रायपुर : सेरेब्रल पाल्सी से प्रभावित बच्चों के लिए संवेदनशील पहल, सी.पी. चेयर से आसान होगा रोजमर्रा का जीवन

रायपुर : सेरेब्रल पाल्सी से प्रभावित बच्चों के लिए संवेदनशील पहल, सी.पी. चेयर से आसान होगा रोजमर्रा का जीवन

फिजिकल रेफरल रिहैबिलिटेशन सेंटर ने बहु दिव्यांग बालिका गृह के बच्चों को उनकी जरूरत के अनुरूप उपलब्ध कराई विशेष चेयर

रायपुर, 19 सितम्बर 2026।

दिव्यांग बच्चों के लिए छोटी-सी सुविधा भी उनके दैनिक जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है। इसी संवेदनशील सोच के साथ फिजिकल रेफरल रिहैबिलिटेशन सेंटर, माना कैम्प, रायपुर द्वारा बहु दिव्यांग बालिका गृह में निवासरत सेरेब्रल पाल्सी से प्रभावित बच्चों के लिए उनकी विशेष आवश्यकताओं के अनुरूप सी.पी. चेयर (Cerebral Palsy Chair) उपलब्ध कराई गई। यह विशेष चेयर बच्चों को बैठने के दौरान आवश्यक सहारा और स्थिरता देने के साथ भोजन, अध्ययन और अन्य दैनिक गतिविधियों को अधिक सहज बनाने में मदद करेगी।

सेरेब्रल पाल्सी से प्रभावित बच्चों को शरीर की उचित स्थिति बनाए रखने और लंबे समय तक सुरक्षित एवं आरामदायक ढंग से बैठने में कठिनाई हो सकती है। ऐसे में उनकी शारीरिक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार की गई सी.पी. चेयर उचित पोस्चर सपोर्ट प्रदान करती है। इससे बच्चों को दैनिक गतिविधियों में बेहतर सहभागिता के अवसर मिलते हैं और पुनर्वास प्रक्रिया को भी अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलती है।

फिजिकल रेफरल रिहैबिलिटेशन सेंटर द्वारा बच्चों की आवश्यकताओं का आकलन कर उनके लिए उपयुक्त मॉडिफाइड सी.पी. चेयर उपलब्ध कराई गई। चेयर बच्चों को सही पोस्चर बनाए रखने, शरीर को आवश्यक स्थिरता देने तथा बैठने से जुड़ी गतिविधियों को अधिक सुविधा के साथ करने में सहयोग करेगी।

यह पहल दिव्यांग बच्चों की व्यक्तिगत जरूरतों को समझते हुए उन्हें आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराने और उनके जीवन को अधिक सहज एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है। उचित सहारा और अनुकूल सुविधाएं मिलने से बच्चों की दैनिक गतिविधियों में सहभागिता बढ़ाने, आत्मविश्वास विकसित करने और पुनर्वास प्रक्रिया को मजबूत करने में मदद मिलती है।

बहु दिव्यांग बालिका गृह के बच्चों के लिए सी.पी. चेयर की उपलब्धता केवल एक सहायक उपकरण प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उनकी गरिमा, सुविधा, सहभागिता और बेहतर जीवन की दिशा में सहयोग का माध्यम है। दिव्यांग बच्चों की आवश्यकताओं के अनुरूप इस प्रकार की पहल समावेशी और संवेदनशील समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

रायपुर : सेवा संकल्प अभियान में छात्राओं ने दिया अधिकार, कर्तव्य और जनभागीदारी का संदेश

रायपुर : सेवा संकल्प अभियान में छात्राओं ने दिया अधिकार, कर्तव्य और जनभागीदारी का संदेश

नुक्कड़ नाटक के माध्यम से संविधान के मूल्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति किया जागरूक

