बसना -: मिडिल स्कूल मे पढ़ने वाले 14,15 साल के बच्चों को किन चीजों का लत ग्रामीण क्षेत्र के पालको का स्कूल प्रसासन और दुकानों को लेकर क्या है राय?
स्कूलो मे पढ़ने वाले 12 से 15 साल के बच्चों को बीड़ी सिगरेट पीते आसानी से देखा जा सकता है और वह समय स्कूल का समय होता है ज़ब बच्चे घर से स्कूल के लिए निकलते है और उनको आसानी से किसी भी दुकान मे बीड़ी और सिगरेट मिल जाता है फिर स्कूल जाने से पहले कही पर खेत या कही मार्ग मे ही छिपने की जगहों पर बच्चे सिगरेट और बीड़ी पीते दिखाई देंगे ऐसा कुछ पालको का कहना है की कई स्कूलो मे के कुछ ही दूरियों पर दुकाने और ठेले है जिसमे आसानी से सिगरेट बीड़ी मिल जाते है ऐसा नही है की सरकार इन बच्चों को नशीली
सामानो से दूर रखने के लिए कुछ नही करती है हर साल यार 6 माह मे कोप्टा अधिनियम के तहत स्कूलो के आस पास दुकानों मे धूम्रपान संबंधित सामान बेचना वर्जित है लेकिन बहुत कम दुकान वाले ही इन नियमों का पालन करते नजर आ जाएंगे ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलो के आस पास बने दुकान और ठेलो मे इन नियमों का पालन ना के सामान ही होता है वही कई दुकान वाले इन स्कूली बच्चों को भी बीड़ी सिगरेट बेचने मे जरा भी सोच
विचार नही करते है जैसे की शराब दुकान मे स्कूली बच्चों और नाबालिक बच्चों को शराब नही मिलता है उसी प्रकार दुकानों मे भी बीड़ी सिगरेट और गुटखा को लेकर नाबालिक और स्कूली बच्चों को बेचना कड़ाई से प्रतिबंधित करने की आवश्यकता है ग्रामीण क्षेत्र के पालको का कहना है की स्कूल टाइम मे भी अधिकतर बच्चे खाना खाने के समय भी और झाड़ खेतो मे बाहार मे घूमते नजर आते इसका कारण शिक्षको माना जाता स्कूली नियम का कड़ाई से पालन करवाने आज ग्रामीण क्षेत्र के कई स्कूल विफल है 12 से 14 साल के स्कूली बच्चे आज बीड़ी सिगरेट पी रहे है समझ सकते है इनका भविष्य कैसा हो सकता है!



