महासमुन्द, 17 सितम्बर 2026।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा के दौरान कृषि क्षेत्र के विकास, किसानों की आय में वृद्धि तथा आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया है। इसी दिशा में केंद्र एवं राज्य शासन की योजनाओं से लाभान्वित होकर महासमुन्द जिले के किसान पारंपरिक खेती के साथ उद्यानिकी फसलों और आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अपनी आमदनी बढ़ा रहे हैं। इसी क्रम में बागबाहरा विकासखण्ड के ग्राम गुलझर के कृषक श्री गौरव कुठारे ने ग्राफ्टेड बैंगन की खेती को अपनाकर बेहतर आमदनी अर्जित की है।कृषक श्री गौरव कुठारे बताते हैं कि वे पारंपरिक धान की खेती के साथ उद्यानिकी फसलों को भी अपना रहे हैं। अपने 1.60 हेक्टेयर प्रक्षेत्र में वे वर्षभर टमाटर, बैंगन, सेम और गेंदा जैसी फसलों की खेती कर रहे हैं। खेती में ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग से उन्हें उत्पादन लागत को नियंत्रित करने के साथ बेहतर उत्पादन प्राप्त करने में मदद मिल रही है।श्री गौरव कुठारे ने बताया कि पूर्व में वे मुख्य रूप से धान की खेती करते थे। उद्यानिकी फसलों की खेती शुरू करने के बाद उन्हें उत्पादन के साथ-साथ बाजार में बेहतर मूल्य प्राप्त करने के अवसर मिले। वर्ष 2025-26 में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के घटक ‘ग्राफ्टेड बैंगन, टमाटर सीडलिंग प्रदर्शन’ के अंतर्गत उन्हें एक एकड़ में ग्राफ्टेड बैंगन की फसल के लिए 30 हजार रुपए का अनुदान डीबीटी के माध्यम से प्राप्त हुआ।कृषक श्री गौरव कुठारे के अनुसार, ग्राफ्टेड बैंगन की खेती से उन्हें करीब 23 टन उत्पादन प्राप्त हुआ। उत्पाद को लगभग 20 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से बेचने पर उन्हें करीब 2 लाख 65 हजार रुपए की सकल आमदनी प्राप्त हुई। ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग और कृषि यंत्रों के उपयोग से उत्पादन लागत को नियंत्रित करने में भी सहायता मिली।ग्राफ्टेड बैंगन की खेती से मिली यह सफलता आसपास के किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है। श्री गौरव कुठारे स्वयं भी अन्य कृषकों को पारंपरिक धान की खेती के साथ सब्जी एवं अन्य उद्यानिकी फसलों को अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। आधुनिक तकनीक, विविधीकृत खेती और शासकीय योजनाओं का लाभ लेकर किसान अपनी खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
बागबाहरा: ग्राफ्टेड बैंगन की खेती से किसान गौरव कुठारे की बढ़ी आमदनी
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