बसना विधायक डॉ संपत अग्रवाल ने केदार कश्यप के भतीजे के आकस्मिक निधन पर व्यक्त की गहरी संवेदना,दी पुष्पांजलि

बसना विधायक डॉ संपत अग्रवाल ने केदार कश्यप के भतीजे के आकस्मिक निधन पर व्यक्त की गहरी संवेदना,दी पुष्पांजलि

वन मंत्री केदार कश्यप के भतीजे निखिल कश्यप की सड़क दुर्घटना में मौत, विधायक डॉ संपत अग्रवाल ने दी श्रद्धांजलि

निखिल कश्यप सड़क हादसे में दिवंगत, विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने दी श्रद्धांजलि

सड़क दुर्घटना में निखिल कश्यप की मौत, विधायक डॉ संपत अग्रवाल ने दी पुष्पांजलि और कहा-समाज ने एक होनहार युवा खो दिया

विधायक डॉ संपत अग्रवाल ने निखिल कश्यप को दी श्रद्धांजलि,कहा-कम उम्र में जीवन का अंत बेहद दुखद

रायपुर कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप के भतीजे एवं पूर्व सांसद दिनेश कश्यप के पुत्र निखिल कश्यप का एक भीषण सड़क हादसे में निधन हो गया। निखिल की असामयिक मृत्यु ने न केवल उनके परिवार को बल्कि पूरे राजनीतिक व सामाजिक वर्ग को शोकसंतप्त कर दिया है।

मंगलवार को बसना विधायक डॉ. संपत अग्रवाल रायपुर स्थित विधायक कॉलोनी स्थित उनके निवास पहुँचे। जहां उन्होंने दिवंगत आत्मा को पुष्पांजलि देते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किए । शोकाकुल परिजनों से मिलकर अपनी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा निखिल कश्यप का आकस्मिक निधन अत्यंत पीड़ादायक है। इतनी कम उम्र में इस तरह जीवन का अंत बेहद दुखद है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दे और कश्यप परिजनों को इस असहनीय पीड़ा को सहने की शक्ति प्रदान करें।

विधायक डॉ अग्रवाल ने कहा कि निखिल कश्यप होनहार युवक थे, जिनमें सामाजिक सक्रियता और नेतृत्व की संभावनाएं स्पष्ट थीं। उनका असमय निधन अत्यंत पीड़ादायक है। युवा ऊर्जा और संभावनाओं से भरे इस होनहार युवक का यूं चले जाना समाज के लिए बड़ी क्षति है।

आपको बता दे कि बुधवार को वन मंत्री केदार कश्यप और पूर्व सांसद दिनेश कश्यप के 24 वर्षीय बेटे की सड़क हादसे में मौत हो गई। निखिल कश्यप बुधवार सुबह करीब साढ़े 7 बजे सत्य साईं अस्पताल की तरफ जा रहा था। उसके साथ बाइक पर उसका दोस्त भी था। जानकारी के अनुसार गाड़ी निखिल चला रहा था। तभी तेज गाड़ी अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने डिवाइडर से टकरा गई।निखिल नीचे गिर गया। सिर फटने के कारण मौके पर ही उसकी मौत हो गई थी।

महासमुंद/अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए निःशुल्क आवासीय शिक्षा हेतु आवेदन आमंत्रित

महासमुंद/अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए निःशुल्क आवासीय शिक्षा हेतु आवेदन आमंत्रित

महासमुंद, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल द्वारा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों के उज्जवल भविष्य निर्माण हेतु अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत बच्चों को श्रेष्ठ निजी आवासीय विद्यालयों में कक्षा 6वीं में प्रवेश दिलाकर गुणवत्तायुक्त निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जाती है, जिससे उन्हें विकास के समान अवसर मिल सके।

शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए उक्त योजना के अंतर्गत आवेदन 5 अगस्त 2025 तक आमंत्रित किए गए हैं। सभी पात्र निर्माण श्रमिकों से अपने बच्चों के प्रवेश हेतु निर्धारित तिथि तक आवेदन अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने अनुरोध किया है।

