छत्तीसगढ़ : जनसुविधाओं की ओर बढ़ता हर कदम… तकनीक से जुड़ता हर नागरिक अटल डिजिटल सुविधा केंद्र से लोगों को मिल रही राहत

छत्तीसगढ़ : जनसुविधाओं की ओर बढ़ता हर कदम… तकनीक से जुड़ता हर नागरिक अटल डिजिटल सुविधा केंद्र से लोगों को मिल रही राहत

आज डिजिटल क्रांति की लहर न केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी तेज़ी से अपना प्रभाव जमा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व एवं सुशासन सरकार की दूरदर्शी नीतियों के परिणामस्वरूप ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों का शुभारंभ किया गया है, जिससे ग्रामीणों को डिजिटल सेवाओं का लाभ उनके अपने गांव में ही मिलने लगा है। पहले ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी एवं बैंकिंग सेवाओं के लिए शहरों और तहसीलों तक दूर-दूर जाना पड़ता था, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती थी। वहीं, कई बार लंबी दूरी और अनजान प्रक्रियाओं के कारण जरूरी कार्य भी अधूरा रह जाता था। अब अटल डिजिटल सुविधा केंद्र के माध्यम से ग्रामीण अपनी मूलभूत जरूरतों जैसे पीएम किसान योजना का पंजीकरण, एईपीएस ट्रांजैक्शन, फार्मर आईडी बनवाना, आयुष्मान भारत योजना के तहत कार्ड बनवाना व त्रुटि सुधार जैसे कार्य आसानी से अपने गांव में ही कर पा रहे हैं।

राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर ग्राम पंचायतों में इन सुविधा केंद्रों के संचालन से ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। इन केंद्रों के माध्यम से न केवल सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से पहुंच रहा है, बल्कि डिजिटल साक्षरता भी गांव-गांव में बढ़ रही है। यह ग्रामीणों को आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ा रही है। कोरबा के बेला गांव की बुजुर्ग श्रीमती घसनीन बाई को इस सुविधा ने बड़ी राहत दी है। पहले उसे बैंक जाकर पैसे जमा करने या निकालने के लिए लंबी दूरी तय करना पड़ता था, जिसमें समय और पैसा दोनों बहुत लगता था। अब घर के पास ही मंगल भवन में खुला डिजिटल सुविधा केंद्र उसकी मदद करता है। वह कहती है – “पहले बैंक जाने में जो समय और खर्चा लगता था, वह अब बच रहा है। यहां काम सरल और सुविधाजनक है, और मुझे किसी को अतिरिक्त पैसे देने की भी जरूरत नहीं पड़ती।”

अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों से ग्रामीणों को सरकार की योजनाओं का लाभ सहजता से मिल रहा है। इससे गांव में ही उनके बहुत से काम हो जा रहे हैं। इससे युवा वर्ग भी डिजिटल सेवाओं के प्रति जागरूक होकर नवाचार और तकनीक से जुड़ने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। यह डिजिटल समावेशन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बना रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की यह दूरदर्शी सोच ग्रामीणों के कल्याण की दिशा में एक अहम कड़ी साबित हो रही है। डिजिटल इंडिया के आदर्श को साकार करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं की पहुंच बढ़ाना और जनता को बेहतर सेवा देना सरकार की प्राथमिकता है।

 

बालौदाबाजार : संघर्ष ही सफलता का मार्ग है, ‘‘दृढ़ संकल्प के साथ करें अध्ययन’’ – मंत्री श्री वर्मा

बालोदबाजार : संघर्ष ही सफलता का मार्ग है, ‘‘दृढ़ संकल्प के साथ करें अध्ययन’’ – मंत्री श्री वर्मा

छात्राओं के लिए शिक्षा और अधोसंरचना विकास के लिए 3 करोड़ रुपए से अधिक की सौगात

राजस्व, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री टंकराम वर्मा आज बलौदाबाजार स्थित शासकीय मिनीमाता कन्या महाविद्यालय में आयोजित दीक्षारम्भ समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने छात्राओं के लिए 3.25 करोड़ रुपए से अधिक के विकास योजनाओं की सौगात प्रदान की। मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि छात्र जीवन में कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प से ही उज्ज्वल भविष्य की नींव रखी जाती है। इतिहास साक्षी है जो संघर्ष करते हैं वही लक्ष्य को प्राप्त करते हैं। उन्होंने  कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार छात्राओं को उच्च शिक्षा की दिशा में प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है और शासन की मंशा है कि ‘‘बेटियाँ पढ़ें, आगे बढ़ें और प्रदेश का गौरव बनें।’’

