रायपुर : छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण अजीविका मिशन से जुड़कर महिलाएं आर्थिक सशक्तिकरण की राह पर अग्रसर

रायपुर : छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण अजीविका मिशन से जुड़कर महिलाएं आर्थिक सशक्तिकरण की राह पर अग्रसर

मां कुदरगढ़ी स्वयं सहायता समूह की सूरतमनी बनीं आजीविका की मिसाल

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप राज्य में महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण हेतु प्रयास किए जा रहे हैं ताकि महिलाएं भी आत्मनिर्भर बन सके। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के अंतर्गत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं। इसी कड़ी में ग्राम पंचायत इंदरपुर, जनपद पंचायत ओड़गी की मां कुदरगढ़ी स्वयं सहायता समूह की सदस्य सूरतमनी अपनी मेहनत और अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणादायक है।। मां कुदरगढ़ी स्व सहायता समूह की स्थापना 25 अक्टूबर 2013 को हुई थी। समूह को वर्ष 2015-16 में 15,000 रुपये की राशि रिवॉल्विंग फंड के रूप में प्राप्त हुई। इस फंड से सूरतमनी ने 5 हजार रुपये लेकर अपनी घरेलु आवश्यकताओं को पूरा किया। समूह ने बैंक लिंकेज के माध्यम से 50 हजार रुपये का ऋण प्राप्त कर व्यवसाय शुरू किया।

सूरतमती ने बताया कि इस ऋण का सदुपयोग करते हुए उन्होंने सेंटरिंग प्लेट ईकाई की स्थापना की और निर्माण कार्यों हेतु प्लेटों को किराये पर देना प्रारंभ किया। आज इस इकाई से उन्हें प्रति वर्ष लगभग 80 हजार से 90 हजार रुपये तक की आय हो रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत गांव के हितग्राहियों को निर्माण सामग्री उपलब्ध कराकर उन्होंने अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया है।

बिहान योजना से जुड़कर उन्हें न केवल आत्मनिर्भरता की राह मिली, बल्कि वे अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा स्रोत बन गई हैं। वे कहती हैं, आज उनका परिवार आर्थिक रूप से सशक्त हुआ है और इसके लिए उन्होंने बिहान योजना एवं जिला प्रशासन को धन्यवाद ज्ञापित किया है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं न केवल अपने परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत बना रही हैं, बल्कि गांव व समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

 

रायपुर : ईग्नू में ऑनलाइन मोड में प्रवेश हेतु नामांकन की अंतिम तिथि 15 जुलाई

रायपुर : ईग्नू में ऑनलाइन मोड में प्रवेश हेतु नामांकन की अंतिम तिथि 15 जुलाई

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, (इग्नू) नई दिल्ली द्वारा जुलाई 2025 के लिए ऑनलाइन मोड में प्रवेश हेतु नामांकन बिना विलंब शुल्क के साथ अंतिम तिथि 15 जुलाई 2025 है। नामांकन के लिए स्नातक-स्नातकोत्तर व पी.जी. डिप्लोमा सर्टिफिकेट कार्यक्रम एवं अवेयरनेस प्रोग्राम भी उपलब्ध है जिसके लिए निर्देशन वेबसाईट पर उपलब्ध है। इच्छुक शिक्षार्थी अध्ययन केन्द्र में उपलब्धता के आधार पर विषय का चुनाव कर सकते हैं। विस्तृत जानकारी के लिए अध्ययन केन्द्र-1509 शासकीय काकतीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जगदलपुर से सम्पर्क कर सकते हैं।

शिक्षार्थियों को मुद्रित सामाग्री न लेने पर कार्यक्रम शुल्क में 15 प्रतिशत की छूट दी गई है जो ऑनलाईन सामग्री के आधार पर पढ़ाई कर सकेंगे। अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्रों के लिए बीए,  बीकॉम व बीएससी (सभी सामान्य) में निःशुल्क नामांकन का प्रावधान है। इच्छुक आवेदक ऑनलाईन मोड में नए प्रवेश के लिए पोर्टल पर जा कर इग्नू के लिंक  पद पर  प्रवेश के लिए नामांकन 15 जुलाई 2025 तक कर सकते हैं।

