प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के 10 वर्ष पूर्ण होने पर सीएचसी तुमगांव में स्वास्थ्य शिविर आयोजित

महासमुंद 10 जून 2026 – प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के 10 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तुमगांव में उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की जांच एवं उपचार हेतु शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर गर्भवती महिलाओं एवं उनके साथ आए परिजनों, पतियों के साथ गोसइया सम्मेलन किया गया।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था से होने वाली जटिलताओं तथा मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के लिए लोगों को जागरूक करना था। स्वास्थ्य विभाग द्वारा गर्भवती महिलाओं में उच्च जोखिम की पहचान के लिए 25 मानदंड निर्धारित किए गए हैं। इन मानदंडों के अंतर्गत आने वाली महिलाओं के स्वास्थ्य प्रबंधन एवं नियमित निगरानी के लिए प्रत्येक माह की 9 एवं 24 तारीख को विशेष अभियान संचालित किया जाता है। कार्यक्रम में उपस्थित जनसमुदाय को इन विषयों की विस्तृत जानकारी देते हुए जागरूक किया गया।
शिविर में कुल 106 गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच कर आवश्यक उपचार एवं परामर्श प्रदान किया गया। साथ ही महिलाओं की निःशुल्क सोनोग्राफी जांच भी कराई गई, जिससे गर्भावस्था से संबंधित संभावित जोखिमों की समय पर पहचान और प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके। कार्यक्रम में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तुमगांव के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों तथा कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस दौरान डॉ. निखिल चंद्राकर, डॉ. ज्योति साहू, विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक सुरेंद्र चंद्राकर सहित स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम उपस्थित रही। स्वास्थ्य विभाग ने गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिवारजनों से नियमित स्वास्थ्य जांच कराने तथा सुरक्षित मातृत्व के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने की अपील की है।

महासमुंद रायपुर/ दुष्कर्म के आरोप में कथावाचक ज्योतिषाचार्य आचार्य नरेंद्र नयन शास्त्री गिरफ्तार

महासमुंद रायपुर/ दुष्कर्म के आरोप में कथावाचक ज्योतिषाचार्य आचार्य नरेंद्र नयन शास्त्री गिरफ्तार महासमुंद जिले जिले के बागबाहरा थाना क्षेत्र में एक महिला की शिकायत के बाद पुलिस ने चर्चित कथावाचक एवं ज्योतिषाचार्य आचार्य नरेंद्र नयन शास्त्री को दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया है.

चावल वाले बाबा गिरफ्तार
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता द्वारा दिए गए आवेदन और प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2)(ज), 376(2)(एन) और 376(2)(एम) के तहत मामला दर्ज किया है. गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है

जांच पूरी होने के बाद महासमुंद पुलिस करेगी खुलासा
महासमुंद पुलिस की टीम ने आरोपी को सिलयारी से हिरासत में लेकर बागबाहरा लाया.आरोपी की सार्वजनिक पहचान और मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे हाई प्रोफाइल मामला माना जा रहा है. फिलहाल पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच जारी होने का हवाला देते हुए विस्तृत जानकारी देने से परहेज किया है और मीडिया से पूरी तरह दूरी बना ली है. पुलिस के अनुसार जांच पूरी होने के बाद ही मामले से संबंधित अन्य तथ्यों का खुलासा किया जाएगा

सुशासन तिहार बना युवाओं के लिए समाधान का मंच, 41 समाधान शिविरों में 1755 युवाओं को मिला लर्निंग लाइसेंस

महासमुंद । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार 2026 जिले में आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और शासकीय सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बना है। आयोजित समाधान शिविरों ने जिले के युवाओं को बड़ी राहत प्रदान की है। पहले जहां लाइसेंस बनवाने के लिए युवाओं को बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे, अब गांव में आयोजित शिविरों में ही यह सुविधा उपलब्ध होने से उनके समय और खर्च दोनों की बचत हुई है।

