनती है। सुश्री पारुल के सपनों का भारत इसी संकल्प की एक खूबसूरत तस्वीर है।

CG : नकली शराब पैकेजिंग का खेल! हजारों स्टीकर-होलोग्राम और बोतलें बरामद, 3 गिरफ्तार

राजनांदगांव| जिले के डोंगरगढ़ में नकली शराब लेबल, होलोग्राम स्टीकर और पैकेजिंग सामग्री तैयार करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से जम्मू व्हिस्की के लेबल स्टीकर और होलोग्राम स्टीकर जब्त किया है। इस मामले मे दो आरोपी फरार बताये गए है । थाना डोंगरगढ़ अंतर्गत पुलिस चौकी मोहारा पुलिस और साइबर क्राइम टीम द्वारा अवैध शराब के निर्माण, पुनः बॉटलिंग, नकली लेबल एवं होलोग्राम स्टीकर तैयार कर अवैध शराब के रूप में उपयोग करने वाले आरोपियों के विरुद्ध कार्यवाही की और तीन आरोपी तेजेश्वर साहू, देवव्रत वर्मा एवं आनंद अग्रवाल को गिरफ्तार किया।

इस मामले में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए एसपी अंकिता शर्मा ने बताया कि आरोपी देवव्रत वर्मा, फरार आरोपी महेन्द्र वर्मा उर्फ बड़ा कट्टी के कहने पर छत्तीसगढ़ निर्मित जम्मू व्हिस्की शराब के लेबल एवं होलोग्राम स्टीकर तैयार कराने के उद्देश्य से ग्राम मोहारा स्थित डायमंड कलेक्शन के संचालक आरोपी तेजेश्वर साहू की प्रिंटिंग दुकान पर गया था। वहां लगभग 3 हजार नग जम्मू व्हिस्की शराब के लेबल और 3 हजार नग होलोग्राम स्टीकर प्रिंट करवाए जाने की जानकारी प्राप्त हुई है। पुलिस ने आरोपी देवव्रत वर्मा के कब्जे से होलोग्राम स्टीकर जम्मू व्हिस्की शराब का लेबल जप्त किया गया है । वहीं आरोपी आनंद अग्रवाल से 21 सौ नग गोल एवं चपटी 180 एमएल क्षमता की प्लास्टिक बोतलें और अन्य सामग्री बरामद किया है।

रायपुर : नन्हे दिल को मिली नई धड़कन, ‘चिरायु योजना’ ने धमतरी के भाव्यांश को दिया नया जीवन

रायपुर : नन्हे दिल को मिली नई धड़कन, ‘चिरायु योजना’ ने धमतरी के भाव्यांश को दिया नया जीवन

रायपुर, 19 सितंबर 2026।
समय पर की गई सही स्वास्थ्य जांच किसी मासूम के पूरे भविष्य को संवार सकती है। इसका जीवंत उदाहरण धमतरी के नन्हे भाव्यांश साहू की सफलता की कहानी है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत संचालित ‘चिरायु योजना’ ने जन्मजात हृदयरोग से जूझ रहे भाव्यांश को समय पर बीमारी की पहचान, उचित उपचार और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराकर उसे नया जीवन दिया। उपचार के बाद भाव्यांश अब पूरी तरह स्वस्थ होकर सामान्य जीवन की ओर लौट चुका है।

इस कहानी की शुरुआत फरवरी 2026 में हुई, जब शहरी चिरायु टीम, धमतरी द्वारा जालमपुर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-01 में बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा था। इसी दौरान चिकित्सकीय टीम की सजगता से भाव्यांश में जन्मजात हृदयरोग के लक्षणों की पहचान हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए चिरायु टीम ने बिना समय गंवाए बच्चे को उच्च स्तरीय उपचार के लिए श्री सत्य साईं अस्पताल, नया रायपुर रेफर किया।

चिरायु टीम ने उपचार की प्रक्रिया में परिजनों को आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान किया और उनका हौसला बढ़ाया। इसके बाद अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा भाव्यांश की गहन जांच एवं आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श किया गया। जांच के बाद उसकी हृदय सर्जरी किए जाने का निर्णय लिया गया।

31 अगस्त 2026 को भाव्यांश को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद 2 सितंबर 2026 को विशेषज्ञ कार्डियाक सर्जनों की टीम ने उसकी सफल हृदय सर्जरी की। सर्जरी के बाद चिकित्सकों की निरंतर निगरानी, उपचार और उचित देखभाल से भाव्यांश के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हुआ। स्वस्थ होने के बाद 9 सितंबर 2026 को उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) का मुख्य उद्देश्य जन्म से 18 वर्ष तक के बच्चों में जन्मजात विकृतियों, गंभीर बीमारियों, विकास संबंधी समस्याओं तथा पोषण संबंधी कमियों की समय पर पहचान कर उन्हें आवश्यक उपचार उपलब्ध कराना है। योजना के माध्यम से चिन्हांकित बच्चों को आवश्यकता के अनुसार उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा जाता है।

भाव्यांश के मामले में भी चिरायु टीम की तत्परता, समय पर बीमारी की पहचान, परिजनों को मिले मार्गदर्शन तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों के समन्वित उपचार से उसे समय पर आवश्यक चिकित्सा सुविधा मिल सकी। आज भाव्यांश स्वस्थ होकर अपने सामान्य जीवन की ओर लौट चुका है। उसकी खिलखिलाती मुस्कान इस बात का प्रमाण है कि समय पर स्वास्थ्य जांच और उपचार किसी बच्चे के जीवन में कितना बड़ा बदलाव ला सकता है।