सरायपाली/ सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव असफल, नीलमणि रात्रे बने रहेंगे सरपंच

सरायपाली/ सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव असफल, नीलमणि रात्रे बने रहेंगे सरपंच

 

सराईपाली (महासमुंद)
महासमुंद जिले के सराईपाली विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत किसड़ी में सरपंच श्री नीलमणि रात्रे (मुन्ना) के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव असफल हो गया। सरायपाली तहसीलदार श्री पंडा ने बताया कि आवश्यक समर्थन नहीं मिलने के कारण प्रस्ताव पारित नहीं हो सका, जिसके बाद श्री रात्रे सरपंच पद पर बने रहेंगे।
जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत के कुछ पंचों द्वारा सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत मतदान कराया गया, लेकिन प्रस्ताव को आवश्यक मत नहीं मिल सके। परिणामस्वरूप अविश्वास प्रस्ताव गिर गया।

अविश्वास प्रस्ताव असफल होने के बाद सरपंच समर्थकों और ग्रामीणों में खुशी का माहौल देखा गया। समर्थकों का कहना है कि ग्रामीणों ने विकास कार्यों में विश्वास जताते हुए सरपंच के प्रति अपना समर्थन बनाए रखा है।
वहीं, सरपंच समर्थकों का आरोप है कि कुछ लोग पंचायत की कार्यप्रणाली में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं तथा राजनीतिक कारणों से अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। हालांकि, इस संबंध में दूसरे पक्ष का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत क्षेत्र में विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए आपसी सहयोग और समन्वय के साथ कार्य किए जाने की आवश्यकता है, ताकि गांव का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।

अविश्वास प्रस्ताव असफल होने के बाद पंचायत में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं तथा क्षेत्र में इस घटनाक्रम को लेकर विभिन्न चर्चाएं जारी हैं।

सरायपाली में गोदाम सील: कृषि एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम की बड़ी कार्रवाई, 978 बोरी उर्वरक जब्त

 

महासमुंद, 26 जून 2026/ किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा उर्वरक भंडारण एवं विक्रय में पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से कृषि विभाग एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा सरायपाली विकासखंड के ग्राम जोगनीपाली स्थित एक उर्वरक गोदाम का औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान टीम ने मेसर्स अग्रवाल ट्रेडर्स, सरायपाली के स्वामित्व वाले गोदाम का भौतिक सत्यापन किया। जांच में गोदाम में 440 बोरी यूरिया, 250 बोरी 20:20:0:13 तथा 288 बोरी एस.एस.पी.सहित कुल 978 बोरी उर्वरक भंडारित पाया गया।

निरीक्षण के समय प्रतिष्ठान संचालक द्वारा उर्वरक भंडारण केंद्र से संबंधित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इसके बाद अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सरायपाली अनुपमा आनंद की उपस्थिति में पंचनामा तैयार किया गया तथा उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के खंड 28(1)(डी), प्रोफार्मा-2, प्रोफार्मा-2ए एवं प्रोफार्मा-4 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की गई।

संयुक्त टीम द्वारा उक्त भंडारण केंद्र को सील करते हुए वहां मौजूद कुल 978 बोरी उर्वरक को जब्त किया। जब्त उर्वरक को आवश्यक कार्रवाई पूर्ण करते हुए मेसर्स अग्रवाल ट्रेडर्स, सरायपाली को सुपुर्दगी में सौंप दिया गया है।
कृषि विभाग ने बताया कि जिले में उर्वरकों के भंडारण एवं वितरण की नियमित निगरानी की जा रही है तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संस्थानों के विरुद्ध कार्रवाई जारी रहेगी

सरायपाली। “हमें विश्वास नहीं था कि हमारे खेत से हीरा निकलेगा जहां धान उगाते हैं, उसी खेत से हीरा निकलना हमारे लिए गर्व और खुशी की बात है।” यह कहना है महासमुंद जिले के सरायपाली क्षेत्र के पैकिन गांव निवासी किसान योगेश्वर बेहरा का, जिनके निजी खेत से वैज्ञानिक अन्वेषण के दौरान हीरे मिलने की पुष्टि हुई है।

