महासमुंद : कारीडोगर जंगल में तेंदुए ने ग्रामीण पर किया हमला, साहस से बचाई जान
महासमुंद, 3 अक्टूबर 2026। कोमाखान क्षेत्र के कारीडोगर जंगल में शनिवार सुबह लकड़ी बीनने गए एक ग्रामीण पर तेंदुए ने हमला कर दिया। अचानक हुए हमले के बावजूद ग्रामीण ने हिम्मत नहीं हारी और तेंदुए का डटकर सामना किया। इस दौरान तेंदुए ने उस पर दो बार हमला किया, जिसमें उसके शरीर पर पंजों के निशान सहित पांच जगह खरोंचें आई हैं। घायल ग्रामीण को 112 की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है।दो बार किया तेंदुए ने हमला
जानकारी के अनुसार ग्राम पंडरीपानी, कोमाखान निवासी लक्ष्मीचंद पिता पुसतम यादव शनिवार सुबह करीब 10 बजे कारीडोगर जंगल में लकड़ी लेने गया था। वह जंगल में लकड़ी बीन रहा था, तभी अचानक झाड़ियों से निकलकर तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया।
अचानक हुए हमले से लक्ष्मीचंद घबरा गया, लेकिन उसने हिम्मत नहीं छोड़ी। उसने अपनी पूरी ताकत लगाकर तेंदुए का सामना किया और उसे झटका देकर दूर कर दिया। इसके बाद तेंदुए ने दोबारा उस पर हमला किया। लक्ष्मीचंद ने दूसरी बार भी साहस दिखाते हुए उसका मुकाबला किया। इस संघर्ष में तेंदुए के पंजों से उसके शरीर पर पांच जगह खरोंचें आईं।112 की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया
घटना के बाद घायल लक्ष्मीचंद को आपातकालीन सेवा 112 की मदद से तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में उसका उपचार किया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम भी सक्रिय हो गई।
वन विभाग ने दी ₹1,000 की तत्काल सहायता
कोमाखान वन परिक्षेत्र के डिप्टी रेंजर दुलार सिंह सिन्हा ने बताया कि ग्रामीण पर तेंदुए के हमले की पुष्टि हुई है। उसके शरीर पर तेंदुए के पंजों के निशान पाए गए हैं। वन विभाग की ओर से पीड़ित ग्रामीण को तत्काल सहायता के रूप में ₹1,000 की राशि प्रदान की गई है।
ग्रामीणों में तेंदुए को लेकर दहशत
घटना के बाद कारीडोगर जंगल और आसपास के गांवों में तेंदुए को लेकर दहशत का माहौल है। जंगल में लकड़ी एवं अन्य कार्यों के लिए जाने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
वन विभाग ने ग्रामीणों से सावधानी बरतने की अपील करते हुए कहा है कि जंगल में अकेले जाने से बचें और संभव हो तो समूह में ही जाएं। वन्यजीव दिखाई देने पर उसके करीब जाने या उसे उकसाने का प्रयास न करें। साथ ही जंगल के संवेदनशील क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से जाने से बचें।
लक्ष्मीचंद की सूझबूझ और साहस से उसकी जान बच गई। घटना ने वन्यजीव बहुल क्षेत्रों में ग्रामीणों को सतर्क रहने के साथ ही वन विभाग की निगरानी और गश्त को और मजबूत किए जाने की जरूरत को भी सामने ला दिया है।



