छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर अंतरराज्यीय नारको-वाइल्डलाइफ तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़, 3 दिन में 8 तस्कर गिरफ्तार
79 किलो गांजा और 1.47 किलो प्रतिबंधित पैंगोलिन स्केल जब्त; ड्रोन और डॉग स्क्वाड की मदद से नबरंगपुर में कार्रवाई, मलकानगिरी के गोविंदपल्ली तक पहुंचा नेटवर्क
धमतरी। छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व (USTR), डीआरआई तथा छत्तीसगढ़ और ओडिशा वन विभाग की संयुक्त टीम ने अंतरराज्यीय नारको-वाइल्डलाइफ तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। संयुक्त टीम ने तीन दिनों के भीतर तीन बड़े ऑपरेशन चलाकर 79 किलो गांजा और 1.47 किलो प्रतिबंधित पैंगोलिन स्केल जब्त किए हैं। कार्रवाई में कुल 8 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।
डिप्टी डायरेक्टर वरुण जैन के अनुसार, कार्रवाई की शुरुआत 10 सितंबर 2026 को USTR की बोराई जांच चौकी से हुई। ओडिशा की ओर से आ रही एक संदिग्ध बाइक को टीम ने रोका। तलाशी के दौरान बाइक से 31 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। बाइक सवार आरोपी बाइक छोड़कर फरार हो गए। जब्त गांजा और बाइक को आगे की कार्रवाई के लिए धमतरी पुलिस को सौंपा गया।
पहले ऑपरेशन में 31 किलो गांजा बरामद
पहली कार्रवाई से मिले इनपुट के आधार पर टीम ने ओडिशा में तस्करी नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान सामने आए सुरागों के आधार पर संयुक्त टीम ने अगले दिन 11 सितंबर को नबरंगपुर में घेराबंदी की। इस कार्रवाई में ड्रोन और डॉग स्क्वाड की भी मदद ली गई।
नबरंगपुर में 48 किलो गांजा और स्कूटी जब्त
नबरंगपुर में चलाए गए ऑपरेशन के दौरान टीम ने 48 किलो गांजा और एक स्कूटी बरामद की। मौके से प्रहलाद हरिजन और बिमल माझी को गिरफ्तार किया गया। दोनों से पूछताछ और मिले सुरागों के आधार पर जांच टीम तस्करी नेटवर्क की अगली कड़ी तक पहुंची।
गोविंदपल्ली में पैंगोलिन स्केल के साथ 6 आरोपी गिरफ्तार
इसके बाद संयुक्त टीम ने मलकानगिरी के गोविंदपल्ली में दबिश दी। यहां कार्रवाई के दौरान 1.47 किलो पैंगोलिन स्केल, तीन बाइक और पांच मोबाइल फोन जब्त किए गए। मामले में रामा कृष्ण गडबा (35), पूर्णा भूमिया (30), ईश्वर भूमिया (24), कुमा बिसोई (31) सभी मलकानगिरी निवासी तथा सुशांत खिल्ला (25) और लक्ष्मण सिलपड़िया (23) दोनों कोरापुट निवासी को गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपियों को रिमांड पर भेजा गया है।
नारकोटिक्स और वन्यजीव अंगों की अदला-बदली का खुलासा
जांच में यह बात सामने आई है कि तस्करी नेटवर्क में नारकोटिक्स और वन्यजीव अंगों की अदला-बदली यानी बार्टर ट्रेड किया जा रहा था। टीम को प्रतिबंधित पैंगोलिन स्केल और पैंगोलिन तस्करी से जुड़े कई अहम सुराग भी मिले हैं। अधिकारियों के अनुसार, जांच के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
छत्तीसगढ़-ओडिशा-महाराष्ट्र बॉर्डर तक नेटवर्क की जांच
USTR प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीव कॉरिडोर को तस्करों का ट्रांजिट रूट नहीं बनने दिया जाएगा। अब पुलिस, DRI, WCCB और वन विभाग की टीमें छत्तीसगढ़-ओडिशा-महाराष्ट्र बॉर्डर पर सक्रिय बताए जा रहे पूरे सिंडिकेट की कड़ियां खंगाल रही हैं। तीन दिनों में हुई लगातार कार्रवाई के बाद जांच एजेंसियां तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों और संपर्कों की जानकारी जुटाने में लगी हैं।