सरायपाली। “हमें विश्वास नहीं था कि हमारे खेत से हीरा निकलेगा जहां धान उगाते हैं, उसी खेत से हीरा निकलना हमारे लिए गर्व और खुशी की बात है।” यह कहना है महासमुंद जिले के सरायपाली क्षेत्र के पैकिन गांव निवासी किसान योगेश्वर बेहरा का, जिनके निजी खेत से वैज्ञानिक अन्वेषण के दौरान हीरे मिलने की पुष्टि हुई है।

 

 

महाजनपद न्यूज हेमन्त वैष्णव
हीरे मिलने की खबर के बाद पैकिन गांव में उत्साह का माहौल है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि क्षेत्र में आगे और अन्वेषण होता है, तो इससे इलाके के विकास, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
दरअसल, छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई है। महासमुंद जिले के सरायपाली क्षेत्र स्थित बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक में एनएमडीसी-सीएमडीसी लिमिटेड द्वारा किए गए वैज्ञानिक परीक्षण के दौरान 200 टन बल्क सैंपल के प्रसंस्करण के बाद कुल 5 हीरे प्राप्त हुए हैं, जिनका कुल वजन 1.22 कैरेट बताया गया है। इनमें दो जेम क्वालिटी तथा तीन अन्य श्रेणी के हीरे शामिल हैं।

जानकारी के अनुसार, बलौदा-बेलमुंडी क्षेत्र में वैज्ञानिक सर्वेक्षण, स्ट्रीम सेडिमेंट सैंपलिंग, भू-भौतिकीय अध्ययन तथा अन्वेषण ड्रिलिंग के आधार पर चिन्हित क्षेत्र से लगभग 200 टन खनिज सामग्री का बल्क सैंपल एकत्र कर परीक्षण किया गया था। परीक्षण के बाद प्राप्त हीरों ने क्षेत्र में हीरा खनिजीकरण की संभावनाओं को और मजबूत किया है।
किसान योगेश्वर बेहरा ने बताया कि करीब चार माह पहले उनके खेत में वैज्ञानिक सर्वेक्षण और खुदाई का कार्य किया गया था। उस समय उन्हें इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि जिस खेत में वे वर्षों से धान की खेती कर रहे हैं, उसी खेत की मिट्टी में हीरे छिपे हुए हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि को छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत उत्साहजनक बताते हुए कहा कि यह प्रदेश की आर्थिक क्षमता और प्राकृतिक संसाधनों के वैज्ञानिक दोहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक अन्वेषण, पारदर्शी प्रबंधन और मूल्य संवर्धन आधारित औद्योगिक विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ पहले से ही देश के प्रमुख खनिज उत्पादक राज्यों में शामिल है और अब हीरा संभावनाओं की पुष्टि से प्रदेश की खनिज विविधता और अधिक समृद्ध होगी। इससे भविष्य में बड़े पैमाने पर निवेश, राजस्व सृजन और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रारंभिक चरण में मिली यह सफलता भविष्य के विस्तृत अन्वेषण कार्यों के लिए महत्वपूर्ण संकेत है। आगामी सर्वेक्षणों और परीक्षणों से क्षेत्र की वास्तविक खनिज क्षमता का अधिक सटीक आकलन किया जा सकेगा।
उल्लेखनीय है कि परीक्षण के दौरान प्राप्त सभी हीरों को सुरक्षित अभिरक्षा में एनएमडीसी के पन्ना स्थित स्ट्रांग रूम में रखा गया है तथा आगे की कार्रवाई नियमानुसार और वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप की जाएगी।

महासमुंद आजीविका मेला 2026 : स्वरोजगार और आजीविका संवर्धन को मिला नया आयाम

आजीविका मेला 2026 : स्वरोजगार और आजीविका संवर्धन को मिला नया आयाम

महासमुंद। जिले में आजीविका संवर्धन को बढ़ावा देने, स्व-सहायता समूहों एवं हितग्राहियों को स्वरोजगार से जोड़ने तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गुरुवार को वन विद्यालय के प्रशिक्षण हॉल में “आजीविका मेला 2026” का आयोजन किया गया।