जिला स्तर पर श्रम संसाधन केन्द्र, मोबाइल रजिस्ट्रेशन वेन तथा शिविरों के माध्यम से अधिक से अधिक आवेदन प्राप्त करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। पात्र आवेदनों के दस्तावेजों की जांच उपरांत विद्यार्थियों की प्रावीण्य सूची 7 अगस्त 2025 तक मण्डल मुख्यालय को प्रेषित की जाएगी, ताकि समय-सीमा के भीतर प्रवेश की प्रक्रिया पूरी की जा सके। इस संबंध में तकनीकी सहायता के लिए श्री मानस अग्रवाल, प्रोग्रामर (मो. 8109143447) तथा योजना संबंधी जानकारी हेतु श्रीमती ममता निर्मलकर, स्टेनोग्राफर (मो. 8719990329) से संपर्क किया जा सकता है।

महासमुंद/जिले की सहकारी समितियों में 6 हजार 517 टन खाद विक्रय हेतु शेष

महासमुंद/जिले की सहकारी समितियों में 6 हजार 517 टन खाद विक्रय हेतु शेष

महासमुंद कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जिले के प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद का भंडारण किया गया है। कलेक्टर ने सभी सहकारी समितियों एवं निजी दुकानों में पॉस मशीन के माध्यम से विक्रय करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही निजी दुकानों में अवैध भण्डारण पाए जाने पर जब्ती की कार्रवाई करने सख्त निर्देश दिए है। अधिकारियों द्वारा लगातार खाद की उपलब्धता एवं वितरण पर निगरानी रखी जा रही है।

उप संचालक कृषि श्री एफ.आर. कश्यप ने जानकारी दी कि जिले की सभी कृषक सहकारी समितियों से खाद प्राप्त कर सकते हैं। 1 अप्रैल से 28 जुलाई की स्थिति में जिले के सहकारी समितियों में कुल 40 हजार 309 मीट्रिक टन खाद का भंडारण किया गया है, जिसमें से 33792 टन खाद का वितरण किया जा चुका है। अब तक भंडारित खाद में सहकारी समितियों में यूरिया 19 हजार 165 टन, सुपर फॉस्फेट 9 हजार 827 टन, पोटाश 2 हजार 780, डी.ए.पी. 4 हजार 934 एवं एन.पी.के 3 हजार 604 टन भंडारित किया गया है। वर्तमान में 06 हजार 517 टन खाद विक्रय हेतु शेष है। जिसमें यूरिया 2 हजार 08 टन, सुपर फॉस्फेट 2 हजार 414, पोटाश 661, डी.ए.पी. 794 एवं 640 टन एन.पी.के खाद उपलब्ध है, जिसका समितियों द्वारा किसानों को विक्रय किया जा रहा है।

बलौदाबाजार: वन विभाग की नई पहल: युवाओं के लिए शुरू हुआ ‘युवान’ वालंटियर प्रोग्राम

बलौदाबाजार: वन विभाग की नई पहल: युवाओं के लिए शुरू हुआ ‘युवान’ वालंटियर प्रोग्राम

पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण की दिशा में बलौदाबाजार वनमंडल ने एक सराहनीय और अभिनव पहल की है। युवाओं को वनों और प्रकृति से जोड़ने के उद्देश्य से ‘युवान‘ (युवा+वन) नामक एक विशेष वालंटियर कार्यक्रम की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को ‘युवान वालंटियर‘ के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि वे वन, वन्यप्राणियों और जैव विविधता के संरक्षण में सक्रिय भागीदार बन सकें।

वनमंडलाधिकारी श्री धम्मशील गणवीर ने कहा कि वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार शुरू किए जा रहे युवान कार्यक्रम का उद्देश्य है कि हमारे युवा वन, वन्यजीव और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील और सक्रिय रूप से इनकी रक्षा में सहभागी बनें। यह सिर्फ प्रशिक्षण का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि एक सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी से जुड़ने का अवसर है। ‘युवान’ कार्यक्रम निश्चित रूप से बलौदाबाजार जिले के युवाओं के लिए प्रकृति के साथ जुड़ने और कुछ सार्थक करने का एक सुनहरा अवसर है।

बलौदाबाजार वनमंडलाधिकारी श्री धम्मशील गणवीर ने जिले के सभी महाविद्यालयों के विद्यार्थियों से इस कार्यक्रम से जुड़ने की अपील की है। उन्होंने महाविद्यालयों और स्कूलों के प्राचार्यों को भी इस सम्बन्ध में पत्र भेजकर युवाओं को अभियान में शामिल होने के लिए प्रेरित करने को कहा है। यह कार्यक्रम विशेष रूप से छात्रों और युवाओं के लिए तैयार किया गया है। इसके तहत उन्हें वनों और वन्यजीवों की रक्षा से जुड़ी जरूरी जानकारी, व्यवहारिक प्रशिक्षण और आवश्यक कौशल प्रदान किए जाएंगे। इसके साथ ही साथ युवाओं को अवगत जाएगा कि जंगलों का हमारे जीवन में क्या महत्व है, जैव विविधता को क्यों बचाना जरूरी है और पर्यावरण के संतुलन में इनका क्या योगदान है।