जिले में आयोजित 41 समाधान शिविरों के माध्यम से जिला परिवहन विभाग द्वारा 1755 युवाओं का लर्निंग लाइसेंस बनाकर जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में उन्हें सौंपा गया है। जिले में सर्वाधिक 921 लर्निंग लाइसेंस महासमुंद विकासखंड में बनाए गए। वहीं पिथौरा में 279, बसना में 208, बागबाहरा में 195 तथा सरायपाली में 152 युवाओं को लर्निंग लाइसेंस प्रदान किए गए। समाधान शिविरों में जनप्रतिनिधियों द्वारा युवाओं को लर्निंग लाइसेंस सौंपते हुए उन्हें यातायात नियमों का पालन करने और सुरक्षित वाहन संचालन के लिए प्रेरित किया गया।

लर्निंग लायसेंस प्राप्त करने वाले युवाओं में ग्राम झलप की प्रियंका शर्मा ने बताया कि वे लंबे समय से लर्निंग लाइसेंस बनवाना चाहती थीं, लेकिन पढ़ाई और पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण परिवहन कार्यालय नहीं जा पा रही थीं। सुशासन तिहार के समाधान शिविर में पहुंचकर उन्होंने आवेदन किया और उन्हें आसानी से लर्निंग लाइसेंस प्राप्त हो गया। प्रियंका कहती हैं कि अब वे आगे ड्राइविंग लाइसेंस बनने से यातायात नियमों का बखूबी पालन करेंगी।

इसी तरह ग्राम लाफिनखुर्द के युवा राहुल पटेल ने बताया कि लाइसेंस के अभाव में उन्हें हमेशा इस बात की चिंता बनी रहती थी कि कहीं यातायात जांच के दौरान उनका चालान न कट जाए। इस कारण वे असहज महसूस करते थे। लेकिन जब समाधान शिविर में आवेदन करने के कुछ ही समय बाद आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कर उनका लर्निंग लाइसेंस जारी कर दिया गया। त्वरित सेवा प्राप्त होने से राहुल बेहद खुश हुए।

इसी तरह ग्राम आंवराडबरी के अखिलेश साहू, ग्राम परकोम के युवा कमलेश मन्नाडे ने लर्निंग लाइसेंस के बनने पर कहा कि अब उन्हें वाहन चलाने में किसी प्रकार का भय नहीं रहेगा और वे यातायात नियमों का पालन करते हुए निश्चिंत होकर बाइक चला सकेंगे। सभी हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाधान शिविरों के माध्यम से शासन की सेवाएं सीधे गांव-गांव तक पहुंची हैं, जिससे युवाओं को समय पर सुविधाओं का लाभ मिला है।

नए शिक्षा सत्र से पहले स्कूल बसों की जांच, 92 वाहनों का निरीक्षण

महासमुंद । सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन में नवीन शिक्षा सत्र प्रारंभ होने से पूर्व जिले में पंजीकृत स्कूल बसों का व्यापक निरीक्षण एवं चालकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। परिवहन विभाग, पुलिस विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम द्वारा 07 जून को महासमुंद, पिथौरा, बसना एवं सरायपाली में यह विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान कुल 92 स्कूल बसों का भौतिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 02 स्कूल बसों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई की गई, जिससे 6 हजार रुपए शमन शुल्क वसूला गया।

निरीक्षण के दौरान जिन स्कूल बसों में निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप कमियां पाई गईं, उन्हें एक सप्ताह के भीतर आवश्यक सुधार कर पुनः निरीक्षण के लिए जिला परिवहन कार्यालय महासमुंद में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। वहीं जो स्कूल बसें निरीक्षण के लिए उपस्थित नहीं हुईं, उनके संचालकों को तीन दिवस के भीतर वाहन प्रस्तुत करने हेतु नोटिस जारी किया गया है।

जिला परिवहन अधिकारी प्रतीक शुक्ला ने निरीक्षण के दौरान चालकों एवं परिचालकों को सड़क सुरक्षा संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूल बस संचालन के दौरान शराब सेवन कर वाहन चलाना, तेज गति से वाहन चलाना तथा यातायात नियमों की अनदेखी करना गंभीर अपराध है। उन्होंने सीट बेल्ट के नियमित उपयोग, फायर सेफ्टी उपकरण एवं फर्स्ट एड बॉक्स की समय-समय पर जांच, सीसीटीवी कैमरों को सुचारू रखने तथा सभी सुरक्षा मानकों का पालन करने की समझाईश दी गई।

विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने जन चौपाल में सुनीं जनसमस्याएं, अधिकारियों को दिए त्वरित निराकरण के कड़े निर्देश

महासमुंद। महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने  सोमवार को ग्राम परसदा ख में जन चौपाल लगाकर आमजनों से भेंट मुलाकात की। ग्रामीणों के साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा कर उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देशित भी किया। ग्रामीणों ने मुख्य रूप से धरमपुर जलाशय परियोजना, लिफ्ट एरिगेशन का सुदृढ़ीकरण, शेड निर्माण, सीसी रोडए शीतला माता मंदिर जीर्णोद्धार सहित अन्य मांगों को विधायक के समक्ष रखी।

विधायक श्री सिन्हा ने आवश्यकता के अनुसार उनकी मांगों को पूर्ण करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर उन्होंने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी भाजपा की सरकार हर वर्ग के लिए कार्य कर रही है। गरीब, मजदूर,महिला, युवा, किसान, व्यापारी सभी के लिए कल्याणकारी योजनाओं का संचालन कर रही है। हमारे प्रदेश के किसान भाईयों को उनके उपज का उचित मूल्य मिल रहा है। गरीबों को खाद्यान्न, आवास योजना, महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ मिल रहा है। हमने जो वादा किया था वो पूरा कर रहे हैं। ग्रामीणों से मुलाकात करने के पश्चात उन्होंने ग्राम में तीन नवविवाहित जोड़ों से मुलाकात कर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इसके अलावा उन्होंने स्व.जनक राम दीवान एवं स्व.सुदामा ध्रुव के घर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके परिवारजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदना प्रकट की।

इस अवसर पर पवन पटेल जिलाध्यक्ष भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा, श्याम साकरकर पूर्व मंडल अध्यक्ष, डॉ माखन सिन्हा महामंत्री भाजपा ग्रामीण मंडल, पुष्पा रूपलाल ध्रुव जनपद सदस्य, मिथलेश सिन्हा ग्राम सरपंच, शेखर चंद्राकर ग्राम अध्यक्ष, चमन सिन्हा पूर्व जनपद सदस्य, मंशा साहू , योगी ध्रुव, सारकेश साहू,संतोष सिन्हा, डॉ भारत साहू, पवन साहू सोसाइटी अध्यक्ष, यादराम साहू शाला समिति अध्यक्ष, टीकम देवांगन, विमल विश्वकर्मा, लच्छन ध्रुव, रामेंद्र गिरी, युवराज सिंह राजपूत, रोशन टांडे, मोहन यादव, यादराम ध्रुव, प्रवीण चंद्राकर, सनत ध्रुव, प्रमोद ध्रुव सहित ग्रामीणजन उपस्थित थे।

महासमुंद में ‘सुशासन तिहार 2026’ के तहत समाधान शिविर संपन्न, 41 शिविरों में पहुंचे जनसमस्याओं के सैकड़ों आवेदन

महासमुंद। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप प्रदेशभर में आयोजित सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत महासमुंद जिले में जनसमस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के लिए आयोजित समाधान शिविर सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में जिले के विभिन्न विकासखंडों में कुल 41 समाधान शिविरों का आयोजन किया गया। जहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों एवं आमजनों ने अपनी मांगों, समस्याओं एवं शिकायतों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए।

कलेक्टर श्री लंगेह ने संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए लंबित आवेदनों का शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

सुशासन तिहार के दौरान जिले में 01 मई से 05 जून 2026 तक कुल 35 हजार 470 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें 34 हजार 411 मांग संबंधी आवेदन तथा 360 शिकायत संबंधी आवेदन शामिल हैं। प्राप्त आवेदनों में से अब तक 24 हजार 725 आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है, जो कुल प्राप्त आवेदनों का लगभग 70 प्रतिशत है। शेष 10 हजार 745 लंबित आवेदनों के निराकरण की प्रक्रिया तेजी से जारी है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने औचक निरीक्षण के दौरान कमरौद में चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। वहीं जिले के प्रभारी मंत्री एवं खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, सांसद रूपकुमारी चौधरी शिविरों में शामिल हुए। साथ ही क्षेत्रीय विधायक  एवं जनप्रतिनिधियों की भी उपस्थिति रही। जनप्रतिनिधियों द्वारा हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के तहत स्वीकृति पत्र, सामग्री एवं अन्य लाभों का वितरण किया गया।

