महासमुंद: खेतों की आग पॉलीहाउस तक पहुंची, लाखों के ‘डच गुलाब’ जलकर खाक; किसान को भारी नुकसान

महासमुंद। जिला मुख्यालय से करीब 12 किलोमीटर दूर ग्राम मोहंदी में खेतों में लगाई गई आग फैलकर डच गुलाब की खेती वाले पॉलीहाउस तक पहुंच गई, जिससे दो पॉलीहाउस में लगे गुलाब के पौधे जल गए और बड़ी संख्या में पौधे झुलस गए। समय रहते आग पर काबू पा लिए जाने से बड़ा नुकसान टल गया, लेकिन किसान को लाखों रुपए की क्षति उठानी पड़ी है।

जानकारी के अनुसार ग्राम मोहंदी निवासी किसान तुषार चंद्राकर लगभग छह एकड़ क्षेत्र में पॉलीहाउस स्थापित कर डच गुलाब की व्यावसायिक खेती कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि रविवार दोपहर खेतों में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा पराली में आग लगा दी गई। तेज हवा के कारण आग तेजी से फैलती हुई आसपास के क्षेत्रों तक पहुंच गई और देखते ही देखते पॉलीहाउस को भी अपनी चपेट में ले लिया।

आग लगने की सूचना मिलते ही वह ग्रामीणों और अन्य लोगों के साथ मौके पर पहुंचा और सभी ने मिलकर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। काफ ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पा लिया, लेकिन तब तक लाखों रुपए केाडच गुलाब जल चुके थे और बहुत से पौधे झुलस गये थे। यदि आग पर समय रहते काबू नहीं पाया होता तो पूरा का पूरा पॉलीहाउस और उसमें लगी फसल नष्ट हो सकती थी।

किसान तुषार चंद्राकर ने बताया कि आग की वजह से दो पॉलीहाउस में लगे गुलाब के पौधे जल गए हैं। जबकि कई पौधे गर्मी और धुएं के प्रभाव से झुलस गए हैं। प्रारंभिक आंकलन के अनुसार उन्हें करीब तीन लाख रुपए का नुकसान हुआ है।

उन्होंने कहा कि डच गुलाब की खेती में भारी निवेश करना पड़ता है और पौधों को तैयार होने में भी लंबा समय लगता है। ऐसे में इस प्रकार की घटनाएं किसानों के लिए बड़ी आर्थिक क्षति का कारण बनती हैं।

गौरतलब है कि न्यायालय में पराली जलाने पर आपत्ति जताई है। किसानों को फसल अवशेषों के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए लगातार जागरूक भी किया जा रहा है। इसके बावजूद जिले के विभिन्न क्षेत्रों में खुलेआम पराली जलाने की घटनाएं सामने आती रहती हैं।

महासमुंद में सरेराह चाकूबाजी: आंबेडकर चौक के पास 4 युवकों ने घेरकर किया हमला, एक युवक गंभीर रूप से घायल; कोतवाली में मामला दर्ज

महासमुंद। बीती रात शहर के आंबेडकर चौक के पास 4 युवकों ने 2 युवकों का पीछा करते हुए मारपीट की तथा आरोपियों ने एक युवक पर चाकू से वार कर दिया। जिससे एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रार्थी की रिपोर्ट पर कोतवाली में अपराध पंजीबद्ध किया गया है।

प्रार्थी योगेंद्र वैष्णव ने पुलिस को बताया कि वह बरोंडा चौक दुर्गा मंदिर के पीछे रहता है। 7-8 जून की दरम्यानी रात 2 बजे बिरकोनी-बरसपुर क्रेशर प्लांट से मोटर सायकल से वापस बरोंडा चौक जाकर वहां से वापस आकाश तिवारी के साथ इमलीभांठा जा रहे थे। तभी गणेश मंदिर के सामने दो मोटर सायकल में स्मिथ उर्फ पम्पम, पूर्वांश, विक्की एवं उसका एक अन्य साथी खड़े हुए थे। चारों उनका पीछा करने लगे। इन लोगों के पीछा करने के कारण योगेंद्र व आकाश की मोटर सायकल साहू चाय दुकान के आगे मुख्य मार्ग में स्लीप होने से रोड पर गिर गई।

