तुमगांव में कांग्रेस को मिली बड़ी मजबूती: नगर पंचायत अध्यक्ष की पत्नी राधा साहू दर्जनों कार्यकर्ताओं के साथ कांग्रेस में शामिल

महासमुंद। महासमुंद जिले के तुमगांव नगर पंचायत क्षेत्र में कांग्रेस संगठन को कल उस समय बड़ी मजबूती मिली, जब तुमगांव नगर पंचायत के अध्यक्ष बलराम कांत साहू की पत्नी राधा साहू ने आधिकारिक रूप से कांग्रेस पार्टी का दामन थाम लिया। राधा साहू के साथ क्षेत्र के दर्जनों सक्रिय कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भी कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की।

इस महत्वपूर्ण राजनैतिक प्रवेश कार्यक्रम का आयोजन पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. रश्मि चंद्राकर तथा जिला पंचायत सदस्य सृष्टि चंद्राकर के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष संगीता सिन्हा तथा महासमुंद जिला अध्यक्ष द्वारकाधीश यादव द्वारा राधा साहू और उनके समर्थकों को कांग्रेस का गमछा पहनाकर पार्टी में विधिवत शामिल किया गया।

वरिष्ठ नेताओं ने सभी नए सदस्यों का पार्टी में आत्मीय स्वागत किया।

इस अवसर पर महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष संगीता सिन्हा ने कहा कि कांग्रेस की जनहितैषी नीतियों और नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए लगातार लोग पार्टी से जुड़ रहे हैं।  राधा साहू और उनके दर्जनों साथियों के आने से तुमगांव क्षेत्र में संगठन को अभूतपूर्व शक्ति मिलेगी।

पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ. रश्मि चंद्राकर और जिला पंचायत सदस्य सृष्टि चंद्राकर ने कहा कि स्थानीय स्तर पर मजबूत पकड़ रखने वाले परिवारों का कांग्रेस में आना यह साबित करता है कि जनता और जमीनी कार्यकर्ता विकास की राजनीति के साथ हैं। इस प्रवेश से आने वाले समय में स्थानीय निकाय और संगठन के कार्यों को नई गति मिलेगी।

श्रीमती  साहू ने कांग्रेस प्रवेश के बाद शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुँचाने और संगठन को मजबूत करने के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य करेंगी। इस दौरान तुमगांव और महासमुंद क्षेत्र के अनेक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता, पदाधिकारी एवं भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।

महासमुंद में महिला कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन: नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष संगीता सिन्हा का ऐतिहासिक स्वागत

महासमुंद। छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस की नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष एवं संजारी बालोद विधायक संगीता सिन्हा के महासमुंद प्रथम आगमन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ऐतिहासिक और अभूतपूर्व स्वागत किया। खल्लारी विधानसभा के लाडले विधायक व महासमुंद जिला कांग्रेस अध्यक्ष द्वारकाधीश यादव के नेतृत्व में आयोजित इस स्वागत समारोह के बाद जिला कांग्रेस कार्यालय में जिलास्तरीय महिला कार्यकर्ता सम्मेलन संपन्न हुआ।