रायपुर, 19 सितम्बर 2026।
सेवा, जागरूकता और जनभागीदारी की भावना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत शासकीय नवीन कन्या महाविद्यालय, सूरजपुर में नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। छात्राओं ने प्रभावशाली अभिनय और सरल संवादों के माध्यम से संवैधानिक अधिकारों, मौलिक कर्तव्यों, सामाजिक सहभागिता तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।

नुक्कड़ नाटक के माध्यम से छात्राओं ने बताया कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को समानता, स्वतंत्रता और न्याय का अधिकार प्रदान करता है। साथ ही नागरिकों को राष्ट्र और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन करने की प्रेरणा देता है। छात्राओं ने संविधान की प्रस्तावना में निहित न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के मूल्यों को सहज एवं रोचक ढंग से प्रस्तुत किया।

प्रस्तुति के दौरान सामाजिक समरसता, आपसी सद्भाव, राष्ट्र की एकता एवं अखंडता तथा सभी नागरिकों के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया। छात्राओं ने मौलिक अधिकारों के साथ मौलिक कर्तव्यों की जानकारी देते हुए संविधान के सम्मान, सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा, पर्यावरण संरक्षण, वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने और समाज में भाईचारे की भावना को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अधिकारों के प्रति जागरूकता के साथ कर्तव्यों का पालन ही जिम्मेदार नागरिकता की पहचान है।

जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देकर बढ़ाई जागरूकता

नुक्कड़ नाटक के दूसरे प्रमुख विषय के रूप में शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। छात्राओं ने अभिनय के माध्यम से बताया कि कई बार योजनाओं की जानकारी के अभाव में पात्र व्यक्ति शासकीय योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में जागरूक नागरिकों और युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।

छात्राओं ने आसपास के जरूरतमंद और पात्र लोगों तक योजनाओं की सही जानकारी पहुंचाने तथा संबंधित विभाग एवं कार्यालय से संपर्क कर पात्रतानुसार लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। प्रस्तुति में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक स्वावलंबन से जुड़े शासकीय प्रयासों की उपयोगिता को भी रेखांकित किया गया।

छात्राओं ने संदेश दिया कि शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में जनजागरूकता और जनभागीदारी महत्वपूर्ण कड़ी है। युवा वर्ग योजनाओं की सही जानकारी साझा कर भ्रम एवं गलत सूचनाओं को दूर करने तथा जरूरतमंद लोगों को आवेदन प्रक्रिया और संबंधित विभाग तक पहुंचने में सहयोग कर सामाजिक बदलाव में सक्रिय भूमिका निभा सकता है।

कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं ने ‘जागरूक नागरिक-सशक्त समाज’ का संदेश देते हुए सेवा संकल्प अभियान को जनभागीदारी से जोड़ने का सार्थक प्रयास किया।

पत्नी ने दाँत से काटे प्राइवेट पार्ट, गुस्साए पति ने काट दी नाक! जाँच में जुटीं पुलिस

यूपी के हरदोई जिले के सांडी थाना क्षेत्र के मुंशीगंज मोहल्ले की एक महिला ने पति पर उसकी नाक काटने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक घायल महिला को सांडी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भेजा गया, जहां से उसे हरदोई चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल रेफर कर दिया गया। महिला ने आरोप लगाया है कि पति ने उसके सिर पर हमला किया और चाकू से उसकी नाक काटकर नाली में फेंक दी। महिला ने आरोप लगाया कि घटना के समय उसकी सास और ससुर ने उसके हाथ पकड़े थे।
सांडी थाना प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) पुष्पराज ने बताया कि महिला करीब तीन महीने पहले किसी के साथ चली गई थी और बृहस्पतिवार को दोबारा वापस आने पर पति-पत्नी के बीच विवाद हो गया। थाना प्रभारी के अनुसार, विवाद के दौरान पति ने मारपीट करते हुए पत्नी की नाक दांत से काट ली।उन्होंने बताया कि महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और आरोपी पति दीपक को हिरासत में लेकर शांति भंग के मामले में कार्रवाई की गई है।