अनेक हितग्राहियों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ मिलने से उनके चेहरे पर संतोष और खुशी देखने को मिली। समाधान शिविरों में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई तथा पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही लाभान्वित किया गया। शिविरों में राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, आयुष्मान कार्ड, किसान कल्याण योजनाएं, राजस्व प्रकरण, विद्युत, पेयजल, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े आवेदनों का निराकरण प्राथमिकता से किया गया।

सुशासन तिहार के दौरान बागबाहरा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत कमरौद में मुख्यमंत्री की घोषणा के मात्र 10 दिवस के भीतर ही मुक्तिधाम निर्माण कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।

शासन-प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है।

इसी तरह आंवराडबरी बनवासी खोमनलाल साहू की समस्या का मौके पर ही समाधान करते हुए आबादी पट्टा तैयार कर उन्हें सौंपा गया। मालिकाना हक मिलने पर खुशी जाहिर करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का धन्यवाद ज्ञापित किया।

शिविर में राहुल एवं खोमन को मौके पर ही लर्निंग लाइसेंस जारी होने पर वे बेहद खुश नजर आए। इस त्वरित समाधान के लिए उन्होंने शासन एवं प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। इसी तरह अन्य हितग्राहियों को भी शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत लाभ प्रदान किया गया हैं। हितग्राहियों एवं ग्रामीणों ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से प्रशासन गांवों में पहुंचकर समस्याओं का समाधान कर रहा है, जिससे समय और संसाधन दोनों की बचत हुई हैं। इस पहल के लिए उन्होंने शासन की सराहना की है। इसके अलावा कई हितग्राहियों को योजनाओं के लिए लाभान्वित किया गया।

महासमुंद: केसरीपुर के निजी तालाब में हजारों मछलियों की संदिग्ध मौत, लाखों के नुकसान की आशंका; जांच में जुटी सांकरा पुलिस

महासमुंद। महासमुंद जिले के सांकरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत नवागांव के आश्रित ग्राम केसरीपुर स्थित एक निजी मछली पालन तालाब में संदिग्ध परिस्थितियों में हजारों मछलियों की मौत हो गई है। इस घटना से मछली पालकों को लाखों रुपए की आर्थिक क्षति होने का अनुमान है।

लाखों की क्षति होते देख मछली पालक की तबीयत बिगड़ गई है और रायपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज जारी है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। तालाब के पानी में किसी जहरीले पदार्थ के मिलाए जाने की आशंका ग्रामीणों ने जताई है। मामले की शिकायत सांकरा थाने में दर्ज कराई गई है, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार केसरीपुर में मोहन पटेल, चंद्रमणि पटेल और परमानंद पटेल द्वारा लगभग 12 से 13 एकड़ क्षेत्र में व्यवसायिक मछली पालन किया जा रहा था। सोमवार सुबह जब तालाब का निरीक्षण किया गया तो बड़ी संख्या में मछलियां मृत अवस्था में पानी की सतह पर तैरती हुई दिखाई दीं। बहुत सी मछलियां जिंदा थीं और उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी और देखते ही देखते वे मर रही थीं।  मृत मछलियों में दो किलो तक वजन वाली बड़ी मछलियां भी शामिल हैं।                                                                 घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण और मछुआरे मौके पर पहुंच गए। मछली पालकों का दावा है कि सुबह तक तालाब से करीब पांच क्विंटल मृत मछलियां बाहर निकाली जा चुकी थीं, जबकि तालाब में अब भी बड़ी संख्या में मृत एवं अर्धमृत मछलियां मौजूद हैं। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि कुल नुकसान लाखों रुपए तक पहुंच सकता है। घटना के बाद पूरे गांव में चिंता का माहौल है।