इस सम्मेलन में प्रदेश अध्यक्ष ने अपने ओजस्वी और तीखे तेवरों से जिले भर से आई महिला कार्यकर्ताओं में नयी ऊर्जा का संचार किया। कांग्रेस भवन में आयोजित मुख्य कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष संगीता सिन्हा ने राज्य की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने महिलाओं के मुद्दों को उठाते हुए कहा कि महिलाएं आज पछता रही हैं। छत्तीसगढ़ की माताएं-बहनें आज भाजपा सरकार की महतारी वंदन योजना का सच समझ चुकी हैं और वे इस झांसे में आकर पछता रही हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को महीने का महज एक हजार रुपये दे रही है, लेकिन कमरतोड़ महंगाई, महंगे घरेलू गैस सिलेंडर और रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ाकर उनकी जेब से हर महीने कई हजार रुपये वापस छीन रही है। भाजपा की नीतियां केवल चुनावी लाभ के लिए थीं। जमीन पर आज महिलाएं ठगा हुआ महसूस कर रही हैं और बढ़ती महंगाई ने घर का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महासमुंद जिलाध्यक्ष एवं खल्लारी विधायक द्वारकाधीश यादव ने संगठन की मजबूती और स्थानीय मुद्दों पर बेहद महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की असली ताकत हमारी महिला कार्यकर्ता हैं, जो विपरीत परिस्थितियों में भी जमीन पर डटकर पार्टी का झंडा बुलंद रखती हैं। संगीता सिन्हा के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस एक नया इतिहास रचेगी। महासमुंद जिले का हर एक कार्यकर्ता संगठन को मजबूत करने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर काम करेगा। कहा कि भाजपा सरकार की विफलताओं और झूठे वादों को बेनकाब करने के लिए जिला कांग्रेस का एक-एक विंग सडक़ों पर उतरेगा। हम जनता के हक की लड़ाई पूरी ताकत से लड़ेंगे। इस कार्यक्रम को कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं और प्रबुद्ध वक्ताओं ने भी संबोधित किया, जिन्होंने संगठन की एकजुटता पर बल दिया जिसमें प्रमुख रूप से चातुरी नंद (सरायपाली विधायक), अमरजीत चावला (वरिष्ठ कांग्रेस नेता), डॉ. रश्मि चंद्राकर पूर्व जिलाध्यक्ष, आलोक चंद्राकर उपाध्यक्ष जीव जंतु कल्याण बोर्ड आदि शामिल हैं। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य महासमुंद जिले में महिला कांग्रेस की गतिविधियों को तेज करना और आगामी राजनैतिक चुनौतियों के लिए जमीन तैयार करना था। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने पूरी निष्ठा के साथ संगठन के लिए काम करने का सामूहिक संकल्प लिया।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से शहर कांग्रेस अध्यक्ष गुरमीत चावला, जिला उपाध्यक्ष संजय शर्मा, राजेन्द्र चन्द्राकर, भरत ठाकुर, शहर महामंत्री निर्मल जैन, गणेश शर्मा, समीम खान, गिरीश पटेल, अंकित बागबाहरा, सुश्री दुर्गा सागर जिलाध्यक्ष महिला कांग्रेस,  अन्नु चंद्राकर ब्लॉक अध्यक्ष, सती साहू महिला कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष, सीता पटेल महिला कांग्रेस प्रदेश सचिव, सृष्टि चंद्राकर जिलापंचायत सदस्य,  दीपा बारिक महिला कांग्रेस प्रदेश सचिव,  रीमा यादव महिला कांग्रेस जिला महासचिव, सोनम बंसोड शहर अध्यक्ष महिला कांग्रेस,  हेमलता निषाद महिला कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष सेवन साहू महिला कांग्रेस जिला सचिव,  रुप कुमारी धुव महिला कांग्रेस ब्लाक अध्यक्ष,  हेमा श्रीवास महिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष, जयश्री दास महिला कांग्रेस ब्लाक अध्यक्ष,  सरिता प्रधान महिला कांग्रेस ब्लाक अध्यक्ष, सविता गोस्वामी महिला कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष, सरस्वती यादव, कुंती यादव, नानू पुरैना, कुमारी यादव, बसंता ठाकुर पूर्व जिला पंचायत सदस्य, पुन्नी सोनवानी, काजल, दीपा, दीपसिखा, केसर, सुखमोतिम, कमला, उत्तरा, सुनिता, कृतिका, दुर्गी, कुंजकला, पल्लवी, मीना, भुवनेश्वरी, आरती, प्रिती, पार्वती यादव, देवकी, जुगी बाई, रंभा सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

महासमुन्द पीजी कॉलेज में पर्यावरण दिवस पर अनूठी पहल: परिसर में रोपे गए 28 प्रजातियों के पौधे

महासमुंद। शासकीय महाप्रभु वल्लभाचार्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय महासमुन्द की प्राचार्य प्रो.करूणा दुबे के मार्गदर्शन में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 28 प्रकार के पौधों का रोपण किया गया। इस अवसर पर प्राचार्य प्रो.करूणा दुबे ने हमारे जीवन में पेड़-पौधों की महत्ता आदि को बताया। इस अवसर पर डॉ.रीता पाण्डेय, डॉ. ईपी चेलक, मनीराम धीवर, प्रदीप कन्हेर, अजय कुमार राजा,सरस्वती सेठ,मनबोध चौहान, डॉ. जगदीश सत्यम,मुकेश साहू, कुंदन देवांगन,केशर कश्यप,वेद देवांगन,ललित लोधी आदि उपस्थित थे।

