सांकरा। थाना सांकरा में पदस्थ प्रधान आरक्षक द्वारा दर्ज प्रथम सूचना तथ्यों के अनुसार, ग्राम पेंड्रावन निवासी सुशील डडसेना पिता कुबेर डडसेना, उम्र 36 वर्ष ने अनुविभागीय अधिकारी पुलिस पिथौरा के समक्ष शिकायत प्रस्तुत की थी। शिकायत में बताया गया कि गांव के रसपाल सिदार द्वारा सामाजिक बहिष्कार तथा जुर्माने की राशि मांगने संबंधी शिकायत की गई थी। इस मामले में सुशील डडसेना ने गवाह के रूप में अपना बयान दिया था। आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर धर्नुजय नेटी पिता कार्तिकराम नेटी ने 6 सितंबर 2026 को दिन में करीब 11 से 12 बजे शराब के नशे में सुशील के घर पहुंचकर पूछा कि रसपाल सिदार की ओर से गवाही क्यों दी, और इसके बाद अश्लील गाली-गलौज करते हुए हाथ, लात और डंडे से मारपीट की। साथ ही जान से मारने और नुकसान पहुंचाने की धमकी देने तथा उसकी मोटरसाइकिल का वाइजर तोड़कर भाग जाने का आरोप लगाया गया है।
सुशील ने जांच के दौरान बताया कि वह कक्षा 10वीं तक पढ़ा है और स्वयं के ट्रैक्टर से लोगों के खेतों की जुताई तथा कच्चा माल ढोने का काम करता है। उसके अनुसार मारपीट से उसके गले और हाथ-बांह में चोट आई। घटना को उसके पड़ोसी रसपाल सिदार और उसकी चाची द्वारा देखे जाने की बात कही गई। सुशील ने यह भी बताया कि उसके खेत में लगे दो बोर एक साथ शॉर्ट सर्किट से खराब हो गए, जिस पर उसे संदेह है कि धर्नुजय नेटी ने नुकसान पहुंचाने की नीयत से बोर को शॉर्ट कर खराब किया है। इस संबंध में थाना सांकरा में लिखित आवेदन देने की बात भी कही गई। शिकायतकर्ता के अनुसार, घटना के दो दिन बाद 8 सितंबर 2026 को धर्नुजय के पिता कार्तिक नेटी उसके घर पहुंचे और सामाजिक मामले में रसपाल सिदार की ओर से गवाही देने को लेकर डराया-धमकाया तथा जान से मारने की धमकी दी। सुशील ने कहा कि गांव-घर का मामला होने के कारण उसने दो दिन तक पुलिस में रिपोर्ट नहीं कराई, लेकिन बाद में उसे नुकसान पहुंचाए जाने का डर लगा, जिसके बाद कानूनी कार्रवाई की मांग की।
मामले के गवाह रसपाल सिदार ने अपने बयान में बताया कि वह पेंड्रावन का निवासी है, कक्षा 5वीं तक पढ़ा है और खेती-किसानी करता है। उसके अनुसार वह आदिवासी समाज से है और उसके नाती बंशीलाल सिदार द्वारा अन्य समाज की लड़की से विवाह किए जाने के बाद गांव समाज के पदाधिकारी कार्तिक राम नेटी, जयचंद पालेश्वर और सुधु जगत द्वारा उसे और उसके पूरे परिवार को सामाजिक रूप से बहिष्कृत करने की धमकी देने तथा 1 लाख 25 हजार रुपये जुर्माने की मांग करने का आरोप है। रसपाल ने बताया कि जुर्माने की राशि देने के लिए दबाव बनाए जाने के संबंध में उसने मुख्यमंत्री जनदर्शन में शिकायत की थी। इसी शिकायत की पुलिस जांच में सुशील डडसेना का बयान लिया गया था। रसपाल के अनुसार, सुशील के बयान देने के कारण कार्तिक राम नेटी और उसका पुत्र धर्नुजय नेटी नाराज थे। उसने पुलिस को बताया कि 6 सितंबर को करीब 10 से 12 बजे के बीच धर्नुजय नेटी सुशील के घर आया और गाली-गलौज करते हुए हाथ, लात व डंडे से मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी। रसपाल ने कहा कि उसका घर और सुशील का घर पास-पास होने के कारण उसने घटना देखी।
SDOP पिथौरा कार्यालय की जांच रिपोर्ट में बताया गया कि रसपाल सिदार की शिकायत पुलिस अधीक्षक महासमुंद कार्यालय के पत्र क्रमांक पुअ/महा/शिका/एसडीओपीपीटीआर-13/एम-6047-ए/2026 दिनांक 14 जुलाई 2026 के माध्यम से जांच के लिए प्राप्त हुई थी। जांच के दौरान सुशील डडसेना सहित गवाहों के बयान लिए गए। जांच रिपोर्ट में कहा गया कि सुशील द्वारा गवाह के रूप में बयान देने के कारण कार्तिक राम नेटी और उसके पुत्र धर्नुजय नेटी द्वारा उसे डराया-धमकाया जा रहा था तथा जान से मारने की धमकी दी जा रही थी। साथ ही धर्नुजय नेटी द्वारा सुशील के साथ मारपीट किए जाने की बात भी जांच में सामने आई। मामले की गंभीरता को देखते हुए SDOP पिथौरा कार्यालय ने धर्नुजय नेटी और उसके पिता कार्तिक राम नेटी के विरुद्ध डराने-धमकाने, जान से मारने की धमकी देने और मारपीट के संबंध में अपराध पंजीबद्ध कर पालन प्रतिवेदन से अवगत कराने के निर्देश थाना सांकरा को दिए। इसके बाद थाना सांकरा में दोनों आरोपियों के विरुद्ध धारा 296, 115(2), 351(2), 324(2) एवं 3(5) BNS के तहत अपराध कायम कर विवेचना में लिया गया है। मामले में शिकायतकर्ता और गवाहों के कथनों सहित अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि विवेचना के बाद ही होगी।



