नेशनल डेस्कअब गांव की शिकायतों का 15 दिन में होगा समाधान, नहीं तो...

अब गांव की शिकायतों का 15 दिन में होगा समाधान, नहीं तो पहुंचेगी बड़े अफसरों तक

नई दिल्ली। गांवों में मनरेगा (वीबी-जी राम जी) के तहत कामकाज में गड़बड़ी, मजदूरी या अन्य समस्याओं को लेकर शिकायत करने वाले लोगों के लिए बड़ी खबर है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने शिकायतों के निपटारे के लिए नए नियम जारी किए हैं। अब शिकायत मिलने के 7 कार्य दिवसों के भीतर उसकी जांच करनी होगी और 15 दिनों के अंदर समाधान करना होगा। यदि तय समय में शिकायत का निराकरण नहीं होता है, तो उसे उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। ग्रामीण अब अपनी शिकायत ग्राम पंचायत, ब्लॉक, जिला कार्यालय, डाक, हेल्पलाइन या ऑनलाइन माध्यम से दर्ज करा सकेंगे।

बहुस्तरीय शिकायत निवारण व्यवस्था
इन नियमों के तहत राज्य सरकारों द्वारा ग्राम पंचायत, ब्लॉक और जिला स्तर पर समयबद्ध, बहुस्तरीय शिकायत निवारण व्यवस्था स्थापित की जाएगी। संबंधित स्तरों पर नामित शिकायत निवारण अधिकारी शिकायतें प्राप्त करने, उनका पंजीकरण करने, जांच करने और उनका निपटारा करने के लिए जिम्मेदार होंगे।
जिला कार्यक्रम समन्वयक जिला स्तर पर शिकायत निवारण व्यवस्था की निगरानी करेंगे। वे यह सुनिश्चित करेंगे कि शिकायतों का समाधान निर्धारित व्यवस्था और शिकायत निवारण के लिए विकसित डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से किया जाए।
शिकायत दर्ज कराने के लिए कई माध्यम
शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कोई भी व्यक्ति योजना के क्रियान्वयन से जुड़े किसी भी मामले में शिकायत कर सकता है। नियमों के तहत शिकायत दर्ज कराने के लिए कई माध्यम उपलब्ध कराए गए हैं:
1 नामित शिकायत निवारण अधिकारी के समक्ष व्यक्तिगत रूप से शिकायत दर्ज कराना।
2 डिलीवरी के प्रमाण के साथ स्पीड पोस्ट के माध्यम से शिकायत भेजना।
3 केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित शिकायत निवारण के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से शिकायत दर्ज कराना।
4 टेलीफोन, निर्धारित हेल्पलाइन या राज्य सरकार द्वारा तय किसी अन्य माध्यम से शिकायत करना।
ग्राम पंचायत से जिला स्तर तक होगी शिकायत की सुनवाई
ग्राम पंचायत, ब्लॉक या जिला स्तर पर भौतिक रूप से प्राप्त शिकायतों को उसी दिन निर्धारित डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर दर्ज और पंजीकृत करना होगा। यदि ऐसा करना संभव न हो, तो अगले कार्य दिवस तक उनका पंजीकरण अनिवार्य होगा।
शिकायतकर्ता को दी जाएगी पावती
शिकायत का पंजीकरण होने पर शिकायतकर्ता को एक पावती दी जाएगी। इसमें पंजीकरण संख्या, शिकायत प्राप्त होने की तारीख और शिकायत प्राप्त करने वाले अधिकारी का पदनाम दर्ज होगा। डिजिटल माध्यम से प्राप्त शिकायतों के लिए पावती इलेक्ट्रॉनिक रूप में और भौतिक रूप से प्राप्त शिकायतों के लिए पावती भौतिक रूप में दी जाएगी।
शिकायत दर्ज करने से मना नहीं कर सकेंगे अधिकारी
महत्वपूर्ण बात यह है कि शिकायत के प्रारूप, भाषा, उसे प्रस्तुत करने के तरीके या किसी प्रक्रियागत कमी के आधार पर उसका पंजीकरण करने से इनकार नहीं किया जा सकेगा। इस प्रावधान से यह सुनिश्चित होगा कि प्रक्रियागत औपचारिकताओं के कारण किसी भी नागरिक को शिकायत निवारण व्यवस्था का लाभ लेने से वंचित न होना पड़े।