मछली पालकों और ग्रामीणों के मुताबिक तालाब के समीप एक संदिग्ध बोतल मिली है। इसके बाद आशंका है कि  किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा तालाब में जहरीला रसायन या कीटनाशक डाला गया हो सकता है। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष और वैज्ञानिक जांच कराने की मांग की है ताकि वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके और दोषियों के खिलाफ  कड़ी कार्रवाई हो सके। सांकरा थाना पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस का कहना है कि तालाब के पानी और अन्य साक्ष्यों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं ग्रामीणों ने प्रशासन से पानी की वैज्ञानिक जांच, मृत मछलियों का परीक्षण, दोषियों की पहचान और प्रभावित परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल मछलियों की मौत का मामला नहीं है, बल्कि इससे परिवार की आजीविका, स्थानीय पर्यावरण और ग्रामीणों को सुरक्षा भी प्रभावित हुई है। अब पूरे क्षेत्र की निगाहें प्रशासन और पुलिस की जांच पर टिकी हुई हैं।

गौरतलब है कि गर्मी के मौसम में आसपास के ग्रामीण इस तालाब के पानी का उपयोग निस्तारी और अन्य दैनिक कार्यों के लिए करते हैं। वहीं कई मवेशी भी इस तालाब का पानी पीते हैं। ऐसे में यदि पानी में किसी विषैले रसायन की मौजूदगी पाई जाती है तो यह पशुओं और ग्रामीणों के स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बन सकता है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य की टीम भेजकर जांच कराने की मांग की है।

ग्रामीणों के मुताबकि इस घटना का असर केवल इन्हीं मछलियों तक सीमित नहीं है। तालाब में रहने वाले केकड़, घोंघे, झींगा और अन्य जलीय जीव भी बड़ी संख्या में प्रभावित हुए हैं। कई जलीय जीव मृत अवस्था में पानी की सतह पर दिखाई दिए। इससे स्थानीय जल पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचने की आशंका व्यक्त की जा रही है। पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि यदि पानी में किसी जहरीले पदार्थ का उपयोग किया गया है तो इसका दीर्घकालीन प्रभाव भी सामने आ सकता है।

ग्रामीणों के अनुसार तालाब संचालक मोहन पटेल अपनी मेहनत से तैयार की गई मछलियों को मृत अवस्था में देखकर गहरे सदमे में आ गए। उनकी तबीयत बिगडऩे पर उन्हें उपचार के लिए रायपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है,जहां उनका इलाज जारी है।

महासमुंद/कलेक्टर ने ली साप्ताहिक समय सीमा की बैठक लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण पर जोर कृषि विभाग के मैदानी अमला फील्ड में रहें किसानों को खाद-बीज की कमी न हो 

महासमुंद/कलेक्टर ने ली साप्ताहिक समय सीमा की बैठक लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण पर जोर कृषि विभाग के मैदानी अमला फील्ड में रहें किसानों को खाद-बीज की कमी न हो

महासमुंद 09 जून 2026/ कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने आज सुबह 10 बजे से समय सीमा की बैठक में सुशासन तिहार, राजस्व प्रकरण और खाद-बीज के वितरण को लेकर विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अविवादित खाता विभाजन, सीमांकन जैसे प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करें। प्रत्येक राजस्व अधिकारी मंगलवार और बुधवार को कोर्ट केस की सुनवाई करें। उन्होंने कहा कि एक वर्ष से लंबित प्रकरणों पर विशेष जोर देवें। इसके अलावा विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश दिए। शासन के निर्देशानुसार बैठक वर्चुअल मोड में हुआ। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर श्री सचिन भूतड़ा, श्री रवि साहू उपस्थित थे तथा सभी एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायत सीईओ, सीएमओ सहित जिला स्तरीय अधिकारी वीसी के माध्यम से जुड़े रहे।

