- महासमुंद /में कृषि केंद्रों पर लगातार निरीक्षण, अनियमितता मिलने पर कार्रवाई
किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद और प्रमाणित उन्नत बीज उपलब्ध कराना प्राथमिकता
उर्वरक गुण नियंत्रण के तहत 48 कार्रवाई, कीटनाशक विक्रय करने वाले 125 संस्थानों का निरीक्षण
महासमुंद, 10 अक्टूबर 2026। जिले में किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद एवं प्रमाणित उन्नत बीज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा कृषि केंद्रों की लगातार निगरानी, निरीक्षण और कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार खरीफ सीजन 2026 में खाद, बीज एवं कीटनाशकों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विभाग सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा अनियमितता पाए जाने पर संबंधित संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उर्वरक गुण नियंत्रण के तहत 48 कार्रवाई
उप संचालक कृषि श्री एफ.आर. कश्यप के मार्गदर्शन में जिले के कृषि केंद्रों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, उर्वरक गुण नियंत्रण आदेश, 1985 के अंतर्गत अप्रैल 2026 से अब तक कुल 48 कार्रवाई की गई हैं।इनमें न्यायालय में प्रस्तुत किए गए 3 प्रकरण, 1 विक्रय प्राधिकार पत्र निरस्त करने की कार्रवाई, 5 जब्ती की कार्रवाई तथा 26 निलंबन की कार्रवाई शामिल हैं। इसके अलावा 13 दुकानों में उर्वरक विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया है। इन कार्रवाइयों का उद्देश्य किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराना और कृषि सामग्री के विक्रय में निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।
कीटनाशक विक्रय करने वाले 125 संस्थानों का निरीक्षण
इसी प्रकार, कीटनाशक गुण नियंत्रण के अंतर्गत जिले में 125 संस्थानों का निरीक्षण किया गया है। निरीक्षण के दौरान अनियमितता पाए जाने पर 5 संस्थानों में कीटनाशकों के विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया है। वहीं, एक केंद्र के विरुद्ध अभियोजन की अनुमति के लिए प्रकरण प्रेषित किया गया है। कृषि विभाग द्वारा खाद, बीज एवं कीटनाशक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर निर्धारित मानकों के अनुरूप सामग्री की उपलब्धता और विक्रय व्यवस्था की जांच की जा रही है। जहां भी नियमों का उल्लंघन या अनियमितता सामने आ रही है, वहां संबंधित फर्मों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
किसानों के हितों से समझौता नहीं
उप संचालक कृषि श्री एफ.आर. कश्यप ने कहा कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि सामग्री उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। खाद, बीज एवं कीटनाशकों की गुणवत्ता तथा आपूर्ति व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
अधिकृत विक्रेता से ही खरीदें खाद-बीज
उप संचालक कृषि श्री कश्यप ने जिले के किसानों से अपील की है कि वे खाद एवं बीज की खरीदी हमेशा अधिकृत विक्रेताओं से ही करें। खरीदी के समय पक्का बिल अवश्य प्राप्त करें तथा खाद-बीज की खरीदी पीओएस (PoS) मशीन के माध्यम से ही करें। इससे खरीदी का उचित रिकॉर्ड रहेगा और किसानों को निर्धारित व्यवस्था के अनुसार कृषि सामग्री प्राप्त करने में सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी किसान को खाद, बीज या कीटनाशक की गुणवत्ता, निर्धारित दर अथवा विक्रय व्यवस्था में किसी प्रकार की अनियमितता दिखाई देती है, तो वे अपने क्षेत्र के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी अथवा उप संचालक कृषि कार्यालय, महासमुंद में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
नियमित निरीक्षण और कार्रवाई जारी
राज्य शासन का उद्देश्य किसानों को उन्नत बीज एवं गुणवत्तापूर्ण उर्वरक समय पर और सुगमता से उपलब्ध कराना है। इसी उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा जिले में कृषि केंद्रों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है तथा आवश्यकतानुसार कार्रवाई की जा रही है। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि खाद-बीज की खरीदी के दौरान सतर्क रहें, किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी पर भरोसा न करें और संदेह या समस्या होने पर अपने नजदीकी कृषि कार्यालय से संपर्क कर सही जानकारी प्राप्त करें।



