महासमुंद : जिले में डेटा-आधारित हाइपरलोकल इंटरवेंशन कार्यक्रम का शुभारंभ
डेटा और स्थानीय जोखिम कारकों के आधार पर सड़क सुरक्षा उपायों को मिलेगा नया आयाम
महासमुंद, 01 अक्टूबर 2026। जिले में सड़क सुरक्षा को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने की दिशा में आज डेटा-आधारित हाइपरलोकल इंटरवेंशन (DDHI) कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर जिला स्तरीय बैठक अपर कलेक्टर श्री रवि साहू की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं के अधिकारी तथा प्रमुख हितधारक शामिल हुए।
बैठक में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी श्री प्रतीक शुक्ला, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर रोड सेफ्टी, आईआईटी मद्रास के प्रिंसिपल प्रोजेक्ट ऑफिसर श्री पंकज मेहरा एवं प्रोजेक्ट इंजीनियर श्री हेमेन्द्र शर्मा सहित सड़क निर्माण एवं संधारण एजेंसियों, पुलिस, परिवहन तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
स्थानीय जोखिमों की पहचान पर रहेगा फोकस
डीडीएचआई कार्यक्रम जिले में सड़क सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों को स्थानीय स्तर पर चिन्हित कर उनके समाधान के लिए डेटा-आधारित एवं प्रमाण-आधारित रणनीति विकसित करने पर केंद्रित है। इसके अंतर्गत सड़क दुर्घटनाओं, जोखिम वाले क्षेत्रों, यातायात व्यवहार तथा अन्य उपलब्ध आंकड़ों का विश्लेषण किया जाएगा। प्राप्त आंकड़ों के आधार पर महासमुंद जिले की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप सड़क सुरक्षा उपायों की पहचान और उनकी प्राथमिकता तय की जाएगी।
कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य एक समान व्यवस्था अपनाने के बजाय महासमुंद जिले की स्थानीय परिस्थितियों और विशिष्ट सड़क सुरक्षा जोखिमों को ध्यान में रखते हुए प्रभावी हस्तक्षेप सुनिश्चित करना है। इसके माध्यम से स्थानीय स्तर पर संस्थागत क्षमता को मजबूत करने, सड़क सुरक्षा से संबंधित निर्णयों को अधिक प्रमाण-आधारित बनाने तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया जाएगा।
विभागों के समन्वय से होंगे प्रभावी उपाय
बैठक के दौरान सड़क सुरक्षा से जुड़े विभागों एवं हितधारकों के समन्वित प्रयासों के माध्यम से स्थानीय जोखिमों की पहचान, आवश्यक उपायों का निर्धारण तथा उनके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर चर्चा की गई। डीडीएचआई के तहत प्राप्त आंकड़ों और स्थानीय अनुभवों के आधार पर सड़क सुरक्षा के लिए आवश्यक हस्तक्षेपों को अधिक लक्षित, प्रभावी और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप बनाने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम के माध्यम से जिले में सड़क सुरक्षा से जुड़े निर्णयों को उपलब्ध आंकड़ों और वास्तविक स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर लेने की दिशा में कार्य किया जाएगा। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों एवं अन्य जोखिम कारकों की पहचान कर आवश्यक सुधारात्मक उपायों को प्राथमिकता देने पर विशेष ध्यान रहेगा।
सड़क दुर्घटनाओं और जनहानि में कमी लाने का लक्ष्य
डीडीएचआई कार्यक्रम के माध्यम से महासमुंद जिले में दीर्घकालिक एवं सतत सड़क सुरक्षा सुधार सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बढ़ाकर सड़क दुर्घटनाओं के कारणों और जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान की जाएगी तथा उपलब्ध संसाधनों का अधिक प्रभावी ढंग से उपयोग करते हुए आवश्यक हस्तक्षेप किए जाएंगे।
इस पहल से सड़क सुरक्षा संबंधी योजनाओं और कार्यों को अधिक वैज्ञानिक एवं प्रमाण-आधारित बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर चिन्हित जोखिमों पर समयबद्ध कार्रवाई कर सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली जनहानि को कम करने के लिए समन्वित प्रयासों को गति देने की दिशा में कार्य किया जाएगा।



