भगत देवरी सहित कई गांवों में जियो नेटवर्क बदहाल, ग्रामीण परेशान
मोक्ष कुमार प्रधान ने कलेक्टर से की समस्या के शीघ्र समाधान की मांग
सवाल: रिचार्ज पूरा, सुविधा अधूरी क्यों?
बसना। बसना विधानसभा क्षेत्र के पिथौरा विकासखंड अंतर्गत भगत देवरी सहित आसपास के ग्राम साल्हेतराई, तिलांजनपुर, सिरको, रेमड़ा और अन्य गांवों में जियो मोबाइल नेटवर्क की खराब स्थिति से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, कई स्थानों पर मोबाइल नेटवर्क बेहद कमजोर है, वहीं कई जगहों पर इंटरनेट सेवा भी ठीक से काम नहीं कर रही है। इसके चलते मोबाइल कॉल, ऑनलाइन कामकाज, डिजिटल भुगतान, पढ़ाई और अन्य जरूरी ऑनलाइन सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या को बसना विधानसभा क्षेत्र के सक्रिय कांग्रेस नेता एवं जिला पंचायत सदस्य मोक्ष कुमार प्रधान ने उठाया है। उन्होंने महासमुंद कलेक्टर से मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित दूरसंचार कंपनी के अधिकारियों से चर्चा कर समस्या का शीघ्र समाधान कराने का आग्रह किया है।
डिजिटल युग में नेटवर्क जरूरी
मोक्ष कुमार प्रधान ने कहा कि आज के डिजिटल युग में मोबाइल नेटवर्क केवल बातचीत का माध्यम नहीं, बल्कि आम जनता की रोजमर्रा की जरूरत बन चुका है। ग्रामीण क्षेत्रों में ऑनलाइन पढ़ाई, बैंकिंग, डिजिटल भुगतान, सरकारी योजनाओं से संबंधित कामकाज, आपातकालीन सूचना और परिवारजनों से संपर्क सहित कई महत्वपूर्ण कार्य मोबाइल नेटवर्क पर निर्भर हैं। ऐसे में यदि किसी पूरे क्षेत्र में नेटवर्क सेवा बाधित रहती है, तो इसका सीधा असर आम नागरिकों के दैनिक जीवन पर पड़ता है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण उपभोक्ता नियमित रूप से रिचार्ज कराते हैं और पूरे महीने की सेवा के लिए कंपनी को भुगतान करते हैं। इसके बावजूद यदि नेटवर्क और इंटरनेट की सुविधा लगातार बाधित रहती है, तो उपभोक्ताओं के सामने यह सवाल खड़ा होना स्वाभाविक है कि उन्हें भुगतान के अनुरूप सेवा क्यों नहीं मिल रही है। इस समस्या को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है और कई उपभोक्ता सेवा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं।
रिचार्ज पूरा, सुविधा अधूरी क्यों?
मोक्ष कुमार प्रधान ने कहा कि कंपनी उपभोक्ताओं से पूरे महीने का रिचार्ज शुल्क लेती है, इसलिए उपभोक्ताओं को भी उसी अनुरूप गुणवत्तापूर्ण नेटवर्क सेवा मिलने की अपेक्षा रहती है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि भगत देवरी सहित आसपास के गांवों में नेटवर्क की वास्तविक स्थिति की जांच कराई जाए। साथ ही संबंधित कंपनी के अधिकारियों को आवश्यक तकनीकी सुधार करने, नेटवर्क क्षमता बढ़ाने और जहां जरूरत हो, वहां आवश्यक बुनियादी ढांचा विकसित करने के निर्देश दिए जाएं।
उन्होंने कहा कि साल्हेतराई, तिलांजनपुर, सिरको, रेमड़ा और आसपास के अन्य गांवों के ग्रामीणों की समस्या को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले उपभोक्ता भी शहरों में रहने वाले लोगों की तरह बेहतर दूरसंचार सुविधाएं पाने के हकदार हैं।
ग्रामीणों की परेशानी दूर करना प्रशासन की प्राथमिकता बने
मोक्ष कुमार प्रधान ने महासमुंद कलेक्टर से आग्रह किया कि इस समस्या को केवल कंपनी की तकनीकी समस्या मानकर छोड़ने के बजाय जनहित से जुड़ा विषय माना जाए। इसके लिए संबंधित अधिकारियों और जियो कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित कर स्थायी समाधान की दिशा में पहल की जाए।
उन्होंने कहा कि यदि नेटवर्क की समस्या के कारण ग्रामीणों को मोबाइल पर बात करने के लिए घर से बाहर या ऊंचे स्थानों पर जाना पड़े, इंटरनेट चलाने के लिए बार-बार स्थान बदलना पड़े अथवा जरूरी ऑनलाइन काम अटक जाएं, तो यह निश्चित रूप से चिंता का विषय है।
मोक्ष कुमार प्रधान ने कहा, “गांवों के लोग भी सेवा का पूरा शुल्क देते हैं, इसलिए उन्हें भी बेहतर नेटवर्क सुविधा मिलनी चाहिए। ग्रामीण उपभोक्ताओं की परेशानी को अनदेखा नहीं किया जा सकता। प्रशासन इस मामले में गंभीरता से पहल करे और जियो कंपनी से चर्चा कर भगत देवरी सहित आसपास के सभी प्रभावित गांवों में नेटवर्क व्यवस्था दुरुस्त कराने का प्रयास करे।”
शिकायत के लिए हेल्पलाइन भी उपलब्ध
गौरतलब है कि जियो की आधिकारिक शिकायत व्यवस्था में मोबाइल उपभोक्ताओं के लिए 198 शिकायत हेल्पलाइन और 199 ग्राहक सेवा नंबर उपलब्ध हैं। कंपनी में शिकायत दर्ज कराने पर शिकायत क्रमांक भी दिया जाता है।
फिलहाल ग्रामीणों की नजर प्रशासन और संबंधित कंपनी की कार्रवाई पर टिकी हुई है। अब देखना होगा कि भगत देवरी सहित आसपास के गांवों में लंबे समय से बताई जा रही नेटवर्क समस्या का समाधान कब तक हो पाता है।