 

महासमुंद : धरती आबा कार्यक्रम अंतर्गत शिविर 17 जून से प्रारंभ, कलेक्टर श्री लंगेह ने की समीक्षा

महासमुंद : धरती आबा कार्यक्रम अंतर्गत शिविर 17 जून से प्रारंभ, कलेक्टर श्री लंगेह ने की समीक्षा

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की ली समीक्षा बैठक जिले में आदिवासी विकास तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं की प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आज जिला पंचायत के सभाकक्ष में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर श्री विनय लंगेह, जिला पंचायत सीईओ श्री एस. आलोक, तथा सहायक आयुक्त श्रीमती शिल्पा साय आदिवासी विकास विभाग उपस्थित रहे। इस दौरान सभी जनपद सीईओ एवं मंडल संयोजकों को शिविरों के सफल क्रियान्वयन के लिए जरूरी निर्देश दिए गए।

इस अवसर पर यह भी निर्देशित किया गया कि शिविरों में विभिन्न विभागों की योजनाओं का एकीकृत क्रियान्वयन हो, जिससे ग्रामीणों को एक ही स्थान पर सभी लाभ मिल सकें। यह शिविर पंचायत स्तर पर आयोजित किए जाएंगे और इनका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में शामिल अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति से संबंधित जानकारी दी और अपने क्षेत्रों में शिविर आयोजन की तैयारियों को साझा किया। कलेक्टर श्री लंगेह ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि अंतिम व्यक्ति तक उसका लाभ पहुंचे।

बैठक के दौरान कलेक्टर ने “धरती आबा“ कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि कल 17 जून से प्रारंभ हो रहे शिविरों का आयोजन समयबद्ध और प्रभावी ढंग से किया जाए। जनपद स्तर के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने क्षेत्र में शिविरों की निगरानी स्वयं करें एवं हितग्राहियों को समय पर योजना का लाभ मिलना सुनिश्चित करें। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास ने मंडल संयोजकों को निर्देश दिए कि सभी आवश्यक दस्तावेज और योजनाओं की जानकारी शिविर स्थल पर उपलब्ध होनी चाहिए। हितग्राहियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए पूर्व से सूचना प्रचार-प्रसार कराया जाए।

उल्लेखनीय है कि जिले के 306 ग्रामों के जनजातीय समुदायों तक सरकारी योजनाओं और सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने जागरूकता व लाभ शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। जिले में पहले दिन 17 जून को महासमुंद विकासखंड अंतर्गत ग्राम रुमेकेल, बागबाहरा अंतर्गत ग्राम टेढ़ीनारा, पिथौरा अंतर्गत गोपालपुर में एवं सरायपाली विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत डूडूमचुंवा में शिविर लगाया जाएगा।

कलेक्टर ने की पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा आवास एवं महतारी सदन को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी सदन आदि में प्रगति धीमी नहीं होनी चाहिए। अपूर्ण आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने हेतु लक्षित प्रयास किए जाएं। संबंधित अधिकारियों को जवाबदेह बनाते हुए मॉनिटरिंग की व्यवस्था सख्त करने के निर्देश दिए गए। महतारी सदन के निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए जिला पंचायत सीईओ ने कहा कि जिन पंचायतों में महतारी सदन अधूरे हैं, उन्हें प्राथमिकता पर लेकर तत्काल पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि यह महिला सशक्तिकरण से जुड़ी महत्वपूर्ण पहल है, अतः किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस अवसर पर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं निर्माण एजेंसी के अधिकारी मौजूद थे।

महासमुंद : बच्चे मोबाईल की लत से दूर रहें – कलेक्टर श्री लंगेह

महासमुंद : बच्चे मोबाईल की लत से दूर रहें – कलेक्टर श्री लंगेह

हर बच्चा पढ़े, हर बच्चा बढ़े यही है विकसित भारत का नींव – श्री येतराम साहू

स्कूल खुलने के पहले ही दिन प्राथमिक शाला बेमचा में मनाया गया शाला प्रवेशोत्सव बच्चों का तिलक लगाकर व मिठाई खिलाकर किया गया स्वागत