पशुपालन बना महासमुंद के ग्रामीणों की आजीविका का बड़ा आधार, प्रतिदिन हो रहा भारी मात्रा में दूध का कारोबार

महासमुंद। महासमुंद जिले में कृषि के साथ-साथ पशुपालन ग्रामीणों की आजीविका का प्रमुख साधन है। 21वीं पशुगणना के अनुसार जिले में 1 लाख 78 हजार 533 गौवंशीय एवं 12 हजार 776 भैंसवंशीय सहित कुल 1लाख, 91 हजार 309 पशुधन उपलब्ध हैं। जिले में वर्तमान में दुग्ध उत्पादन एवं दुग्ध व्यवसाय लगातार प्रगति पर है तथा प्रतिदिन बड़ी मात्रा में दूध का क्रय-विक्रय किया जा रहा है।

विभागीय जानकारी के अनुसार देवभोग दुग्ध महासंघ द्वारा जिले से प्रतिदिन लगभग 17 हजार 200 लीटर दूध क्रय किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त निजी डेयरियों द्वारा भी किसानों से बेहतर दर एवं समय पर भुगतान कर बड़ी मात्रा में दूध खरीदा जा रहा है। निजी डेयरियों में हर्षन डेयरी सरायपाली द्वारा प्रतिदिन 6000 लीटर, शारदा डेयरी सरायपाली द्वारा 4000 लीटर, प्रगति डेयरी सरायपाली द्वारा 2000 लीटर, शारदा डेयरी पिथौरा द्वारा 4000 लीटर तथा गाया डेयरी महासमुंद द्वारा प्रतिदिन 1000 लीटर दूध क्रय किया जा रहा है।

इस प्रकार निजी डेयरियों द्वारा प्रतिदिन लगभग 17 हजार लीटर दूध खरीदा जा रहा है। देवभोग दुग्ध महासंघ एवं निजी डेयरियों को मिलाकर जिले से प्रतिदिन लगभग 34 हजार लीटर दूध का विक्रय दुग्ध समितियों के माध्यम से किया जा रहा है, जो विगत वर्ष की तुलना में अधिक है।

जिला जनसम्पर्क कार्यालय से जारी इस खबर के अनुसार जिले में दुग्ध विपणन का कार्य दुग्ध सहकारी समितियों के माध्यम से किया जा रहा है। पिछले वर्ष जहां 131 सक्रिय दुग्ध समितियां संचालित थीं, वहीं शासन की सहकारिता से समृद्ध् िकी मंशानुरूप 25 नई दुग्ध सहकारी समितियों का गठन किया गया है। वर्तमान में जिले में कुल 156 सक्रिय दुग्ध समितियां संचालित हैं तथा 30 नई समितियां प्रारंभ करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

जारी खबर में कहा गया है कि दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से पशुपालकों को उन्नत हरा चारा उत्पादन एवं साईलेज निर्माण हेतु लगातार प्रेरित किया जा रहा है। हरा चारा एवं साईलेज पशुओं के लिए संतुलित एवं पौष्टिक आहार का प्रमुख स्रोत है, जिससे पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर रहता है तथा दुग्ध उत्पादन क्षमता में वृद्धि होती है। वर्षभर हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु साईलेज निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है। अब तक 32 पशुपालकों को टांक डेयरी फार्म, सेमरिया जिला रायपुर का भ्रमण कराकर साईलेज निर्माण की तकनीकी जानकारी प्रदान की गई है तथा 16 हितग्राहियों को चारा उत्पादन एवं साईलेज निर्माण हेतु अनुदान उपलब्ध कराया गया है। साथ ही पशुपालकों को नेपियर, बरसीम, अजोला आदि हरे चारे के उपयोग हेतु कृषक संगोष्ठियों के माध्यम से लगातार प्रेरित किया जा रहा है।