‘युवान’ कार्यक्रम की एक विशेष बात यह है कि इसके तहत युवाओं को सर्पदंश (सांप काटने) से बचाव और साँपों के सुरक्षित रेस्क्यू (बचाव कार्य) का विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इससे न केवल अपनी और दूसरों की सुरक्षा कर सकेंगे, बल्कि इन वन्य जीवों के संरक्षण में भी योगदान दे सकेंगे। वन विभाग द्वारा चयनित युवान वालंटियरों को समय-समय पर प्रशिक्षण, फील्ड विजिट (क्षेत्रीय भ्रमण) और कार्यों की सराहना स्वरूप प्रशंसा पत्र भी दिए जाएंगे। यह युवाओं के लिए एक शानदार अवसर है जिससे वे प्रकृति को करीब से जाने सकेंगे और अपने ज्ञान व अनुभव को बढ़ा सकेंगे।

 

छत्तीसगढ़ : खरीफ सीजन 2025 : प्रदेश के किसानों को 5751 करोड़ रूपए का अल्पकालीन कृषि ऋण वितरित 

छत्तीसगढ़ : खरीफ सीजन 2025 : प्रदेश के किसानों को 5751 करोड़ रूपए का अल्पकालीन कृषि ऋण वितरित

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर एवं सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में राज्य के अधिक से अधिक किसानों को अल्पकालीन कृषि ऋण वितरण किया जा रहा है। प्रदेश में किसानों को अब तक राज्य सहकारी बैंकों द्वारा 2058 सहकारी समितियों के माध्यम से लगभग 5751 करोड़ रूपए का अल्पकालीन कृषि ऋण प्रदान किया गया है। इस वर्ष राज्य सरकार द्वारा किसानों को 7800 करोड़ रूपए कृषि ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है। अब तक वितरित कुल राशि लक्ष्य का लगभग 74 प्रतिशत है। किसानों को उनके मांग और रकबे के अनुरूप अल्पकालीन कृषि ऋण प्रदान किया जा रहा है।

गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा किसानों को खेती-किसानी की प्रारंभिक जरूरतों को पूरा करने तथा खेती-किसानी में सहूलियत प्रदान करने के उद्देश्य से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना प्रारंभ किए गए थे। इसके अलावा किसानों को साहूकारों के चंगुलों से बचाना इसका एक प्रमुख उद्देश्य था। वर्तमान समय में इस योजना के माध्यम से प्रदेश के लाखों किसान इससे लाभान्वित हो रहे हैं। किसानों को प्रारंभिक जरूरतों के लिए न सिर्फ राहत मिली है, बल्कि फसलों के उत्पाद में लगातार वृद्धि हो रही है।

 

छत्तीसगढ़: शहरी स्वच्छता में छत्तीसगढ़ की लंबी छलांग, स्वच्छता सर्वे में शामिल 169 में से 115 शहरों ने सुधारी अपनी रैंकिंग

छत्तीसगढ़: शहरी स्वच्छता में छत्तीसगढ़ की लंबी छलांग, स्वच्छता सर्वे में शामिल 169 में से 115 शहरों ने सुधारी अपनी रैंकिंग

सर्वे में शामिल देशभर के 4,566 शहरों के बीच राष्ट्रीय स्तर पर टॉप-100 में छत्तीसगढ़ के 25 शहर

गारबेज-फ्री सिटी स्टार रेटिंग में राज्य के 62 शहरों ने बढ़ाया अपना दर्जा, रायपुर को सेवन स्टार सम्मान

सिंगल, थ्री और फाइव स्टार दर्जा प्राप्त शहरों की संख्या 114 पहुँची, पिछले सर्वे में थी 71

तीन नगर निगम ओडीएफ प्लस प्लस से वाटर प्लस श्रेणी में पहुंचे, 163 निकायों को मिला ओडीएफ प्लस प्लस दर्जा