मेले में श्रम विभाग, पशुपालन विभाग, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, आरसेटी, कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, कौशल विकास विभाग, जिला रोजगार केंद्र, बिहान सहित विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉलों के माध्यम से हितग्राहियों को विभागीय योजनाओं, ऋण सुविधा, प्रशिक्षण, स्वरोजगार एवं आजीविका गतिविधियों से जुड़ने संबंधी विस्तृत जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोगरा पटेल, कलेक्टर श्री विनय लंगेह एवं जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभागीय अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली तथा हितग्राहियों से संवाद कर उनके अनुभव और आवश्यकताओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।

जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोगरा पटेल ने कहा कि आजीविका मेला ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को उनकी क्षमता और रुचि के अनुरूप रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने महिलाओं के स्व-सहायता समूहों को प्रोत्साहित करने तथा स्थानीय संसाधनों पर आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। युवाओं, महिलाओं एवं अन्य हितग्राहियों को कौशल प्रशिक्षण, बैंक लिंकेज और स्वरोजगार गतिविधियों से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि हितग्राहियों के हुनर और रुचि के अनुरूप रोजगार चयन के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करें तथा योजनाओं का लाभ दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। साथ ही सभी विभागों को हितग्राहियों की सूची तैयार कर आवश्यक कार्ययोजना बनाने के निर्देश भी दिए।

जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार ने कहा कि बिहान समूहों के अलावा अन्य हितग्राहियों को भी आजीविका के स्थायी साधनों से जोड़ने के लिए विभागीय समन्वय आवश्यक है। प्रशिक्षण, बाजार उपलब्धता और तकनीकी मार्गदर्शन के माध्यम से रोजगार के बेहतर अवसर तैयार किए जा सकते हैं। इसी उद्देश्य से आजीविका मेले का आयोजन किया गया है।

कार्यक्रम में उपस्थित बिहान समूह की महिलाओं एवं अन्य हितग्राहियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि समूह के माध्यम से उन्हें आर्थिक गतिविधियों से जुड़ने, प्रशिक्षण प्राप्त करने तथा आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, बड़ी संख्या में बिहान की दीदियां, स्व-सहायता समूहों के सदस्य एवं हितग्राही उपस्थित रहे।

सरायपाली/ भ्रष्टाचार में अब अपने बेटों को भी शामिल करने लगे पंचायत कर्मचारी! पढ़िए महाजनपद न्यूज की विशेष खबर

सरायपाली/ भ्रष्टाचार में अब अपने बेटों को भी शामिल करने लगे पंचायत कर्मचारी! पढ़िए महाजनपद न्यूज की विशेष खबर

 

महाजनपद न्यूज हेमन्त वैष्णव सरायपाली/महासमुंद। पंचायतों में वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के मामलों में अब परिजनों की भूमिका भी सामने आने लगी है। इसका ताजा मामला महासमुंद जिले के सरायपाली जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत रिमजी से सामने आया है, जहां पंचायत सचिव पर अपने ही पुत्र के नाम पर बिल लगाकर शासकीय राशि आहरित करने के गंभीर आरोप लगे हैं। मामले की शिकायत जनपद पंचायत सरायपाली के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) से की गई है, जिसके बाद जांच टीम गठित कर दी गई है जनपद सीईओ ने मामले में क्या कहा पढ़े पूरी खबर होगी कार्यवाही

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत रिमजी में पदस्थ सचिव श्रीराम साहू पर आरोप है कि उन्होंने अपने पुत्र अनिल साहू को पंचायत का वेंडर बनाकर नाली सफाई सहित विभिन्न कार्यों के नाम पर बिल लगवाए और शासकीय राशि का आहरण कराया। शिकायतकर्ता आयुष साहू ने इस संबंध में जनपद पंचायत सरायपाली के सीईओ को लिखित शिकायत सौंपकर मामले की जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सचिव ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने पुत्र को आर्थिक लाभ पहुंचाया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि अनिल साहू ग्राम रिमजी का निवासी भी नहीं है, बल्कि वह रिमजी से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम डोंगीझरन का रहने वाला है।

मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि हजारों की आबादी वाले ग्राम रिमजी में नाली सफाई जैसे कार्यों के लिए क्या स्थानीय मजदूर उपलब्ध नहीं थे, जो सचिव को अपने ही पुत्र के नाम पर बिल लगाकर भुगतान करना पड़ा? ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पर्याप्त संख्या में मजदूर उपलब्ध हैं, इसके बावजूद बाहरी व्यक्ति के नाम पर बिल लगाकर राशि आहरित की गई।
शिकायत में यह भी मांग की गई है कि सचिव के पदस्थापना काल से लेकर अब तक अनिल साहू के नाम पर किए गए सभी भुगतानों की विस्तृत जांच कर राशि की वसूली की जाए तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित सचिव के विरुद्ध पंचायत राज अधिनियम एवं अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाए।

इस संबंध में जनपद पंचायत सरायपाली के मुख्य कार्यपालन अधिकारी राजेश साहू ने बताया कि मामले की शिकायत प्राप्त हुई है और जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है। जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी
सीईओ ने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति अधिकृत वेंडर है और सामग्री आपूर्ति करता है, तो उसके नाम से भुगतान किया जा सकता है, लेकिन नाली सफाई जैसे कार्यों के लिए नियमों के विपरीत भुगतान किया गया है या नहीं, इसकी जांच की जाएगी। यदि जांच में अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अब देखना यह होगा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और पंचायतों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।
(महाजनपद न्यूज इस मामले की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर लगातार नजर बनाए हुए है।)

महासमुंद कैबिनेट मंत्री राम विचार नेताम ने रानी दुर्गावती को दी श्रद्धांजलि, वीर नारायण सिंह की प्रतिमा का किया अनावरण

महासमुंद कैबिनेट मंत्री राम विचार नेताम ने रानी दुर्गावती को दी श्रद्धांजलि, वीर नारायण सिंह की प्रतिमा का किया अनावरण

महासमुंद। आदिम जाति कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री राम विचार नेताम ने बुधवार को महासमुंद जिला मुख्यालय में आयोजित वीरांगना रानी दुर्गावती के 462वें शहादत दिवस कार्यक्रम में शामिल होकर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मंत्री ने अटल परिसर में छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा का अनावरण भी किया।

बीटीआई रोड स्थित रानी दुर्गावती चौक में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्री नेताम ने कहा कि रानी दुर्गावती और शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी समाज के शौर्य, साहस और बलिदान के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि इन महान विभूतियों के आदर्शों को अपनाकर समाज में एकता, समरसता, शिक्षा, विकास और राष्ट्र निर्माण के कार्यों को आगे बढ़ाना चाहिए।

मुख्य कार्यक्रम में सांसद रूपकुमारी चौधरी, विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर, अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूप सिंह मण्डावी, औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम, पूर्व राज्य मंत्री पूनम चंद्राकर, पूर्व विधायक डॉ. विमल चोपड़ा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं आदिवासी समाज के लोग उपस्थित रहे।

इस दौरान समाज के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार जनजातीय समाज, किसानों और गरीबों के उत्थान के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। उन्होंने किसानों से जैविक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि खरीफ सीजन को देखते हुए पर्याप्त मात्रा में खाद एवं बीज का भंडारण सुनिश्चित किया गया है तथा कालाबाजारी और नकली खाद-बीज के कारोबार पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।

सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने रानी दुर्गावती और वीर नारायण सिंह के बलिदान को नमन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की गौरवशाली जनजातीय परंपराओं और स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मान देने का कार्य निरंतर किया जा रहा है।

वहीं विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समाज के गौरवशाली इतिहास और महापुरुषों की विरासत को संरक्षित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा क्षेत्र के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और रोजगार के क्षेत्र में अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

