- महासमुंद। सिंघोड़ा पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 120.060 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। पुलिस ने गांजे को 4 प्लास्टिक बोरियों में पैक कुल 112 पैकेटों में बरामद किया। जब्त गांजे की कीमत 60 लाख 3 हजार रुपये बताई गई है। गांजा परिवहन में प्रयुक्त कंटेनर वाहन, दो मोबाइल फोन सहित कुल 70 लाख 8 हजार 500 रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। मामले में गुजरात के रहने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
मुखबिर की सूचना पर NH-53 में घेराबंदी
पुलिस के अनुसार, 11 सितंबर 2026 को शाम करीब 4:40 बजे थाना सिंघोड़ा की टीम अपराध एवं संदिग्ध गतिविधियों की पतासाजी के लिए ग्राम घाटकछार, मुरमुरी की ओर रवाना हुई थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि एक कंटेनर वाहन में अवैध मादक पदार्थ गांजा लेकर ओडिशा से छत्तीसगढ़ की ओर आ रहा है।
सूचना से एसडीओपी सरायपाली को मोबाइल के माध्यम से अवगत कराया गया। इसके बाद पुलिस टीम विवेचना किट, सील-चपड़ा और नारकोटिक ड्रग्स डिटेक्शन किट के साथ NH-53 रोड स्थित रेहटीखोल चौक पहुंची। पुलिस ने वहां ओडिशा की ओर से आ रहे परसराम नवरंग और राजेश स्वाई को गवाह बनाया तथा धारा 179 BNSS के तहत नोटिस देकर कार्रवाई में सहयोग के लिए उपस्थित कराया।
कुछ समय बाद मुखबिर के बताए अनुसार हरे-पीले रंग का कंटेनर वाहन क्रमांक GJ06AV4815 वहां पहुंचा। पुलिस और गवाहों की मदद से वाहन को रोककर जांच की गई।
वाहन में सवार मिले दो व्यक्ति
वाहन में दो व्यक्ति सवार थे। पूछताछ में चालक ने अपना नाम वसीम शाह पिता सबीर शाह, उम्र 38 वर्ष, निवासी अमीरपुरा, नडियाद, थाना नडियाद, जिला खेड़ा, गुजरात बताया। वहीं दूसरे व्यक्ति ने अपना नाम अय्यूब खान पिता मेहताब खान, उम्र 56 वर्ष, निवासी बोरसद सकरिया मोहल्ला, थाना बोरसद, जिला आनंद, गुजरात बताया।
संदेह होने पर पूछताछ करने पर दोनों ने वाहन के पीछे डाला में गांजा होना बताया। पुलिस के अनुसार उन्होंने गांजे को संबलपुर, ओडिशा से गुजरात ले जाना बताया।
चार बोरियों में मिला 112 पैकेट गांजा
एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए दोनों संदेहियों को धारा 50 एनडीपीएस एक्ट का नोटिस देकर तलाशी संबंधी कार्रवाई की गई। इसके बाद कंटेनर वाहन की तलाशी लेने पर पीछे डाला में खाकी रंग के टेप से पैक किए गए नमीयुक्त मादक पदार्थ गांजा से भरी चार प्लास्टिक बोरियां मिलीं।
पुलिस द्वारा नारकोटिक ड्रग्स डिटेक्शन किट से परीक्षण करने पर पदार्थ गांजा पाया गया। इसके बाद मौके पर तौलकर्ता सचिन पाणीग्रही, निवासी सिंघोड़ा को इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन एवं 500 ग्राम का बाट लेकर बुलाया गया। तराजू और बाट का भौतिक सत्यापन करने के बाद गवाहों के समक्ष गांजे का वजन कराया गया।
बोरीवार बरामदगी इस प्रकार है—
- बोरी क्रमांक 01: 30 पैकेट, कुल वजन 32 किलोग्राम, कीमत 16 लाख रुपये।
- बोरी क्रमांक 02: 30 पैकेट, कुल वजन 32.400 किलोग्राम, कीमत 16 लाख 20 हजार रुपये।
- बोरी क्रमांक 03: 30 पैकेट, कुल वजन 32.170 किलोग्राम, कीमत 16 लाख 8 हजार 500 रुपये।
- बोरी क्रमांक 04: 22 पैकेट, कुल वजन 23.490 किलोग्राम, कीमत 11 लाख 74 हजार 500 रुपये।
इस प्रकार कुल 112 पैकेटों में 120.060 किलोग्राम गांजा, जिसकी कुल कीमत 60,03,000 रुपये आंकी गई।
कंटेनर और मोबाइल भी जब्त
पुलिस ने आरोपियों के संयुक्त कब्जे से हरे-पीले रंग का कंटेनर वाहन क्रमांक GJ06AV4815 जब्त किया। वाहन का इंजन नंबर 475IDT14LUZPE3251 और चेचिस नंबर 607144LUZPD8872 बताया गया है। वाहन की कीमत करीब 10 लाख रुपये आंकी गई है तथा उसका आरसी कार्ड वसीम शाह के नाम पर बताया गया।
इसके अलावा वसीम शाह के कब्जे से रेडमी कंपनी का स्मार्ट मोबाइल फोन कीमत 5 हजार रुपये तथा अय्यूब खान के कब्जे से KXD कंपनी का की-पैड मोबाइल कीमत 500 रुपये जब्त किया गया।
इस प्रकार गांजा, कंटेनर वाहन और मोबाइल सहित कुल 70,08,500 रुपये की संपत्ति पुलिस ने जब्त की।
वीडियो और फोटोग्राफी से कार्रवाई दर्ज
पुलिस के अनुसार गवाहों को दिए गए नोटिस, आरोपियों की तलाशी, बरामदगी, तराजू-बाट के भौतिक सत्यापन, तौल पंचनामा तथा गांजे की जब्ती की कार्रवाई की विधिवत वीडियोग्राफी एवं फोटोग्राफी की गई। कार्रवाई को ई-साक्ष्य एप्लीकेशन के माध्यम से भी दर्ज किया गया।
एनडीपीएस एक्ट के तहत दोनों गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों का कृत्य धारा 20(B)(ii)(C) नारकोटिक्स एक्ट के तहत अपराध पाए जाने पर उन्हें धारा 52(1) एनडीपीएस एक्ट की नोटिस देकर गिरफ्तारी के कारणों से अवगत कराया गया। इसके बाद 11 सितंबर 2026 को वसीम शाह को शाम 5:10 बजे तथा अय्यूब खान को शाम 5:20 बजे गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी की सूचना उनके परिजनों को मोबाइल के माध्यम से दी गई।
सिंघोड़ा पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत संपूर्ण कार्रवाई पूरी कर देहाती नालसी क्रमांक 0/2026, धारा 20(B)(ii)(C) नारकोटिक्स एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है।
कार्रवाई में प्रशिक्षु उप निरीक्षक राकेश दिव्य सहित थाना सिंघोड़ा के पुलिस स्टाफ की भूमिका रही।



