
सांकरा में 12 गौवंश को ओडिशा ले जाते एक व्यक्ति पकड़ा गया, दूसरा फरार
सांकरा, 13 अक्टूबर 2026। महासमुंद जिले के सांकरा थाना क्षेत्र में 12 गौवंश को कथित रूप से क्रूरतापूर्वक हांकते हुए ओडिशा की ओर ले जाने का मामला सामने आया है। मामले में प्रार्थी हिमांशु प्रधान की लिखित शिकायत पर पुलिस ने दो आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 की धारा 4, 6 एवं 10 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया है। घटना के दौरान एक व्यक्ति को मौके पर रोका गया, जबकि दूसरा व्यक्ति भाग गया।
प्रार्थी को फोन से मिली सूचना
पुलिस को दिए गए आवेदन के अनुसार, वार्ड क्रमांक 11 सांकरा निवासी हिमांशु प्रधान (19 वर्ष), पिता रामेश्वर प्रधान को 13 अक्टूबर 2026 को लगभग रात 2:30 बजे फोन के माध्यम से सूचना मिली कि दो व्यक्ति बड़ी संख्या में गाय, बैल और बछड़ों को हांकते हुए ग्राम झग्रेनडीह से सांकरा के रास्ते ओडिशा की ओर ले जा रहे हैं। शिकायत में आशंका जताई गई कि पशुओं को कत्ल करने के इरादे से ले जाया जा रहा था।
दोस्तों के साथ संत अन्ना चौक के पास पहुंचे
सूचना मिलने के बाद हिमांशु प्रधान अपने दोस्तों डिगेश यादव एवं मोहित साहू के साथ संत अन्ना चौक के पास पहुंचे और इंतजार करने लगे। कुछ समय बाद उन्हें दो व्यक्ति गाय-बैल और बछड़ों को हांकते हुए सांकरा की ओर आते दिखाई दिए। शिकायत के अनुसार, दोनों व्यक्तियों ने पशुओं को क्रूरतापूर्वक हांक रखा था। इसी दौरान उनमें से एक व्यक्ति मौके से भाग गया, जबकि दूसरे व्यक्ति को उन्होंने रोक लिया।
पूछताछ में सामने आए आरोपियों के नाम
पकड़े गए व्यक्ति ने पूछताछ के दौरान अपना नाम सुरेन्द्र साहू, पिता चतुर्भुज साहू, उम्र 50 वर्ष, निवासी छुवालीपतेरा, थाना सांकरा, जिला महासमुंद बताया। शिकायत के अनुसार, उसने भागने वाले व्यक्ति का नाम ऋषि चौहान, निवासी छुवालीपतेरा बताया।
12 गौवंश में तीन गाय, छह बैल और तीन बछड़े
प्रार्थी के आवेदन के अनुसार, मौके पर कुल 12 गौवंश मिले, जिनमें तीन गाय, छह बैल और तीन बछड़े शामिल थे। पशुओं को कहां ले जाया जा रहा है, इस संबंध में पूछताछ करने पर उन्हें कथित तौर पर कत्ल करने के इरादे से ओडिशा की ओर ले जाने की बात सामने आई।
पुलिस ने दर्ज किया अपराध
इसके बाद हिमांशु प्रधान थाना सांकरा पहुंचे और मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 की धारा 4, 6 एवं 10 के तहत अपराध कायम कर विवेचना में लिया है। मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस जांच के आधार पर की जाएगी।