सरायपाली/ सोसायटी अध्यक्ष और भाजपा नेता के खिलाफ महिला से छेड़ छाड़ और धमकी के मामले अपराध दर्ज, फरार आरोपी के तलाश में जुटी पुलिस

सरायपाली/ सोसायटी अध्यक्ष और भाजपा नेता के खिलाफ महिला से छेड़ छाड़ और धमकी के मामले अपराध दर्ज, फरार आरोपी के तलाश में जुटी पुलिस

सरायपाली/बलौदा। महासमुंद जिले के बलौदा थाना क्षेत्र के अंतर्गत बलौदा के सोसायटी अध्यक्ष एवं भाजपा नेता नरेश तिवारी के खिलाफ एक महिला की शिकायत पर पुलिस ने अपराध दर्ज किया है। मामले में पुलिस जांच शुरू कर फरार आरोपी की तलाश में जुट गई है।

बलौदा थाना प्रभारी टीआई शैलेन्द्र नाग ने जानकारी देते हुए बताया कि एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई है कि नरेश तिवारी ने उसके घर में घुसकर छेड़छाड़ की तथा उसे धमकी भी दी। शिकायत के आधार पर बलौदा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 332, 351(3) एवं 64 के तहत मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है।

पुलिस के अनुसार, मामला दर्ज होने के बाद से आरोपी नरेश तिवारी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और फरार आरोपी की तलाश जारी है।

टीआई शैलेन्द्र नाग ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है तथा आरोपी की जल्द गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किश्त का हस्तांतरण महासमुंद जिले के 1 लाख 26 हजार से अधिक किसानों के खाते में पहुंचे 25.23 करोड़ रुपए 

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किश्त का हस्तांतरण महासमुंद जिले के 1 लाख 26 हजार से अधिक किसानों के खाते में पहुंचे 25.23 करोड़ रुपए

महासमुंद/ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अंतर्गत 23वीं किश्त की राशि का हस्तांतरण प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वेबकास्ट के माध्यम से पश्चिम बंगाल के तारकेश्वर, जिला हुगली से किया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का सीधा प्रसारण कृषि विज्ञान केन्द्र भलेसर, महासमुंद में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में किसान एवं जनप्रतिनिधि शामिल हुए।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत महासमुंद जिले के 1 लाख 26 हजार 154 किसानों के बैंक खातों में कुल 25 करोड़ 23 लाख रुपये की राशि अंतरित की गई। कार्यक्रम के दौरान किसानों ने प्रधानमंत्री के संबोधन एवं किश्त हस्तांतरण कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा।

कार्यक्रम में विधायक महासमुंद श्री योगेश्वर राजू सिन्हा, जिला स्काउट एवं गाइड संघ के जिलाध्यक्ष श्री ऐतराम साहू, उपाध्यक्ष नगरपालिका परिषद श्री देवीचंद राठी, जनपद पंचायत महासमुंद उपाध्यक्ष श्रीमती हुलसी चन्द्राकर सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण मौजूद रहे। इस अवसर पर कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह, उप संचालक कृषि श्री एफ.आर. कश्यप, कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

कार्यक्रम में किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के महत्व, कृषि विकास एवं शासन की किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों ने किसानों से योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने एवं आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया।

महासमुंद/कलेक्टर श्री लंगेह ने अग्निवीरों को मोमेंटो एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर किया सम्मानित उज्ज्वल भविष्य के लिए दी शुभकामनाएं

महासमुंद/कलेक्टर श्री लंगेह ने अग्निवीरों को मोमेंटो एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर किया सम्मानित उज्ज्वल भविष्य के लिए दी शुभकामनाएं

महासमुंद 20 जून 2026/ माँ महामाया स्पोर्ट्स एंड डिफेंस एकेडमी (निःशुल्क सैन्य प्रशिक्षण केंद्र) महासमुंद में प्रशिक्षण प्राप्त कर भारतीय थलसेना में अग्निवीर के रूप में चयनित युवाओं का कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने मोमेंटो एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

