सोलह सिंचाई योजनाओं के कार्यों के लिए 64.43 करोड़ रुपये स्वीकृत
महासमुंद, बलौदाबाजार-भाटापारा, गरियाबंद, धमतरी और बालोद जिले में होंगे विभिन्न जल संसाधन कार्य
रायपुर, 06 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ शासन के जल संसाधन विभाग द्वारा राज्य के विभिन्न जिलों में 16 सिंचाई योजनाओं के कार्यों के लिए कुल 64 करोड़ 43 लाख 63 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन स्वीकृत कार्यों में एनीकट निर्माण, जलाशयों एवं नहरों का जीर्णोद्धार, सुदृढ़ीकरण, रिमॉडलिंग, लाइनिंग, जलद्वारों का नवीनीकरण, पक्के स्ट्रक्चरों का उन्नयन सहित अन्य कार्य शामिल हैं। कार्य पूर्ण होने से संबंधित क्षेत्रों के किसानों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा।
महासमुंद जिले में छह कार्यों को मिली स्वीकृति
महासमुंद जिले के सरायपाली के कटंगी नाला पर ग्राम डुमरपाली में एनीकट निर्माण कार्य के लिए 3 करोड़ 52 लाख 99 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। योजना का कार्य पूर्ण होने पर 100 हेक्टेयर क्षेत्र में किसानों को सिंचाई सुविधा मिलेगी।
इसी तरह जिले के कुन्ती नाला व्यपवर्तन के शीर्ष कार्य एवं नहरों के कार्यों तथा सी.सी. लाइनिंग कार्य के लिए 4 करोड़ 74 लाख 31 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। कार्य पूर्ण होने पर 170 हेक्टेयर क्षेत्र में किसानों को सिंचाई सुविधा मिलेगी।
विकासखंड पिथौरा के अंतर्गत राजाडेरा जलाशय की नहर के सुदृढ़ीकरण एवं लाइनिंग कार्य के लिए 4 करोड़ 95 लाख 88 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इससे क्षेत्रीय किसानों को 76 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी।
जामली जलाशय योजना के विभिन्न कार्यों के लिए 4 करोड़ 24 लाख 05 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। कार्य पूर्ण होने पर 202 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी।
परसदा जलाशय के मरम्मत, रिमॉडलिंग एवं लाइनिंग कार्य के लिए 4 करोड़ 22 लाख 82 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन कार्यों के पूर्ण होने पर 166 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलेगी।
इसी प्रकार छपोराडीह जलाशय की नहरों की लाइनिंग, रिमॉडलिंग तथा पक्के स्ट्रक्चरों के उन्नयन कार्यों के लिए 3 करोड़ 97 लाख 87 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। कार्य पूर्ण होने पर 103 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।
बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में दो योजनाओं के कार्य
बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के अंतर्गत मोहतरा टार बांध योजना के जीर्णोद्धार एवं नहर लाइनिंग कार्यों के लिए 2 करोड़ 27 लाख 88 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। कार्य पूर्ण होने पर 50 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलने लगेगी।
वहीं बिटकुली जलाशय योजना के जीर्णोद्धार एवं नहर लाइनिंग कार्य के लिए 2 करोड़ 96 लाख 35 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। योजना के कार्य पूर्ण होने पर 134 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी।
गरियाबंद जिले में तीन कार्यों को मंजूरी
गरियाबंद जिले के अंतर्गत पतोरा व्यपवर्तन के शीर्ष जीर्णोद्धार एवं नहर लाइनिंग कार्य के लिए 2 करोड़ 02 लाख 50 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। कार्य पूर्ण होने पर करीब 84 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा हो जाएगी।
गनियारी जलाशय के शीर्ष कार्य जीर्णोद्धार, वेस्ट वियर की मरम्मत एवं मुख्य नहर के रिमॉडलिंग तथा सीमेंट-कांक्रीट लाइनिंग कार्य के लिए 4 करोड़ 66 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन कार्यों के पूर्ण होने पर 144 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी।
इसी प्रकार ठाकुर देव जलाशय के शीर्ष, मुख्य नहर, शाखा नहरों एवं लाइनिंग कार्यों के लिए 4 करोड़ 35 लाख 73 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन कार्यों के पूर्ण होने पर क्षेत्र में 80 हेक्टेयर सिंचाई सुविधा हो जाएगी।
धमतरी जिले में दो महत्वपूर्ण कार्य
धमतरी जिले के अंतर्गत राजाडेरा लघु जलाशय के जलद्वार के नवीनीकरण एवं जीर्णोद्धार कार्य के लिए 1 करोड़ 65 लाख 07 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। योजना के कार्य पूर्ण होने पर करीब 285 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा हो जाएगी।
इसी प्रकार धमतरी जिले में महानदी पर निर्मित खट्टी एनीकट के संरक्षण एवं जलद्वार के उन्नयन कार्यों के लिए 4 करोड़ 89 लाख 03 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन कार्यों के होने पर क्षेत्रीय किसानों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा।
बालोद जिले में तीन कार्यों के लिए राशि स्वीकृत
बालोद जिले के अंतर्गत ग्राम मारीदेवरी में खरखरा नदी के बाईं ओर शीतला मंदिर के पास घाट एवं तटबंध निर्माण कार्य के लिए 4 करोड़ 99 लाख 98 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
जिले के तांदुला, गांदली एवं खरखरा जलाशयों में विद्युतीकरण एवं प्रकाश व्यवस्था कार्य के लिए 4 करोड़ 95 लाख 99 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
इसी प्रकार तांदुला परियोजना के अंतर्गत सकरौद वितरक नहर के नाहंदा माइनर, डौकीडीह माइनर, सुखरी माइनर और भदेरा माइनर के विभिन्न कार्यों के लिए 4 करोड़ 99 लाख 89 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
जल संसाधन विभाग द्वारा स्वीकृत इन सभी कार्यों से जल संरचनाओं के रखरखाव एवं सुदृढ़ीकरण के साथ नहरों की कार्यक्षमता बेहतर होगी। इससे संबंधित क्षेत्रों में किसानों को सिंचाई सुविधा का विस्तार मिलेगा और कृषि गतिविधियों को लाभ पहुंचेगा।