महिला पर गंभीर आरोप लगाए गए
वहीं ससुराल पक्ष ने महिला पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला की सास ने आरोप लगाया कि उनकी बहू साधना (27) ढाई महीने पहले मोहल्ले के ही एक युवक के साथ चली गई थी। उस समय मामला पुलिस तक पहुंचा था और पुलिस के सामने दोनों पक्षों में समझौता हुआ था, जिसके बाद साधना युवक के साथ चली गई थी।
पति के निजी अंग को दांत से काटा
सास ने बताया कि अचानक लौटकर साधना बच्चों को अपने साथ ले जाने लगी। इसी को लेकर विवाद हुआ और साधना ने पति के निजी अंग को दांत से काट लिया और बाद में खुद अपना सिर जमीन पर पटककर घायल हो गई। साधना की शादी करीब 10 साल पहले मुंशीगंज निवासी दीपक से हुई थी, जो पेशे से वाहन चालक है। दंपति की तीन बेटियां हैं, जिनकी उम्र आठ, छह और तीन वर्ष है। पुलिस के अनुसार महिला की ओर से अभी कोई तहरीर नहीं दी गई है, जबकि सास ने शिकायत दर्ज कराई है। उसने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच कर रही है।

CG/ सरायपाली छुट्टियों का फायदा उठाकर लिमगांव से परसकोल तक स्कूलों में चोरी, स्कूलों के ताले तोड़कर कंप्यूटर उपकरण, लैब सामान, राशन और बर्तन चोरी, FIR दर्ज

स्कूलों में चोरी की दो वारदातों से हड़कंप, कंप्यूटर से लेकर राशन और बर्तन तक ले गए चोर

लिमगांव में ₹17,730 और परसकोल स्कूल में करीब ₹50 हजार का सामान चोरी, दोनों मामलों में अज्ञात आरोपियों की तलाश

महासमुंद। जिले में शासकीय स्कूलों को निशाना बनाकर चोरी की दो अलग-अलग घटनाएं सामने आई हैं। सरायपाली थाना क्षेत्र के ग्राम लिमगांव में हाईस्कूल, मिडिल स्कूल और संकुल भवन के ताले तोड़कर इलेक्ट्रॉनिक सामान, लैब उपकरण, राशन और बर्तन सहित कुल ₹17,730 का सामान चोरी कर लिया गया। वहीं सिंघोड़ा थाना क्षेत्र के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परसकोल में छुट्टियों के दौरान कंप्यूटर सेट, छह बैटरियां और दो साउंड बॉक्स चोरी हुए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब ₹50 हजार बताई गई है।

लिमगांव की घटना में हाईस्कूल के प्रभारी प्राचार्य ने पुलिस को बताया कि 12 सितंबर की शाम 6 बजे से 15 सितंबर की सुबह 6 बजे के बीच अज्ञात आरोपी ने स्कूल परिसर में प्रवेश कर चोरी की। 15 सितंबर को शिक्षक मनीष साहू ने स्कूल के ताले टूटे होने की जानकारी दी। मौके पर पहुंचने पर हाईस्कूल और मिडिल स्कूल के मुख्य गेट के ताले टूटे मिले। हाईस्कूल के कार्यालय से डेल कंपनी के दो माउस, VGA केबल, दो HDMI केबल और वेब कैमरा चोरी मिले। इसके अलावा आठ नल, साउंड बॉक्स, माइक्रोस्कोप और स्ट्रिप लैंप सहित अन्य सामान गायब था।

मिडिल स्कूल में जांच करने पर कक्षा छठवीं में रखा 90 किलो चावल भी चोरी मिला। कार्यालय से पीतल की घंटी तथा संकुल भवन से स्टील और लोहे के कई बर्तन, भगोना, कुकर सहित अन्य सामान गायब पाया गया। शिकायत के अनुसार चोरी गए सामान की कुल कीमत ₹17,730 है। शाला समिति से चर्चा के बाद 18 सितंबर को थाना सरायपाली में रिपोर्ट दर्ज कराने आवेदन दिया गया।

