महासमुंद: सुशासन तिहार के अंतिम समाधान शिविर में शामिल हुईं प्रभारी सचिव निहारिका बारिक

महासमुंद। सुशासन तिहार के तहत जिले में आयोजित अंतिम समाधान शिविर में कल प्रमुख सचिव एवं जिले की प्रभारी सचिव निहारिका बारिक शामिल हुईं। नगर के टाउन हॉल में आयोजित इस शिविर में उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर आमजन को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं और योजनाओं की जानकारी ली।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव ने हितग्राहियों से सीधे संवाद कर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी प्राप्त की तथा अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार शासन और जनता के बीच संवाद का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है, जिसके माध्यम से लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान श्रीमती बारिक ने गर्भवती माताओं एवं बच्चों को सुपोषण टोकरी वितरित कर उनके बेहतर स्वास्थ्य और पोषण के लिए संचालित गतिविधियों की सराहना की।

उन्होंने कहा कि कुपोषण मुक्त समाज के निर्माण में जनभागीदारी और विभागीय समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका है।

शिविर में नगर पालिका अध्यक्ष निखिलकांत साहू, कलेक्टर विनय लंगेह, पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हेमंत नंदनवार एवं स्थानीय पार्षदगण उपस्थित रहे। शिविर में बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लेकर शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त की तथा अपनी समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदनों की स्थिति जानी। जिले में आयोजित सुशासन तिहार के इस अंतिम शिविर में जनसहभागिता और उत्साह का विशेष माहौल देखने को मिला। अंतिम शिविर में भी बड़ी संख्या में हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया।

महासमुंद: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पहल, विभिन्न स्थानों पर पर्यावरण जागरूकता शिविर आयोजित

महासमुंद। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, महासमुंद के तत्वावधान में जिले के विभिन्न स्थानों में शिविर आयोजित कर पर्यावरण सरंक्षण पर जागरूकता विविध गतिविधियों का आयोजन किया गया।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण महासमुंद के अध्यक्ष तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिता डहरिया के मार्गदर्शन पर विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिले में न्यायिक अधिकारियों तथा तालुका और आरक्षी केन्द्रों में पदस्थ अधिकार मित्रों द्वारा विभिन्न ग्रामों, ग्राम पंचायतों, नगरीय क्षेत्रों, संगठनों में जाकर पर्यावरण संरक्षण, पौधरोपण एवं प्राकृतिक घटकों के बचाव संबंधी जानकारी प्रदान की गई।

इसी तारतम्य में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश फास्ट टेऊक कोर्ट महासमुंद के पीठासीन अधिकारी मोनिका जायसवाल और द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश पारूल साय ने दलदली रोड स्थित आसियाना वृद्धाश्रम पहुचंकर उपस्थित वरिष्ठजनों के साथ मिलकर पौधा रोपण किया गया।

इस अवसर पर न्यायाधीश मोनिका जायसवाल ने उपस्थित वरिष्ठजनों को पर्यावरण का मानव जीवन पर प्रभाव एवं उनके महत्वों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह दिवस हर साल 5 जून को मनाए जाने का तात्पर्य लोगों को प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना और बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन व वनों की कटाई जैसे गंभीर मुद्दों के समाधान के लिए वैश्विक कदम उठाना है।

उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता आम जनता को यह समझाने के लिए कि उनका पर्यावरण, वायु, जल, मिट्टी, पेड़.पौधे कितना महत्वपूर्ण है और इसे सुरक्षित रखना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। बढ़ते खतरों पर ध्यान केंद्रित करना जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग और प्लास्टिक प्रदूषण जैसी गंभीर समस्याओं से निपटने तथा सतत भविष्य का निर्माण आने वाली पीढिय़ों के लिए एक स्वच्छ, हरी-भरी और स्वस्थ पृथ्वी सुनिश्चित करने के लिए सभी को मिलकर काम करने के लिए प्रोत्साहित करना है।