बैठक में कलेक्टर श्री लंगेह नेे सुशासन तिहार के सफल आयोजन के लिए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी तथा कहा कि प्राप्त आवेदनों के निराकरण की जानकारी संबंधित आवेदकों तक अनिवार्य रूप से पहुंचाई जाए, ताकि आमजन को शासन की पहल का प्रत्यक्ष लाभ मिल सके। कलेक्टर ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि लंबित आवेदनों एवं शिकायतों का निराकरण आगामी शुक्रवार तक प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में 30 जून तक संचालित “खेती बचाओ अभियान” के संबंध में समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कृषि विभाग के मैदानी अमले, ग्रामीण कृषि विकास विस्तार अधिकारी गांवों में जाकर किसानों को जागरूक करने कहा गया। उन्होंने किसानों को शासन द्वारा निर्धारित यूरिया एवं डीएपी खाद की मात्रा वितरण करने तथा खाद भंडारण का नियमित भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि नैनो यूरिया एवं प्राकृतिक खाद को भी प्रोत्साहित करने किसानों के लिए जागरूकता अभियान चलाएं। जो किसान यूरिया लेने सहकारी समितियों में पहंुच रहें हैं, उन्हें यूरिया प्रदान करें। कलेक्टर ने कहा कि सभी विकास विस्तार अधिकारी किसानों के बीच यूरिया और डीएपी के विकल्पों के बारे में भी किसानों का जागरूक करें। साथ ही खाद वितरण और बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करें।

कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि शेष आवासों के निर्माण कार्य में तेजी लाने तथा पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। सभी संबंधित अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करते हुए लक्ष्य की प्राप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि महासमुंद जिले में वित्तीय वर्ष 2016-17 से 2025-26 तक कुल 1 लाख 32 हजार 538 आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 1 लाख 12 हजार 904 आवासों का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जो कुल स्वीकृत आवासों का 85.19 प्रतिशत है।

बैठक में कलेक्टर ने सभी एसडीएम को सेवा सेतु केन्द्रों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र समय-सीमा में बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के हितग्राहियों का एग्रीस्टैक से शत-प्रतिशत लिंकिंग सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। कलेक्टर ने राजस्व एवं कृषि विभाग के मैदानी अमले, आरईएओ को नियमित रूप से फील्ड में उपस्थित रहकर किसानों से संपर्क बनाए रखने तथा एग्रीस्टैक पंजीयन, ई-केवाईसी एवं अन्य कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति की सतत निगरानी के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि शासन के निर्देशानुसार ई-फाइल प्रणाली अनिवार्य रूप से लागू हो गई है तथा मैनुअल फाइल संचालन प्रतिबंधित रहेगा। सभी विभागों को इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने कहा गया।

बैठक में मुख्यमंत्री घोषणाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने कहा गया। साथ ही बैठक में पेयजल, जनशिकायत, कलेक्टर जनदर्शन, पीजी पोर्टल एवं लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत प्रकरणों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

महासमुंद पुलिस का महा-एक्शन: 5 दिनों के विशेष अभियान में 120 वारंटी गिरफ्तार, सरायपाली में तामील हुआ 9 साल पुराना वारंट

महासमुंद। जिले में अपराध नियंत्रण और फरार आरोपियों की धर-पकड़ के लिए चलाए गए विशेष अभियान के तहत महासमुंद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 120 वारंटियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। इनमें 29 स्थायी वारंटी और 91 गिरफ्तारी वारंटी शामिल हैं। अभियान के दौरान थाना सरायपाली क्षेत्र का वर्ष 2017 से लंबित 9 वर्ष पुराना स्थायी वारंट भी तामील किया गया।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी जानकारी के अनुसार जिले में 1 जून से 5 जून तक पांच दिवसीय विशेष सर्च अभियान चलाया गया। अभियान का उद्देश्य लंबे समय से फरार वारंटियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करना था। इस दौरान स्थानीय न्यायालयों के अलावा अन्य जिलों से प्राप्त वारंटों का भी निष्पादन किया गया। पुलिस के अनुसार तामील किए गए 29 स्थायी वारंटों में आबकारी अधिनियम के 9, मारपीट एवं गाली.गलौज जैसे मामलों के 9, एनआई एक्ट चेक बाउंस के 8, दुर्घटना के 1, चोरी के 1 तथा एनडीपीएस एक्ट का 1 मामला शामिल है। वहीं चेक बाउंस के सात मामलों में भी वारंटियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।