इसी तरह परसकोल के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में भी 13 से 15 सितंबर के बीच चोरी की घटना हुई। विद्यालय के प्राचार्य कोमल प्रसाद पटेल ने थाना सिंघोड़ा में शिकायत दर्ज कराई कि शासकीय छुट्टी के दौरान अज्ञात व्यक्तियों ने स्कूल भवन से कंप्यूटर सेट, छह बैटरियां और दो साउंड बॉक्स चोरी कर लिए। चोरी गए सामान की अनुमानित कीमत करीब ₹50 हजार बताई गई है।

प्राचार्य की शिकायत पर थाना सिंघोड़ा पुलिस ने प्रथम दृष्टया अपराध पाए जाने पर BNS की धारा 305(E) और 331(4) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया है। दोनों घटनाओं में स्कूलों की छुट्टियों के दौरान ताले तोड़कर शासकीय सामान चोरी किया गया है। पुलिस द्वारा अब चोरी गए सामान और अज्ञात आरोपियों की तलाश की जा रही है।

सरायपाली/ बालसी शासकीय स्कूल में जिला पंचायत सभापति कुमारी भास्कर ने किया आकस्मिक निरीक्षण

सरायपाली/ बालसी शासकीय स्कूल में जिला पंचायत सभापति कुमारी भास्कर ने किया आकस्मिक निरीक्षण

विद्यार्थियों से पढ़ाई को लेकर किया सवाल-जवाब, बच्चों के साथ बैठकर मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता भी परखी

सरायपाली। विधानसभा सरायपाली अंतर्गत शासकीय उच्च प्राथमिक शाला बालसी का 18 सितंबर 2026 को जिला पंचायत सभापति एवं भाजपा जिला मंत्री महासमुंद श्रीमती कुमारी भास्कर ने आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक एवं अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

इस दौरान कक्षा 6वीं से 8वीं तक के विद्यार्थियों से पढ़ाई से संबंधित सवाल-जवाब कर उनके शैक्षणिक स्तर की जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ाई करने तथा अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए नियमित रूप से मेहनत करने के लिए प्रोत्साहित किया।

निरीक्षण के दौरान मध्यान्ह भोजन के समय श्रीमती कुमारी भास्कर बच्चों के साथ बैठकर भोजन किया। उन्होंने मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता, बच्चों को परोसे जा रहे भोजन तथा भोजन व्यवस्था का भी जायजा लिया।

इस अवसर पर ग्राम पंचायत बालसी की सरपंच श्रीमती राधा रॉय भी उपस्थित रहीं। निरीक्षण के दौरान विद्यालय की व्यवस्थाओं और बच्चों को मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली गई।

श्रीमती कुमारी भास्कर ने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पौष्टिक आहार और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। विद्यालयों में बच्चों की शिक्षा और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास जरूरी हैं।

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बसना में तीन जगह पुलिस की दबिश, 120 लीटर अवैध महुआ शराब के साथ 3 गिरफ्तार

बसना। अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और तस्करी के खिलाफ महासमुंद पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी अभियान के तहत थाना बसना पुलिस ने 17 सितंबर 2026 को तीन अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए कुल 120 लीटर हाथ भट्टी निर्मित महुआ शराब जब्त की है। बरामद शराब की कुल कीमत करीब 20 हजार रुपये बताई गई है। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। पुलिस के अनुसार पहली कार्रवाई वार्ड क्रमांक 02, पानी टंकी के पास की गई। यहां पुलिस ने महिला आरोपी बिंदु गहरें (40 वर्ष) को पकड़ा। उसके कब्जे से नीले रंग के ड्रम में बिक्री के लिए रखी 30 लीटर महुआ शराब, जिसकी कीमत करीब 6 हजार रुपये है, बरामद की गई।