नए शिक्षण सत्र की शुरुआत आज हो गई है। नवप्रवेशित बच्चों को स्कूलों में तिलक लगाकर और मिठाई  खिलाकर स्वागत किया गया। जहां बच्चे उत्साह के साथ शाला में प्रवेश किए। जिले के सभी ब्लॉक में शाला प्रवेशोत्सव मनाया जा रहा है। इसी क्रम में आज प्राथमिक शाला बेमचा में शाला प्रवेशोत्सव का आयोजन किया गया। यहां गणवेश, पुस्तक और नवप्रवेशी बच्चों को तिलक, रोली लगाकर स्वागत किया गया। इस अवसर मुख्य अतिथि कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह, जिला पंचायत सीईओ श्री एस. आलोक, जिला स्काउट गाइड के अध्यक्ष श्री येतराम साहू, जनपद सदस्य श्रीमती संगीता चंद्राकर, सरपंच श्री देवेन्द्र चंद्राकर, श्री आनंद साहू, श्री राहुल चंद्राकर, श्री रविकांत चंद्राकर, डीएमसी श्री रेखराज शर्मा सहित स्कूल के प्राचार्य, शिक्षक, बच्चे और पालकगण उपस्थित थे। इस अवसर पर एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत स्कूल परिसर में अतिथियों द्वार पौधरोपण किया गया।

कलेक्टर श्री लंगेह ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया और विद्यालय जीवन की नई शुरुआत के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचे, यह हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने पालकों से आह्वान किया कि वे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने हेतु संकल्प लें। कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि मध्याह्न भोजन योजना से कोई भी बच्चा वंचित न हो, और गणवेश वितरण की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न की जाए। कलेक्टर ने शाला विकास समिति एवं पालकों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सतत निगरानी करने का आग्रह किया। उन्होंने बच्चों से मोबाइल और टीवी से दूर रहने की समझाइश दी। स्कूल प्रबंधन को समय पर शाला खोलने, मध्यान्ह भोजन देने और निःशुल्क गणवेश वितरण के लिए निर्देश दिए।

इस अवसर पर जिला स्काउट गाइड के अध्यक्ष श्री येतराम साहू ने कहा कि शाला प्रवेशोत्सव से बच्चों के मन में उत्साह का संचार होता है। राज्य सरकार प्राथमिक और मिडिल स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क पुस्तकें और गणवेश उपलब्ध कराती है ताकि स्कूल खुलने के पहले दिन से ही बच्चे अध्ययन में जुट जाए। उन्होंने कहा कि स्कूल ही बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए एक समुचित वातावरण प्रदान करता है। आज शाला प्रवेशोत्सव के पहले दिन बच्चों सहित उनके माता-पिता को भी बधाई देता हूं और सभी शिक्षकों से आशा करता हूं कि वे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर उन्हें समाज में एक नई पहचान दिलायेंगे। उन्होंने कहा कि हमारे देश में यह परंपरा रही है कि हर खुशियों को त्यौहार के रूप में मनाते हैं। इसी तरह शाला प्रवेश भी एक उत्सव की तरह मनाया जाए। ताकि स्कूल का पहला दिन बच्चों को जीवन भर याद रहे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर सभी बच्चों को क्वालिटी एजुकेशन मिले यह सुनिश्चित किया जाए।

इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री एस. आलोक एवं डीएमसी श्री रेखराज शर्मा ने बच्चों को बधाई देते हुए कहा कि बच्चे मन लगाकर पढ़ाई करें और मोबाईल या अन्य गैजेट्स का कम से कम इस्तेमाल करें। उन्हांने शैक्षणिक कलेण्डर के अनुरूप गतिविधियों का संचालन करने के निर्देश भी दिए। पालकों से कहा कि सभी बच्चों को स्कूल भेजे जिससे ड्रॉप आउट रेट शून्य हो जाए। इस अवसर पर विगत परीक्षा में उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए छात्रों को सम्मानित किया गया।

महासमुंद : जिला स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) प्रबंधन समिति की बैठक 17 जून को

महासमुंद : जिला स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) प्रबंधन समिति की बैठक 17 जून को