जिले में उन्नत नस्ल के पशुओं की संख्या बढ़ाने हेतु सेक्स सॉर्टेड सीमेन से कृत्रिम गर्भाधान कार्य निरंतर किया जा रहा है। इस तकनीक से अधिक संख्या में मादा बछियों का उत्पादन संभव हो रहा है, जिससे भविष्य में दुग्ध उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी तथा पशुपालकों को उन्नत नस्ल की दुधारू गायें प्राप्त होंगी।

महासमुंद जिले में महिला स्वसहायता समूहों एवं ग्रामीण परिवारों को डेयरी व्यवसाय से जोडऩे हेतु विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। नीति आयोग के सहयोग से महिला हितग्राहियों को 50 प्रतिशत अनुदान पर 2-2 गायों का वितरण किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत अब तक 94 पशुपालकों को लाभान्वित किया जा चुका है। इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है तथा उन्हें स्वरोजगार का अवसर प्राप्त हो रहा है।

इसी प्रकार राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड द्वारा महासमुंद जिले के 50 आदिवासी परिवारों के लिए गाय वितरण योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के माध्यम से आदिवासी परिवारों को दुग्ध व्यवसाय से जोडक़र उनकी आय में वृद्धि एवं आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया जा रहा है।

हालांकि दाना एवं पशु आहार की कीमतों में लगातार वृद्धि होने से पशुपालकों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है तथा उनके द्वारा लगातार दूध की कीमतों में वृद्धि की मांग की जाती रही है। इसके बावजूद जिले में दुग्ध उत्पादन एवं विपणन की स्थिति लगातार मजबूत एवं प्रगतिशील बनी हुई है।

महासमुन्द के युवाओं के लिए सुनहरा मौका! ITI परिसर में आज से लगेगा अप्रेंटिसशिप मेला

महासमुंद। स्थानीय युवाओं को रोजगार एवं कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था आईटीआई महासमुन्द द्वारा 8 जून को अप्रेंटिसशिप मेले का आयोजन किया जा रहा है। यह मेला प्रात: 9 बजे से आईटीआई परिसर लभराखुर्द बीज निगम के पास महासमुन्द में आयोजित होगा।

प्राचार्य शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था ने बताया कि अप्रेंटिसशिप के अंतर्गत अधिक से अधिक उद्योग एवं प्रतिष्ठानों को राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप पोर्टल पर पंजीयन कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा। ताकि युवाओं को उद्योगों में प्रशिक्षण एवं रोजगार प्राप्त करने का अवसर मिल सके।

अप्रेंटिसशिप मेले में जिले के समस्त उद्योग, प्रतिष्ठान एवं निजी संस्थान अप्रेंटिसशिप प्लेसमेंट उपलब्ध कराने हेतु सम्मिलित हो सकते हैं। वहीं आईटीआई उत्तीर्ण एवं अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण प्राप्त करने के इच्छुक युवा अपने समस्त आवश्यक दस्तावेजों के साथ 8 जून को प्रात: 10 बजे से आईटीआई परिसर में उपस्थित होकर मेले में सहभागिता कर सकते हैं।

मेले के दौरान प्रशिक्षणार्थियों एवं औद्योगिक-प्रतिष्ठानों के लिए राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप पोर्टल पर स्पॉट पंजीयन की विशेष सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। इससे अभ्यर्थियों एवं नियोजकों को मौके पर ही पंजीयन एवं आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त हो सकेगा।

इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए इच्छुक अभ्यर्थी कार्यालयीन समय में शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाए महासमुन्द से संपर्क कर सकते हैं।

महासमुंद: रिश्वतखोर आरक्षक का वीडियो वायरल, चालान कॉपी के बदले लिए ₹2500

महासमुंद | सांकरा थाने में पदस्थ एक आरक्षक का रिश्वत लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में आरक्षक चालान की कॉपी देने के एवज में ₹2500 की मांग करते और पैसे लेते दिखाई दे रहा है, जबकि नियमों के अनुसार चालान की कॉपी निशुल्क दी जाती है।

मामला सामने आने के बाद महासमुंद पुलिस अधीक्षक ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित आरक्षक को लाइन अटैच कर दिया है। साथ ही पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस विभाग में इस घटना के बाद हड़कंप मच गया है।