सामने से अभित्य सिंह मोटर सायकल से आ रहे थे। उसने गिरे हुए साथियों को उठाया। उसी दौरान प्रार्थी का पीछा कर रहे स्मिथ उर्फ पम्पम, पूर्वांश, विक्की एवं उसका एक अन्य साथी वे चारों भी रूके और प्रार्थी को देख गालियां देने लगे। गाली देने से मना करने पर पूर्वांश ने चाकू निकाला और स्मिथ उर्फ  पम्पम को दिया। स्थि ने चाकू लहराते हुए आज तुम लोगों को जान से खतम कर दूंगा कहकर धमकी देते हुए टोमेन्द्र चन्द्राकर के पेट में चाकू मारने का प्रयास किया।

इसी बीच टोमेन्द्र चन्द्राकर पीछे मुड़ गया,जिसके कारण उसके पाठ में चाकू मार दिया। इससे टोमेन्द्र चन्द्राकर को गंभीर चोट आई है। घटना के बाद चारों लोग वहां से अपने सायकल लेकर भाग गये और टोमेन्द्र चन्द्राकर को इलाज के लिए पप्पू यादव और अभित्य सिंह जिला अस्पताल लेकर गये। घटना की जानकारी टोमेन्द्र चन्द्राकर के परिवार वालों को देने बाद वे लोग अस्पताल पहुंचे। टोमेन्द्र चन्द्राकर को उचित इलाज हेतु रिफर कर डाक्टरों ने मेकाहारा अस्पताल रायपुर भेजा है जहां उनका इलाज जारी है।  पुलिस ने आरोपियों के विरूद्ध बीएनएस की धारा 109-1,296, 3-5 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।

नपा अध्यक्ष निखिलकांत साहू की समीक्षा बैठक, सफाई में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर भड़के, सख्त कार्रवाई के निर्देश

महासमुंद । नगर पालिका अध्यक्ष निखिलकांत साहू द्वारा सोमवार को सफाई कार्य व्यवस्था को लेकर स्वच्छता प्रभारी सहित सभी सुपरवाइजर के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर की स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई। अध्यक्ष ने सफाई कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्य में किसी भी प्रकार की उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्यवाही करने के निर्देश संबंधित अधिकारी प्रभारी को दिए हैं। बैठक में यह भी संज्ञान में लाया गया कि स्वच्छ भारत मिशन के कुछ सफाई दीदियों द्वारा मीडिया में अनर्गल एवं भ्रामक बयानबाजी की गयी है, जिससे नगर पालिका की छवि धुमिल हुई है।

इस पर अध्यक्ष ने स्वच्छ भारत मिशन के समन्वयक एंव प्रभारी को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में यह सुनिश्चित किया जाये कि बिना सक्षम अनुमति के कोई भी कर्मचारी, सफाई मित्र, सुपरवाइजर मीडिया में भ्रामक, अनाधिकृत बयानबाजी न करे। इस प्रकार की अनुशासनहीनता किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि नगर में कचरा फैलाने एवं गंदगी करने वाले व्यक्तियों पर भी नियमानुसार कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जाएए ताकि स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाया जा सके। उन्होंने ने सभी कर्मचारियों से अपील की कि वे पूर्ण निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें, ताकि नगर में स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सके।

बैठक में प्रमुख रूप से स्वच्छता प्रभारी दिलीप चन्द्राकर, स्वच्छ भारत मिशन की समन्वयक नीतू प्रधान, प्रभारी नौशाद बक्श, वाहन प्रभारी सुरेश तिवारी, सफाई विभाग के जीतू सोनी, महेश कुमार, वीर कुमार, जितेंद्र सोनी, किशोर सोनी, हेमसिंह ध्रुव, मनोज कुमार, गोपाल सोना आदि उपस्थित थे।

महासमुंद: 4.50 करोड़ के धान गबन मामले में बड़ी सफलता, 2 साल से फरार पिरदा केंद्र के प्रभारी और सेल्समैन गिरफ्तार

