सरायपाली/महासमुंद। इंडसइंड बैंक की सरायपाली शाखा के प्रबंधक सुजीत शनिकर, कैशियर गुणसागर और रायगढ़ रेपो एजेंसी से जुड़े भरत यादव के खिलाफ ग्राहक लोकनाथ पटेल ने गंभीर शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में कथित रिश्वत मांगने, दस्तावेजों में गड़बड़ी, धमकी देने और वाहन की कथित रूप से नियम विरुद्ध जब्ती सहित कई आरोप लगाए गए हैं। ग्राहक ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
लोन बंद कराने की प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप शिकायत के मुताबिक, बस्ती सरायपाली निवासी लोकनाथ पटेल के इंडसइंड बैंक से दो ट्रक फाइनेंस थे। इनमें से एक ट्रक CG 06 GT 3467 को बेचकर उसका लोन बंद कराने तथा दूसरे ट्रक CG 06 HA 7227 का लोन जारी रखने की प्रक्रिया चल रही थी। आरोप है कि इसी दौरान शाखा प्रबंधक ने वाहन के खरीदार को लेकर हस्तक्षेप किया और ग्राहक को सीधे बातचीत करने से रोका।
ग्राहक का आरोप है कि फोरक्लोजर राशि के संबंध में बैंक सिस्टम से अलग कैशियर के ई-मेल के माध्यम से कथित रूप से संशोधित PDF उपलब्ध कराई गई, जिसमें वास्तविक देय राशि से करीब 3 लाख रुपये अधिक दर्शाए गए थे। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इस राशि पर छूट दिलाने के नाम पर 1 लाख रुपये की कथित रिश्वत मांगी गई।
सीसीटीवी के सामने विरोध के बाद राशि लौटाने का दावा शिकायतकर्ता के अनुसार, रिश्वत देने से इनकार करने पर उसे वाहन के संबंध में कार्रवाई की धमकी दी गई। बाद में सीसीटीवी के सामने उसने विरोध किया और पुलिस में शिकायत करने की बात कही, जिसके बाद कथित रूप से राशि वापस कराई गई। ग्राहक ने शाखा प्रबंधक पर वाहन जब्त करने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है।
दूसरे ट्रक की जब्ती को लेकर भी सवाल शिकायत में कहा गया है कि 6 अगस्त 2026 को ग्राहक के दूसरे ट्रक CG 06 HA 7227 को शाखा प्रबंधक और रायगढ़ के रेपो एजेंट भरत यादव सहित कुछ लोगों द्वारा जब्त किया गया। ग्राहक का आरोप है कि जब्ती से पहले उसे NPA नोटिस या पर्याप्त पूर्व सूचना नहीं दी गई और वाहन को कथित रूप से बलपूर्वक कब्जे में लिया गया।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि वाहन जब्त किए जाने के बाद बैंक रिकॉर्ड में खाते को NPA दर्शाया गया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल उपलब्ध नहीं है।
20 अगस्त को क्षेत्रीय प्रबंधक को दी शिकायत लोकनाथ पटेल ने 20 अगस्त 2026 को बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक, रायपुर को लिखित शिकायत देकर मामले की जांच की मांग की। शिकायत में सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कराने, बैंक की विजिलेंस टीम से जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की मांग की गई है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि शिकायत दिए जाने के बाद भी अब तक उसे अपेक्षित कार्रवाई की जानकारी नहीं मिली है। इसी को लेकर उसने बैंक के उच्च अधिकारियों से मामले में शीघ्र जांच कराने की मांग की है।
बैंक प्रबंधन का पक्ष सामने आना बाकी मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। बैंक शाखा प्रबंधन एवं संबंधित कर्मचारियों का पक्ष इस संबंध में सामने नहीं आया है। आरोपों की वास्तविकता जांच और उपलब्ध दस्तावेजों के परीक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।



