सफलता की कहानी महतारी वंदन योजना से मिली नई राह, गीतांजली बनी आत्मनिर्भर
महासमुंद/ राज्य शासन की महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में आर्थिक सशक्तिकरण की नई कहानी लिख रही है। महासमुंद जिले में महतारी वंदन योजना से 3 लाख 27 हजार महिलाएं लाभान्वित हो रही है। इस योजना से प्रेरित होकर सरायपाली विकासखण्ड के ग्राम डुमरपाली की निवासी गीतांजली कुमार ने आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाया है।
गीतांजली कुमार आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से हैं और पहले घर की जरूरतों को पूरा करने के लिए छोटे-मोटे काम करती थीं। उनका सपना था कि वे बुनकरी का काम शुरू करें, लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे बुनकर मशीन खरीदने में असमर्थ थीं। तभी महतारी वंदन योजना के तहत उन्हें हर माह मिलने वाली सहायता राशि ने उनके जीवन में बदलाव की शुरुआत की। गीतांजली ने इस राशि को बचत कर एक बुनकर मशीन खरीदी और अपने गांव की महिलाओं के लिए सूती साड़ियों का निर्माण शुरू किया। आज उनका यह छोटा सा प्रयास एक छोटे व्यवसाय के रूप में विकसित हो चुका है। बुनकरी के इस कार्य से उन्हें लगभग 5000 रुपये प्रतिमाह की आय होने लगी है, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आया है।
गीतांजली बताती हैं कि इस योजना ने उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर दिया है। वे कहती हैं कि अब वे अपने परिवार की मदद करने के साथ ही आगे चलकर इस काम को और बढ़ाने की योजना भी बना रही हैं। गीतांजली कुमार ने इस अवसर के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय तथा राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में आत्मविश्वास और आर्थिक मजबूती का नया आधार बन रही है।



