नमो सेवा’ मंच पर जीवंत हुईं जनकल्याणकारी योजनाएं, नक्सल मुक्त विकास का भी दिया संदेश
रायपुर, 5 अक्टूबर 2026। सुदूर अंचल की बेटियां अब न केवल शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम गढ़ रही हैं, बल्कि सामाजिक जागरूकता की सशक्त ध्वजवाहक बनकर भी उभर रही हैं। नारायणपुर स्थित कन्या शिक्षा परिसर में आयोजित ‘नमो सेवा: अनकही कहानियां’ कार्यक्रम में छात्राओं ने अपनी रचनात्मकता और जीवंत अभिनय के माध्यम से केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने की अनूठी पहल की।
कार्यक्रम में छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जटिल सरकारी योजनाओं को रोजमर्रा के जीवन से जुड़े उदाहरणों में ढालकर बेहद सरल, सहज और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया। कला, संवाद और सामाजिक जिम्मेदारी के इस संगम ने उपस्थित लोगों को योजनाओं के उद्देश्य और उनके लाभों से परिचित कराया।
मंच पर छात्राओं ने स्वच्छता को केवल अभियान तक सीमित न रखते हुए इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया। वहीं पीएम-सूर्य घर योजना के माध्यम से स्वच्छ ऊर्जा अपनाकर पर्यावरण संरक्षण और भविष्य को बेहतर बनाने की अपील की गई। स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी आयुष्मान भारत योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना को गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच के रूप में प्रस्तुत किया गया।
इसी क्रम में छात्राओं ने प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों के पक्के घर के सपने को साकार करने की पहल और पीएम स्वनिधि योजना के जरिए छोटे व्यापारियों एवं स्ट्रीट वेंडर्स को मिलने वाले वित्तीय सहयोग को भी प्रभावी ढंग से रेखांकित किया। छात्राओं ने बताया कि सरकारी योजनाओं की सही जानकारी और उनका लाभ उठाकर आम नागरिक अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण और भावनात्मक संदेश नारायणपुर को नक्सल मुक्त बनाने का संकल्प रहा। छात्राओं ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से बताया कि शांति, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं का विकास ही क्षेत्र की वास्तविक प्रगति का आधार है। उन्होंने युवाओं से हिंसा का रास्ता छोड़कर शिक्षा और विकास की मुख्यधारा से जुड़ने की अपील की।
कन्या शिक्षा परिसर की इस सार्थक पहल ने यह संदेश दिया कि जब शासन की योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरल भाषा और प्रभावी माध्यम से पहुंचती है, तो जनभागीदारी मजबूत होती है। छात्राओं की प्रस्तुति ने यह भी साबित किया कि शिक्षा के साथ सामाजिक जिम्मेदारी की भावना से जुड़कर युवा समाज में सकारात्मक बदलाव के प्रभावी वाहक बन सकते हैं।