जांच और शिकायत निवारण के लिए निर्धारित समय-सीमा
नियमों में शिकायतों की त्वरित जांच और समाधान सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय की गई है। नामित शिकायत निवारण अधिकारी प्रत्येक पंजीकृत शिकायत की जांच करेंगे और आवश्यक कार्रवाई करेंगे। इसके लिए अधिकारी संबंधित प्राधिकारियों या कर्मचारियों से रिकॉर्ड, रजिस्टर, दस्तावेज, रिपोर्ट, इलेक्ट्रॉनिक डेटा या अन्य आवश्यक जानकारी मांग सकते हैं।
पक्ष रखने का दिया जाएगा उचित अवसर 
आवश्यकता पड़ने पर शिकायत का निपटारा करने से पहले शिकायतकर्ता को व्यक्तिगत रूप से या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से अपना पक्ष रखने का उचित अवसर भी दिया जाएगा।
7 दिन में जांच और 15 दिन में करना होगा समाधान
शिकायत की प्राप्ति की तारीख से 7 कार्य दिवसों के भीतर उसकी जांच पूरी करना अनिवार्य होगा। जांच पूरी होने के बाद शिकायत निवारण अधिकारी निष्कर्ष दर्ज करेंगे और अधिनियम तथा नियमों के अनुरूप आवश्यक सुधारात्मक या उपचारात्मक कार्रवाई करेंगे अथवा करवाएंगे। प्रत्येक शिकायत का निवारण उसकी प्राप्ति की तारीख से 15 दिनों के भीतर करना होगा।
अधिकारी की कार्रवाई की ऑनलाइन रखी जाएगी जानकारी
जांच के निष्कर्ष और की गई कार्रवाई का विवरण निर्धारित डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर दर्ज किया जाएगा और शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी दी जाएगी। भौतिक रूप से प्राप्त शिकायतों के मामले में उनके नतीजे और की गई कार्रवाई की सूचना शिकायतकर्ता को भौतिक रूप से भी दी जाएगी।
डिजिटल ट्रैकिंग और अनसुलझी शिकायतों को उच्च स्तर पर भेजने की व्यवस्था
निर्धारित डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से शिकायतों के पंजीकरण से लेकर उनके अंतिम निपटारे तक पूरी प्रक्रिया की डिजिटल ट्रैकिंग की जा सकेगी। इसके अलावा जांच, निष्कर्ष और की गई कार्रवाई का विवरण भी इलेक्ट्रॉनिक रूप से दर्ज किया जाएगा। इससे शिकायत निवारण प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत होगी।
समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो बड़े अधिकारियों तक पहुंचेगी शिकायत
निर्धारित 15 दिनों की अवधि में जिन शिकायतों का निवारण नहीं हो पाएगा, उन्हें राज्य सरकार द्वारा स्थापित शिकायत निवारण व्यवस्था के तहत अगले उच्च स्तर पर भेजा जाएगा। उच्च स्तर पर शिकायत प्राप्त करने वाला प्राधिकारी मामले की जांच करेगा और उसके निपटारे के लिए उचित कार्रवाई करेगा। ऐसी शिकायतों के समाधान होने तक उनकी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से निगरानी जारी रहेगी।

अपील का भी प्रावधान
नियमों में शिकायत निवारण व्यवस्था के तहत पारित आदेशों के विरुद्ध अपील का भी प्रावधान किया गया है। ऐसी अपील वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025 की अनुसूची-I के अनुसार दायर और निस्तारित की जाएगी।
शिकायतों का व्यवस्थित, पारदर्शी और निर्धारित समय-सीमा के भीतर निवारण
यह अधिसूचना वीबी-जी राम जी के क्रियान्वयन से जुड़ी शिकायतों का व्यवस्थित, पारदर्शी और निर्धारित समय-सीमा के भीतर निवारण सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे योजना के तहत ग्रामीण परिवारों के अधिकारों और पात्रता के संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।

WhatsApp Image 2025-08-01 at 09.58.59_16c64a20
WhatsApp Image 2025-08-01 at 09.58.59_3be423df
WhatsApp Image 2025-08-01 at 09.59.01_6e96dcfe
IMG-20250916-WA0013(1)
IMG-20250916-WA0008(1)
IMG-20250923-WA0013(1)
IMG-20251009-WA0005(1)
spot_img

ADV.

spot_img
RECENT POSTS

बसना : ट्रैक्टर के 4 डबल केजव्हील चोरी, CCTV फुटेज से पकड़े गए आरोपी

बसना। थाना बसना क्षेत्र के ग्राम खुर्सीपहार स्थित एक फार्म हाउस में चोरी की वारदात का पुलिस ने खुलासा किया है। फार्म हाउस का...

हेल्थ प्लस

महासमुंद बसना में नौकरी का सुनहरा अवसर श्री गोविंद हॉस्पिटल में 14 पदों पर भर्ती, ड्राइवर और नर्सिंग स्टाफ के 10 पद खाली

महासमुंद बसना में नौकरी का सुनहरा अवसर श्री गोविंद हॉस्पिटल में 14 पदों पर भर्ती, ड्राइवर और नर्सिंग स्टाफ के 10 पद खाली बसना, महासमुंद...