जिला स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) प्रबंधन समिति की बैठक स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के कार्यां की प्रगति के संबंध में मंगलवार 17 जून को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित की जाएगी।

बैठक में चयनित ग्रामों को ओडीएफ प्लस मॉडल ग्राम घोषित करने, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए निर्मित कचरा संग्रहण शेड को क्रियाशील किए जाने, निर्मित सामुदायिक शौचालयों को क्रियाशील कर संधारण करने, प्लास्टिक मैनेजमेंट के लिए निर्मित यूनिट को क्रियाशील कर समीप ग्राम को लिंक करने सहित अन्य विषयों पर चर्चा की जाएगी। जिला पंचायत सीईओ श्री एस. आलोक ने संबंधितों को उक्त बैठक में नियत तिथि एवं समय पर उपस्थित होने निर्देशित किया है।

महासमुंद : जिले में शाला प्रवेश उत्सव 2025 का हुआ आगाज

महासमुंद : जिले में शाला प्रवेश उत्सव 2025 का हुआ आगाज

कलेक्टर श्री लंगेह ने दिया शिक्षा की गुणवत्ता पर जोर विद्यालयों में नवप्रवेशी बच्चों का हुआ स्वागत, बच्चों ने ली सेल्फी

प्रदेशभर में शिक्षा को जनांदोलन का रूप देने और प्रत्येक बच्चे को स्कूल से जोड़ने के उद्देश्य से आज दिनांक 16 जून 2025 को शाला प्रवेश उत्सव 2025 का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर महासमुंद जिले के पीएम श्री बृजराज प्राथमिक शाला में प्रवेशोत्सव का विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एस. आलोक, जिला मिशन समन्वयक  रेखराज शर्मा एवं स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी  उपस्थित रहे।

शाला प्रवेशोत्सव के दौरान कलेक्टर श्री लंगेह ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया और विद्यालय जीवन की नई शुरुआत के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि शाला प्रवेश उत्सव केवल नामांकन का अवसर नहीं, बल्कि यह प्रत्येक बच्चे के उज्ज्वल भविष्य की पहली सीढ़ी है। उन्होंने कहा कि हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचे, यह हम सभी की जिम्मेदारी है।

कलेक्टर श्री लंगेह ने शिक्षकों और पालकों से आह्वान किया कि वे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने हेतु संकल्प लें। कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि मध्याह्न भोजन योजना से कोई भी बच्चा वंचित न हो, और गणवेश वितरण की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न की जाए।विद्यालय प्रांगण में इस आयोजन को लेकर उत्सव जैसा माहौल रहा। बच्चों की मुस्कान, रंग-बिरंगे गुब्बारे और पारंपरिक वेशभूषा में सजे छात्रों ने इस दिन को शैक्षणिक पर्व में बदल दिया।

जिला पंचायत सीईओ श्री एस आलोक ने कहा कि शाला का पहला दिन हमेशा यादगार रहता है।इस दिन को खास बनाने के लिए  और बच्चों को प्रेरित करने के लिए शाला प्रवेशोत्सव का आयोजन किया जाता है। पालकों को भी इसकी जानकारी हो जाती है कि अब बच्चे स्कूल जाएंगे,इसलिए इसकी तैयारी शुरू कर देते हैं । उन्होंने कहा कि सरकार बच्चों के शैक्षिक गुणवत्ता पर बहुत जोर दे रही है। जिला मिशन समन्वयक श्री रेखराज शर्मा ने सभी बच्चों और पालकों को बधाई दी और कहा कि  सभी पालक अपने बच्चों को स्कूल भेजें।कोई भी बच्चा स्कूल जाने से वंचित न रहे।

प्रधान पाठक श्रीमती गोमती साहू ने बताया कि  प्राथमिक स्तर पर कुल 198 एवं  मिडिल स्कूल में 120 बच्चे दर्ज हैं।इस अवसर  स्कूल परिसर को विशेष रूप से सजाया गया था जिससे बच्चों और अभिभावकों को स्वागत का वातावरण महसूस हो। नवप्रेषित बच्चे गगन सिन्हा, डिंपल यादव, ईशान साहू, रूपाली साहू और यादराम साहू जैसे बच्चों ने अपने पहले स्कूल दिवस को यादगार बनाने के लिए सेल्फी ली और एक-दूसरे के साथ विद्यालय जीवन की शुरुआत का उत्सव मनाया।कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने शाला विकास समिति के।सदस्यों एवं सभी पालकों से अपील की कि वे शिक्षा के इस महाअभियान में भागीदार बनें और अपने आसपास के हर बच्चे को विद्यालय से जोड़ें, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे।

