महासमुंद: बुजुर्गों के लिए मिसाल बना ‘आशियाना वृद्धाश्रम’, मिल रहा सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल

महासमुंद। जिले में समाज कल्याण विभाग से मान्यता प्राप्त अनुदानित स्वैच्छिक संस्था शांति मैत्री ग्रामीण विकास संस्थान द्वारा आसियाना वृद्धाश्रम का संचालन दलदली रोड,नयापारा महासमुन्द में किया जा रहा है, जो कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक सुरक्षित, सम्मानजनक एवं पारिवारिक वातावरण प्रदान कर रहा है। यहां निवासरत वरिष्ठजन प्रसन्नता एवं आत्मीयता के साथ अपना जीवन यापन कर रहे हैं। वृद्धाश्रम में उनकी दैनिक आवश्यकताओं के साथ-साथ मानसिक,शारीरिक एवं सामाजिक स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

उप संचालक समाज कल्याण संगीता सिंह ने बताया कि वृद्धाश्रम में वरिष्ठजनों के मनोरंजन एवं स्वास्थ्यवर्धन के लिए विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उनके लिए नियमित रूप से मनोरंजनात्मक गतिविधियों, खेलकूद प्रतियोगिताओं, नियमित योगाभ्यास एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। जिससे उनमें उत्साह एवं सकारात्मक ऊर्जा का संचार बना रहता है। आध्यात्मिक एवं मानसिक शांति के लिए भजन-कीर्तन, सत्संग एवं धार्मिक कार्यक्रमों की भी नियमित व्यवस्था की गई है। इन गतिविधियों में वरिष्ठजन बढ़-चढक़र भाग लेते हैं,जिससे उनके जीवन में आनंद एवं संतोष की भावना विकसित होती है।

उन्होंने जानकारी दी है कि वरिष्ठजनों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाता है। विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा उनका नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराया जाता है। आवश्यकता पडऩे पर उन्हें चिकित्सा सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं। संस्था में वरिष्ठजनों की सुरक्षा एवं निगरानी हेतु सीसीटीवी लगाया गया है। आसियाना वृद्धाश्रम वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को सुखद, सुरक्षित एवं सम्मानजनक बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है तथा समाज में वृद्धजनों के प्रति संवेदनशीलता एवं सम्मान की भावना को भी प्रोत्साहित कर रहा है।

महासमुंद: खाद-बीज संकट को लेकर किसान कांग्रेस का हल्लाबोल, मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

महासमुंद।  खाद-बीज के संकट और अव्यावहारिक प्रशासनिक नीतियों के खिलाफ  कल शाम छत्तीसगढ़ प्रदेश किसान कांग्रेस जिला इकाई ने मोर्चा खोल दिया। जिला अध्यक्ष मानिक साहू के नेतृत्व में बड़ी संख्या में एकत्रित हुए किसान कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और अन्नदाताओं ने कांग्रेस भवन से रैली की शक्ल में एसडीएम दफ्तर तक जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान गगनभेदी नारों के साथ प्रशासनिक अव्यवस्थाओं के खिलाफ जमकर आक्रोश जताया और रैली के अंत में मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को एक 9 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया।

सौंपे गए ज्ञापन में किसान कांग्रेस ने मैदानी हकीकत बयां करते हुए कहा कि आज जिले का छोटा-बड़ा हर वर्ग का किसान सुबह घर से एक उम्मीद लेकर सोसायटियों और बाजारों की तरफ  निकलता है कि शायद उसे खेती के लिए डीएपी खाद या ट्रैक्टर के लिए डीजल मिल जाएगा। परंतु दुर्भाग्य से शाम तक उसके हाथ में सिर्फ लंबी लाइनें, धक्के, प्रशासनिक बहाने और भारी मजबूरी ही लगती है। जिस अन्नदाता की मेहनत से मंडियां भरती हैं, आज वही खाद के एक-एक कट्टे के लिए तरस रहा है। ंगठन ने मंत्रियों के दौरों और प्रशासनिक दावों पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि मंत्रियों का स्वागत करने, बड़े-बड़े राजनैतिक भाषण देने और फ ोटो खिंचवाने से फुर्सत नहीं हैं। राजनीति से परे अब हमें धरातल पर उतरना होगा, क्योंकि केवल स्वागत-सत्कार से किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता। जब भाषण देना होता है तो बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, पर जब जमीनी स्तर पर किसान खाद, बीज और डीजल के लिए रोता है, तब पूरी प्रशासनिक व्यवस्था मौन हो जाती है। रसूखदार लोग अपनी पहचान के बल पर व्यवस्था कर लेते हैं लेकिन आम और गरीब किसान परेशान हैं।