महासमुंद। महासमुंद जिले के बसना क्षेत्र के बहुचर्चित 4 करोड़ 50 लाख रुपए के धान गबन मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लगभग दो वर्षों से फरार चल रहे धान खरीदी केंद्र पिरदा के तत्कालीन प्रभारी व्यवस्थापक और सेल्समैन को बसना पुलिस ने उस समय गिरफ्तार किया, जब दोनों आरोपी अपने-अपने घरों में सो रहे थे।

दोनों आरोपी वर्ष 2020-21 में 17 हजार क्विंटल से अधिक धान की हेराफेरी कर शासन को करोड़ों रुपए की आर्थिक क्षति पहुंचाने के मामले में लंबे समय से फरार थे।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति पिरदा के धान उपार्जन केंद्र में वर्ष 2020-21 के दौरान 17210.72 क्विंटल धान की हेराफेरी कर लगभग 4.50 करोड़ रुपए का गबन किया गया था। मामले की शिकायत के बाद 27 मार्च 2024 को थाना बसना में धारा 420ए 409 एवं 34 भादवि के अंतर्गत अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई थी। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि धान खरीदी और भंडारण प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं बरती गई थीं। जिसके कारण शासन को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। प्रकरण में पूर्व में दो आरोपियों की गिरफ्तारी कर उनके विरुद्ध न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया जा चुका है। जबकि मामले के दो मुख्य आरोपी लगातार पुलिस की गिरफ्त से बाहर थे।
पुलिस अधीक्षक महासमुंद के निर्देशन तथा वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में फरार आरोपियों की लगातार तलाश की जा रही थी। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर पुलिस को दोनों आरोपियों की गतिविधियों की जानकारी मिली।

इसके बाद रविवार देर रात पुलिस टीम ने अलग-अलग स्थानों पर घेराबंदी कर कार्रवाई की। बताया जाता है कि दोनों आरोपी अपने-अपने घरों में सो रहे थे, तभी पुलिस ने दबिश देकर उन्हें हिरासत में ले लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में रोहिना निवासी कन्हाई सेठ, जो घटना के समय धान उपार्जन केंद्र पिरदा में व्यवस्थापक एवं खरीदी केंद्र प्रभारी था, तथा बरेकेल निवासी राजकुमार पटेल जो तत्कालीन सेल्समैन के पद पर कार्यरत था, शामिल हैं। पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार की।
विवेचना के दौरान संकलित दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों से भी गबन में उनकी भूमिका प्रमाणित पाई गई। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर दोनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। धान खरीदी केंद्र पिरदा में करोड़ों रुपए के इस घोटाले को जिले के सबसे बड़े आर्थिक अपराधों में से एक माना जा रहा है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दोनों मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच को नई दिशा मिली है।

सशिमं के विकास में आचार्यों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण : पुरोहित

बागबाहरा । सरस्वती ग्राम शिक्षा समिति द्वारा प्रदेश भर में संचालित सरस्वती शिशु मन्दिर ग्रामीण विद्यालयों के सुदृढ़ीकरण और गुणात्मक सुधार के लिए जिला स्तर पर ‘नवीन आचार्य संकल्पना वर्ग’ का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में महासमुन्द जिला के ग्राम कसेकेरा स्थित सरस्वती ग्राम गंगा विद्या मन्दिर में नवीन आचार्यों  के लिए प्रशिक्षण वर्ग संचालित है। ​इस वर्ग के तहत रविवार को आयोजित सत्र में ग्राम भारती जिला समिति के सदस्य अनिल पुरोहित मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने ‘विद्यालय के विकास में आचार्यों की भूमिका’ विषय पर केंद्रित अपना सारगर्भित उद्बोधन दिया।