इसके अलावा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के नवनिर्मित वैकल्पित विवाद समाधान केन्द्र भवन के आसपास जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकार मित्रों एवं सहकर्मियों सहित झिल्ली अथवा बेकार प्लास्टिक कचरे की सफाई किया गया। इस अवसर पर अधिकार मित्र हरिचंद साहू, मोहित कुमार साहू, वेदप्रकाश पटेल, त्रिभुवन ध्रुव, सहकर्मी स्टाफ  रमेश कुमार सोनी, राहुल निषाद और द्रौपती निषाद उपस्थित थे।

धरती को हरा-भरा बनाने का संकल्प: महासमुंद में भव्य स्तर पर मनाया गया विश्व पर्यावरण दिवस

महासमुंद। विश्व पर्यावरण दिवस पर सामान्य वन मंडल महासमुंद अंतर्गत वन परिक्षेत्र महासमुंद द्वारा वन विद्यालय महासमुंद में वृहद स्तर पर पर्यावरण संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा उपस्थित रहे। इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष एतराम साहू, पूर्व विधायक डॉ. विमल चोपड़ा तथा अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत वृक्षारोपण से हुई, जिसमें अतिथियों एवं उपस्थित लोगों ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। साथ ही विद्यार्थियों के लिए निबंध एवं पेंटिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मुख्य अतिथि विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने उपस्थित जनसमुदाय को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई तथा एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है और आने वाली पीढिय़ों के सुरक्षित भविष्य के लिए वृक्षारोपण आवश्यक है।

भाजपा जिला अध्यक्ष एतराम साहू ने कहा कि स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण स्वस्थ जीवन का आधार है। उन्होंने लोगों से अपने आसपास के पर्यावरण एवं प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। कार्यक्रम में वन परिक्षेत्र अधिकारी महासमुंद, सहायक वन परिक्षेत्र अधिकारी महासमुंद, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, वन विद्यालय महासमुंद के प्रशिक्षु, वनकर्मी, सुरक्षा श्रमिक एवं वन प्रबंधन समिति के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से सामान्य वन मंडल महासमुंद द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षारोपण के प्रति व्यापक जनजागरूकता का संदेश दिया गया।

महासमुंद में ESIC अस्पताल की मांग: नगर पालिका अध्यक्ष निखिलकांत साहू ने दिल्ली भेजा पत्र, श्रमिकों को मिलेगा बड़ा फायदा

महासमुंद। नगर पालिका अध्यक्ष निखिलकांत साहू ने श्रमिकों के हित में महासमुंद नगर क्षेत्र में ईएसआईसी अस्पताल स्थापित करने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने कर्मचारी राज्य बीमा निगम ईएसआईसी के प्रबंध निदेशक, पंचदीप भवन, नई दिल्ली को पत्र प्रेषित किया है।

पत्र में नपाध्यक्ष श्री साहू ने उल्लेख किया कि महासमुंद नगर एवं आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ईएसआईसी अंशदायी श्रमिक एवं उनके आश्रित निवासरत हैं। वर्तमान में ईएसआईसी अस्पताल की सुविधा नहीं होने के कारण बीमित श्रमिकों को उपचार हेतु दूरस्थ स्थानों पर जाना पड़ता है। जिससे उन्हें समय, धन एवं श्रम की अनावश्यक हानि होती है।

श्री साहू ने लिखा है कि क्षेत्र में औद्योगिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार के साथ ईएसआईसी लाभार्थियों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। अस्पताल स्थापित होने से श्रमिकों एवं उनके परिवारजनों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ होंगी तथा आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं का भी लाभ प्राप्त होगा। नपा अध्यक्ष ने जनहित एवं श्रमिक हित को दृष्टिगत रखते हुए ईएसआईसी निदेशक से महासमुंद क्षेत्र में ईएसआईसी अस्पताल की स्थापना हेतु आवश्यक सर्वेक्षण एवं कार्यवाही कराने का अनुरोध किया है।