दूसरी कार्रवाई वार्ड क्रमांक 02, ओवरब्रिज के पास हुई। पुलिस ने घेराबंदी कर साधुराम गहरें (55 वर्ष) को अवैध शराब बिक्री के लिए ग्राहकों का इंतजार करते पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से दो जरकीनों में रखी 40 लीटर महुआ शराब बरामद हुई, जिसकी कीमत करीब 4 हजार रुपये बताई गई है। इसी तरह तीसरी कार्रवाई चकदरहा नाला के पास तिलकापुर रोड, ग्राम पथरला में मुखबिर की सूचना पर की गई। पुलिस ने शिवकुमार चौहान (36 वर्ष) को घेराबंदी कर पकड़ा। उसके कब्जे से 50 लीटर क्षमता वाले प्लास्टिक ड्रम में भरी 50 लीटर हाथ भट्टी निर्मित महुआ शराब बरामद हुई, जिसकी कीमत करीब 10 हजार रुपये है।तीनों मामलों में थाना बसना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया। पुलिस ने आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।

तीनों कार्रवाई में कुल 120 लीटर शराब जब्त : पुलिस कार्रवाई में कुल 120 लीटर अवैध देशी महुआ शराब, जिसकी अनुमानित कीमत 20 हजार रुपये है, जब्त की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिंदु गहरें, साधुराम गहरें और शिवकुमार चौहान के रूप में हुई है। महासमुंद पुलिस द्वारा जिले में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। थाना बसना पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अवैध शराब कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति है।

बसना : अंतर्राज्यीय फुटबॉल प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला 20 सितम्बर को

ग्रामीण प्रतिभाओं को मिले बेहतर अवसर – मोक्ष कुमार प्रधान

बसना विधानसभा क्षेत्र के ग्राम जगदीशपुर स्थित खेल मैदान में जगदीशपुर नरसिंगपुर खेल संघ के तत्वावधान में अंतर्राज्यीय फुटबॉल प्रतियोगिता का भव्य एवं उत्साहपूर्ण शुभारंभ हुआ। प्रतियोगिता में विभिन्न क्षेत्रों से फुटबॉल टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिससे खेल मैदान में खेलप्रेमियों और दर्शकों का खासा उत्साह देखने को मिला। इस भव्य खेल आयोजन में बसना विधानसभा के सक्रिय कांग्रेस नेता एवं जिला पंचायत सदस्य मोक्ष कुमार प्रधान विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा आयोजन समिति को इस तरह की बड़ी खेल प्रतियोगिता आयोजित करने के लिए बधाई दी।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जे.एम.एस. स्कूल के सेवानिवृत्त प्राचार्य कलेत गुरुजी उपस्थित रहे। उनके साथ प्राचार्य कंवर मैडम, एस. नंद, पांडव गुरुजी, मनोज नंद, राकेश नंद, खेल संघ अध्यक्ष अनिमेष बढ़ाई, सरपंच प्रतिनिधि मनसा नायक, शोभित नथानियल एवं कमल नयन प्रधान सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं खेलप्रेमी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का प्रभावी एवं आकर्षक मंच संचालन लोरीश कुमार गुरुजी द्वारा किया गया।

ओडिशा की दो टीमों के बीच हुआ मुकाबला
प्रतियोगिता का उद्घाटन मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, जिसमें ओडिशा की दो टीमों ने मैदान में उतरकर अपने शानदार खेल का प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों के जोश, जज्बे और बेहतरीन खेल कौशल ने मैदान में मौजूद दर्शकों को रोमांचित कर दिया। पूरे मुकाबले के दौरान खेलप्रेमियों ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए तालियों और नारों से मैदान को गुंजायमान रखा।
इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य मोक्ष कुमार प्रधान ने कहा कि ग्रामीण अंचल में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता है तो केवल उन्हें बेहतर मंच और अवसर देने की। इस प्रकार की अंतर्राज्यीय प्रतियोगिताएं क्षेत्र के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देती हैं और युवाओं को खेल के प्रति प्रेरित करती हैं। उन्होंने कहा कि खेल केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, संघर्ष, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का सशक्त माध्यम भी है।