मांग पत्र में प्रमुख रूप से शासन द्वारा आगामी खरीफ  सीजन के लिए प्रति एकड़ केवल 1 बोरी खाद की पात्रता के नियम का कड़ा विरोध किया गया है। किसान कांग्रेस ने इसे पूरी तरह से अव्यावहारिक और किसान विरोधी बताते हुए तुगलकी फरमान करार दिया है। संगठन ने मांग की है कि इस नियम को तत्काल निरस्त किया जाए और किसानों को उनकी भूमि व फसल की वास्तविक आवश्यकता के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए।

इसके साथ ही डीजल किल्लत दूर करने, कृषि बिजली दरों को नियंत्रित करने, धान की एकमुश्त राशि का भुगतान करने और लंबित विभागीय अनुदान को जल्द जारी करने जैसी मांगें प्रमुखता से उठाई गई हैं। चेतावनी दी गई है कि यदि जिले के अन्नदाताओं के इस गहरे दर्द और आक्रोश को संज्ञान में लेते हुए त्वरित निराकरण नहीं किया गया, तो संगठन आगे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा।

त्रिकोणीय प्रेम में दोस्त ही बना दुश्मन: महासमुंद पुलिस ने चंद घंटों में सुलझाई अंधे कत्ल की गुत्थी, आरोपी गिरफ्तार

महासमुंद। महासमुन्द पुलिस को चंद घंटे में ही हत्या की गुत्थी सुलझाने में सफलता मिली है। पुलिस के अनुसार त्रिकोणीय प्रेम में दो दोस्त दुश्मन बन गये और दोस्त ने ही दोस्त की हत्या कर शव को छुपाने का प्रयास किया और भाग निकला था। जिसे मुुखबिर की सूचना एवं तकनीकी विश्लेषण के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस के अनुसार एक जून को चौकी भंवरपुर में सूचना मिली कि एक व्यक्ति मोंगरे भोई पिता रविलाल भोई ग्राम झारउड़ेला मृत अवस्था में गांव के रविशंकर पटेल की बाड़ी में बोर के पास पड़ा हुआ है। जिसकी मृत्यु संदेहजनक है। सूचना पर चौकी भंवरपुर में मर्ग कायम कर जांच करवाई में लिया गया, इसके बाद मौके में घटना स्थल का निरीक्षण करने पुलिस के साथ फ ॉरेंसिक टीम भी पहुंची। निरीक्षण के दौरान मृतक मोंगरे भोई के सिर में चोट से खून निकलना पाया गया। आरोपी ने एक चादर के टुकड़े से मृतक के गले को लपेटा था। शरीर पर संघर्ष के निशान मौजूद थे।

मौके से पंचनामा पश्चात शव को पीएम हेतु बसना रवाना किया गया। जहां डॉक्टरों ने शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में मृतक की मृत्यु हत्या का होना लेख किया। पुलिस ने अपराध क्रमांक 295-26 धारा 103-1 बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया।

गवाहों से पूछताछ के दौरान गांव के वेद राम पटेल से मृतक मोंगरे भोई के मोबाइल पर अंतिम बातचीत होना तथा वेद राम पटेल द्वारा मोंगरे भोई को बुलाने पर वेद राम के घर जाने का पता चला।

पुलिस ने तस्दीक की तो आरोपी अपने निवास से फरार मिला। इससे पुलिस का संदेह और भी गहराया और पुलिस ने इस दिशा पर काम करना शुरू किया।

तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपी वेदराम को पकड़ा गया और पूछताछ में आरोपी वेदराम ने बताया कि जिस युवती से वह प्रेम करता था, उसी से मोंगरे भोई भी प्रेम करता था और त्रिकोणीय प्रेम संबंध के कारण  मोंगरे भोई को रास्ते से हटाने की नीयत से जानलेवा हमला किया। उसके सिर एवं गर्दन में चोट पहुंचाकर उसकी हत्या कर दी।