कटहल के नीचे छिपाकर हो रही थी गांजा तस्करी, पुलिस ने दो अंतरराज्यीय तस्करों को किया गिरफ्तार

महासमुंद। जिले के सिंघोड़ा थाना क्षेत्र स्थित रेहटीखोल चेक पोस्ट पर पुलिस ने 125.700 किलोग्राम गांजा के साथ दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक, तस्कर पिकअप वाहन में कटहल की आड़ में गांजा छिपाकर ओडिशा के बलांगीर से उत्तर प्रदेश के प्रयागराज ले जा रहे थे। मुखबिर की सूचना पर वाहन को रोककर तलाशी ली गई, जहां कटहल के नीचे छिपाई गई 4 बोरियों से गांजा बरामद हुआ। जब्त गांजा की कीमत 62 लाख 85 हजार रुपये आंकी गई है। वहीं पिकअप वाहन और मोबाइल सहित कुल 70 लाख 93 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की गई है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान धीरेंद्र कुमार गौतम और लवकुश गौतम, निवासी प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

आदेश के बाद भी पुलिस की सुस्ती: लाखगढ़ में गोधन न्याय और मनरेगा मामलों में एफआईआर नहीं होने पर फूटा आक्रोश

पिथौरा। ग्राम पंचायत लाखगढ़ में मनरेगा, गौठान और गोधन न्याय योजना से जुड़े मामलों में कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों और ग्राम युवा समिति के सदस्यों ने प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि जिला पंचायत द्वारा पुलिस में अपराध दर्ज कराने के लिए आदेश जारी किए जाने के बावजूद अब तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई है।

ग्रामीणों के अनुसार जनपद पंचायत और जिला पंचायत स्तर पर की गई जांच में मनरेगा तथा गौठान संबंधी कार्यों में वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की जांच की गई थी। आवेदकों का दावा है कि जांच प्रतिवेदनों में फर्जी मस्टर रोल, गोबर खरीदी और वाउचर से संबंधित लेन-देन का उल्लेख किया गया है।

आवेदकों के मुताबिक जांच रिपोर्ट में गौठान की विभिन्न सुविधाओं और संचालन की स्थिति का भी उल्लेख किया गया है। उनका कहना है कि इन निष्कर्षों के आधार पर जिला पंचायत महासमुंद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा 16 दिसंबर 2025 को जनपद पंचायत पिथौरा को संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध अपराध दर्ज कराने के संबंध में पत्र जारी किया गया था।

ग्रामीणों और आवेदकों का आरोप है कि ग्राम पंचायत लाखगढ़ के तत्कालीन सरपंच प्रियरंजन कोसरिया, सचिव रामवतार ध्रुव और रोजगार सहायक कैलाश कोसरिया के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश के बावजूद अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। उनका यह भी आरोप है कि सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

आवेदकों का कहना है कि इस मामले से संबंधित दस्तावेजों और जांच प्रतिवेदनों का विभिन्न स्तरों पर परीक्षण किया गया था तथा बाद में अपराध दर्ज करने के संबंध में आदेश जारी किया गया। उनका आरोप है कि आदेश के बावजूद कार्रवाई लंबित है।

ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि मामले की शिकायत मुख्यमंत्री जनदर्शन और कलेक्टर जनदर्शन में की गई थी, जिसके बाद संबंधित अधिकारियों को जांच और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। उनका आरोप है कि अब जनपद पंचायत स्तर पर मामले को समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि इस संबंध में संबंधित अधिकारियों का पक्ष समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सका।

ग्रामीणों ने कलेक्टर जनदर्शन और मुख्यमंत्री जनदर्शन में आवेदन देकर मामले की पुन: जांच तथा पूर्व में जारी आदेशों के अनुरूप कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में वे आमरण अनशन पर बैठ सकते हैं।

महासमुंद: NH-53 पर गांजा तस्करी करने वाले दो आरोपियों को 15-15 साल की सश्रम कारावास

महासमुंद। महासमुंद जिले से होकर गुजरने वाली राष्ट्रीय राजमार्ग 53 पर खम्हारपाली बेरियर के पास गांजा तस्करी में पकड़ाए दो आरोपियों को विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस पवन कुमार अग्रवाल के द्वारा 15-15 वर्ष के सश्रम कारावास एवं अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है।