मंत्री श्री वर्मा ने महाविद्यालय में 52.70 लाख रुपए की लागत से बने अतिरिक्त कक्ष का लोकार्पण किया। साथ ही 272.81 लाख रुपए की लागत से बनने वाले छात्रावास भवन का भूमिपूजन एवं शिलान्यास भी किया। छात्राओं की मांग पर उन्होंने 1000 सीटों की क्षमता वाले नवीन कॉन्फ्रेंस हॉल, दो स्मार्ट क्लासरूम एवं कॉलेज परिसर में हाई मास्क लाइट की स्थापना की घोषणा भी की। इस अवसर पर मंत्री श्री वर्मा ने नवप्रवेशी छात्राओं को रक्षासूत्र बांधकर उनका स्वागत किया। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे न केवल शिक्षा में उत्कृष्टता प्राप्त करें, बल्कि खेलकूद और अन्य गतिविधियों में भी जिले और राज्य का नाम रोशन करें।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. वासु वर्मा ने कहा कि – ‘‘महाविद्यालय को प्राप्त यह सौगात छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। शासन-प्रशासन द्वारा निरंतर सहयोग प्राप्त हो रहा है, जिससे शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन आ रहा है।’‘ कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री आकांक्षा जायसवाल, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अशोक जैन, अन्य जनप्रतिनिधिगण, महाविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित थीं।

 

छत्तीसगढ़  : ग्रीन उद्यम की परिकल्पना को साकार करने साय सरकार दे रही विशेष पैकेज: उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन

छत्तीसगढ़  : ग्रीन उद्यम की परिकल्पना को साकार करने साय सरकार दे रही विशेष पैकेज: उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन

सीआईआई द्वारा आयोजित ग्रीन स्टील व माइनिंग समिट में देशभर से आए उद्योगपतियों से संवाद

सीआईआई(Confederation of Indian Industry) द्वारा आयोजित

“ग्रीन स्टील व माइनिंग समिट 2025” प्रदेश के वाणिज्य व उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन सम्मिलित हुए।

देश भर से आए उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी के मार्गदर्शन में राज्य में 1 नवंबर, 2024 से राज्य एवं देश की श्रेष्ठ “औद्योगिक विकास नीति 2024-30” को लागू किया गया है। खनिज संसाधन के उत्पादन में देश के सर्वोत्तम राज्य, विद्युत उत्पादन में नंबर एक, एवं प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण छत्तीसगढ़ में हर सेक्टर के उद्योग निवेश करने रुचि ले रहे।।

मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि पारंपरिक स्टील के निर्माण में में बड़ी मात्रा में कार्बन का उत्सर्जन होता है जोकि जलवायु के लिए हानिकारक है। इसलिए यह आवश्यक हैकि इसके उत्सर्जन को कम करने के उपायों पर गंभीरता से विचार किया जाकर उत्सर्जन कम किया जावे ताकि आने वाली पीढ़ी को हम एक स्वच्छ और सुंदर रहने योग्य घरती सौंपें। हमारी नवीन औद्योगिक नीति में पहली बार “ग्रीन उद्यम” की परिकल्पना को साकार करने के लिए पर्यावरण संरक्षण उपायों को अपनाने के लिए औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन इनवायरमेंट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट अनुदान (पर्यावरणीय प्रोजेक्ट अनुदान), जल एवं उर्जा दक्षता (एनर्जी ऑडिट) व्यय प्रतिपूर्ति, गैर काष्ठ वनोपज प्रसंस्करण एवं ग्रीन हाइड्रोजन / कम्प्रेस्ड बॉयो गैस सेक्टर के वृहद उद्यम हेतु औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज घोषित किया गया है।