आरोपी से मृतक का मोबाइल, लोअर एवं चप्पल बरामद हुआ जिसे आरोपी ने अलग-अलग जगहों में छिपा दिया था।  आरोपी की निशानदेही पर घटना के समय पहना कपड़ा भी जब्त किया गया। प्रकरण के अब तक के विवेचना पर आरोपी के खिलाफ  पर्याप्त साक्ष्य सबूत पाए जाने पर आरोपी को 3 जून बुधवार को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड जेल दाखिल किया गया।

दिव्यांगजनों का जीवन होगा सरल, सुगम और आत्मनिर्भर, समाधान शिविर में मिला मोबाइल, एमआर किट एवं श्रवण यंत्र

महासमुन्द । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप आयोजित सुशासन तिहार के अंतर्गत जिले में लगाए जा रहे समाधान शिविर जनसमस्याओं के निराकरण के साथ ही जरूरतमंद एवं पात्र हितग्राहियों को विभिन्न आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराकर उनके जीवन सरल और सुगम बना रहे हैं। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचने से अनेक परिवारों के चेहरे पर मुस्कान लौट रही है।

इसी कड़ी में महामसुंद शहरी क्षेत्र लोहिया चौक में आयोजित समाधान शिविर तीन दिव्यांग बच्चों के लिए नई उम्मीद और आत्मविश्वास लेकर आया। शिविर में दृष्टिबाधित दिव्यांग योगेश चंद्राकर को अध्ययन एवं संचार में सहायता के लिए टॉकिंग मोबाइल एवं स्पीकर प्रदान किया गया। इस उपकरण की मदद से वे अपनी पढ़ाई अधिक प्रभावी ढंग से कर सकेंगे तथा शैक्षणिक गतिविधियों में बेहतर सहभागिता सुनिश्चित कर पाएंगे।

इसी तरह दिव्यांग हार्दिक को एमआर (मेंटल रिटार्डेशन) किट प्रदान की गई। यह किट उनकी स्मरण शक्ति, तार्किक क्षमता, एकाग्रता तथा आंखों और हाथों के समन्वय को विकसित करने में सहायक होगी। साथ ही विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से उनके मानसिक एवं शारीरिक विकास को गति मिलेगी। वहीं श्रवण बाधित दिव्यांग कान्हा मानिकपुरी को श्रवण यंत्र प्रदान किया गया। इस उपकरण के माध्यम से वे दैनिक जीवन की गतिविधियों, संवाद एवं सामाजिक सहभागिता में अधिक सहजता से जुड़ सकेंगे। समाधान शिविर में उनके परिजनों ने शासन की इस संवेदनशील पहल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर मिली सहायता उनके जीवन को अधिक सरल, सुगम और आत्मनिर्भर बनाने में विशेष योगदान देगा।

गोविंद, वेदलाल, अंजान ध्रुव ने खाद उठाव के साथ ही खरीफ फसल की तैयारी शुरू की

किसानों को सरलता से उपलब्ध हो रहा उर्वरक, जिले में खाद का पर्याप्त भंडारण

महासमुन्द । खरीफ सीजन को देखते हुए जिले में किसानों की आवश्यकताओं के अनुरूप उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण किया गया है तथा शासन के नियमानुसार किसानों को समय पर खाद का वितरण भी सुनिश्चित किया जा रहा है। कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले की सहकारी समितियों में विभिन्न प्रकार के उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, जिससे किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है।

उप संचालक कृषि एफ.आर. कश्यप ने बताया कि जिले की सहकारी समितियों में वर्तमान में 11,310 टन यूरिया, 4,276 टन डीएपी, 1,912 टन पोटाश, 5,888 टन सुपर फास्फेट तथा 3,110 टन एनपीके सहित कुल 26,496 टन उर्वरकों का भंडारण किया जा चुका है। वहीं किसानों को अब तक 1,365 टन यूरिया, 470 टन डीएपी, 240 टन पोटाश, 466 टन सुपर फास्फेट तथा 264 टन एनपीके का वितरण किया जा चुका है।