भारत सरकार के स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर दमदार उपस्थिति दर्ज कराई है। राज्य के नगरीय निकायों के उत्कृष्ट प्रदर्शन का परिणाम है कि इस बार सर्वेक्षण में शामिल 169 शहरों में से 115 शहरों ने अपनी रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार किया है। स्वच्छता के इस राष्ट्रीय मूल्यांकन में देशभर के 4,566 शहरों के बीच छत्तीसगढ़ के 25 शहर टॉप-100 में शामिल हुए हैं, जो कि पिछले वर्ष की तुलना में बड़ी छलांग है, जब केवल 16 शहर टॉप-100 में आ पाए थे।

राज्य के 62 नगरीय निकायों ने गारबेज-फ्री सिटी स्टार रेटिंग में अपना दर्जा बढ़ाया है, जबकि सिंगल, थ्री और फाइव स्टार प्राप्त करने वाले शहरों की संख्या 71 से बढ़कर अब 114 हो गई है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर ने इस बार फाइव स्टार से बढ़कर सेवन स्टार की सर्वोच्च रेटिंग प्राप्त की है। रायपुर को गारबेज-फ्री सिटी श्रेणी में यह सम्मान प्राप्त हुआ है, साथ ही स्वच्छता में उसे वाटर प्लस शहर का दर्जा भी मिला है।

इस बार बिलासपुर, कोरबा और भिलाई नगर—ये तीन नगर निगम ओडीएफ प्लस प्लस से बढ़कर वाटर प्लस श्रेणी में पहुंच गए हैं। राज्य के 163 नगरीय निकायों को ओडीएफ प्लस प्लस का दर्जा प्राप्त हुआ है, जिनमें किरंदुल और भाटापारा नगर पालिका तथा कुंरा नगर पंचायत जैसे निकाय भी शामिल हैं, जो पहले केवल ओडीएफ श्रेणी में थे। सीतापुर नगर पंचायत ने भी ओडीएफ प्लस से आगे बढ़कर ओडीएफ प्लस प्लस दर्जा हासिल किया है।

पिछले डेढ़ वर्षों में 62 नगरीय निकायों ने अपने सतत प्रयासों के माध्यम से गारबेज-फ्री सिटी स्टार रेटिंग में सुधार किया है। बिलासपुर और अंबिकापुर ने अपने थ्री स्टार स्तर को बढ़ाकर फाइव स्टार किया है, जबकि भिलाई नगर, जगदलपुर नगर निगम, जामुल नगर पालिका और घरघोड़ा नगर पंचायत ने 2023-24 के सिंगल स्टार दर्जे से आगे बढ़ते हुए अब थ्री स्टार प्राप्त किया है। वहीं, धमतरी, शिबरीनारायण और राजपुर जैसे शहर, जो पूर्ववर्ती सर्वे में स्टार रेटिंग में नहीं थे, उन्होंने सीधे थ्री स्टार श्रेणी में प्रवेश किया है। स्वच्छता और सौंदर्यीकरण के क्षेत्र में विशेष प्रयासों के चलते राज्य के 52 नगरीय निकायों ने नो स्टार से उन्नत होकर अब सिंगल स्टार दर्जा प्राप्त कर लिया है।

इस बार कई नगरीय निकायों की राष्ट्रीय रैंकिंग में बड़ा सुधार देखने को मिला है। वर्ष 2023-24 में राष्ट्रीय स्तर पर 649वें स्थान पर रहे सिमगा ने इस बार 95वीं रैंक हासिल की है। इसी तरह जशपुर 637वें से 91वें, राजपुर 630वें से 63वें और घरघोड़ा 616वें से 71वें स्थान पर आ गया है। भिलाई-चरोदा ने अपनी रैंकिंग 587 से सुधारकर 68, दोरनापाल ने 557 से 81, दंतेवाड़ा ने 552 से 70, जगदलपुर ने 461 से 55, मुंगेली ने 447 से 86, कवर्धा ने 430 से 77, कुनकुरी ने 426 से 84, दुर्ग ने 314 से 80, राजनांदगांव ने 268 से 46, भिलाई नगर ने 267 से 22, छुरा ने 230 से 76, प्रतापपुर ने 173 से 62, बलरामपुर ने 65 से 53 और रायपुर ने 12वीं रैंक से बढ़कर चौथा स्थान प्राप्त किया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य के शहरों की इस उपलब्धि को स्थानीय निकायों और नागरिकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि शहरी सरकार, राज्य सरकार और केंद्र सरकार मिलकर नवाचारों के साथ शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के शहरों की रैंकिंग में और भी सुधार होगा और इस बार की राष्ट्रीय सफलता सभी नगरीय निकायों को और अधिक प्रेरित करेगी।

उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने सर्वेक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नगरीय निकायों की सराहना करते हुए कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में नगरीय विकास और स्वच्छता हेतु राज्य सरकार द्वारा 7,400 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई थी, जिसका यह सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि विभाग ने सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को निर्देशित किया था कि वे अपने अधीनस्थ अमले के साथ प्रतिदिन प्रातः भ्रमण कर सफाई कार्यों की नियमित निगरानी करें। श्री साव ने कहा कि विभाग की इन दोनों पहलों की इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

 

छत्तीसगढ़: अमृत सरोवर योजना से संवर रहा सलका गांव: ‘सुखरी डबरी’ तालाब बना जल और आजीविका का नया स्रोत

छत्तीसगढ़: अमृत सरोवर योजना से संवर रहा सलका गांव: ‘सुखरी डबरी’ तालाब बना जल और आजीविका का नया स्रोत

सिंचाई, मत्स्य पालन और रोजगार में बढ़ा योगदान, जल संकट से मिली स्थायी मुक्ति

आज़ादी का अमृत महोत्सव के तहत जल संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई अमृत सरोवर योजना ने छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट दूर करने और आजीविका के नए रास्ते खोलने का कार्य किया है। सरगुजा जिले के विकासखंड उदयपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत सलका इसका जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया है, जहाँ ‘सुखरी डबरी’ तालाब का गहरीकरण कर उसे जल और रोजगार का स्थायी स्रोत बना दिया गया है। पूर्व में गर्मी के मौसम में यह तालाब पूरी तरह सूख जाता था, जिससे स्थानीय किसानों और पशुपालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। लेकिन अमृत सरोवर योजना के तहत हुए गहरीकरण और पुनरुद्धार कार्य ने इस तालाब को वर्षभर जलयुक्त बनाए रखा है।

ग्राम पंचायत सलका के उप सरपंच श्री खेलावन निषाद ने बताया कि अब गांव में जल की स्थायी व्यवस्था हो गई है। किसान रबी और सब्जी की फसलें सहजता से ले पा रहे हैं। साथ ही तालाब में मत्स्य पालन भी प्रारंभ हो चुका है, जिससे ग्रामीणों को अतिरिक्त आमदनी का स्रोत मिला है। उन्होंने यह भी बताया कि पहले जहां जल की कमी से खेती-किसानी प्रभावित होती थी, अब वही तालाब गांव की आर्थिक समृद्धि का आधार बन चुका है। इससे न केवल किसान आत्मनिर्भर हो रहे हैं, बल्कि युवाओं को स्थानीय स्तर पर स्व-रोजगार के अवसर भी प्राप्त हो रहे हैं। गांववासियों ने तालाब के पुनरुद्धार के लिए राज्य एवं केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अमृत सरोवर योजना ने न केवल गांव की तस्वीर बदली है, बल्कि लोगों की जीवनशैली में भी सकारात्मक बदलाव लाया है। यह योजना सिर्फ जल संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है।

 

महासमुंद/जिला कृषि स्थायी समिति की प्रथम बैठक सम्पन्न विभिन्न विभागीय योजनाओं की गई समीक्षा

महासमुंद/जिला कृषि स्थायी समिति की प्रथम बैठक सम्पन्न विभिन्न विभागीय योजनाओं की गई समीक्षा

महासमुंद,जिला कृषि स्थायी समिति महासमुंद की प्रथम सोमवार को उप संचालक कृषि कार्यालय के सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता कृषि स्थायी समिति की सभापति श्रीमती देवकी दीवान ने की। बैठक में समिति के सदस्यगण श्रीमती कुमारी भास्कर, श्रीमती रामदुलारी सिन्हा एवं श्री रवि कुमार साहू फरोदिया सहित उप संचालक कृषि, उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं, सहायक संचालक उद्यानिकी एवं मत्स्य पालन, बीज प्रक्रिया प्रभारी, जिला विपणन अधिकारी, नोडल अधिकारी जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक तथा कृषि यंत्री महासमुंद उपस्थित रहे।