आगे लिखा है कि महासमुंद में ईएसआईसी अस्पताल खुलने से बीमित श्रमिक और परिवार के आश्रितों को ओपीडी, आईपीडी, दवाए, जांच सब मुफ्त मिलेगा। प्राइवेट अस्पताल का खर्च बचेगा। फिजिशियन, सर्जन, गायनो, पीडियाट्रिक, ऑर्थो जैसे विशेषज्ञ एक ही छत के नीचे मिलेंगे।

फैक्ट्री में दुर्घटना या रात में तबीयत बिगडऩे पर तात्कालिक उपचार संभव हो सकेगा। बीमित महिला श्रमिकों को प्रसव सुविधा, बच्चों का टीकाकरण व इलाज भी मुफ्त सहित अनेक लाभ श्रमिकों को मिलेगा।

CG Board Time-Table: छत्तीसगढ़ बोर्ड ने जारी किया द्वितीय मुख्य परीक्षा का शेड्यूल, 8 और 9 जुलाई से शुरू होंगे एग्जाम

12वीं की परीक्षाएं 8 से और 10वीं की 9 जुलाई से शुरू होगी

महासमुंद। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल माशिमंद्ध ने सत्र 2025-26 की मुख्य बोर्ड परीक्षा में असफल रहे या कम अंकों से असंतुष्ट छात्र.छात्राओं के लिए लाइफलाइन जारी कर दी है। सीजी बोर्ड द्वारा द्वितीय मुख्य अवसर परीक्षा का विस्तृत टाइम-टेबल घोषित कर दिया गया है। इसके तहत 12वीं की परीक्षाएं 8 जुलाई से और 10वीं की परीक्षाएं 9 जुलाई से शुरू होने जा रही हैं।

मंडल ने साफ  कर दिया है कि यदि परीक्षा अवधि के दौरान कोई स्थानीय या सार्वजनिक अवकाश घोषित होता है, तब भी परीक्षाएं स्थगित नहीं होंगी, वे अपने तय कार्यक्रम के अनुसार ही कराई जाएंगी। शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक इस बार महासमुंद जिले से कुल 5,020 छात्र-छात्राओं को इस द्वितीय परीक्षा के माध्यम से अपने अंकों में सुधार करने और साल बचाने का सुनहरा अवसर मिलेगा।

मालूम हो कि महासमुंद जिले में इस बार बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम में कई छात्रों ने बाजी मारी, तो कई उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए। कक्षा 10वीं में कुल 12851 विद्यार्थी पंजीकृत थे इनमें 12663 परीक्षा में शामिल हुए। इनमें से कुल 10003 विद्यार्थी पास हुए। इनमें प्रथम श्रेणी में 5,385, द्वितीय श्रेणी में 4,253 और तृतीय श्रेणी में 365 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए। वहीं, अनुत्तीर्ण, पूरक और अनुपस्थित रहने वाले कुल 2,848 छात्र रहे, जो इस अवसर परीक्षा में शामिल हो सकेंगे।

इसी तरह कक्षा 12वीं में कुल 10664 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें से 10579 ही शामिल हुए। वहीं 8537 पास हुए जिनमें प्रथम श्रेणी में 5,420, द्वितीय श्रेणी में 2,976 और तृतीय श्रेणी में 141 विद्यार्थी पास हुए। जबकि फेल और पूरक श्रेणी वाले 2,127 छात्र दोबारा मैदान में उतरेंगे।

बोर्ड ने परीक्षा संचालन को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। दोनों ही कक्षाओं की परीक्षाएं सुबह 9 बजे से दोपहर 12.15 बजे तक आयोजित की जाएंगी। सुबह 9 बजे छात्रों को हर हाल में परीक्षा कक्ष में स्थान ग्रहण करना होगा। सुबह 9.05 बजे उत्तर पुस्तिका का वितरण किया जाएगा। 9.10 बजे प्रश्न पत्र बाटे जाएंगे। 9.15 से 12.15 बजे तक छात्रों को उत्तर लिखने के लिए पूरे 3 घंटे का समय मिलेगा।