उन्होंने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मैदान में जीत-हार से ज्यादा महत्वपूर्ण खेल भावना, मेहनत और अनुशासन है। ग्रामीण क्षेत्र के युवा खेल के माध्यम से अपने गांव, क्षेत्र और प्रदेश का नाम रोशन कर सकते हैं।
20 सितंबर को होगा फाइनल मुकाबला
जगदीशपुर नरसिंगपुर खेल संघ द्वारा आयोजित इस अंतर्राज्यीय फुटबॉल प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला 20 सितंबर को खेला जाएगा। फाइनल को लेकर क्षेत्र के खेलप्रेमियों में विशेष उत्साह बना हुआ है। प्रतियोगिता के आगामी मुकाबलों में खिलाड़ियों के बीच कड़ा और रोमांचक संघर्ष देखने को मिलने की उम्मीद है।
आयोजन समिति ने क्षेत्र के अधिक से अधिक खेलप्रेमियों से प्रतियोगिता में पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने की अपील की है। ग्रामीण अंचल में आयोजित यह अंतर्राज्यीय फुटबॉल प्रतियोगिता निश्चित रूप से युवाओं में खेल भावना को मजबूत करने और नई खेल प्रतिभाओं को सामने लाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
जगदीशपुर का खेल मैदान इन दिनों फुटबॉल के जुनून से सराबोर है और 20 सितंबर के फाइनल मुकाबले पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

प्राथमिक शिक्षक शिक्षा सर्टिफिकेट कोर्स लॉन्च

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने प्राथमिक स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से छह माह का प्राथमिक शिक्षक शिक्षा (पीटीई) सर्टिफिकेट (ब्रिज) कोर्स शुरू किया है। इस कोर्स का उद्देश्य शिक्षकों को ऐसे कौशल और क्षमता से लैस करना है, जिससे वे छात्रों को बेहतर शिक्षा और आजीवन सीखने के अवसर प्रदान कर सकें। यह ब्रिज कोर्स बुधवार को लॉन्च किया गया और इसका संचालन नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (एनआईओएस) के माध्यम से किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, यह कोर्स शिक्षकों को बाल-केंद्रित, समावेशी और बच्चों के विकास के अनुरूप शिक्षण पद्धतियां अपनाने में मदद करेगा, जिससे प्राथमिक और आधारभूत शिक्षा की गुणवत्ता मजबूत होगी।यह कोर्स विशेष रूप से उन कार्यरत प्राथमिक विद्यालय शिक्षकों के लिए तैयार किया गया है, जिनके पास बीएड की डिग्री है। यह उन्हें प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ाने के लिए आवश्यक प्रमाणन प्राप्त करने का अवसर देगा। अधिकारियों ने बताया कि यह एक विशेष पेशेवर प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जो शिक्षकों को कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों को प्रभावी ढंग से पढ़ाने के लिए जरूरी कौशल और दक्षताएं विकसित करने में मदद करेगा।

