महासमुंद /छात्रवृत्ति कार्य की प्रगति को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित
महासमुंद / कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी बागबाहरा में सत्र 2025-26 के राज्य छात्रवृत्ति कार्य की प्रगति के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री के.के. वर्मा ने की। बैठक में सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी रामता मन्नाडे, बीआरसी भुपेश्वरी साहू सहित विकासखंड अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्य एवं संस्था प्रमुख उपस्थित रहे।
बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी श्री विजय लहरे द्वारा जारी निर्देशों के पालन में छात्रवृत्ति पंजीयन एवं लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की गई। विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री वर्मा ने कहा कि जिले स्तर पर छात्रवृत्ति कार्य की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है और समय-समय पर इसकी प्रगति की समीक्षा की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकासखंड स्तर पर किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। समीक्षा के दौरान प्राचार्य विकास साहू, कुश साहू, लालजी साहू, हरक दीवान, मदन पटेल सहित अन्य संस्था प्रमुखों ने अपने-अपने विद्यालयों में छात्रवृत्ति कार्य की प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की। इस दौरान कुछ विद्यालयों में छात्रवृत्ति से संबंधित प्रविष्टि एवं दस्तावेज अपलोड का कार्य अभी भी लंबित पाया गया।
बैठक में सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी रामता मन्नाडे द्वारा छात्रवृत्ति पोर्टल में प्रविष्टि, विद्यार्थियों की जानकारी के सत्यापन तथा आवश्यक दस्तावेजों के अपलोड के संबंध में विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया। संस्था प्रमुखों को निर्देशित किया गया कि विद्यार्थियों की जानकारी का सूक्ष्म परीक्षण कर त्रुटिरहित प्रविष्टि सुनिश्चित करें, ताकि आगे किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।
इस अवसर पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री वर्मा द्वारा ड्रॉप बॉक्स में लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की गई और निर्देशित किया गया कि सभी लंबित प्रकरणों का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने सभी संस्था प्रमुखों को आगामी दो दिवस के भीतर ड्रॉप बॉक्स में लंबित समस्त प्रकरणों का निराकरण कर रिपोर्ट कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति कार्य शासन की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल है, इसलिए सभी संस्था प्रमुख पूर्ण जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए पात्र विद्यार्थियों को समय पर छात्रवृत्ति का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण नहीं होने की स्थिति में संबंधित संस्था प्रमुख की जिम्मेदारी तय की जाएगी। बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों एवं प्राचार्यों ने निर्देशों के पालन का आश्वासन देते हुए छात्रवृत्ति से संबंधित लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने की सहमति व्यक्त की।