मिली जानकारी अनुसार 16 जुलाई 2017 को निरीक्षक लेखराम ठाकुर के नेतृत्व में पुलिस स्टॉफ के द्वारा खम्हारपाली आरटीओ बेरियर के सामने एनएच 53 में वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। उसी समय ओडिशा की ओर से कार क्रमांक सीजी 04 एच, 1404 वहां पहुंची, जिसमें दो व्यक्ति राजकुमार मेहेर एवं नरेन्द्र मेहेर सवार थे। दोनों पर संदेह होने पर वाहन की जांच की गई, जिसमें 120 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया।

न्यायालय द्वारा दोनों अभियुक्तों को कठोर दण्ड से दण्डित किया गया तथा अपराध में प्रयुक्त वाहन स्वीप्ट डिजायर को भी राजसात की कार्रवाई की गई। उक्त प्रकरण में शासन की ओर से मामले पैरवी देवेन्द्र शर्मा कुमार ने की।

महासमुंद: प्रभारी सचिव निहारिका बारिक ने किया निर्माणाधीन जिला पुस्तकालय भवन का निरीक्षण

महासमुंद, 6 जून। छत्तीसगढ़ शासन गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव एवं जिले की प्रभारी सचिव निहारिका बारिक ने कल महासमुंद प्रवास के दौरान जिला मुख्यालय स्थित निर्माणाधीन जिला पुस्तकालय भवन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पुस्तकालय भवन की प्रगति, उपलब्ध सुविधाओं तथा संचालन संबंधी तैयारियों का जायजा लिया।

प्रभारी सचिव श्रीमती बारिक ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिला पुस्तकालय का कार्य शीघ्र पूर्ण कर इसे आगामी 15 अगस्त से पूर्व आमजन, विद्यार्थियों एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए प्रारंभ किया जाए। उन्होंने पुस्तकालय में सभी आवश्यक सुविधाएं समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराने तथा संचालन व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार, जिला, एसडीएम अक्षा गुप्ता, जिला शिक्षा अधिकारी बीएल देवांगन एवं संबंधित विभाग के अधिकारी मौजूद थे।विदित हो कि जिला पुस्तकालय को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। पूर्णत: वातानुकूलित यह पुस्तकालय लगभग 500 पाठकों की बैठने की क्षमता वाला होगा। यहां विद्यार्थियों एवं पाठकों को नि:शुल्क वाई.फाई सुविधा उपलब्ध होगी। भवन में लिफ्ट की सुविधाए पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था तथा दिव्यांगजन.अनुकूल पहुंच सुनिश्चित की गई है। पुस्तकालय में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए नि:शुल्क कोचिंग एवं नि:शुल्क वाचनालय की व्यवस्था भी की जाएगी।               वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष सीनियर सिटीजन कॉर्नर तथा बच्चों में अध्ययन की रुचि विकसित करने के उद्देश्य से चिल्ड्रन कॉर्नर स्थापित किया जा रहा है। प्रारंभिक चरण में पुस्तकालय में लगभग 15 हजार से 20 हजार पुस्तकों का संग्रह उपलब्ध रहेगा।

जिसमें साहित्य, इतिहास, विज्ञान, तकनीक, सामान्य ज्ञान, प्रतियोगी परीक्षाओं एवं विभिन्न विषयों की संदर्भ पुस्तकें शामिल होंगी। साथ ही पुस्तकालय परिसर में 13 व्यावसायिक दुकानें तथा एक रेस्टोरेंट की सुविधा भी विकसित की जा रही है, जिससे पाठकों एवं आगंतुकों को आवश्यक सेवाएं एक ही परिसर में उपलब्ध हो सकेंगी। सुरक्षा एवं निगरानी के लिए संपूर्ण परिसर को सीसीटीवी सर्विलांस प्रणाली से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही यह पूर्णत: ऑटोमेटेड ग्रंथालय होगा, जहां पुस्तकों के निर्गमन, वापसी एवं सूचीकरण जैसी प्रक्रियाएं आधुनिक तकनीक के माध्यम से संचालित की जाएंगी।