​पुरोहित ने कहा आचार्य केवल किताबी ज्ञान देने वाले शिक्षक नहीं हैं, बल्कि वे ग्रामीण अंचलों में संस्कृति और संस्कारों के संवाहक हैं। एक सुदृढ़ और समृद्ध विद्यालय की नींव आचार्यों के समर्पण, नवाचार और उनके उच्च नैतिक आचरण पर टिकी होती है। ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जोड़ना आचार्यों का प्राथमिक कर्तव्य है। विद्यालय के विकास के लिए आचार्यों को ग्रामीणों और अभिभावकों के साथ निरंतर संवाद स्थापित कर एक आत्मीय संबंध बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नवीन आचार्यों को शिक्षण की नई पद्धतियों को अपनाकर स्वयं को लगातार अद्यतन (अपडेट) रखना होगा, जिसका सीधा लाभ ग्रामीण छात्र-छात्राओं को मिलेगा।इस मौके पर वर्ग अधिकारी व विद्यालय के प्राचार्य वीरेन्द्र साहू मंचस्थ थे। ​इससे पहले प्रथम सत्र में जिला समन्वयक जयलाल प्रधान ने स्वदेशी, स्वावलम्बन, स्वास्थ्य और संस्कृति विषयों पर मार्गदर्शन किया। विदित रहे,  प्रशिक्षण वर्ग में जिले के विभिन्न ग्रामीण अंचलों से 62 प्रशिक्षार्थी आचार्य-दीदीजी उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं।

जिले में 41 समाधान शिविरों के माध्यम से कुल 35 हजार 470 आवेदन मिले

महासमुंद। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप प्रदेशभर में आयोजित सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत महासमुंद जिले में जनसमस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के लिए आयोजित समाधान शिविर सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में जिले के विभिन्न विकासखंडों में कुल 41 समाधान शिविरों का आयोजन किया गया, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों एवं आमजनों ने अपनी मांगों, समस्याओं एवं शिकायतों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए।

कलेक्टर लंगेह ने संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए लंबित आवेदनों का शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना जिला प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

सुशासन तिहार के दौरान जिले में 01 मई से 05 जून 2026 तक कुल 35 हजार 470 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें 34 हजार 411 मांग संबंधी आवेदन तथा 360 शिकायत संबंधी आवेदन शामिल हैं। प्राप्त आवेदनों में से अब तक 24 हजार 725 आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है, जो कुल प्राप्त आवेदनों का लगभग 70 प्रतिशत है। शेष 10 हजार 745 लंबित आवेदनों के निराकरण की प्रक्रिया तेजी से जारी है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने औचक निरीक्षण के दौरान कमरौद में चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। वहीं जिले के प्रभारी मंत्री एवं खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, सांसद रूपकुमारी चौधरी शिविरों में शामिल हुए। साथ ही क्षेत्रीय विधायक गण एवं जनप्रतिनिधियों की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। जनप्रतिनिधियों द्वारा हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के तहत स्वीकृति पत्र, सामग्री एवं अन्य लाभों का वितरण किया गया। अनेक हितग्राहियों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ मिलने से उनके चेहरे पर संतोष और खुशी देखने को मिली। समाधान शिविरों में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई तथा पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही लाभान्वित किया गया। शिविरों में राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, आयुष्मान कार्ड, किसान कल्याण योजनाएं, राजस्व प्रकरण, विद्युत, पेयजल, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े आवेदनों का निराकरण प्राथमिकता से किया गया।

संवाद से समाधान का उद्देश्य हुआ पूर्ण : 

सुशासन तिहार के दौरान बागबाहरा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत कमरौद में मुख्यमंत्री की घोषणा के मात्र 10 दिवस के भीतर ही मुक्तिधाम निर्माण कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। शासन-प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। इसी तरह आंवराडबरी बनवासी खोमनलाल साहू की समस्या का मौके पर ही समाधान करते हुए आबादी पट्टा तैयार कर उन्हें सौंपा गया। मालिकाना हक मिलने पर खुशी जाहिर करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का धन्यवाद ज्ञापित किया। शिविर में राहुल एवं खोमन को मौके पर ही लर्निंग लाइसेंस जारी होने पर वे बेहद खुश नजर आए। इस त्वरित समाधान के लिए उन्होंने शासन एवं प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। इसी तरह अन्य हितग्राहियों को भी शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत लाभ प्रदान किया गया हैं। हितग्राहियों एवं ग्रामीणों ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से प्रशासन गांवों में पहुंचकर समस्याओं का समाधान कर रहा है, जिससे समय और संसाधन दोनों की बचत हुई हैं। इस पहल के लिए उन्होंने शासन की सराहना की है। इसके अलावा कई हितग्राहियों को योजनाओं के लिए लाभान्वित किया गया।

कभी टपकता रहता था कच्चे मकान से पानी, पुष्पा साहू के लिए वरदान बन कर आई पीएम आवास योजना