महासमुंद विकासखंड के ग्राम बम्हनी स्थित प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति में वर्तमान में 93 टन यूरिया, 57 टन डीएपी, 20 टन सुपर फास्फेट, 7 टन पोटाश तथा 25 टन एनपीके उपलब्ध है। समिति में उर्वरक लेने पहुंचे ग्राम चिंगरौद के किसान गोविंद साहू एवं वेदलाल साहू ने बताया कि उन्हें समिति से बड़ी सरलता और सुगमता के साथ यूरिया एवं डीएपी खाद उपलब्ध हो गया, जिससे खेती-किसानी के कार्यों में सुविधा मिल रही है। इसी तरह ग्राम बरोंडा बाजार स्थित प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति में उर्वरक लेने पहुंचे ग्राम लाफिनखुर्द के किसान अंजान राम ध्रुव एवं खुमन ध्रुव ने बताया कि उन्हें भी समिति से आसानी से यूरिया एवं डीएपी खाद प्राप्त हो गया है। उन्होंने कहा कि समय पर उर्वरक उपलब्ध होने से खेती की तैयारियां सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं। कृषि विभाग द्वारा लगातार उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की निगरानी की जा रही है, ताकि किसानों को आवश्यकता के अनुरूप समय पर खाद मिल सके।

खरीफ फसल की तैयारी में जुटे किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए पूरे प्रदेश में कृषकों को खाद की आपूर्ति कि जा सकें इस हेतु कृषि भूमि के रकबे वार अलग से व्यवस्था कि गई है जिसमें कृषक (2.5 एकड़ से कम) को एक मुश्त खाद वितरण, सीमांत कृषकों (2.5 एकड़ से 5 एकड़ तक) को दो किस्तो में (20 दिवस के अंतराल पर) खाद वितरण एवं दीर्घ कृषक (2.5 एकड़ से अधिक) को तीन किस्तो में (20 दिवस के अंतराल पर) उर्वरको का वितरण निजी एवं सहकारी दोनो क्षेत्रो में किया जावेगा।

आसियाना वृद्धाश्रम में वरिष्ठजन, सम्मान व खुशहाली के साथ बिता रहे हैं जीवन

महासमुंद। जिले में समाज कल्याण विभाग से मान्यता प्राप्त अनुदानित स्वैच्छिक संस्था शांति मैंत्री ग्रामीण विकास संस्थान द्वारा आसियाना वृद्धाश्रम का संचालन दलदली रोड, नयापारा महासमुन्द में किया जा रहा है, जो कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक सुरक्षित, सम्मानजनक एवं पारिवारिक वातावरण प्रदान कर रहा है। यहाँ निवासरत वरिष्ठजन प्रसन्नता एवं आत्मीयता के साथ अपना जीवन यापन कर रहे हैं। वृद्धाश्रम में उनकी दैनिक आवश्यकताओं के साथ-साथ मानसिक, शारीरिक एवं सामाजिक स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

उप संचालक समाज कल्याण संगीता सिंह ने बताया कि वृद्धाश्रम में वरिष्ठजनों के मनोरंजन एवं स्वास्थ्यवर्धन के लिए विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उनके लिए नियमित रूप से मनोरंजनात्मक गतिविधियों, खेलकूद प्रतियोगिताओं, नियमित योगाभ्यास एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, जिससे उनमें उत्साह एवं सकारात्मक ऊर्जा का संचार बना रहता है। आध्यात्मिक एवं मानसिक शांति के लिए भजन-कीर्तन, सत्संग एवं धार्मिक कार्यक्रमों की भी नियमित व्यवस्था की गई है। इन गतिविधियों में वरिष्ठजन बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं, जिससे उनके जीवन में आनंद एवं संतोष की भावना विकसित होती है।

वरिष्ठजनों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाता हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा उनका नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराया जाता है। आवश्यकता पड़ने पर उन्हें चिकित्सा सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं। संस्था में वरिष्ठजनों की सुरक्षा एवं निगरानी हेतु सीसीटीवी लगाया गया है। आसियाना वृद्धाश्रम वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को सुखद, सुरक्षित एवं सम्मानजनक बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है तथा समाज में वृद्धजनों के प्रति संवेदनशीलता एवं सम्मान की भावना को भी प्रोत्साहित कर रहा है।

बसना सिंघनपुर में आयोजित समाधान शिविर में कलेक्टर ने आवेदनों के निराकरण की स्थिति का लिया जायजा

बसना सिंघनपुर में आयोजित समाधान शिविर में कलेक्टर ने आवेदनों के निराकरण की स्थिति का लिया जायजा

महासमुंद, 04 जून 2026/ प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आज बसना विकासखंड के ग्राम पंचायत सिंघनपुर में समाधान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों की समस्याओं एवं मांगों के निराकरण के साथ-साथ विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ प्रदान किए गए। समाधान शिविर में जनप्रतिनिधिगण, जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

