रायपुर। परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में बस ऑनर फेडरेशन ऑफ छत्तीसगढ़ के पदाधिकारियों और प्रदेशभर से आए बस संचालकों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में यात्री किराया, स्लीपर बसों के टैक्स, बसों की समय-सारिणी, ऑनलाइन परमिट, व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस, फिटनेस प्रमाण-पत्र और महिला यात्रियों की सुरक्षा सहित परिवहन से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक में फेडरेशन ने अपनी विभिन्न मांगें और बस संचालन से जुड़ी व्यावहारिक समस्याएं मंत्री के सामने रखीं। परिवहन मंत्री ने सभी विषयों को गंभीरता से सुनते हुए अधिकारियों को नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। महिला यात्री बस में अकेली होंगी तो ऑनलाइन ट्रैकिंग पर जोर बैठक में महिला यात्रियों की सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता दी गई। परिवहन मंत्री ने निर्देश दिए कि बस में पहली या अंतिम सवारी महिला होने की स्थिति में वाहन की ऑनलाइन ट्रैकिंग की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
महिला यात्री के सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचने तक बस की स्थिति की निगरानी के लिए आवश्यक तकनीकी व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही बसों में लगे कैमरे, व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस और अन्य सुरक्षा उपकरणों को सक्रिय रखने तथा उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बस किराए में 75 फीसदी बढ़ोतरी की मांग, जल्द होगा समाधान? बस ऑनर फेडरेशन ने साधारण यात्री बसों के किराए में 75 प्रतिशत और डीलक्स बसों के किराए में 30 प्रतिशत वृद्धि की मांग रखी। इसके अलावा 11 मार्च 2025 को जारी संशोधित अधिसूचना को निरस्त करने का विषय भी उठाया गया।
परिवहन मंत्री ने प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि यात्री किराए से जुड़े विषय का शीघ्र समाधान किया जाएगा। अधिकारियों को आवश्यक प्रक्रियाएं समयबद्ध रूप से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्लीपर बसों के टैक्स को लेकर भी उठी मांग फेडरेशन ने स्लीपर बसों में एक स्लीपर के बदले दो सीटों का टैक्स लेने की वर्तमान व्यवस्था में बदलाव की मांग की। बस संचालकों ने मांग रखी कि एक स्लीपर पर एक सीट के बराबर टैक्स निर्धारित किया जाए।
मंत्री ने इस मांग पर गंभीरता से विचार किए जाने की बात कही और अधिकारियों को इसके व्यावहारिक, तकनीकी और राजस्व संबंधी पहलुओं का परीक्षण करने के निर्देश दिए।
बसों के बीच समय-अंतराल तय करने पर चर्चा स्टेज कैरिज बसों की समय-सारिणी को व्यवस्थित करने का मुद्दा भी बैठक में उठा। फेडरेशन ने मुख्य मार्गों पर बसों के बीच 10 मिनट और ग्रामीण मार्गों पर 30 मिनट का अंतर निर्धारित करने का सुझाव दिया।
मंत्री ने कहा कि समय-सारिणी ऐसी होनी चाहिए जिससे यात्रियों को पर्याप्त परिवहन सुविधा मिले और बस संचालकों के बीच अनावश्यक प्रतिस्पर्धा की स्थिति न बने।
परमिट सहित परिवहन सेवाएं ऑनलाइन करने के निर्देश
बैठक में सभी स्टेज कैरिज यात्री बसों के लिए ऑनलाइन परमिट की सुविधा का विषय भी रखा गया। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि बसों के लिए ऑनलाइन परमिट जारी किए जा रहे हैं।
परिवहन मंत्री ने परमिट सहित परिवहन विभाग की अधिक से अधिक सेवाओं को ऑनलाइन करने के निर्देश दिए, ताकि बस संचालकों और आम नागरिकों को विभागीय कार्यों के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
बस संचालकों की समस्याओं के साथ यात्रियों की सुरक्षा पर भी जोर मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि बस संचालक प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में बसें आम नागरिकों के आवागमन का प्रमुख साधन हैं। इसलिए बस संचालकों की व्यावहारिक समस्याओं के समाधान के साथ यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जाना जरूरी है।
उन्होंने अधिकारियों को बैठक में उठाए गए सभी विषयों का बिंदुवार परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में छत्तीसगढ़ फूड कॉरपोरेशन के अध्यक्ष एवं बस ऑनर फेडरेशन ऑफ छत्तीसगढ़ के संरक्षक श्री संजय श्रीवास्तव, परिवहन विभाग के सचिव श्री एस. प्रकाश, अपर परिवहन आयुक्त श्री डी. रविशंकर, फेडरेशन के अध्यक्ष श्री अनिल पूसदकर सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए बस संचालक प्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।