महासमुन्द । कच्चे घर की छत से लगातार टपकता बारिश का पानी और बरसात के वो 4 महीने डर के साये में जीना, न रातों को नींद आती थी और न ही दिन में सुकून। यह किसी कहानी का हिस्सा नहीं बल्कि मोंगरा गांव के पुष्पा साहू और उनके परिवार के जीवन का एक हिस्सा था। लेकिन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार ने उनके जीवन में बड़ा बदलाव किया। पुष्पा साहू का परिवार कभी कच्चे घर की बार-बार मरम्मत से परेशान लेकिन अब पक्के मकान में बेफिक्र होकर सुकून से जीवन यापन कर रहे है।

महासमुंद विकासखंड के ग्राम मोंगरा की रहने वाली पुष्पा साहू और उनके परिवार के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना एक वरदान बन कर आई। ऐसा इसलिए क्योंकि इस योजना से पहले उनका परिवार कच्चे मकान में रहता था। जहां बारिश के मौसम में उनके परिवार को बहुत सारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। बरसात से पहले हर बार खपरैल को सुधारना, घर की मरम्मत करवाना पड़ता था। जिसमें उनको आर्थिक परेशानी भी उठानी पड़ती थी। सालों से उनको यह समस्या होती थी। उनका और उनके परिवार का सपना था कि काश उनका भी पक्का मकान होता तो बार-बार की इस समस्या से छुटकारा मिल जाता। लेकिन उनका परिवार आर्थिक रूप से इतना मजबूत नहीं था कि वो पक्की मकान बना सके।

ऐसे में पीएम आवास योजना उनके परिवार का सहारा बनी। साल 2025-26 में उनका पीएम आवास स्वीकृत हुआ।। इसके लिए 1.20 लाख रुपए की स्वीकृति भी मिली और उनका पक्का मकान बनाने का सपने को पंख मिल गया। धीरे-धीरे उनका सपना साकार होने लगा और फिर उनका पक्का मकान बन कर तैयार हो गया।

पुष्पा साहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को धन्यवाद देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की वजह से उनका बरसों का सपना पूरा हुआ। वह सपना जिसे पूरा करना उनके परिवार के लिए असंभव सा था। पीएम आवास योजना उनके परिवार के लिए वरदान बन कर आई। अब वे अपने पक्के मकान में निश्चिन्त होकर रहते है।

सीमेंट संयंत्र हादसा: ऊंचाई से गिरकर ठेका मजदूर की मौत….

बलौदाबाजार। जिले के ग्राम रवान स्थित एक सीमेंट संयंत्र में ऊंचाई से गिरने के कारण एक ठेका मजदूर की मौत हो गई। मृतक की पहचान हेमप्रकाश खुंटे के रूप में हुई है। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह दुर्घटना है, आत्महत्या है या फिर सुरक्षा में लापरवाही का परिणाम। पुलिस की प्रारंभिक जांच और संयंत्र से मिली जानकारी के अनुसार, मजदूर के सातवीं या नौवीं मंजिल से कूदने की बात सामने आ रही है। कुछ के आदेश दिए, मचा है हड़कंप प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक साथी मजदूर ने उसे रोकने का प्रयास भी किया था, लेकिन वह सफल नहीं हो सका। हालांकि पुलिस ने अभी किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। दूसरी ओर, मृतक के परिजनों ने आत्महत्या की संभावना को पूरी तरह खारिज किया है। परिजनों का कहना है कि हेमप्रकाश सुबह सामान्य स्थिति में घर से काम पर गया था और परिवार में किसी भी तरह का विवाद नहीं था। वे इसे संदिग्ध मौत मानते हुए गहन जांच की मांग कर रहे हैं। मृतक परिवार का इकलौता बेटा बताया जा रहा है, जिससे परिवार पर गहरा आघात पहुंचा है। परिजनों ने कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उन्हें घटना की जानकारी समय पर नहीं दी गई और जब वे संयंत्र पहुंचे तो उन्हें भीतर जाने से रोक दिया गया। इसके अलावा, परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि मौके से एक एम्बुलेंस निकली लेकिन उन्हें उसमें बैठने नहीं दिया गया और न ही किसी प्रकार की स्पष्ट जानकारी दी गई। सूत्रों के अनुसार, मजदूर की मौत घटनास्थल पर ही हो चुकी थी।  इसके बावजूद शव को जल्दबाजी में रायपुर भेज दिए जाने को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन को सूचित किए बिना शव को बाहर भेजना संदेह को और बढ़ाता है। घटना से आक्रोशित परिजन कोतवाली थाना पहुंचे और निष्पक्ष जांच तथा न्याय की मांग करते हुए लिखित आवेदन सौंपा। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने संयंत्र क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। बलौदाबाजार के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने बताया कि पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर घटनास्थल की जांच कर रही है। वहां मौजूद कर्मचारियों और अन्य लोगों से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की रिपोर्ट और मेडिकल मेमो का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं दुर्घटना, आत्महत्या और कार्यस्थल सुरक्षा में लापरवाही की जांच कर रही है। इस घटना ने औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था और मजदूरों की कार्यस्थल सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बसना/ 4.50 करोड़ रुपये के धान घोटाले में दो और आरोपी गिरफ्तार लंबे समय से थे फरार 17 हजार क्विंटल से अधिक धान की हेराफेरी का मामला, न्यायिक रिमांड पर भेजे गए जेल

