महासमुंद में नेत्रदान को लेकर बढ़ी जागरूकता, दो लोगों ने लिया संकल्प; दो दिवंगतों का नेत्रदान भी हुआ
महासमुंद/10 सितंबर 2026। जिले में नेत्रदान को लेकर लोगों में जागरूकता लगातार बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे जनजागरूकता अभियान के बीच लोगों ने मृत्यु के बाद नेत्रदान कर दृष्टिहीन लोगों के जीवन में रोशनी लाने का संकल्प लेना शुरू किया है। विभाग के अनुसार, एक व्यक्ति के नेत्रदान से दो दृष्टिहीन व्यक्तियों को दृष्टि मिलने में मदद मिल सकती है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत राष्ट्रीय अंधत्व एवं अल्पदृष्टि नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जिले में 25 अगस्त से 8 सितंबर 2026 तक नेत्रदान पखवाड़ा आयोजित किया गया। इस दौरान आमजनों को नेत्रदान के महत्व की जानकारी देने के साथ संकल्प पत्र भरने के लिए प्रेरित किया गया।
सरायपाली और बागबाहरा में लिया नेत्रदान का संकल्प
इसी अभियान के तहत सरायपाली विकासखंड के ग्राम कोलतापारा, बलौदा निवासी श्रीमती सैरेन्दी स्वाइ/कविराज ने 3 सितंबर को नेत्रदान का घोषणा पत्र भरकर मृत्यु उपरांत नेत्रदान का संकल्प लिया। इस अवसर पर श्री सुदाम भोई एवं उनके पुत्र संगमलाल स्वाई उपस्थित रहे।
वहीं बागबाहरा विकासखंड के ग्राम पचेड़ा निवासी श्री रामेश्वर सिंह दीवान/श्री बदलू सिंह दीवान ने 9 सितंबर को जिला अस्पताल महासमुंद में नेत्रदान हेतु संकल्प पत्र भरा। इस दौरान उनके उत्तराधिकारी मनहरण एवं राधेश्याम तथा मित्र श्री सुखलाल साहू उपस्थित रहे।
दो दिवंगतों का हो चुका है नेत्रदान
जिले में हाल ही में दो व्यक्तियों का मृत्यु उपरांत नेत्रदान भी किया गया। जुलाई 2026 में क्लब पारा महासमुंद निवासी स्व. श्री छोटालाल कोठारी तथा 18 अगस्त को ग्राम पीढ़ी, लहंगर निवासी स्व. श्रीमती उत्तरा बाई चंद्राकर का नेत्रदान किया गया।
परिजनों द्वारा मृत्यु की सूचना जिला चिकित्सालय के नेत्र रोग विभाग को दी गई, जिसके बाद नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी की गई। इस पुनीत कार्य में परिवार की सहमति और तत्परता की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
स्वास्थ्य विभाग कर रहा लोगों को जागरूक
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव के निर्देशन में नेत्र रोग विशेषज्ञ एवं नेत्रदान अधिकारी डॉ. अनिल कुमार गोरियार, सहायक नेत्रदान अधिकारी श्री अवधेश कुमार यादव, श्री उमेश कुमार गोतमारे सहित जिले के विभिन्न प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में पदस्थ नेत्र सहायक अधिकारी और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा लोगों को नेत्रदान के लिए जागरूक किया जा रहा है।
मृत्यु के 6 घंटे के भीतर हो सकता है नेत्रदान
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार नेत्रदान मृत्यु के पश्चात किया जाता है। मृत्यु के 6 घंटे के भीतर नेत्र ज्योति का संग्रहण किया जा सकता है। इसलिए किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर इसकी सूचना तत्काल जिला अस्पताल की नेत्र इकाई अथवा नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र को देना आवश्यक है।
स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे नेत्रदान के लिए आगे आएं और मृत्यु के बाद किसी जरूरतमंद के जीवन में रोशनी लाने वाले इस पुनीत एवं लोककल्याणकारी कार्य में सहभागी बनें।



