जिला पंचायत सदस्य मोक्ष कुमार प्रधान ने शासन-प्रशासन से की मुआवजा एवं राहत की मांग
बसना। समुद्री तट पर उठे तूफान के प्रभाव से बसना विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों में आंधी-तूफान और लगातार झमाझम बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने से किसानों के सामने आर्थिक संकट गहराने की आशंका है। कई स्थानों पर खेतों में पानी भरने से फसलें प्रभावित हुई हैं, जिससे अन्नदाता किसानों की चिंता बढ़ गई है।
बसना विधानसभा क्षेत्र के सक्रिय कांग्रेस नेता एवं जिला पंचायत सदस्य मोक्ष कुमार प्रधान ने इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए शासन-प्रशासन से तत्काल राहत पहुंचाने की मांग की है।
मोक्ष कुमार प्रधान ने कहा कि किसान दिन-रात मेहनत कर अपनी फसल तैयार करते हैं। खाद, बीज, कीटनाशक, डीजल और कृषि कार्यों में अपनी जमा पूंजी लगाने के बाद जब फसल तैयार होने की स्थिति में पहुंचती है, तब बेमौसम बारिश और तेज आंधी-तूफान से उसे नुकसान पहुंचना किसानों के लिए बेहद पीड़ादायक है। प्रकृति की इस मार से किसानों की मेहनत और उनकी आर्थिक उम्मीदों पर संकट खड़ा हो गया है।
उन्होंने कहा कि लगातार बारिश के कारण खेतों में पानी भरने और फसलों के प्रभावित होने से किसानों के सामने गंभीर परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे समय में किसानों को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि समय पर वास्तविक राहत और आर्थिक सहायता की आवश्यकता है।
शासन-प्रशासन से प्रमुख मांगें
मोक्ष कुमार प्रधान ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि बसना विधानसभा क्षेत्र के प्रभावित गांवों में तत्काल विशेष सर्वेक्षण दल भेजकर फसल क्षति का निष्पक्ष आकलन कराया जाए। प्रभावित किसानों के खेतों का राजस्व एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीम से निरीक्षण कराया जाए, ताकि नुकसान की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
उन्होंने मांग की कि पात्र प्रभावित किसानों को नियमानुसार शीघ्र मुआवजा एवं फसल क्षति की सहायता राशि प्रदान की जाए। इसके साथ ही कृषि विभाग के अधिकारियों को गांव-गांव पहुंचकर किसानों को आवश्यक मार्गदर्शन देने तथा जलभराव से प्रभावित खेतों की स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए जाएं।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन किसानों ने फसल बीमा कराया है, उन्हें दावा प्रक्रिया में आवश्यक सहायता दी जाए तथा नुकसान की सूचना दर्ज कराने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। जरूरतमंद किसानों को राहत योजनाओं का लाभ प्राथमिकता से उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
किसानों को राहत देना शासन की प्राथमिकता होनी चाहिए
मोक्ष कुमार प्रधान ने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा की रीढ़ हैं। जब किसान संकट में होता है, तब उसकी सहायता करना शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी है। प्राकृतिक आपदा के कारण फसल बर्बाद होने की स्थिति में किसानों को अकेला नहीं छोड़ा जाना चाहिए।
उन्होंने शासन से आग्रह किया कि प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए जल्द आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि किसानों को समय पर राहत मिल सके और उन्हें आर्थिक संकट से उबरने में मदद मिले।
मोक्ष कुमार प्रधान ने स्पष्ट कहा कि किसानों की पीड़ा को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। प्रभावित गांवों में शीघ्र सर्वेक्षण, पारदर्शी क्षति आकलन और नियमानुसार मुआवजा वितरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि संकट की इस घड़ी में अन्नदाताओं को राहत मिल सके।