अनुत्तीर्ण छात्र जो एक या सभी विषयों में फेल हैं, वे दोबारा परीक्षा देकर पास हो सकते हैं। पूरक सप्लीमेंट्री जिन्हें पूरक पात्रता मिली है, उनके लिए यह अनिवार्य अवसर है। डीईओ बीएल देवांगन ने बताया कि, इस परीक्षा का मुख्य उद्देश्य छात्रों का साल बर्बाद होने से बचाना है। इसके लिए 30 मई तक आवेदन लिए जाएंगे। परीक्षा 8 जुलाई से शुरू होगी। स्वाध्यायी छात्रों की प्रायोगिक परीक्षाएं उन्हीं के निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होंगी।

इसके लिए छात्रों को अपने केंद्राध्यक्ष से संपर्क बनाए रखना होगा। प्रवेश पत्र वितरण की प्रक्रिया जल्द ही संबंधित केंद्रों और ऑनलाइन माध्यम से शुरू की जाएगी।जो छात्र पास हैं, लेकिन अपने डिवीजन या नंबरों से असंतुष्ट हैं और जो मुख्य परीक्षा में किन्हीं कारणों से शामिल नहीं हो सके थे, वे इसका लाभ ले सकते हैं।

महासमुंद: छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ ने स्कूल शिक्षा सचिव को सौंपा ज्ञापन, विभिन्न मांगों के त्वरित निराकरण की मांग

महासमुंद। छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ प्रांतीय इकाई द्वारा प्रमुख संगठन मंत्री ओंकार सिंह ठाकुर, प्रांताध्यक्ष संजय सिंह ठाकुर, कार्यकारी प्रांताध्यक्ष उमेश भारती गोस्वामी एवं महामंत्री मनोज राय के नेतृत्व में शिक्षा जगत से विभिन्न मांगों को लेकर सचिव स्कूल शिक्षा विभाग एवं संचालक लोक शिक्षण संचालनालय को ज्ञापन सौंपकर त्वरित निराकरण की मांग की गई।

संगठन के उप प्रांताध्यक्ष टेकराम सेन ने बताया कि प्रमुख मांगों में छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा सेवा शैक्षिक एवं प्रशासनिक संवर्ग भर्ती तथा पदोन्नति नियम 2026 के अनुसार दिनांक1 अप्रैल 2026 की स्थिति में समस्त शैक्षिक संवर्गों की वरिष्ठता सूची का प्रकाशन शीघ्र किया जाये। विभाग में कार्यरत शिक्षकों हेतु शिक्षक पात्रता परीक्षा टीईटी विभागीय स्तर पर आयोजित की जाए।

मांगों में रायपुर संभाग के पूर्व माध्यमिक प्रधान पाठकों को ई् संवर्ग की पदोन्नति, समस्त संवर्ग साहयक शिक्षक से प्राचार्य तक के लंबित समयमान वेतनमान का शीघ्र निराकरण,परीक्षा परिणामों की आड़ में अधिकारों से परे जाकर दंडित प्रताडि़त करने जैसे कृत्यों पर रोक, मांग व जांच प्रकरणों का सेवानिवृत्त के तीन माह पूर्व निस्तारण की मांग शामिल हैं।

उप प्रांताध्यक्ष टेकराम सेन ने बताया कि प्राचार्य पदोन्नति का राह देखते-देखते सैकड़ों शिक्षक सेवानिवृत्त हो गये हैं उन्हें  वरिष्ठता प्रदान करने, शिक्षक एलबी ग्रंथपाल को शिक्षक एलबी संवर्ग में समायोजन, राज्य अतिथि शिक्षक के मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की मांग भी की गई है।

महासमुंद में डीएपी की किल्लत पर बरसे अभिषेक मिश्रा, कांग्रेस भवन में पत्रकार वार्ता कर सरकार को घेरा

महासमुंद। कांग्रेस भवन में कल दोपहर आयोजित पत्रकार वार्ता में किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा ने कहा कि खरीफ  सीजन की शुरुआत के साथ ही जिले में खाद संकट गहराने लगा है। किसानों को डीएपी एवं अन्य उर्वरकों के लिए सहकारी समितियों और बिक्री केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इस स्थिति को लेकर किसान कांग्रेस ने सरकार और प्रशासन पर किसानों की समस्याओं के प्रति उदासीन रवैया अपनाने का आरोप लगाया है।

पत्रकार वार्ता के बाद जिला किसान कांग्रेस की बैठक में वक्ताओं ने कहा कि किसान वर्तमान में खाद के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं। कई समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं है, जहां खाद उपलब्ध है वहां भी किसानों को सीमित मात्रा में ही वितरण किया जा रहा है। इससे खेती-किसानी के कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

बैठक में कहा गया कि खरीफ  फसलों की बोनी का समय नजदीक है और किसानों को समय पर खाद नहीं मिलने उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। किसान कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि जिले की सभी समितियों में पर्याप्त मात्रा में डीएपी, यूरिया और अन्य उर्वरकों की तत्काल उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

नेताओं ने आरोप लगाया कि खाद वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी है और कई स्थानों पर किसानों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो संगठन चरणबद्ध आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।

बैठक में किसानों की विभिन्न समस्याओं पर भी चर्चा की गई तथा प्रशासन से खाद संकट दूर करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की गई।

इस अवसर पर पूर्व विधायक विनोद चंद्राकर,पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ.रश्मि चंद्राकर, दाऊलाल चंद्राकर, मानिक राम साहू, अंकित बागबाहरा, खिलावन बघेल, राजेश जैन, किसान कांग्रेस के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे। सभी ने कहा कि राजनीति से परे अब हमें धरातल पर उतरना होगा। क्योंकि केवल स्वागत-सत्कार से किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता। जब भाषण देना होता है तो बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, पर जब जमीनी स्तर पर किसान खाद, बीज और डीजल के लिए रोता है, तब पूरी प्रशासनिक व्यवस्था मौन हो जाती है। रसूखदार लोग अपनी पहचान के बल पर व्यवस्था कर लेते हैं, लेकिन आम और गरीब किसान पूरी बेबस हो चुका है।

कड़े तेवर: वन मंत्री के निर्देश पर एक्शन; बार परिक्षेत्र में वन्यजीव अपराध का आरोपी गिरफ्तार

रायपुर। वन मंत्री  केदार कश्यप के कड़े निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम द्वारा वन्यजीव संरक्षण के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत अवैध शिकार के एक मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। बारनवापारा परियोजना मंडल के बार परिक्षेत्र (बसना सर्किल, लारीपुर बीट) में दर्ज वन्यजीव अपराध के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान मनोहर यादव (उम्र 32 वर्ष), निवासी ग्राम पड़कीपाली के रूप में हुई है। जांच के दौरान मिले पुख्ता साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आरोपी की संलिप्तता पाए जाने पर वन विभाग की टीम ने उसे विधिवत गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
अपराधों पर जीरो टॉलरेंस की नीति
वन विकास निगम के अधिकारियों के मुताबिक, बारनवापारा परियोजना मंडल क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा और संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। अवैध शिकार, वन्यजीवों के अंगों के अवैध व्यापार और अन्य वन अपराधों को रोकने के लिए क्षेत्र में निरंतर गश्त और विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। निगम ने ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस (शून्य सहिष्णुता) की नीति अपनाई है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस प्रकरण में कुछ अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है, जिसके आधार पर आगे और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
नागरिकों से सहयोग की अपील
वन विकास निगम ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे जैव विविधता और वन्यजीवों की रक्षा में अपना सहयोग दें। यदि क्षेत्र में कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो उसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वन्यजीवों का शिकार न केवल कानूनन गंभीर अपराध है, बल्कि यह हमारे पर्यावरण और प्राकृतिक संतुलन के लिए भी बड़ा खतरा है।

महासमुंद: विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने ग्राम अमलोर में किया 70 लाख के विकास कार्यों का लोकार्पण

महासमुंद, 5 जून। महासमुन्द विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने गुरुवार को ग्राम अमलोर में 70 लाख रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इसमें सीसी रोड, स्कूल में बाउंड्रीवॉल शामिल हैं।

मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे विधायक श्री सिन्हा के साथ आए हुए अतिथियों सहित ग्रामीणों ने विधि विधान से लोकार्पण किया। वहीं लोकार्पण कार्यक्रम में विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने ग्रामीणों से भेंट मुलाकात की। साथ ही नवविवाहित बहनों को शुभकामनाएं प्रेषित की। इस अवसर पर उन्होंने आमजन को संबोधित करते हुए कहा- मेरा पूरा प्रयास है कि अपने विधानसभा क्षेत्र के लिए पूरे समर्पित भाव से विकास कार्यों का लाभ आप सभी को देता रहूं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में विकास की गति तेजी से चल रही है। वहीं हमारे विधानसभा क्षेत्र में भी मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में और आप सभी के आशीर्वाद से विकास कार्यों की धारा बह रही है। ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों में रोड निर्माण, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अपना घर, किसानों को विभिन्न योजनाओं के तहत लाभ पहुंचाया जा रहा है। राज्य सरकार अनेक विकास कार्य कर रही है। केंद्र एवं राज्य में डबल इंजन की सरकार अनेक लोक कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है, जिसका लाभ आमजन तक पहुंच रहा है। राज्य में सुशासन के संकल्प को पूरा करने के लक्ष्य के साथ काम शुरू किया गया है।  कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष डिगेश्वरी चंद्राकर, महामंत्री सुनील पटेल, रमेश साहू, प्रकाश पटेल, हनीश बग्गा, डॉ सोहन यादव, सरपंच रूपा जयप्रकाश, पंचगण भारत लाल निषाद,रामेश्वरी, दुर्गा निषाद, उषा निषाद, शत्रुहन निषाद सहित विकास चंद्राकर,ए अजय मंगल, गंगा प्रसाद ध्रुव, नंद किशोर यादव, मनोज यादव, चैत राम ध्रुव, डेविड चंद्राकर, टीकाराम पटेल, रामशरण दीवान, भानु पटेल, आकाश पांडे, अमित साहू, नईम खान, गंगाप्रसाद,राधेलाल, अश्वनी साहू, सियाराम, रामचरण व ग्रामीणजन उपस्थित थे।

महासमुंद: सुशासन तिहार 2026 के तहत समाधान शिविर आयोजित, ग्रामीणों की समस्याओं का हुआ मौके पर निपटारा

महासमुंद। प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत कल बसना विकासखंड के ग्राम पंचायत सिंघनपुर में समाधान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों की समस्याओं एवं मांगों के निराकरण के साथ-साथ विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ प्रदान किए गए। समाधान शिविर में जनप्रतिनिधिगण, जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

इस अवसर पर कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने समाधान शिविर का निरीक्षण कर विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन, प्राप्त आवेदनों तथा उनके निराकरण की स्थिति की जानकारी ली। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविर में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का निर्धारित समय.सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए तथा पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ प्राथमिकता से उपलब्ध कराया जाए।

कलेक्टर श्री लंगेह ने अधिकारियों को ग्रामीणों को योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया एवं मिलने वाले लाभों की विस्तृत जानकारी देने के निर्देश दिए ताकि अधिक से अधिक लोग योजनाओं से लाभान्वित हो सकें।

कलेक्टर ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन और जनता के बीच सीधे संवाद स्थापित कर आमजन की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान करना है। शासन की मंशा है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे तथा नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक भटकना न पड़े।

शिविर में ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं एवं मांग संबंधित आवेदनों को अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया। कई प्रकरणों का मौके पर ही निराकरण किया गया तथा शेष आवेदनों के त्वरित निराकरण हेतु संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए। इस दौरान विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को स्वीकृति पत्रए प्रमाण पत्र एवं अन्य सामग्रियों का भी वितरण किया गया।