छत्तीसगढ़ राज्य की नयी “औद्यागिक विकास नीति 2024-30” में उद्योगों की नवीन तकनीक को अपनाने हेतु प्रोत्साहित कियाजा रहा है । यदि स्टील उद्योगों द्वारा इस दिशा में कार्य किया जाता है तो राज्य शासन की ओर से मदद की जाएगी। श्री देवांगन ने कहा की राज्य के आयरन ओर भंडार बस्तर क्षेत्र के विकास को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन के द्वारा कोर-सेक्टर के स्टील इकाईयों तथा अन्य कोर सेक्टर की इकाईयों को पात्रतानुसार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन के अतिरिक्त 50 प्रतिशत तक आयरन ओर रायल्टी तथा 100 प्रतिशत कोल पर रायल्टी एवं राज्य को प्राप्त होने वाले सेस की प्रतिपूर्ति 150 प्रतिशत तक वर्ष तक किये जाने का प्रावधान भी किया गया है ।

इसके अलावा राज्य की नीति में नेट एसजीएसटी प्रतिपूर्ति ,विद्युत शुल्क छूट, स्टॉम्प शुल्क छूट ,पंजीयन शुल्क प्रतिपूर्ति ,डायर्वशन शुल्क छूट ,जल व्यय प्रतिपूर्ति ,रॉयल्टी प्रतिपूर्ति ,रोजगार व्यय अनुदान ,ईपीएफ प्रतिपूर्ति ,प्रशिक्षण व्यय प्रतिपूर्ति एवं ,1000 करोड से अधिक निवेश करने वाले / 1000 व्यक्तियों को रोजगार देने वालों के लिए बी-स्पोक योजना का प्रावधान किया गया है। कार्यक्रम में सचिव उद्योग श्री रजत कुमार, सीआईआई के ईस्टन रीजन के चेयरमैन श्री शास्वत गोयेंका, श्री सिद्धार्थ अग्रवाल, समेत अन्य प्रमुख उद्योगपति उपस्थित रहे।।

 

बसना/खम्हरिया में आयोजित एडवांस प्रशिक्षण शिविर में बसना विखं के 11 स्काउटर-गाइडर ने भाग लिया

बसना/खम्हरिया में आयोजित एडवांस प्रशिक्षण शिविर में बसना विखं के 11 स्काउटर-गाइडर ने भाग लिया

बसना :- भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छग राज्य मुख्यालय द्वारा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खम्हरिया जिला सारंगढ़ बिलाईगढ़ में आयोजित एडवांस स्काउट मास्टर, गाइड कैप्टन, रोवर रेंजर लीडर प्रशिक्षण शिविर में बसना विखं के 11 प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लिया। विखं शिक्षाधिकारी पदेन सहायक जिला आयुक्त विनोद कुमार शुक्ला के निर्देशन पर एडवांस प्रशिक्षण प्राप्त करने पर विखं में स्काउटिंग गतिविधि के संचालन को नई गति मिलेगी तथा प्रशिक्षण प्राप्त कर आने वाले स्कॉउटर गाइडर नई ऊर्जा के साथ काम करेंगे जिससे विखं में स्काउटिंग को नई दिशा मिलेगी। शासकीय हाई स्कूल रोहिना के व्याख्याता कमलेश साहू, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला अरेकेल के शिक्षक प्रेमचन्द साव, शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भंवरपुर के रोहित शर्मा, हाई स्कूल जेवरा के गिरीश गजेंद्र, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला बड़े टेमरी के शिक्षिका श्रीमती नीलम कुमार, बड़े टेमरी संकुल समन्वयक वारीश कुमार ,शासकीय प्राथमिक शाला खवासपाली के प्रधान पाठक ललित कुमार भार, प्राथमिक शाला बनडबरी के सहायक शिक्षक कैलाश चंद साहू, प्राथमिक शाला बिजराभांठा प्रधान पाठक सुकमोती चौहान, श्रीमती कल्याणी साहू एवं कुसमोती साहू ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खम्हरिया जिला सारंगढ़ में आयोजित भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित एडवांस स्काउट मास्टर प्रशिक्षण शिविर में भाग लिया गया। शिविर संचालक गिरीश कुमार पाढ़ी, मनीष बघेल, शैलेंद्र नायक, शत्रुघन सूर्यवंशी, राज्य संयुक्त सचिव गाइड शिवानी गणवीर, लीना वर्मा, हिना भेंसले, रोवर संचालक राज किशोर स्वर्णकार, विभूतिभूषण गुप्ता, मिलन पटेल, रेंजर विभाग रजनीकला पाटकर, सुनीता चौहान द्वारा स्काउटिंग इतिहास, नियम, प्रतिज्ञा, ध्वज शिष्टाचार, प्रार्थना, झंडा गीत, राष्ट्रीय गान, गांठे,अनुमान लगाना, कंपास हाइक आदि का प्रशिक्षण प्रदान किया।एडवांस प्रशिक्षण सफलतापूर्वक प्राप्त करने पर बीईओ विनोद कुमार शुक्ला एबीईओ बद्रीविशाल जोल्हे, लोकेश्वर कंवर, विकासखंड अध्यक्ष शीत गुप्ता, विखं सचिव डॉ विवेक दास आदि ने बधाई प्रेषित की है।