बैठक में कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी एवं मत्स्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। सभी विभागों द्वारा योजनाओं की जानकारी एवं प्रगति का प्रस्तुतीकरण समिति के समक्ष किया गया। बीज एवं उर्वरक वितरण की स्थिति की समीक्षा करते हुए सदस्यों ने सुझाव दिया कि डी.ए.पी. के स्थान पर एन.पी.के. व एस.एस.पी. जैसे वैकल्पिक उर्वरकों को अपनाने हेतु किसानों को प्रेरित किया जाए।

सदस्यों ने निर्देशित किया कि जहां भी प्रशिक्षण, प्रदर्शन या अन्य कृषि संबंधी कार्यक्रम आयोजित हों, उसकी जानकारी समिति के सदस्यों को पूर्व में अनिवार्य रूप से दी जाए। उद्यानिकी विभाग को कृषकों के लिए नर्सरी भ्रमण कार्यक्रम संचालित करने और किसानों को धान के विकल्प के रूप में दलहन, तिलहन, मक्का एवं रागी की खेती के लिए प्रेरित करने हेतु प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए। पशुपालन विभाग को कृत्रिम गर्भाधान योजनाओं को गति देने, वहीं कृषि यंत्री महासमुंद को कृषि यंत्र सेवा केंद्र की स्थापना एवं इससे जुड़ी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने हेतु निर्देशित किया गया। बैठक में बीज प्रक्रिया केंद्र में संचालित ग्रेडिंग मशीन की भी जानकारी समिति को प्रदान की गई। बैठक में किसानों के हित में लिए गए निर्णयों एवं दिए गए सुझावों को गंभीरता से क्रियान्वयन हेतु संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।

समय-सीमा बैठक में कलेक्टर ने दिए निर्देश जर्जर भवनों में स्कूल, आंगनवाड़ी और छात्रावास संचालन नहीं किया जाए – कलेक्टर श्री लंगेह

समय-सीमा बैठक में कलेक्टर ने दिए निर्देश जर्जर भवनों में स्कूल, आंगनवाड़ी और छात्रावास संचालन नहीं किया जाए – कलेक्टर श्री लंगेह

आवारा पशुओं को सीएमओ और जनपद सीईओ अभियान चलाकर मुख्य मार्ग से हटाएं

महासमुंद,  कलेक्टर श्री विनय लंगेह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा बैठक में जिले के विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक में इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री एस. आलोक, अपर कलेक्टर श्री रवि साहू, श्री रविराज ठाकुर, सभी विभाग के जिला अधिकारी सहित अन्य सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। वीसी के माध्यम से जनपद सीईओ, नगरीय निकायों के प्रतिनिधि, सीएमओ सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में कलेक्टर ने मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं के अनुरूप स्वीकृत कार्यां के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रवास के दौरान किए गए घोषणाओं को प्राथमिकता से क्रियान्वित करें। सरायपाली, खल्लारी में किए गए घोषणाओं की प्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्हांने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं की प्रगति का मॉनिटरिंग अटल मॉनिटरिंग पोर्टल के माध्यम से की जा रही है। अतः सभी विभाग अपने प्रत्येक माह की उपलब्धियों की जानकारी पोर्टल में अपलोड करना सुनिश्चित करें। साथ ही उच्च कार्यालय का भेजना भी सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने

बैठक में प्रधानमंत्री जनमन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, बहुद्देशीय केंद्र, आयुष्मान कार्ड वितरण सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी अधिकारियों से तालमेल के साथ कार्य करने कहा। प्रधानमंत्री आवासों की समीक्षा की और निर्देशित किया कि किसी भी स्थिति में निर्माण कार्य बाधित न हो, हर हितग्राही को समय पर लाभ मिले।

पर्यावरण संरक्षण को लेकर “एक पेड़ मां के नाम“ अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने संबंधित विभागों को पोर्टल में एंट्री सुनिश्चित करने को कहा। वहीं “मोर गांव मोर पानी“ अभियान के अंतर्गत गांवों में पेयजल स्रोतों की सफाई, खुले में गंदगी की रोकथाम और स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने जनभागीदारी से बनाए जा रहे सोख्ता गड्ढा एवं इंजेक्शन वेल की जानकारी ली। जिले में अभी तक प्रधानमंत्री आवास योजना की आवासों में 8265 एवं अन्य स्थानों पर 5 हजार सोख्ता गड्ढे बनाए गए है। जबकि बंद पड़े बोर के जल संरक्षण के लिए 178 इंजेक्शन वेल का निर्माण किया गया है। कलेक्टर ने इस अभियान को निरंतर चलाने के निर्देश दिए हैं। बैठक के दौरान जर्जर भवनों में स्कूल, आंगनवाड़ी अथवा हॉस्टल संचालन नहीं करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वैकल्पिक तौर पर ऐसे भवनों को छोड़कर सामुदायिक या अन्य शासकीय भवनों में संचालन किया जाए। साथ ही जर्जर भवनों के डिस्मेंटल करने की कार्रवाई किया जाए।

छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती समारोह की तैयारी को लेकर निर्देश जारी करते हुए कहा कि सभी विभाग निर्देशानुसार विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें और शीघ्र प्रस्तुत करें। उन्होंने बताया कि 16 अगस्त से 31 मार्च तक रजत जयंती समारोह के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा कार्यक्रम आयोजित किए जायेंगे। जिसमें राज्य स्थापना के पश्चात विकास और उपलब्धियों की सफर को रेखांकित जाएगा। उन्होंने सभी विभागों को कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं।

सड़कों पर आवारा मवेशियों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने नगरीय निकाय और जनपद सीईओ की नामजद ड्यूटी लगाने के निर्देश देते हुए कहा कि निरंतर अभियान चलाकर इस पर सख्ती से नियंत्रण किया जाए। उन्होंने खाद की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए कहा कि खाद भंडारण और वितरण की निरंतर समीक्षा करते हुए सोसायटियों में भंडारित खादों को किसानों को वितरण सुनिश्चित किया जाए। निजी संस्थानों में ओवर स्टॉक होने पर कार्रवाई करें। उन्होंने अवैध शराब निर्माण एवं विक्रय की शिकायतों पर निरंतर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

बैठक में राजस्व प्रकरणों और समय-सीमा पत्रकों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जनता से जुड़े प्रकरणों को समय पर और प्राथमिकता से हल किया जाए। साथ ही सभी कार्यालयों को ई-ऑफिस प्रणाली के तहत फाइल मूव करने और प्रशासनिक प्रक्रिया को डिजिटल रूप से मजबूत करने के निर्देश भी दिए।

महासमुंद खल्लारी पुलिस की बड़ी कार्रवाई – ग्राम डुमरपाली में अवैध महुआ शराब के साथ एक आरोपी गिरफ्तार

महासमुंद खल्लारी पुलिस की बड़ी कार्रवाई – ग्राम डुमरपाली में अवैध महुआ शराब के साथ एक आरोपी गिरफ्तार

ग्राम डुमरपाली महासमुंद थाना खल्लारी पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर ग्राम डुमरपाली में अवैध देशी महुआ शराब रखने और बेचने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। कार्रवाई में कुल 6 लीटर अवैध देशी महुआ शराब बरामद की गई है, जिसकी कुल अनुमानित कीमत ₹1200 आंकी गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्र.आर. 45 चेतन लाल सिन्हा अपने हमराह स्टाफ आरक्षक 297 एवं 902 के साथ अवैध जुआ और शराब पर कार्यवाही हेतु रवाना हुए थे। इस दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम डुमरपाली निवासी एक व्यक्ति अपने घर के बाड़ी के पीछे देशी शराब बिक्री हेतु रखे हुए है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी को सूचित कर टीम मौके पर पहुंची।

स्थानीय गवाह यादव राम साहू एवं डोमेश्वर लाल डडसेना की उपस्थिति में आरोपी कुमार टण्डन (36 वर्ष) पिता धरमदास टण्डन, निवासी डुमरपाली, को दबिश देकर पकड़ा गया। तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से:

एक सफेद प्लास्टिक जरीकेन में 5 लीटर देशी महुआ शराब (कीमत ₹1000) एक लीटर प्लास्टिक बोतल में 1 लीटर देशी महुआ शराब (कीमत ₹200) कुल ₹1200 मूल्य की अवैध शराब बरामद की गई। आरोपी शराब रखने व बेचने का कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।

मौके पर शराब जब्त कर आरोपी को धारा 34(2) छ.ग. आबकारी एक्ट के तहत विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी की गिरफ्तारी की सूचना परिजनों को दी गई है। देहाती नालसी तैयार कर अपराध क्रमांक 0/2025 पंजीबद्ध करते हुए मामले की विवेचना की जा रही है।

थाना खल्लारी पुलिस द्वारा क्षेत्र में अवैध शराब के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत यह एक अहम कार्रवाई मानी जा रही है।