
उत्तर बस्तर कांकेर। जिले में धान खरीदी में अनियमितता और पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। आसुलखार धान खरीदी केंद्र में 1.44 करोड़ रुपये से अधिक की अनियमितता सामने आने पर केंद्र प्रभारी और बारदाना प्रभारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। वहीं, 13 अक्टूबर से हड़ताल पर चल रहे जिले के 155 पटवारियों को ब्रेक इन सर्विस की कार्रवाई के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से जिले में धान खरीदी और राजस्व विभाग से जुड़े मामलों में हलचल तेज हो गई है।
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के दौरान आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित (लेम्पस) आसुलखार के अंतर्गत संचालित धान खरीदी केंद्र आसुलखार में अनियमितता का मामला सामने आया है। आदिम जाति सेवा सहकारी आसुलखार के समिति प्रबंधक परमेश महावीर द्वारा धान खरीदी केंद्र प्रभारी टिकेश्वर पोटाई एवं बारदाना प्रभारी भोज कुमार जैन के विरुद्ध पुलिस थाना भानुप्रतापपुर में 01 नवंबर 2026 को प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कराई गई है।
कलेक्टर के निर्देशानुसार जांच दल गठित
गौरतलब है कि धान खरीदी केंद्र आसुलखार में अनियमितता की शिकायत प्राप्त होने पर कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार गठित जांच दल द्वारा उपार्जन केंद्र का संयुक्त रूप से भौतिक सत्यापन किया गया। भौतिक सत्यापन के दौरान 11 हजार 628 बोरा धान, जिसका कुल वजन 4,651.20 क्विंटल में अनियमितता पाई गई। जिसकी कुल राशि 01 करोड़ 44 लाख 18 हजार 720 रुपए आंकी गई है।
किसानों एवं आम नागरिकों को हो रही असुविधा
राजस्व पटवारी संघ के आह्वान पर 13 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए हैं। जिसके कारण राजस्व विभाग के महत्वपूर्ण एवं समयबद्ध शासकीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जिससे किसानों और आम नागरिकों को असुविधा हो रही है। जिला प्रशासन द्वारा हड़तालरत पटवारियों को तत्काल अपने कर्तव्य पर उपस्थित होकर शासकीय कार्यों का संपादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। हड़तालरत पटवारियों द्वारा निर्धारित अवधि में कार्यभार ग्रहण नहीं करने तथा संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में उनके विरुद्ध प्रचलित सेवा नियमों के तहत आगामी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
155 पटवारियों को नोटिस जारी
हड़ताल पर गए जिले के 155 पटवारियों को सेवा में व्यवधान (ब्रेक इन सर्विस) की कार्रवाई के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
उल्लेखनीय है कि जिले के पांच राजस्व अनुविभाग कांकेर, चारामा, भानुप्रतापपुर, अंतागढ़ एवं पखांजूर में कुल 175 पटवारी पदस्थ हैं। इनमें से 155 पटवारी वर्तमान में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। हड़ताल प्रारंभ होने के बाद से अब तक इन पटवारियों द्वारा अपने कर्तव्यों पर उपस्थित होकर शासकीय कार्यों का संपादन प्रारंभ नहीं किया गया है।
राजस्व विभाग के कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित
पटवारियों की लगातार अनुपस्थिति से राजस्व विभाग के कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इनमें डिजिटल क्रॉप सर्वे (डीसीएस), गिरदावरी, एग्रीस्टैक पंजीयन, फसल सत्यापन तथा धान खरीदी के लिए किसानों के अभिलेखों का सत्यापन प्रमुख रूप से शामिल है। इसके अलावा नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन तथा आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्रों से संबंधित जांच और प्रतिवेदन तैयार करने के कार्यों में भी व्यवधान उत्पन्न हो रही है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को देखते हुए किसानों की भूमि एवं फसल संबंधी जानकारी का समय-सीमा में सत्यापन करना अत्यंत आवश्यक है। गिरदावरी, एग्रीस्टैक पंजीयन और फसल सत्यापन जैसे कार्य धान खरीदी की प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण है।