सरायपाली को मिला नया एसडीएम, 2023 बैच की आईएएस अनुपमा आनंद की पदस्थापना

सरायपाली को मिला नया एसडीएम, 2023 बैच की आईएएस अनुपमा आनंद की पदस्थापना

महासमुंद/रायपुर। सामान्य प्रशासन विभाग ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) 2023 बैच के चार परिवीक्षाधीन अधिकारियों की पदस्थापना सूची जारी कर दी है। ये अधिकारी हाल ही में लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, मसूरी में फेस-2 प्रशिक्षण पूरा कर 25 जुलाई को कार्यमुक्त हुए थे।

जारी सूची के अनुसार:

🔹 अनुपमा आनंद — सहायक कलेक्टर रायपुर से स्थानांतरित कर अनुविभागीय अधिकारी (SDM), सरायपाली, जिला महासमुंद नियुक्त की गई हैं।
🔹 एम. भार्गव — सहायक कलेक्टर दुर्ग से स्थानांतरित होकर अनुविभागीय अधिकारी, डोंगरगढ़, जिला राजनांदगांव बनाए गए हैं।
🔹 तन्मय खन्ना — सहायक कलेक्टर बिलासपुर से स्थानांतरित होकर अनुविभागीय अधिकारी, कटघोरा, जिला कोरबा बनाए गए हैं।
🔹 दुर्गा प्रसाद अधिकारी — सहायक कलेक्टर जांजगीर-चांपा से स्थानांतरित होकर अनुविभागीय अधिकारी, घरघोड़ा, जिला रायगढ़ नियुक्त किए गए हैं।

इन नियुक्तियों से संबंधित आदेश विभाग द्वारा 28 जुलाई को जारी किए गए। सरायपाली सहित संबंधित क्षेत्रों में नए अधिकारियों की पदस्थापना से प्रशासनिक गतिविधियों में नई ऊर्जा और गति आने की उम्मीद जताई जा रही है।

महासमुंद/विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर जी.एन.एम की छात्राओं द्वारा पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन हेपेटाइटिस से बचाव एवं नियंत्रण के संबंध में दी गई जानकारी

महासमुंद विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर जी.एन.एम की छात्राओं द्वारा पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन हेपेटाइटिस से बचाव एवं नियंत्रण के संबंध में दी गई जानकारी

महासमुंद,हर वर्ष की भांति इस वर्ष 28 जुलाई को विश्व हेपेटाइटिस दिवस का आयोजन किया गया। शासन के निर्देशानुसार विश्व हेपेटाईटिस दिवस के उपलक्ष्य में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्रीमती नीलू घृतलहरे के मागदर्शन में नोडल अधिकारी डॉ. छत्रपाल चन्द्राकर (एनवीएचसीपी) की उपस्थिति में शासकीय जी.एन.एम प्रशिक्षण संस्था में नर्सिग छात्राओं द्वारा पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया तथा हेपेटाइटिस से बचाव एवं नियंत्रण के संबंध में जानकारी दी गई।

इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव ने जानकारी देते हुए बताया कि हेपेटाइटिस का मुख्य कारण एल्कोहॉल के साथ-साथ नान-एल्कोहॉल फैटी लिवर भी होता है, हेपेटाइटिस से सावधानी बरतने हेतु एल्कोहॉल के साथ-साथ जंक फूड सेवन न करने की सलाह दी गई, हेपेटाइटिस के प्रमुख लक्षण बुखार व थकान, भूख कम लगना, उल्टी, त्वचा में खुजली, गहरे रंग का पेशाब, शरीर में दर्द इसके बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। हेपेटाइटिस बी व सी के बारे में भी बताया गया कि असुरक्षित इंजेक्शन, गोदना, कान-नाक छिदवाने में संक्रमित सूई और स्याही के उपयोग, संक्रमित यौन संबंध और संक्रमित रक्त के संपर्क में आने से फैलता है। इससे बचाव के लिए इंजेक्शन और रेजर ब्लेड का एक ही बार उपयोग करें। रक्त पंजीकृत ब्लड बैंक से लें, नवाजातों को हेपेटाइटिस बी की खुराक दें, हेपेटाइटिस पॉजिटीव माताओं से जन्मे नवजात को 24 घंटे में हेपेटाइटिस इम्यूनो ग्लोबिन और एच.बी.आई.जी इंजेक्शन लगाना जरूरी हैं।

हेपेटाइटिस बी और सी निःशुल्क जांच, परामर्श, ईलाज और टीकाकरण की सुविधा जिले के सभी शासकीय अस्पतालों एवं मेडिकल कॉलेजों में उपलब्ध है। लोगों से अपील की गई कि वे नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचकर इस सुविधा का लाभ उठाएं।

बागबाहरा/ग्राम गबौद जैन कॉम्प्लेक्स बागबाहरा से मोटरसाइकिल चोरी, अज्ञात चोर के खिलाफ मामला दर्ज

बागबाहरा/ग्राम गबौद जैन कॉम्प्लेक्स बागबाहरा से मोटरसाइकिल चोरी, अज्ञात चोर के खिलाफ मामला दर्ज

बागबाहरा, महासमुंद थाना खल्लारी क्षेत्र अंतर्गत बागबाहरा में मोटरसाइकिल चोरी की एक घटना सामने आई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम गबौद निवासी एक कृषक, दिनांक 24 जुलाई 2025 की रात अपने भाई के किराए के कमरे में जैन कॉम्प्लेक्स बागबाहरा में रुके हुए थे। रात लगभग 10 बजे उन्होंने अपनी बजाज प्लेटिना मोटरसाइकिल (क्रमांक CG 06 HA 2025) को कॉम्प्लेक्स के सामने खड़ा किया था।

मोटरसाइकिल का इंजन नंबर PFXWPJ91389 और चेचिस नंबर MD2A76AX8PWJ15879 है। वाहन की अनुमानित कीमत करीब ₹45,000 बताई गई है। रात करीब 2 बजे जब वह नींद से जागे और बाहर आए, तो देखा कि उनकी मोटरसाइकिल मौके से गायब थी।

उन्होंने आसपास के इलाके में काफी तलाश की, लेकिन मोटरसाइकिल का कोई सुराग नहीं मिल सका। पीड़ित ने आशंका जताई है कि अज्ञात चोर द्वारा 24 जुलाई की रात 10 बजे से 25 जुलाई की रात 2 बजे के बीच वाहन चोरी कर ली गई है।

इस संबंध में थाना खल्लारी में 303(2)-BNS के तहत अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस जांच जारी है और चोर की तलाश की जा रही है।

CG / 17 सूत्रीय मांगों को लेकर आज से हड़ताल पर बैठेंगे तहसीलदार-नायब तहसीलदार, तीन दिन नहीं होगा कामकाज

CG / 17 सूत्रीय मांगों को लेकर आज से हड़ताल पर बैठेंगे तहसीलदार-नायब तहसीलदार, तीन दिन नहीं होगा कामकाज

रायपुर। छत्तीसगढ़ में आज से तहसील से जुड़ी हर छोटी-बड़ी सेवा ठप हो जाएगी कारण – तहसीलदार और नायब तहसीलदार अपनी 17 सूत्रीय मांगों को लेकर आज से आंदोलन करने जा रहे हैं। अगले तीन दिन तक (28 से 30 जुलाई) तहसील कार्यालयों में कोई भी राजस्व संबंधी काम नहीं होगा। छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ की ओर से यह ऐलान पहले ही कर दिया गया था। संघ ने 18 जुलाई को ज्ञापन देकर सरकार को चेताया था कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन होगा और अब वही चेतावनी सच साबित हो गई है।

3 दिन का कार्यक्रम, फिर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
संघ के मुताबिक, आंदोलन को तीन चरणों में बांटा गया है –