इस अवसर पर कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने समाधान शिविर का निरीक्षण कर विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन, प्राप्त आवेदनों तथा उनके निराकरण की स्थिति की जानकारी ली। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविर में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए तथा पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ प्राथमिकता से उपलब्ध कराया जाए।

कलेक्टर श्री लंगेह ने अधिकारियों को ग्रामीणों को योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया एवं मिलने वाले लाभों की विस्तृत जानकारी देने के निर्देश दिए ताकि अधिक से अधिक लोग योजनाओं से लाभान्वित हो सकें। कलेक्टर ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन और जनता के बीच सीधे संवाद स्थापित कर आमजन की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान करना है। शासन की मंशा है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे तथा नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक भटकना न पड़े।

शिविर में ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं एवं मांग संबंधित आवेदनों को अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया। कई प्रकरणों का मौके पर ही निराकरण किया गया तथा शेष आवेदनों के त्वरित निराकरण हेतु संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए। इस दौरान विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र, प्रमाण पत्र एवं अन्य सामग्रियों का भी वितरण किया गया।

महासमुन्द/पीएम राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मिलेगा त्वरित और कैशलेस उपचार

महासमुन्द/पीएम राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मिलेगा त्वरित और कैशलेस उपचार

महासमुन्द, 04 जून 2026/ सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले लोगों को समय पर और बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा ’’पीएम राहत (Prime Minister Road Accident Victims’ Hospitalisation and Assured Treatment) योजना’’ लागू की गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत सड़क दुर्घटना के प्रत्येक पीड़ित को दुर्घटना की तिथि से 7 दिनों तक अधिकतम 1.5 लाख रुपए तक का निःशुल्क एवं कैशलेस उपचार प्रदान किया जाएगा।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव ने बताया कि योजना का लाभ भारत की किसी भी सड़क पर मोटर वाहन से होने वाली दुर्घटना के सभी पीड़ितों को मिलेगा। इसका उद्देश्य दुर्घटना के बाद उपचार में होने वाली देरी को रोकना तथा पीड़ितों की जान बचाना है। योजना को 112 आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली से जोड़ा गया है, जिससे दुर्घटना की सूचना मिलते ही निकटतम अस्पताल की पहचान करने अथवा एम्बुलेंस उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। इसके माध्यम से पीड़ितों को शीघ्र चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित की जा सकेगी। योजना के अंतर्गत सामान्य मामलों में दुर्घटना के बाद प्रारंभिक 24 घंटे तथा गंभीर एवं जीवन-रक्षक उपचार की आवश्यकता वाले मामलों में 48 घंटे तक तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। इससे गंभीर रूप से घायल मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा। पीएम राहत योजना का संचालन पूरी तरह डिजिटल माध्यम से किया जा रहा है। उपचार से संबंधित क्लेम एवं वित्तीय प्रबंधन ’’मोटर वाहन दुर्घटना कोष के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए ई-डीएआर दुर्घटना रिपोर्टिंग प्रणाली तथा टीएमएस 2.0 अस्पताल क्लेम प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जा रहा है।

जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि सड़क दुर्घटना की स्थिति में घायलों को तत्काल सहायता प्रदान करें तथा 112 हेल्पलाइन के माध्यम से आवश्यक सेवाओं का लाभ उठाकर पीड़ितों को शीघ्र उपचार उपलब्ध कराने में सहयोग करें।

महासमुंद जिले के समस्त ग्राम पंचायतों में 05 जून को होगा विशेष ग्राम सभा स्वच्छ गाँव, सुरक्षित जलवायु, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और जल संरक्षण पर होगी चर्चा

महासमुंद जिले के समस्त ग्राम पंचायतों में 05 जून को होगा विशेष ग्राम सभा स्वच्छ गाँव, सुरक्षित जलवायु, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और जल संरक्षण पर होगी चर्चा

महासमुंद 04 जून 2026/ शासन के निर्देशानुसार जिले के समस्त ग्राम पंचायतों में 05 जून 2026 को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर विशेष ग्राम सभा आयोजित किया जाएगा। इस वर्ष यह आयोजन, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) और सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण, विशेषकर स्वच्छ और हरित ग्राम थीम के उद्देश्यों के अनुरूप हैं। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने आयोजन के लिए समस्त जनपद सीईओ को निर्देश दिए है एवं की गई कार्रवाई से अवगत कराने कहा गया है।