बसना/ 4.50 करोड़ रुपये के धान घोटाले में दो और आरोपी गिरफ्तार लंबे समय से थे फरार 17 हजार क्विंटल से अधिक धान की हेराफेरी का मामला, न्यायिक रिमांड पर भेजे गए जेल / महाजनपद न्यूज हेमंत वैष्णव बसना, 8 जून। महासमुंद जिले के बसना थाना क्षेत्र अंतर्गत धान खरीदी केंद्र पिरदा में वर्ष 2020-21 के दौरान हुए लगभग 4.50 करोड़ रुपये के धान घोटाले में पुलिस ने दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में तत्कालीन व्यवस्थापक एवं खरीदी केंद्र प्रभारी कन्हाई सेठ (59 वर्ष), निवासी रोहिना, थाना सरायपाली तथा तत्कालीन सेल्समैन राजकुमार पटेल (42 वर्ष), निवासी बरेकेल, थाना बसना शामिल हैं।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति पिरदा के धान उपार्जन केंद्र में 17,210.72 क्विंटल धान की हेराफेरी कर शासन को करीब 4 करोड़ 50 लाख रुपये की आर्थिक क्षति पहुंचाई गई थी। मामले में 27 मार्च 2024 को शिकायत दर्ज होने के बाद थाना बसना में अपराध क्रमांक 163/2024 के तहत धारा 420, 409 और 34 भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।

विवेचना के दौरान पुलिस ने पाया कि धान खरीदी केंद्र में पदस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर धान का गबन किया गया था। मामले में पूर्व में दो आरोपियों की गिरफ्तारी कर उनके विरुद्ध न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया जा चुका है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी थी।

पुलिस की तकनीकी जांच एवं लगातार पतासाजी के बाद सोमवार को मामले के दो मुख्य फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने अपने अपराध को स्वीकार किया तथा जांच में जुटाए गए दस्तावेजी साक्ष्यों से उनकी संलिप्तता भी प्रमाणित हुई।

गिरफ्तार आरोपियों में तत्कालीन व्यवस्थापक एवं खरीदी केंद्र प्रभारी कन्हाई सेठ (59 वर्ष), निवासी रोहिना, थाना सरायपाली तथा तत्कालीन सेल्समैन राजकुमार पटेल (42 वर्ष), निवासी बरेकेल, थाना बसना शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में आर्थिक अपराध, भ्रष्टाचार एवं शासकीय संपत्ति के गबन से जुड़े मामलों में लगातार कार्रवाई की जा रही है। धान घोटाले के इस मामले में भी सभी दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

पिथौरा/ सदमे में तालाब मालिक की हालत बिगड़ी अस्पताल में भर्ती तालाब में जहर डालने से हजारों मछलियों की मौत, लाखों का नुकसान, थाना कर रही है जांच

पिथौरा/ सदमे में तालाब मालिक की हालत बिगड़ी अस्पताल में भर्ती तालाब में जहर डालने से हजारों मछलियों की मौत, लाखों का नुकसान, थाना कर रही है जांच