28 जुलाई: जिला स्तर पर सामूहिक अवकाश और विरोध प्रदर्शन।
29 जुलाई: संभाग और राज्य स्तर पर विरोध।
30 जुलाई: राजधानी रायपुर में धरना प्रदर्शन।
यदि 30 जुलाई तक मांगे पूरी नहीं हुईं, तो तहसीलदार-नायब तहसीलदार अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।

क्यों नाराज हैं राजस्व अफसर?
काफी समय से तहसीलदार-नायब तहसीलदार संसाधनों की कमी, तकनीकी सुविधाओं के अभाव और सुरक्षा जैसे मुद्दे उठा रहे हैं। उनका कहना है कि लगातार शासन से पत्राचार के बावजूद सुनवाई नहीं हो रही।

17 सूत्रीय मांगों की मुख्य बातें
सभी तहसीलों में स्टाफ की नियुक्ति – कंप्यूटर ऑपरेटर, नायब नाजिर, माल जमादार, भृत्य, वाहन चालक और पटवारियों की तैनाती हो।
सीधी भर्ती व पदोन्नति का अनुपात 50:50 रखा जाए और पुरानी घोषणा लागू हो।
नायब तहसीलदार को राजपत्रित पद घोषित किया जाए।
लंबित ग्रेड-पे सुधार तुरंत किया जाए।
प्रोटोकॉल व फील्ड ड्यूटी के लिए सरकारी वाहन या भत्ता उपलब्ध कराया जाए।
बिना ठोस कारण निलंबित अफसरों की 15 दिन में बहाली।
न्यायालयीन आदेशों को जनशिकायत प्रणाली में स्वीकार न किया जाए।
कोर्ट केस पर FIR रोकने के लिए जारी आदेश का सख्त पालन।
न्यायालयीन कार्य हेतु अलग व्यवस्था, प्रोटोकॉल ड्यूटी से मुक्त किया जाए।
आउटसोर्स स्टाफ की नियुक्ति का अधिकार तहसीलदार को दिया जाए।
e-Court, भू-अभिलेख जैसे कामों के लिए प्रशिक्षित ऑपरेटर की नियुक्ति।
SLR/ASLR की बहाली।
शासकीय मोबाइल नंबर व डिवाइस।
हर तहसील में सुरक्षाकर्मी व वाहन की व्यवस्था।
सड़क दुर्घटनाओं और अन्य घटनाओं पर तत्काल मुआवजा राशि देने के स्पष्ट निर्देश।

संघ की औपचारिक मान्यता।
राजस्व न्यायालय सुधार के लिए विशेषज्ञ समिति।
3 दिन जनता को किन मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा?
नामांतरण, बंटवारा, खसरा-खतौनी की प्रतिलिपि, भूमि नामांतरण जैसे सभी राजस्व काम ठप रहेंगे।
तहसील कार्यालय में प्रमाण पत्र जारी करने का काम (जैसे जाति, निवास, आय प्रमाण पत्र) रुक जाएगा।
जमीन संबंधी किसी भी तरह की कार्यवाही रुकी रहेगी।
सरकार पर दबाव – या लंबी हड़ताल?
संघ का कहना है – अगर 30 जुलाई तक मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपनाया जाएगा। ऐसे में तहसील कार्यालयों का काम पूरी तरह ठप होने की आशंका है, जिससे आम लोगों को भारी दिक्कत हो सकती है।

छत्तीसगढ़ : हर-हर महादेव से गूंज उठा भोरमदेव : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा कर हजारों कांवड़ियों का किया भव्य स्वागत

छत्तीसगढ़ : हर-हर महादेव से गूंज उठा भोरमदेव : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा कर हजारों कांवड़ियों का किया भव्य स्वागत

 सावन मास के तीसरे सोमवार को छत्तीसगढ़ के प्राचीन, धार्मिक, ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के तीर्थ स्थल बाबा भोरमदेव मंदिर में भक्ति और श्रद्धा की गूंज उस समय चरम पर पहुँच गई जब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने हजारों कांवड़ियों और शिवभक्तों पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत और अभिनंदन किया। इस शुभ अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्रीद्वय श्री विजय शर्मा और श्री अरुण साव उपस्थित थे।