ग्राम सभा में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के संबंध में चर्चा कर संकल्प पारित किया जाएगा। जिसमें घरेलू और संस्थागत स्तर पर जैविक कचरे से खाद बनाने को बढ़ावा देना। ग्रामीण क्षेत्रों में सिंगल-यूज प्लास्टिक के उपयोग को पूरी तरह से कम करने जागरूक किया जाएगा। जल संरक्षण अंतर्गत स्थानीय जल निकायों (तालाब, टैंक आदि) को कचरा डंपिंग से बचाने, इसके साथ ही गाँव के स्तर पर जल संसाधन मानचित्रण किया जाएगा।

स्थानीय जागरूकता गतिविधियांे में ग्राम सभा के साथ-साथ सार्वजनिक जागरूकता बढ़ाने के लिए स्थानीय स्तर पर विविध गतिविधियाँ आयोजित की जाएगी, जिसमें सामूहिक पर्यावरण शपथ ग्रहण समारोह, नुक्कड़ नाटक और रैलियों का आयोजन, सामुदायिक श्रमदान के माध्यम से गाँव के सार्वजनिक स्थानों, जल निकायों और साझा मैदानों की सफाई एवं वृक्षारोपण अभियान तथा दीवारों पर कचरा पृथक्कीकरण से संबंधित संदेश व पेंटिंग बनाना आदि शामिल है। इस दौरान जनप्रतिनिधियों, ग्राम पंचायत पदाधिकारियों, स्वयं सहायता समूहों, स्वच्छाग्रहियों, स्वच्छता कर्मियों, महिलाओं, युवाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति परिवारों, अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं, स्कूल के बच्चों और शिक्षकों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित जाएगी।

महासमुंद/आसियाना वृद्धाश्रम में वरिष्ठजन, सम्मान एवं खुशहाली के साथ बिता रहे हैं जीवन

महासमुंद/आसियाना वृद्धाश्रम में वरिष्ठजन, सम्मान एवं खुशहाली के साथ बिता रहे हैं जीवन

महासमुंद 04 जून 2026/ जिले में समाज कल्याण विभाग से मान्यता प्राप्त अनुदानित स्वैच्छिक संस्था शांति मैंत्री ग्रामीण विकास संस्थान द्वारा आसियाना वृद्धाश्रम का संचालन दलदली रोड, नयापारा महासमुन्द में किया जा रहा है, जो कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक सुरक्षित, सम्मानजनक एवं पारिवारिक वातावरण प्रदान कर रहा है। यहाँ निवासरत वरिष्ठजन प्रसन्नता एवं आत्मीयता के साथ अपना जीवन यापन कर रहे हैं। वृद्धाश्रम में उनकी दैनिक आवश्यकताओं के साथ-साथ मानसिक, शारीरिक एवं सामाजिक स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

उप संचालक समाज कल्याण श्रीमती संगीता सिंह ने बताया कि वृद्धाश्रम में वरिष्ठजनों के मनोरंजन एवं स्वास्थ्यवर्धन के लिए विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उनके लिए नियमित रूप से मनोरंजनात्मक गतिविधियों, खेलकूद प्रतियोगिताओं, नियमित योगाभ्यास एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, जिससे उनमें उत्साह एवं सकारात्मक ऊर्जा का संचार बना रहता है। आध्यात्मिक एवं मानसिक शांति के लिए भजन-कीर्तन, सत्संग एवं धार्मिक कार्यक्रमों की भी नियमित व्यवस्था की गई है। इन गतिविधियों में वरिष्ठजन बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं, जिससे उनके जीवन में आनंद एवं संतोष की भावना विकसित होती है।

वरिष्ठजनों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाता हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा उनका नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराया जाता है। आवश्यकता पड़ने पर उन्हें चिकित्सा सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं। संस्था में वरिष्ठजनों की सुरक्षा एवं निगरानी हेतु सीसीटीवी लगाया गया है। आसियाना वृद्धाश्रम वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को सुखद, सुरक्षित एवं सम्मानजनक बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है तथा समाज में वृद्धजनों के प्रति संवेदनशीलता एवं सम्मान की भावना को भी प्रोत्साहित कर रहा है।