शाला प्रवेश उत्सव एक सप्ताह तक जिले के विभिन्न विद्यालयों में उत्साह और ऊर्जा के साथ मनाया जाएगा।इस दौरान कलेक्टर ने स्कूल का निरीक्षण भी किया एवं आवश्यक निर्देश दिए।

रायपुर : राज्यपाल की सुरक्षा में तैनात निरीक्षक के उप पुलिस अधीक्षक पदोन्नत होने पर स्टार सेरेमनी का आयोजन

रायपुर : राज्यपाल की सुरक्षा में तैनात निरीक्षक के उप पुलिस अधीक्षक पदोन्नत होने पर स्टार सेरेमनी का आयोजन

राज्यपाल की सुरक्षा में तैनात निरीक्षक श्री नीलकिशोर अवस्थी के उप पुलिस अधीक्षक के पद पर पदोन्नत होने पर आज राजभवन में स्टार सेरेमनी का आयोजन किया गया। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने उनके कंधे पर उप पुलिस अधीक्षक का रैंक लगाया। श्री डेका ने उन्हें बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।

इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, परिसहाय स्क्वा. लीडर श्री निशांत कुमार, मुख्य सुरक्षा अधिकारी श्री प्रशांत कतलम एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

 

रायपुर : राज्यपाल श्री डेका से छत्तीसगढ़ अग्रवाल संगठन के पदाधिकारियों ने की भेंट

रायपुर : राज्यपाल श्री डेका से छत्तीसगढ़ अग्रवाल संगठन के पदाधिकारियों ने की भेंट

राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज यहां राजभवन में छत्तीसगढ़ अग्रवाल संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अशोक अग्रवाल एवं अन्य पदाधिकारियों ने भेंट कर अपनी मांग के संबंध में अनुरोध पत्र सौंपा।

इस अवसर पर श्री सियाराम अग्रवाल, श्री महेंद्र सक्सेरिया, श्री जयदेव सिंद्यल, श्री संजय अग्रवाल, श्री श्लोक अग्रवाल एवं श्री नंद किशोर उपस्थित थे।

 

रायपुर : छत्तीसगढ़ में बढ़ते तापमान को देखते हुए स्कूलों के समय में हुआ परिवर्तन

रायपुर : छत्तीसगढ़ में बढ़ते तापमान को देखते हुए स्कूलों के समय में हुआ परिवर्तन

राज्य में लगातार बढ़ते तापमान और उमस के प्रकोप को देखते हुए छत्तीसगढ़ शासन ने विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव की आशंका को मद्देनज़र बड़ा निर्णय लिया है। शासकीय, अनुदान प्राप्त, गैर अनुदान प्राप्त एवं अशासकीय सभी शालाएं जो 16 जून 2025 से प्रारंभ हो चुकी हैं,                                         अब 17 जून से 21 जून 2025 तक प्रातः 7: 00 बजे से 11: 00 बजे तक संचालित की जाएंगी। यह भी शासन ने स्पष्ट किया है कि दिनांक 23 जून 2025 से सभी स्कूलों का संचालन सामान्य समयानुसार किया जाएगा।

 

रायपुर : रेत खनन मामलों में लापरवाही पर खनिज अधिकारी निलंबित

रायपुर : रेत खनन मामलों में लापरवाही पर खनि अधिकारी निलंबित

खनिज रेत के अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण न करने और संबंधित प्रकरणों में समुचित कार्यवाही नहीं किए जाने के कारण खनिज साधन विभाग द्वारा जिला राजनांदगांव में पदस्थ खनि अधिकारी श्री प्रवीण चन्द्राकर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।  निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय संचालनालय, भौमिकी तथा खनिकर्म, रायपुर नियत किया गया है।