यह लगातार दूसरा वर्ष है जब मुख्यमंत्री स्वयं श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए पुष्पवर्षा कर रहे हैं। पुष्पवर्षा के पश्चात् मुख्यमंत्री श्री साय ने बाबा भोरमदेव मंदिर पहुंचकर मंत्रोच्चारण, विशेष पूजा-अर्चना और रुद्राभिषेक किया तथा प्रदेश की समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने मंदिर परिसर में उपस्थित कांवड़ियों एवं श्रद्धालुओं से भेंट कर उनका हालचाल जाना और पूरे आत्मीय भाव से अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सावन मास के तीसरे सोमवार को बाबा भोरमदेव की पावन धरती पर शिवभक्तों के साथ जुड़ना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्य और गर्व का विषय है। हजारों श्रद्धालु सैकड़ों किलोमीटर की पदयात्रा कर भगवान भोलेनाथ के दर्शन हेतु यहां पहुंचे हैं—यह हमारी आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की जीवंत मिसाल है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अमरकंटक से 151 किलोमीटर पदयात्रा कर भोरमदेव मंदिर में जलाभिषेक करने वाली पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा को भगवा वस्त्र और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के अंतर्गत भोरमदेव कॉरिडोर विकास के लिए 146 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी दी गई है। यह परियोजना न केवल मंदिर परिसर का कायाकल्प करेगी, बल्कि मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुवा से लेकर सरोदा जलाशय तक एक समग्र धार्मिक-पर्यटन कॉरिडोर के रूप में विकसित की जाएगी।

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ से अमरकंटक जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मध्यप्रदेश के अनूपपुर में 5 एकड़ भूमि आबंटन की प्रक्रिया जारी है, जहाँ एक भव्य श्रद्धालु भवन का निर्माण प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं को सावन मास की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज हेलीकॉप्टर से की गई पुष्पवर्षा इस पुण्य अवसर की महत्ता को और भी अभूतपूर्व बना गई है।

पौराणिक परंपरा का गौरव: भक्ति से सराबोर हुआ बाबा भोरमदेव परिसर

सावन मास में भगवान शिव—देवों के देव—के जलाभिषेक की परंपरा सदियों से चली आ रही है। कवर्धा से 18 किलोमीटर दूर ग्राम चौरा में स्थित 11वीं शताब्दी का यह भोरमदेव मंदिर ऐतिहासिक, धार्मिक और पुरातात्विक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है। श्रावण मास में छत्तीसगढ़ के कबीरधाम, मुंगेली, बेमेतरा, खैरागढ़, राजनांदगांव सहित मध्यप्रदेश के अमरकंटक से हजारों श्रद्धालु पदयात्रा कर बाबा भोरमदेव, बूढ़ा महादेव और डोंगरिया के प्राचीन जलेश्वर शिवलिंग में जलाभिषेक करने आते हैं। श्रद्धालु माँ नर्मदा से जल भरकर नंगे पाँव और भगवा वस्त्रों में 150 किलोमीटर से अधिक की दुर्गम यात्रा कर “बोल बम” के जयघोष और भजनों के साथ भोरमदेव, जलेश्वर महादेव और पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर पहुँचते हैं।

 

महासमुंद/जिला पंचायत महासमुंद की सामान्य सभा की बैठक 4 अगस्त को

महासमुंद/जिला पंचायत महासमुंद की सामान्य सभा की बैठक 4 अगस्त को

 

महासमुंद, जिला पंचायत महासमुंद की सामान्य सभा की बैठक सोमवार 04 अगस्त 2025 को दोपहर 1ः00 बजे जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोंगरा पटेल की अध्यक्षता में जिला पंचायत के सभा कक्ष में आयोजित की जाएगी।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री एस. आलोक ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि वे बैठक में अपने विभाग की अद्यतन जानकारी के साथ अनिवार्य रूप से उपस्थित हों तथा बैठक से तीन दिवस पूर्व (01 अगस्त) तक विभागीय जानकारी 30 प्रतियों में फोल्डर सहित पीपीटी प्रारूप में जिला पंचायत कार्यालय में प्रस्तुत करने कहा है।

बैठक में कृषि विभाग, सहकारिता एवं उद्योग विभाग, शिक्षा विभाग, वन विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जल संसाधन विभाग, समाज कल्याण विभाग सहित अन्य विषयों पर समीक्षा की जाएगी।