इस अभियान के तहत महासमुंद अनुविभाग में कोतवाली थाना क्षेत्र से 8 स्थायी एवं 7 गिरफ्तारी वारंट, तुमगांव से 2 स्थायी एवं 1 गिरफ्तारी वारंट तथा खल्लारी से 1 स्थायी एवं 3 गिरफ्तारी वारंट तामील किए गए। बागबाहरा अनुविभाग में बागबाहरा, कोमाखान और तेंदुकोना थाना क्षेत्रों में कुल 5 स्थायी और 22 गिरफ्तारी वारंटों का निष्पादन किया गया।

इसी प्रकार पिथौरा अनुविभाग में पिथौरा, सांकरा और पटेवा थाना क्षेत्रों में 5 स्थायी एवं 13 गिरफ्तारी वारंट तामील किए गए। सरायपाली अनुविभाग में बसना, सरायपाली, सिंघोड़ा और बलौदा थाना क्षेत्रों में सर्वाधिक कार्रवाई करते हुए 11 स्थायी एवं 45 गिरफ्तारी वारंटों का निष्पादन किया गया।

पुलिस ने बताया कि इससे पूर्व 1 मई से 5 मई तक चलाए गए विशेष अभियान में 65 वारंटियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया था। जून माह के अभियान में यह संख्या बढक़र 120 पहुंच गई है, जो फरार आरोपियों के विरुद्ध पुलिस की सख्त कार्रवाई को दर्शाती है। पुलिस अधिकारियों ने कहा है किं न्यायालयों द्वारा जारी स्थायी एवं जमानती वारंटों की तामील को प्राथमिकता दी जा रही है। जिले में शांति व्यवस्था भंग करने वाले तथा कानून से बचने का प्रयास करने वाले आरोपियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

महासमुंद: सागौन पेड़ चोरी मामले में फंसे सरपंच संघ अध्यक्ष, एवन साहू समेत अन्य के खिलाफ अपराध दर्ज, मची खलबली

महासमुंद। कोमाखान थाना क्षेत्र अंतर्गत चौकी टुहलू में सागौन पेड़ चोरी का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने ग्राम कछारडीह के सरपंच एवं बागबाहरा ब्लॉक सरपंच संघ अध्यक्ष एवन साहू समेत अन्य लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। प्रभावशाली जनप्रतिनिधि पर चोरी का मामला दर्ज होने के बाद क्षेत्र में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है।

पुलिस में दर्ज एफआईआर के अनुसार ग्राम खैरटकला निवासी किसान राधेश्याम चंद्राकर ने शिकायत में बताया कि ग्राम कछारडीह स्थित उनकी कृषि भूमि खसरा नंबर 274-2 की मेड़ पर पुराना और कीमती सागौन का पेड़ लगा हुआ था। आरोप है कि 4 जून की रात एवन साहू ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर पेड़ को अवैध रूप से कटवाकर वहां से चोरी कर लिया।

चोरी गए सागौन की अनुमानित कीमत करीब 40 हजार रुपए बताई गई है। पीडि़त किसान ने पुलिस को बताया कि उन्होंने करीब तीन वर्ष पहले यह जमीन आरोपी एवन साहू से खरीदी थी। जमीन बिकने के बावजूद आरोपी की नजर मेड़ पर लगे सागौन के पेड़ पर बनी हुई थी। पेड़ काटने के बाद लकड़ी को चोरी-छिपे पास की एक बाड़ी में छिपाकर रखा गया था।

ग्रामीणों से सूचना मिलने पर किसान मौके पर पहुंचे और पुष्टि के बाद लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत और प्रारंभिक जांच के आधार पर कोमाखान पुलिस ने एवन साहू और उनके साथियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 303-2 एवं 3-5 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

पुलिस ने चोरी की लकड़ी भी बरामद कर ली है। इधर बागबाहरा वन परिक्षेत्र अधिकारी नवीन वर्मा ने बताया कि पुलिस द्वारा बरामद लकड़ी वन विभाग की सुपुर्दगी में दे दी गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस जांच रिपोर्ट और जब्ती दस्तावेज प्राप्त होते ही वन अधिनियम के तहत भी कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।