महाजनपद न्यूज रिपोर्ट हेमन्त वैष्णव सांकरा/महासमुंद, 8 जून। ग्राम पंचायत नवागांव के आश्रित ग्राम केसरीपुर में स्थित एक निजी तालाब में अज्ञात व्यक्तियों द्वारा जहरीला पदार्थ डालने का मामला सामने आया है। घटना के बाद तालाब में पाली गई हजारों मछलियां मर गईं, जिससे तालाब मालिकों को लाखों रुपये के नुकसान की आशंका है। मामले की शिकायत सांकरा थाना में की गई है तथा पुलिस जांच में जुटी हुई है।

जानकारी के अनुसार ग्राम केसरीपुर स्थित लगभग 12 से 13 एकड़ क्षेत्रफल वाले तालाब में मोहन पटेल, चंद्रमणि पटेल एवं परमानंद पटेल द्वारा मछली पालन किया जा रहा था। सोमवार सुबह ग्रामीणों ने तालाब में बड़ी संख्या में मछलियों को मृत एवं तड़पती हुई अवस्था में देखा। मृत मछलियों में करीब 2 किलो तक वजन वाली बड़ी मछलियां भी शामिल हैं। ग्रामीणों के अनुसार सुबह तक लगभग 5 क्विंटल मछलियां तालाब से बाहर निकल चुकी थीं, जबकि तालाब में अभी भी बड़ी संख्या में मृत एवं अर्धमृत मछलियां मौजूद हैं।

घटनास्थल के आसपास संदिग्ध जहरीले पदार्थ की एक बोतल मिलने की जानकारी भी सामने आई है। इसके बाद ग्रामीणों ने तालाब में जानबूझकर जहर डाले जाने की आशंका व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
जलीय जीवों का भी भारी नुकसान
ग्रामीणों के अनुसार घटना में केवल मछलियां ही नहीं बल्कि तालाब में रहने वाले मेंढक, केकड़े, घोंघे, झींगा प्रजातियां तथा अन्य जलीय जीव भी प्रभावित हुए हैं। बड़ी संख्या में जलीय जीव मृत अवस्था में पानी की सतह पर दिखाई दे रहे हैं। इससे तालाब के जलीय पर्यावरण को भी गंभीर क्षति पहुंची है।

ग्रामीणों और पशुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता
गर्मी के मौसम में तालाब का जलस्तर कम होने के बावजूद 3 गांव के कई लोग इसी तालाब के पानी का उपयोग नहाने-धोने सहित अन्य कार्यों के लिए करते थे। ग्रामीणों का कहना है कि बीती रात कई मवेशियों ने भी इसी तालाब का पानी पिया होगा। ऐसे में पशुओं के स्वास्थ्य पर भी खतरा उत्पन्न हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पशु चिकित्सा विभाग और स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजकर स्थिति का परीक्षण कराने की मांग की है।

सदमे से बिगड़ी तालाब मालिक की तबीयत
परिजनों के अनुसार जब तालाब में मालिक मोहन पटेल ने  पाली गई हजारों मछलियों को मृत अवस्था में देखा तो उन्हें गहरा सदमा लगा। घटना के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिवार ने बताया कि उन्हें उपचार के लिए रायपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

पुलिस जांच में जुटी
तालाब मालिक मोहन पटेल, चंद्रमणि पटेल एवं परमानंद पटेल द्वारा सांकरा थाना में शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते दोषियों का पता नहीं लगाया गया तो ऐसी घटनाएं भविष्य में भी दोहराई जा सकती हैं।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
ग्रामीणों ने प्रशासन से तालाब के पानी की वैज्ञानिक जांच, मृत मछलियों एवं अन्य जलीय जीवों का परीक्षण, घटनास्थल से मिली संदिग्ध बोतल की फोरेंसिक जांच तथा दोषियों की शीघ्र पहचान कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही प्रभावित परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग भी की गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि यह घटना केवल मछलियों की मौत तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे एक परिवार की आजीविका, ग्रामीणों की सुरक्षा तथा स्थानीय पर्यावरण पर गंभीर प्रभाव पड़ा है। अब पूरे क्षेत्र की नजर प्रशासनिक जांच और दोषियों पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई