ऑनलाइन पेमेंट करने वालों के लिए बड़ी खबर! बदलने वाला है नियम

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने मंगलवार को ऐलान किया कि उसने चुनिंदा यूपीआई लेनदेन के लिए मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) फ्रेमवर्क में बदलाव किया है। इसके तहत, 2,000 रुपए से ज्यादा के कुछ मर्चेंट पेमेंट पर चार्ज लगेगा, जबकि छोटे व्यापारियों और कम वैल्यू वाले ट्रांजैक्शन के लिए जीरो एमडीआर जारी रहेगा।यह एमडीआर फ्रेमवर्क 15 अक्टूबर, 2026 से लागू होगा, जबकिग्राहकोंकेलिएयूपीआईलेनदेनमुफ्तबनेरहेंगे।

इसमें 2,000 रुपए तक के पेमेंट वाले कम-वैल्यू वाले यूपीआई पर्सन-टू-मर्चेंट (पी2एम) लेनदेन को एमडीआर के दायरे से बाहर रखा गया हैनए नियम के तहत, 2,000 रुपए से ज्यादा के खास पी2एम यूपीआई लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत का एमडीआर लगेगा। एमडीआर की अधिकतम सीमा 300 रुपए प्रति लेनदेन होगी। रेलवे, टेलीकॉम सर्विस, इंश्योरेंस और फ्यूल जैसी चुनिंदा मर्चेंट कैटेगरी में 2,000 रुपए से ज्यादा के यूपीआई पेमेंट पर 5 रुपए प्रति लेनदेन का फ्लैट एमडीआर लगेगा। पर्सन-टू-पर्सन (पी2पी) यूपीआई लेनदेन पहले की तरह मुफ्त रहेंगे और 2,000 रुपए तक के पी2एम लेनदेन भी एमडीआर फ्रेमवर्क के दायरे से बाहर रहेंगे। इसका मतलब है कि ग्राहक बिना कोई लेनदेन चार्ज दिए यूपीआई का इस्तेमाल करते रहेंगे।

पर्सन-टू-पर्सन मर्चेंट (पी2पीएम) फ्रेमवर्क के तहत काम करने वाले छोटे व्यापारियों को जीरो एमडीआर का फायदा मिलता रहेगा। इस कैटेगरी में वे छोटे वेंडर शामिल हैं जो यूपीआई क्यूआर पेमेंट के जरिए सीधे अपने बैंक अकाउंट में हर महीने 1 लाख रुपए तक की रकम हासिल करते हैं। इससे असंगठित रिटेल सेक्टर में डिजिटल पेमेंट को ज्यादा से ज्यादा अपनाने में मदद मिलती है।

संशोधित फ्रेमवर्क में छोटे व्यापारियों के बीच यूपीआई के इस्तेमाल को बढ़ाने के लिए एक खास फंड बनाने का भी प्रस्ताव है, खासकर मौजूदा मर्चेंट नेटवर्क और टियर-3 व उससे छोटे बाजारों में। इस पहल का मकसद डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना और ज्यादा छोटे व्यवसायों को यूपीआई अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। फ्रेमवर्क के अनुसार, ज्यादा कीमत वाले लेनदेन पर इकट्ठा किया गया एमडीआर, यूपीआई इकोसिस्टम से जुड़े सभी प्लेयर्स के बीच बांटा जाएगा। इस कदम से पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर, मजबूती, साइबर सुरक्षा और इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही नए यूजर्स और व्यापारियों के बीच यूपीआई के इस्तेमाल को बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

पिथोरा ओडिसा सारंगढ़/ 120 करोड़ की खैर लकड़ी तस्करी का खुलासा, माफिया मनीष अग्रवाल के मामले में खुलासा हिमाचल प्रदेश सहित 8 शेल कंपनियां और 10 से ज्यादा म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल 2 गिरफ्तार

पिथोरा ओडिसा सारंगढ़/ 120 करोड़ की खैर लकड़ी तस्करी का खुलासा, माफिया मनीष अग्रवाल के मामले में खुलासा हिमाचल प्रदेश सहित 8 शेल कंपनियां और 10 से ज्यादा म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल 2 गिरफ्तार

फर्जी इनवॉयस से अवैध कारोबार को कागजों में वैध दिखाने की कोशिश, मुख्य आरोपी मनीष अग्रवाल के ठिकाने से 81 लाख रुपये जब्त; उड़ीसा से दो फर्म संचालक गिरफ्तार महासमुंद, 15 सितंबर 2026। खैर लकड़ी तस्करी के एक बड़े संगठित गिरोह पर महासमुंद पुलिस ने शिकंजा कसते हुए बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस की तकनीकी विवेचना में सामने आया है कि मुख्य आरोपी मनीष अग्रवाल के सिंडीकेट द्वारा पिछले दो साल के भीतर उड़ीसा से लेकर हिमाचल प्रदेश तक 120 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की खैर लकड़ी की तस्करी किए जाने के प्रमाण मिले हैं। इस गैरकानूनी कारोबार को कागजों में वैध दिखाने के लिए कुल 8 शेल कंपनियों का उपयोग कर फर्जी इनवॉयसिंग तैयार की जाती थी। वहीं अवैध कारोबार से मिलने वाली भारी-भरकम रकम के लेनदेन, भुगतान और लेयरिंग के लिए 10 से ज्यादा म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल किए जाने का खुलासा हुआ है।

जिला पुलिस महासमुंद द्वारा अवैध गतिविधियों, वनोपज के अवैध परिवहन और धोखाधड़ी करने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में वन परिक्षेत्र अधिकारी पिथौरा के आवेदन पर खैर लकड़ी कुल 23,350 किलोग्राम के अवैध परिवहन के लिए प्रयुक्त एनटीपीएस (NTPS) एनओसी (NOC) में शातिर तरीके से कूटरचना कर उसका असल रूप में उपयोग करने तथा शासन को राजस्व की भारी क्षति पहुंचाने के मामले में थाना पिथौरा में अपराध क्रमांक 172/2026 दर्ज किया गया है।

इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2), 3(5), 111, आर्म्स एक्ट की धारा 25 तथा भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 42(1), सहपठित धारा 41(2) (ख) (घ) एवं धारा 52(1) के अंतर्गत अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया है। विवेचना के दौरान संकलित साक्ष्यों के आधार पर प्रकरण में संलिप्त आरोपियों के विरुद्ध लगातार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

प्रकरण की विवेचना के दौरान महासमुंद पुलिस ने विगत 7 सितंबर को मुख्य आरोपी मनीष अग्रवाल के ठिकाने की तलाशी लेकर 81 लाख रुपये जब्त किए थे। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी विवेचना के माध्यम से मामले की कड़ियों को आपस में जोड़ना शुरू किया। जांच में यह मामला एक विशाल अंतरराज्यीय एवं संगठित गिरोह के रूप में सामने आया। पुलिस के अनुसार, आरोपी मनीष अग्रवाल और उसके संगठित गिरोह द्वारा पिछले दो वर्षों के भीतर सुनियोजित षड्यंत्र के तहत उड़ीसा से लेकर हिमाचल प्रदेश तक 120 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की खैर लकड़ी की अवैध तस्करी की गई है।

जांच में यह भी सामने आया कि अवैध कारोबार को कागजों में वैध रूप देने के शातिर उद्देश्य से फेक इनवॉयसिंग के लिए 8 शेल कंपनियां बनाई गई थीं। इसके अलावा अवैध टर्नओवर से प्राप्त भारी-भरकम रकम के लेनदेन, भुगतान और उसकी लेयरिंग के लिए 10 से ज्यादा म्यूल बैंक खातों का अवैध रूप से उपयोग किया जा रहा था। पुख्ता तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर महासमुंद पुलिस ने उड़ीसा से इन फर्जी कंपनियों का संचालन करने वाले तथा इस नेटवर्क को फेक इनवॉयस उपलब्ध कराने वाले दो आरोपियों को 14 सितंबर 2026 को विधिवत गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल दाखिल किया गया है।

गिरफ्तार आरोपियों का विवरण

01. पारितोष मिश्रा, पिता श्री सुरेंद्र मिश्रा, उम्र 47 वर्ष, संचालक पीयूष इंटरप्राइजेज, वर्तमान पता—क्र. 4, प्लाट नंबर 373, रफाजाल, सालेभाटा, बोलांगीर, जिला बोलांगीर (उड़ीसा)।

02. अखिलेश सिंघल, पिता स्व. चंद्रप्रकाश सिंघल, उम्र 52 वर्ष, संचालक सिंघल इंटरप्राइजेज संबलपुर, निवासी—फार्म रोड, दिल्ली शॉ मिल के पास, बड़ाबाजार दुर्गा मंदिर के पास संबलपुर, थाना संबलपुर, जिला संबलपुर (उड़ीसा)।

महासमुंद पुलिस के अनुसार, प्रकरण में संलिप्त अन्य सह-आरोपियों की धरपकड़, वित्तीय ट्रेल की गहन जांच और साक्ष्य संकलन के लिए पुलिस पूरी मुस्तैदी से कार्य कर रही है। वहीं महासमुंद पुलिस, वन विभाग और वित्तीय एजेंसियों के समन्वय से इस संगठित गिरोह द्वारा अर्जित की गई अवैध संपत्तियों की कुर्की/राजसात की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। पुलिस की कार्रवाई आगे भी जारी है

पीएम मोदी के 25 वर्षों के सेवाकाल और जन्मदिवस पर 17 सितंबर को जलेंगे मिट्टी के दीप

मंत्री टंकराम वर्मा ने कुम्हारों से दीप खरीदकर दिया ‘जनभागीदारी’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ का संदेश

रायपुर, 15 सितंबर 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी 17 सितंबर को जन्मदिवस और सार्वजनिक जीवन में 25 वर्षों के निरंतर सेवाकाल पूर्ण होने के अवसर पर प्रदेशभर में विशेष आयोजन किए जाएंगे। इस अवसर पर राजस्व एवं जिला प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा ने प्रदेशवासियों से 17 सितंबर की संध्या अपने घरों, प्रतिष्ठानों एवं सार्वजनिक स्थलों पर मिट्टी के दीप प्रज्ज्वलित करने की अपील की है।

मंत्री टंकराम वर्मा ने बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के तिल्दा क्षेत्र स्थित मोहभट्ठा पारा पहुंचकर स्थानीय कुम्हारों से स्वयं मिट्टी के दीप खरीदे। उन्होंने कहा कि स्थानीय कारीगरों से दीप खरीदना ‘वोकल फॉर लोकल’ और जनभागीदारी की भावना को मजबूत करने का माध्यम है। इससे मिट्टी के शिल्पकारों को भी आर्थिक संबल मिलेगा।

राष्ट्रसेवा और समर्पण का प्रतीक

मंत्री वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन में राष्ट्रसेवा, जनकल्याण और अंतिम व्यक्ति के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उनके 25 वर्षों का सेवाकाल त्याग, निष्ठा और दृढ़ संकल्प का उदाहरण है।

उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि 17 सितंबर को प्रत्येक परिवार कम से कम एक मिट्टी का दीपक जलाकर प्रधानमंत्री मोदी के स्वस्थ, दीर्घायु एवं यशस्वी जीवन की कामना करे और इस जनभागीदारी अभियान का हिस्सा बने।

रायपुर : सड़क किनारे पसरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री साय, मीरा से खरीदा ‘आशीर्वाद का दीया’

तेलीबांधा मरीन ड्राइव में मिट्टी के दीये बेच रही मीरा से की आत्मीय बातचीत, एक हजार रुपए देकर किया श्रम और स्वावलंबन का सम्मान

रायपुर, 15 सितंबर 2026। राजधानी रायपुर के तेलीबांधा मरीन ड्राइव में सड़क किनारे मिट्टी के दीये बेच रही मीरा के लिए मंगलवार का दिन यादगार बन गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का काफिला अचानक उसके छोटे से पसरे के पास रुका। मुख्यमंत्री ने वहां रखे मिट्टी के दीयों को देखा और ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित होने वाले ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के लिए स्वयं एक दीया खरीदा। उन्होंने मीरा को एक हजार रुपए प्रदान कर उसके श्रम, स्वाभिमान और स्वावलंबन का सम्मान किया।

मुख्यमंत्री ने मीरा से उसके कामकाज और परिवार का हालचाल जाना। बातचीत के दौरान उन्होंने पूछा कि क्या उसे केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। मीरा ने बताया कि उसका प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत बैंक खाता खुला है और महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने एक हजार रुपए की राशि भी मिल रही है।

मीरा से योजनाओं का लाभ मिलने की जानकारी सुनकर मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं की सार्थकता तभी है, जब उनका लाभ जरूरतमंद लोगों तक सीधे पहुंचे और उनके जीवन को बेहतर बनाने में मदद मिले।

स्थानीय श्रम और स्वावलंबन का सम्मान

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सड़क किनारे पसरा लगाने वाले छोटे विक्रेता, कुम्हार, शिल्पकार और स्थानीय उत्पाद तैयार करने वाली माताएं-बहनें आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की शक्ति हैं। स्थानीय उत्पाद खरीदना केवल किसी वस्तु की खरीदारी नहीं, बल्कि उसके पीछे जुड़े परिवार के श्रम, कारीगर के हुनर और छोटे व्यवसायी की आजीविका को सम्मान देना है।

उन्होंने कहा कि स्थानीय विक्रेताओं और कारीगरों से सामान खरीदने का छोटा-सा प्रयास भी उनके परिवार की आजीविका को संबल प्रदान करता है।

‘आशीर्वाद का दीया’ बनेगा सेवा और जनभागीदारी का प्रतीक

मीरा से मुख्यमंत्री द्वारा खरीदा गया मिट्टी का दीया अब ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम का हिस्सा बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी संस्कृति में दीया केवल प्रकाश का माध्यम नहीं, बल्कि आशा और सकारात्मक संकल्प का प्रतीक है। समाज का प्रत्येक व्यक्ति सेवा का छोटा-सा संकल्प लेकर आगे बढ़े तो सामूहिक प्रयासों से बड़ा सकारात्मक बदलाव संभव है।

उन्होंने प्रदेशवासियों से 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ से जुड़ने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जरूरतमंदों की सहायता, पौधारोपण और स्थानीय कारीगरों से खरीदारी जैसे कार्यों को जनसेवा का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।

तेलीबांधा मरीन ड्राइव के छोटे से पसरे से खरीदा गया यह दीया अब श्रम, स्वावलंबन, सेवा और जनभागीदारी के बड़े संदेश का प्रतीक बन गया है। इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा भी उपस्थित थे।

महासमुंद सांकरा/ सामाजिक बहिष्कार और 1.25 लाख रुपये जुर्माने की शिकायत में गवाही देने का मामला,! मारपीट और जान से मारने की धमकी, SDOP जांच के बाद BNS में अपराध दर्ज

  

 

सांकरा। थाना सांकरा में पदस्थ प्रधान आरक्षक द्वारा दर्ज प्रथम सूचना तथ्यों के अनुसार, ग्राम पेंड्रावन निवासी सुशील डडसेना पिता कुबेर डडसेना, उम्र 36 वर्ष ने अनुविभागीय अधिकारी पुलिस पिथौरा के समक्ष शिकायत प्रस्तुत की थी। शिकायत में बताया गया कि गांव के रसपाल सिदार द्वारा सामाजिक बहिष्कार तथा जुर्माने की राशि मांगने संबंधी शिकायत की गई थी। इस मामले में सुशील डडसेना ने गवाह के रूप में अपना बयान दिया था। आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर धर्नुजय नेटी पिता कार्तिकराम नेटी ने 6 सितंबर 2026 को दिन में करीब 11 से 12 बजे शराब के नशे में सुशील के घर पहुंचकर पूछा कि रसपाल सिदार की ओर से गवाही क्यों दी, और इसके बाद अश्लील गाली-गलौज करते हुए हाथ, लात और डंडे से मारपीट की। साथ ही जान से मारने और नुकसान पहुंचाने की धमकी देने तथा उसकी मोटरसाइकिल का वाइजर तोड़कर भाग जाने का आरोप लगाया गया है।

सुशील ने जांच के दौरान बताया कि वह कक्षा 10वीं तक पढ़ा है और स्वयं के ट्रैक्टर से लोगों के खेतों की जुताई तथा कच्चा माल ढोने का काम करता है। उसके अनुसार मारपीट से उसके गले और हाथ-बांह में चोट आई। घटना को उसके पड़ोसी रसपाल सिदार और उसकी चाची द्वारा देखे जाने की बात कही गई। सुशील ने यह भी बताया कि उसके खेत में लगे दो बोर एक साथ शॉर्ट सर्किट से खराब हो गए, जिस पर उसे संदेह है कि धर्नुजय नेटी ने नुकसान पहुंचाने की नीयत से बोर को शॉर्ट कर खराब किया है। इस संबंध में थाना सांकरा में लिखित आवेदन देने की बात भी कही गई। शिकायतकर्ता के अनुसार, घटना के दो दिन बाद 8 सितंबर 2026 को धर्नुजय के पिता कार्तिक नेटी उसके घर पहुंचे और सामाजिक मामले में रसपाल सिदार की ओर से गवाही देने को लेकर डराया-धमकाया तथा जान से मारने की धमकी दी। सुशील ने कहा कि गांव-घर का मामला होने के कारण उसने दो दिन तक पुलिस में रिपोर्ट नहीं कराई, लेकिन बाद में उसे नुकसान पहुंचाए जाने का डर लगा, जिसके बाद कानूनी कार्रवाई की मांग की।

मामले के गवाह रसपाल सिदार ने अपने बयान में बताया कि वह पेंड्रावन का निवासी है, कक्षा 5वीं तक पढ़ा है और खेती-किसानी करता है। उसके अनुसार वह आदिवासी समाज से है और उसके नाती बंशीलाल सिदार द्वारा अन्य समाज की लड़की से विवाह किए जाने के बाद गांव समाज के पदाधिकारी कार्तिक राम नेटी, जयचंद पालेश्वर और सुधु जगत द्वारा उसे और उसके पूरे परिवार को सामाजिक रूप से बहिष्कृत करने की धमकी देने तथा 1 लाख 25 हजार रुपये जुर्माने की मांग करने का आरोप है। रसपाल ने बताया कि जुर्माने की राशि देने के लिए दबाव बनाए जाने के संबंध में उसने मुख्यमंत्री जनदर्शन में शिकायत की थी। इसी शिकायत की पुलिस जांच में सुशील डडसेना का बयान लिया गया था। रसपाल के अनुसार, सुशील के बयान देने के कारण कार्तिक राम नेटी और उसका पुत्र धर्नुजय नेटी नाराज थे। उसने पुलिस को बताया कि 6 सितंबर को करीब 10 से 12 बजे के बीच धर्नुजय नेटी सुशील के घर आया और गाली-गलौज करते हुए हाथ, लात व डंडे से मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी। रसपाल ने कहा कि उसका घर और सुशील का घर पास-पास होने के कारण उसने घटना देखी।

SDOP पिथौरा कार्यालय की जांच रिपोर्ट में बताया गया कि रसपाल सिदार की शिकायत पुलिस अधीक्षक महासमुंद कार्यालय के पत्र क्रमांक पुअ/महा/शिका/एसडीओपीपीटीआर-13/एम-6047-ए/2026 दिनांक 14 जुलाई 2026 के माध्यम से जांच के लिए प्राप्त हुई थी। जांच के दौरान सुशील डडसेना सहित गवाहों के बयान लिए गए। जांच रिपोर्ट में कहा गया कि सुशील द्वारा गवाह के रूप में बयान देने के कारण कार्तिक राम नेटी और उसके पुत्र धर्नुजय नेटी द्वारा उसे डराया-धमकाया जा रहा था तथा जान से मारने की धमकी दी जा रही थी। साथ ही धर्नुजय नेटी द्वारा सुशील के साथ मारपीट किए जाने की बात भी जांच में सामने आई। मामले की गंभीरता को देखते हुए SDOP पिथौरा कार्यालय ने धर्नुजय नेटी और उसके पिता कार्तिक राम नेटी के विरुद्ध डराने-धमकाने, जान से मारने की धमकी देने और मारपीट के संबंध में अपराध पंजीबद्ध कर पालन प्रतिवेदन से अवगत कराने के निर्देश थाना सांकरा को दिए। इसके बाद थाना सांकरा में दोनों आरोपियों के विरुद्ध धारा 296, 115(2), 351(2), 324(2) एवं 3(5) BNS के तहत अपराध कायम कर विवेचना में लिया गया है। मामले में शिकायतकर्ता और गवाहों के कथनों सहित अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि विवेचना के बाद ही होगी।

ओम हॉस्पिटल सरायपाली में 19 सितंबर को दो विशेषज्ञ चिकित्सकों की विशेष ओपीडी, गुर्दा-मूत्र एवं मस्तिष्क-रीढ़ रोगों का मिलेगा परामर्श

ओम हॉस्पिटल सरायपाली में 19 सितंबर को दो विशेषज्ञ चिकित्सकों की विशेष ओपीडी, गुर्दा-मूत्र एवं मस्तिष्क-रीढ़ रोगों का मिलेगा परामर्श

ओम हॉस्पिटल में डॉ. राजेश अग्रवाल और डॉ. चन्द्रमौकेश धावड़े रहेंगे उपलब्ध, बीपीएल, आयुष्मान, राशन कार्ड एवं इम्पैनलमेंट के तहत उपचार की सुविधा सरायपाली।

महासमुंद सरायपाली और ओडिसा के क्षेत्र के मरीजों के लिए चिकित्सा सुविधा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। सरायपाली स्थित ओम हॉस्पिटल में आगामी 19 सितंबर 2026, शनिवार को गुर्दा एवं मूत्र रोग तथा मस्तिष्क एवं स्पाइन रोग के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा विशेष परामर्श दिया जाएगा। विशेषज्ञ चिकित्सक सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक मरीजों के लिए उपलब्ध रहेंगे।

गुर्दा एवं मूत्र रोग विशेषज्ञ देंगे परामर्श

इस विशेष ओपीडी में डॉ. राजेश अग्रवाल मरीजों को परामर्श देंगे। वे MBBS, MS (General Surgery), DNB Urology, FMAS, FAUS Fellowship (Chhattisgarh-US) हैं तथा पूर्व में Apollo Hospital, Jubilee Hills Hyderabad में कंसल्टेंट रह चुके हैं।

पोस्टर के अनुसार उनके द्वारा गुर्दे की पथरी, पेशाब में जलन, पेशाब में खून आना, पेशाब की नली की सिस्ट, गुर्दे की सूजन एवं इंफेक्शन, मूत्रनली की पथरी, पेशाब में रुकावट और मूत्राशय संबंधी समस्याओं के संबंध में परामर्श दिया जाएगा।

वहीं, जिन मरीजों की ऑपरेशन से जुड़ी जांच रिपोर्ट हैं, उन्हें भर्ती होने से एक दिन पहले अपनी सभी जांच रिपोर्ट के साथ आने की सलाह दी गई है।

मस्तिष्क एवं स्पाइन रोगों के विशेषज्ञ भी रहेंगे मौजूद

इसी दिन डॉ. चन्द्रमौकेश धावड़े भी मरीजों के लिए उपलब्ध रहेंगे। वे MBBS, MS, MCH (Neuro Surgeon), JIPMER हैं तथा EX Consultant SNHRC Vellore के रूप में कार्य कर चुके हैं।

उनके द्वारा सर का बड़ा होना, शंट सर्जरी, माइग्रेन एवं मिर्गी, नसों का दबना, असामान्य सिर दर्द, ब्रेन हेमरेज, चक्कर आना, सीने में पानी भरना, सिर की चोट, गर्दन-कमर का दर्द, स्ट्रोक लकवा और मस्तिष्क की गंभीर चोट जैसी समस्याओं के संबंध में विशेषज्ञ परामर्श दिया जाएगा। पोस्टर में अग्रिम पंजीयन अनिवार्य बताया गया है।

बीपीएल और आयुष्मान कार्ड से उपचार की सुविधा

ओम हॉस्पिटल की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार बीपीएल कार्ड से निःशुल्क इलाज की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड एवं इम्पैनलमेंट के माध्यम से भी उपचार की सुविधा उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है। अस्पताल की ओर से प्रत्येक गुरुवार निःशुल्क परामर्श की सुविधा भी बताई गई है।

ओम हॉस्पिटल, स्व. राजा वीरेंद्र बहादुर सिंह शासकीय महाविद्यालय के पास, नेशनल हाईवे, सरायपाली (छत्तीसगढ़) में स्थित है।

संपर्क: 07725-299360, 83700-08558

> नोट: यह समाचार अस्पताल द्वारा जारी प्रचार सामग्री में दी गई जानकारी पर आधारित है। इलाज/निःशुल्क सुविधा की पात्रता संबंधित अस्पताल एवं योजना के नियमों के अनुसार होगी।

महासमुंद/:मछली पालन , हैचरी और दाना निर्माण भी बन सकता है कमाई का जरिया, सरकार दे रही अनुदान , 28 लाख की यूनिट से हिमांशु ने बनाई कमाई की नई राह

 

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से 150 मत्स्य पालकों ने बदली अपनी किस्मत
दिनेश और हिमांशु ने मछली व्यवसाय में बनाई अपनी पहचान
महासमुंद 15 सितंबर 2026/ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा में गांव, गरीब, किसान और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए गए हैं। इसी सोच के अनुरूप केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना अब महासमुंद जिले के किसानों के लिए अतिरिक्त आमदनी, स्वरोजगार और रोजगार का मजबूत माध्यम बन रही है। धान की पारंपरिक खेती के साथ किसान मछली पालन, हैचरी और पाउंड लाइनर जैसी गतिविधियों को अपनाकर अपनी आय के नए स्रोत विकसित कर रहे हैं। जिले में करीब 150 किसान योजना का लाभ लेकर मछली पालन को व्यवसाय के रूप में अपना चुके हैं। सरकार से मिलने वाले अनुदान से तालाब निर्माण से लेकर हैचरी और अन्य मत्स्य गतिविधियों के लिए बुनियादी सुविधाएं विकसित हो रही हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं।

इसी बदलाव की मिसाल बिरकोनी निवासी किसान दिनेश चन्द्राकर हैं। पारंपरिक खेती में लागत बढ़ने के बाद उन्होंने मछली पालन की ओर कदम बढ़ाया। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत करीब 7.50 लाख रुपये की लागत से एक हेक्टेयर में तालाब खुदवाया। इसके पश्चात करीब 14 लाख रुपये की लागत से 20 हजार वर्गफुट में मछली हैचरी स्थापित की। सरकार से मिले अनुदान ने इस व्यवसाय को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मत्स्य पालक श्री दिनेश के मुताबिक हैचरी में मछली के बच्चों को तैयार कर तालाब में डाला जाता है। करीब 8 से 9 महीने में लगभग 15 टन मछली तैयार हो जाती है, जिसे मछुआरों के माध्यम से बाजार में बेचा जाता है। एक किलो मछली तैयार करने में करीब 70 से 80 रुपये की लागत आती है, जबकि बाजार में इसे 120 से 150 रुपये प्रति किलो तक बेचने से उन्हें अच्छी आमदनी हो रही है।

इसी तरह ग्राम बकमा के किसान हिमांशु चंद्राकर ने भी प्रधानमंत्री मत्स्य योजना का लाभ लेकर करीब 28 लाख रुपये की लागत से दो पाउंड लाइनर यूनिट तैयार कराईं। उन्हें सरकार की ओर से 60 प्रतिशत अनुदान मिला। हिमांशु बताते हैं कि सभी खर्च निकालने के बाद उन्हें सालाना करीब 3 से 4 लाख रुपये की बचत हो जाती है। इस तरह मछली पालन उनके लिए आय का मजबूत और स्थायी जरिया बन गया है।
मछली पालन का लाभ सिर्फ तालाब और यूनिट संचालकों तक सीमित नहीं है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं। बिरकोनी में मछली पालन से जुड़े मजदूरों का कहना है कि पहले काम की तलाश में उन्हें दूसरे स्थानों पर जाना पड़ता था, लेकिन अब गांव में ही सालभर रोजगार मिल रहा है। करीब 9 हजार रुपये प्रतिमाह की आय के साथ नियमित काम मिलने से परिवार के खर्च चलाने में भी सहूलियत हो रही है।
सरकार की योजना किसानों को मछली पालन से जोड़ने के साथ इस क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर भी जोर दे रही है। नए तालाब निर्माण, बायोफ्लॉक यूनिट, हैचरी, कोल्ड स्टोरेज और मछली दाना निर्माण जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देकर उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि का प्रयास किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत महिला, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के हितग्राहियों को 60 प्रतिशत, जबकि सामान्य वर्ग के हितग्राहियों को 40 प्रतिशत तक अनुदान दिए जाने का प्रावधान है। महासमुंद जिले में किसान इस योजना का लाभ लेकर मछली पालन के साथ हैचरी और मछली दाना निर्माण जैसी गतिविधियों से भी जुड़ रहे हैं। धान की खेती पर निर्भरता के बीच मछली पालन अब महासमुंद के किसानों के लिए अतिरिक्त आमदनी के साथ रोजगार और आत्मनिर्भरता का मजबूत माध्यम बनता जा रहा है।

महासमुंद झलप/ जंगल में भालू ने ग्रामीण पर किया जानलेवा हमला, रायपुर रेफर चेहरे की हालत देखकर दहल जाएंगे… VIDEO WARNING: नीचे दिया गया वीडियो विचलित करने वाला हो सकता है। कमजोर दिल वाले और बच्चे इसे न देखें।

महासमुंद/झलप। जंगल की ओर शौच के लिए गए 55 वर्षीय ग्रामीण पर अचानक जंगली भालू ने हमला कर दिया। हमले में ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गया। भालू ने उसके चेहरे और सिर पर इस कदर हमला किया कि उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। गंभीर स्थिति को देखते हुए पहले उसे महासमुंद जिला अस्पताल लाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद रायपुर रेफर कर दिया गया।

जानकारी के अनुसार महासमुंद वन मंडल के झलप वन परिक्षेत्र के समीपस्थ ग्राम कछारडीह निवासी दर्शन यादव (लगभग 55 वर्ष) 13 सितंबर 2026 की सुबह घर से करीब 500 मीटर दूर जंगल की तरफ शौच के लिए गया था। इसी दौरान अचानक उसका सामना जंगली भालू से हो गया। इससे पहले कि वह कुछ समझ पाता, भालू ने उस पर हमला कर दिया।

हमला इतना खतरनाक था कि दर्शन यादव के सिर, मुंह, नाक और कान सहित चेहरे के हिस्से में गंभीर चोटें आई हैं। प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार चोटों की वजह से उसका चेहरा बुरी तरह जख्मी हो गया है और पहचान करना भी मुश्किल बताया जा रहा है। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों और परिजनों को इसकी जानकारी मिली, जिसके बाद घायल को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।

गंभीर रूप से घायल दर्शन यादव को पहले महासमुंद जिला अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने उसकी हालत को देखते हुए बेहतर उपचार के लिए रायपुर रेफर कर दिया। फिलहाल रायपुर में उसका उपचार जारी है और उसकी स्थिति नाजुक बताई जा रही है।

घटना के बाद इलाके में दहशत

 

जंगली भालू के इस अचानक हमले के बाद कछारडीह और आसपास के ग्रामीण इलाकों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों में जंगल की ओर जाने को लेकर चिंता बढ़ गई है। वन विभाग की ओर से घटना की जानकारी जुटाई जा रही है तथा क्षेत्र में भालू की मौजूदगी को लेकर निगरानी की जा रही है।

महासमुंद बसना/ क्या आने वाले चुनाव की तैयारी में कांग्रेस! बसना से टिकट के दौड़ में एक नाम ने बढ़ाई सियासी हलचल, किसे बताया जा रहा पूर्व CM का करीबी?

महासमुंद बसना/ क्या आने वाले चुनाव की तैयारी में कांग्रेस! बसना से किसे मिल सकता है टिकट, एक नाम ने बढ़ाई सियासी हलचल किसको बताया जा रहा है पूर्व सीएम का करीबी

बसना। छत्तीसगढ़ में 2028 के विधानसभा चुनाव को अभी वक्त है, लेकिन राजनीतिक दलों के संभावित चेहरों को लेकर चर्चाएं अभी से शुरू होती नजर आ रही हैं। बसना विधानसभा में भी कांग्रेस के संभावित प्रत्याशी को लेकर सियासी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। फिलहाल इन चर्चाओं में जिला पंचायत सदस्य मोक्ष प्रधान का नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है। किसानों और गरीब वर्ग से जुड़े मुद्दों पर उनकी लगातार सक्रियता ने भी उन्हें चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

मोक्ष प्रधान को छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का करीबी बताया जाता है। कुछ दिन पहले भूपेश बघेल का मोक्ष प्रधान के निवास स्थान पर आगमन हुआ था। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका भव्य स्वागत किया। इस मुलाकात और स्वागत के बाद क्षेत्र में मोक्ष प्रधान की राजनीतिक सक्रियता को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं।

किसानों और गरीबों के मुद्दों पर आवाज

मोक्ष प्रधान इन दिनों क्षेत्र के किसानों और गरीब वर्ग से जुड़ी समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठाते दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय लोगों की समस्याओं को सामने लाने और उनके मुद्दों को लेकर सक्रिय रहने के कारण उनकी राजनीतिक सक्रियता पर भी नजरें टिक गई हैं। यही वजह है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के संभावित चेहरे को लेकर चर्चा होती है तो फिलहाल मोक्ष प्रधान का नाम सामने आ रहा है।

क्या कांग्रेस नए चेहरे पर खेलेगी दांव?

हालांकि अभी कांग्रेस की ओर से बसना विधानसभा सीट के लिए किसी भी नाम को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में मोक्ष प्रधान को संभावित दावेदार कहना भी फिलहाल राजनीतिक चर्चाओं तक ही सीमित है। आने वाले समय में पार्टी के भीतर से अन्य नाम भी सामने आ सकते हैं और तस्वीर बदल सकती है।

लेकिन सवाल यही है कि 2028 के चुनाव में कांग्रेस बसना से किस चेहरे पर दांव लगाएगी? क्या पार्टी किसी नए चेहरे को मौका देगी या फिर किसी अनुभवी नेता पर भरोसा जताएगी? फिलहाल मोक्ष प्रधान का नाम चर्चा में है। आने वाले दिनों में उनकी बढ़ती राजनीतिक सक्रियता और कांग्रेस संगठन के भीतर उनकी भूमिका इस चर्चा को किस दिशा में ले जाती है, यह देखना दिलचस्प होगा।

सिंघोड़ा : बाजार से लौट रहे पिता-पुत्र को ट्रक ने मारी टक्कर, पिता के पैर में गंभीर चोट

सिंघोड़ा थाना क्षेत्र में सड़क हादसे का मामला सामने आया है। कुर्मीपाली बाजार से मोटरसाइकिल पर पिता के साथ घर लौट रहे युवक को ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसे में मोटरसाइकिल पर पीछे बैठे पिता के दाहिने पैर में चोट आई है, जिनका रायपुर के अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, ग्राम देवानपाली निवासी सुब्रत बाघ (27 वर्ष) 11 सितंबर 2026 की शाम करीब 5 बजे अपने पिता विपिन बाघ के साथ मोटरसाइकिल क्रमांक CG06JQ2808 से कुर्मीपाली बाजार गया था। बाजार से वापस लौटते समय सुब्रत मोटरसाइकिल चला रहा था और उसके पिता पीछे बैठे थे।

बताया गया कि गांव की पुलिया के पास पहुंचने के दौरान सिंघोड़ा की ओर से आ रहे ट्रक क्रमांक CG22X8984 के अज्ञात चालक ने कथित तौर पर वाहन को तेज एवं लापरवाहीपूर्वक चलाते हुए मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। हादसे में विपिन बाघ के दाहिने पैर में चोट आई। परिजनों के अनुसार, घायल विपिन बाघ को उपचार के लिए रायपुर के अग्रवाल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। मामले में सुब्रत बाघ की रिपोर्ट पर सिंघोड़ा पुलिस ने धारा 281 और 125(A) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।