राष्ट्रीय चिंतन शिविर में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री अरुण साव, सड़क परियोजनाओं पर हुआ मंथन
रायपुर, 5 अक्टूबर 2026। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव गुजरात के नर्मदा में आज से शुरू हुए सड़क एवं राष्ट्रीय राजमार्ग विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर में शामिल हुए। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा “गतिशक्ति से प्रगति” थीम पर आयोजित इस चिंतन शिविर का शुभारंभ केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने किया। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री श्री हर्ष मल्होत्रा भी इस अवसर पर मौजूद रहे।
राष्ट्रीय चिंतन शिविर में देश के विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के सड़क निर्माण से जुड़े मंत्री, अधिकारी, विशेषज्ञ और नीति निर्माता हिस्सा ले रहे हैं। छत्तीसगढ़ की ओर से उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के साथ लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी, अपर सचिव श्री एस.एन. श्रीवास्तव तथा राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री ज्ञानेश्वर कश्यप भी शामिल हुए।
तीन सत्रों में हुई महत्वपूर्ण चर्चा
चिंतन शिविर के पहले दिन विभिन्न राज्यों के मंत्रियों, अधिकारियों, विशेषज्ञों एवं नीति निर्माताओं ने भविष्य में बनने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों की डिजाइन, गुणवत्ता, रोड सेफ्टी और परियोजना प्रबंधन सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान बेहतर और सुरक्षित राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण तथा परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक रूपरेखा तैयार करने पर विचार-विमर्श किया गया।
छत्तीसगढ़ में भी कई महत्वपूर्ण फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की कार्ययोजना पर काम किया जा रहा है। इनमें रायपुर से जगदलपुर, बिलासपुर से रायगढ़, कटघोरा से अंबिकापुर और रायपुर से सारंगढ़ तक फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्ग शामिल हैं। चिंतन शिविर में निर्धारित किए जाने वाले विभिन्न फ्रेमवर्क इन परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायक होंगे।
भूमि अधिग्रहण और परियोजना क्रियान्वयन पर जोर
राष्ट्रीय चिंतन शिविर के पहले दिन तीन प्रमुख सत्रों में गहन विचार-विमर्श किया गया। इनमें “पीएम गतिशक्ति—समन्वित और प्रभावी परियोजना क्रियान्वयन के लिए एकीकृत अधोसंरचना नियोजन”, “भूमि अधिग्रहण में तेजी और भूमि राशि का प्रभावी उपयोग” तथा “सुदृढ़ परियोजना क्रियान्वयन और रेटिंग के लिए मॉडल कंसेशन एग्रीमेंट फ्रेमवर्क” जैसे विषय शामिल रहे।
इन सत्रों में परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में तेजी लाने, भूमि राशि के प्रभावी उपयोग, बेहतर समन्वय और परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के उपायों पर चर्चा हुई।
6 अक्टूबर को सड़क सुरक्षा और गुणवत्ता पर मंथन
चिंतन शिविर के दूसरे दिन 6 अक्टूबर को सुरक्षित राजमार्गों के डिजाइन और उनके मानकों के अनुसार क्रियान्वयन तथा गुणवत्ता आश्वासन एवं परियोजना मॉनिटरिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मंथन किया जाएगा। इसमें सड़क निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, सड़क सुरक्षा के मानकों को मजबूत करने और परियोजनाओं की निगरानी को अधिक प्रभावी बनाने पर चर्चा होगी।
राष्ट्रीय चिंतन शिविर के माध्यम से देशभर में सड़क एवं राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के बेहतर नियोजन, सुरक्षित डिजाइन, उच्च गुणवत्ता और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए साझा रणनीति एवं प्रभावी फ्रेमवर्क तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।