सम्मान समारोह में कलेक्टर श्री लंगेह ने युवाओं को राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पित रहने और अनुशासन, मेहनत तथा लगन के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने एकेडमी के महिला सेना, पुलिस एवं अन्य सुरक्षा बलों की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को भी प्रेरित करते हुए सफलता के लिए निरंतर प्रयास करने की सलाह दी। इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर श्री मनोज कुमार खांडे ने सेना के सिपाही से लेकर शिक्षक, फूड इंस्पेक्टर और डिप्टी कलेक्टर बनने तक के अपने जीवन अनुभव साझा किए। उन्होंने शिक्षा, खेल, समय प्रबंधन और शिष्टाचार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए अभ्यर्थियों को लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा दी।

समारोह में एकेडमी के संचालक एवं आर्मी एडवेंचर ट्रेनर श्री पुरुषोत्तम डनसना (पूर्व सैनिक), श्री चन्द्रहास साहू (शारीरिक/खेल एवं एनसीसी शिक्षक) तथा फॉर्च्यून नेत्रहीन विद्यालय बागबाहरा के संचालक श्री निरंजन साहू,

सम्मानित अग्निवीरों में सरायपाली से रूपधर नेताम, छिंदपाली से ओमप्रकाश गड़तिया, नवरंगपुर से उमेश निषाद, अरेकेल, बसना से गनेसर साव, बागबाहरा से कमल दिवान एवं अचानकपुर से चूड़ामणि पटेल सम्मानित हुए।समारोह में महिला सेना, पुलिस एवं विभिन्न सुरक्षा विभागों की तैयारी कर रही अभ्यर्थी रुपेश्वरी, डोमेश्वरी, ईश्वरी, टिनम, लक्ष्मी, पूजा, लीना, खुशी और दुलारी सहित पुरुष अभ्यर्थी मेघराज, आशीष, आदित्य, त्रिलोक और निखिल भी शामिल हुए। उन्होंने चयनित अग्निवीरों से सफलता के सूत्र सीखे और अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने का संकल्प लिया।

महासमुंद/प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना से हितग्राही परिवार को मिला 2 लाख रुपए का बीमा लाभ

महासमुंद/प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना से हितग्राही परिवार को मिला 2 लाख रुपए का बीमा लाभ

महासमुंद 20 जून 2026/ केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजना प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत ग्राम पंचायत छिबर्रा निवासी स्वर्गीय श्रीमती जमुना बाई दिवान के नामांकित हितग्राही को 2 लाख रुपए की बीमा राशि प्रदान की गई। श्रीमती जमुना बाई दिवान का 28 मार्च 2026 को निधन हो गया था। उनके नाम से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शाखा पिथौरा में बैंक खाता संचालित था, जिसमें श्री किशन दिवान को नॉमिनी के रूप में नामांकित किया गया था।

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के अंतर्गत सामान्य मृत्यु होने पर पात्र नॉमिनी श्री किशन दिवान को 2 लाख की बीमा सहायता राशि स्वीकृत कर प्रदान की गई। इस सहायता राशि से परिवार को आर्थिक संबल प्राप्त हुआ है। बीमा दावा प्रक्रिया के सफल निराकरण में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शाखा पिथौरा के शाखा प्रबंधक श्री ज्ञान रंजन खुटे का विशेष योगदान रहा। साथ ही जनपद पंचायत के अधिकारी श्री डी.एल. बरिहा बीपीएम, श्री कृष्णा दिवान पीआरपी, श्री आबिद अली एफएलसीआरपी, श्रीमती गायत्री यादव एवं बैंक मित्र श्रीमती पदमा पैकरा द्वारा भी आवश्यक सहयोग प्रदान किया गया।

जिला अग्रणी बैंक कार्यालय, बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा आयोजित वित्तीय साक्षरता एवं जनजागरूकता शिविरों के माध्यम से प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना सहित विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी देकर लोगों को योजनाओं से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि कम प्रीमियम में मिलने वाली यह बीमा योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए कठिन समय में आर्थिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है।