यह कोर्स राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के ढांचे के अनुरूप तैयार किया गया है। इसमें शैक्षणिक अध्ययन के साथ कम से कम 10 दिन की ऑनलाइन संपर्क कक्षाएं और 20 दिन का स्कूल आधारित प्रशिक्षण शामिल होगा। कोर्स का उद्देश्य शिक्षकों को छोटे बच्चों की विविध शिक्षण आवश्यकताओं को समझने और उनके अनुसार शिक्षण करने में सक्षम बनाना है। इसमें छह सैद्धांतिक विषय और स्कूल आधारित प्रायोगिक प्रशिक्षण (प्रैक्टिकम) शामिल हैं, जिससे शिक्षण सिद्धांत और कक्षा शिक्षण के बीच बेहतर तालमेल स्थापित हो सके। अधिकारियों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने 8 अप्रैल 2024 को देवेश शर्मा बनाम भारत संघ मामले में दिए गए फैसले में एनसीटीई को ऐसे प्राथमिक शिक्षकों के लिए ब्रिज कोर्स तैयार करने का अधिकार दिया था, जिनकी नियुक्ति तो हो गई थी, लेकिन उनके पास डीएलएड की योग्यता नहीं थी। इसके बाद यह ब्रिज कोर्स उन कार्यरत प्राथमिक शिक्षकों के लिए तैयार किया गया, जिनकी नियुक्ति 28 जून 2018 से 11 अगस्त 2023 के बीच बीएड डिग्री के आधार पर प्राथमिक कक्षाओं (कक्षा 1 से 5) में पढ़ाने के लिए हुई थी। यह कोर्स विशेष रूप से उन शिक्षकों के लिए है, जिनकी नियुक्तियां एनसीटीई की 28 जून 2018 की अधिसूचना के तहत संरक्षित हैं। कोर्स में सैद्धांतिक और व्यावहारिक दोनों प्रकार के प्रशिक्षण शामिल होंगे, जिनका फोकस आधारभूत शिक्षा के सिद्धांतों पर रहेगा। इस कोर्स की पढ़ाई हिंदी और अंग्रेजी माध्यम में होगी। हालांकि, शिक्षक सार्वजनिक परीक्षा (थ्योरी) में संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल 22 भाषाओं में से किसी भी भाषा में उत्तर लिख सकेंगे। शिक्षा मंत्रालय का मानना है कि यह पहल प्राथमिक स्तर के शिक्षकों की क्षमता को और मजबूत करेगी तथा देश में गुणवत्तापूर्ण और समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

CG: अब निःशुल्क मिलेगा हार्ट अटैक में लगने वाला इंजेक्शन

हार्ट अटैक और गंभीर हृदय रोग के मरीजों के लिए राहत की खबर है। रायपुर के डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय स्थित एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट (ACI) में कई महंगी और जीवनरक्षक दवाएंइंजेक्शन मरीजों को निःशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इनमें हार्ट अटैक के उपचार में इस्तेमाल होने वाला टेनेक्टेप्लेस (TNK-tPA) इंजेक्शन भी शामिल है, जिसकी बाजार कीमत करीब 35 से 40 हजार रुपये बताई गई है। इसके अलावा इवोलोकुमैब, मावाकैम्टेन, टिकैग्रिलोर समेत अन्य आधुनिक हृदय संबंधी दवाएं भी अस्पताल में निःशुल्क मिल रही हैं। इससे गंभीर मरीजों के परिजनों को महंगी दवाएं बाहर से खरीदने के खर्च से राहत मिलेगी।

सरायपाली : चरित्र पर संदेह को लेकर पत्नी से मारपीट का आरोप, ससुर और देवर ने कराया बीच-बचाव

सरायपाली थाना क्षेत्र के ग्राम डोंगरीपाली गांव की एक महिला ने अपने पति पर शराब के नशे में चरित्र पर संदेह करते हुए गाली-गलौज और मारपीट करने का आरोप लगाया है। महिला की शिकायत के अनुसार घटना 16 सितंबर 2026 की शाम की है। शिकायत में महिला ने बताया कि वह शाम करीब 7 बजे गांव के रंगमंच के पास गणेश पूजा करने गई थी।

पूजा के बाद घर लौटने पर उसके पति ने उस पर किसी परिचित व्यक्ति से मिलने जाने का आरोप लगाते हुए गाली-गलौज की। महिला के अनुसार विरोध करने पर पति ने जान से मारने की धमकी देते हुए हाथ-मुक्का से मारपीट की। महिला ने शिकायत में बताया कि मारपीट के दौरान उसके दोनों गाल, पीठ और गले में चोट आई है। उसके चिल्लाने पर ससुर और देवर मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव किया। महिला ने पुलिस से मामले में कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।