मुख्यमंत्री ने दुधारू पशु प्रदाय योजना का किया शुभारंभ.           

मुख्यमंत्री ने दुधारू पशु प्रदाय योजना का किया शुभारंभ.                                                                                                    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज कोण्डागांव जिले के भोंगापाल से डेयरी समग्र विकास योजना अंतर्गत दुधारू पशु प्रदाय योजना का शुभारंभ किया। जनजातीय समुदाय के 08 चयनित हितग्राहियों को दुधारू पशु का वितरण कर इस महती योजना का राज्य स्तरीय आगाज हुआ। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड की मदद से दुधारू पशु प्रदाय योजना का क्रियान्वयन छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ मर्यादित के माध्यम से पायलट प्रोजेक्ट के तहत 6 जिलों क्रमशः जशपुर, बलरामपुर, कांकेर, कोंडागांव, महासमुंद और सारंगढ़ बिलाईगढ़ के 325 अनुसूचित जनजाति परिवारों के महिला हितग्राहियों को कुल 650 दुधारू पशु प्रदाय किया जाएगा। इस योजना के तहत अनुसूचित क्षेत्रों में डेयरी उद्यमिता को बढ़ावा देने और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ते हुए अनुसूचित जनजाति परिवारों को परिवारों के आर्थिक एवं सामाजिक जीवन स्तर में सुधार होगा। इससे दुग्ध उत्पादन में भी वृद्धि होगी।

गौरतलब है कि डेयरी सहकारिता के कव्हरेज, सस्टेनेबल डेयरी पारिस्थितिकी तंत्र निर्माण तथा दुग्ध उत्पादन और विपणन से किसानों और पशुपालकों को समृद्ध बनाने के उद्देश्य से केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में एनडीडीबी, छत्तीसगढ़ सरकार और छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ मर्यादित के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए थे। इसी कड़ी में आज दुधारू पशु प्रदाय योजना की शुरुआत हुई। इसके माध्यम से दुग्ध और दुग्ध उत्पादों के वितरण में सुधार, पशु प्रजनन, पशु स्वास्थ्य, पशु पोषण से उत्पादकता में वृद्धि, दुग्ध प्रसंस्करण अवसंरचना का सुदृढ़ीकरण और प्रशिक्षण व क्षमता निर्माण का कार्य पायलट प्रोजेक्ट के लिए चयनित जिलों में प्रारम्भ किया जा रहा हैं। योजना अंतर्गत किसानों और पशुपालकों को उन्नत नस्ल के दुधारू गायों का वितरण किया जाएगा।

इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री महेश कश्यप, विधायक सुश्री लता उसेंडी, विधायक श्री नीलकंठ टेकाम, बौद्ध धर्मगुरु भदन्त आर्य नागार्जुन सुरई ससई, श्री अनिल खोब्रागड़े संयोजक बुद्ध महोत्सव और बड़ी संख्या में बौद्ध समाज के अनुयायी, प्रबुद्धजन मौजूद थे।

 

अवैध शराब की बिक्री पर महासमुन्द पुलिस की कार्यवाही।

अवैध शराब की बिक्री पर महासमुन्द पुलिस की कार्यवाही।

लक्ष्मी गौरी ढाबा बसना में अवैध शराब की बिक्री पर महासमुंद पुलिस की कार्यवाही।

थाना बलौदा क्षेत्र में अवैध महुआ शराब पर कार्यवाही

महासमुन्द पुलिस के द्वारा 02 प्रकरणों में कुल 57.9 लीटर शराब कीमती 10110 रूपये जप्त कर 02 आरोपियों के विरूध्द आबकारी एक्ट के तहत् प्रकरण दर्ज किया गया।

सभी थाना/चौकी प्रभारियों को अवैध शराब निर्माण एवं बिक्री करने वाले के उपर कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया था जिसके तहत् समस्त थाना/चौकी प्रभारीयों व सायबर सेल महासमुन्द की टीम द्वारा अपने अपने क्षेत्र मे लगातार गस्त पेटोलिग कर मुखबिरो को सजग कर अवैध शराब निर्माण व बिक्री करने वाले एवं मादक पदार्थ परिवहन पर कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया था।

प्रकरण 01 थाना बसना* क्षेत्र में दिनांक 01/06/2025 को जरिये मुखबीर से सूचना मिलने पर घटना स्थल एनएच 53 रोड के किनारे आरोपी के लक्ष्मी गौरी ढाबा के सामने ग्राम भठोरी पर आरोपी (01) अमित अग्रवाल पिता महेन्द्र अग्रवाल उम्र 37 साल निवासी वार्ड नंबर 13 बसना, थाना बसना जिला महासमुंद छ0ग0 के कब्जे से एक पीला रंग के प्लास्टीक थैला अंदर रखे 19 पौवा गोवा, 04 पौवा मेगडावल नंबर वन, 03 पौवा रायल स्टेज अंग्रेजी शराब प्रत्येक पौवा में 180, 180 एमएल कुल 4680 एमएल कीमती 3670 रूपये तथा एक सफेद रंग के प्लास्टीक थैला के अंदर 18 पौवा देशी प्लेन शराब कुल जुमला 7.920 लीटर शराब कीमती 5110 रूपये एवं वाहन स्कूटी एक्टीवा ग्रे कलर क्रमांक CG06HD5109 कीमती 50,000 रूपये कुल कीमती 55,110 रूपये जप्त कर धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया जाकर वैधानिक कार्यवाही की गई है।

प्रकरण 02 थाना बलौदा* क्षेत्र में दिनांक 31/05/2025 को जरिये मुखबीर सूचना मिला कि एक व्यक्ति ग्राम खोखेपुर गाय गोठान के पास अवैध महुआ शराब रखकर ग्राहक का इंतजार कर रहा है कि पुलिस की टीम के द्वारा मौका पहुच कर एक व्यक्ति को पकडा गया जिससे नाम पता पूछने पर अपना (02) मुनीराम सिदार पिता सुन्दर सिदार उम्र 50 साल साकिन टीभुपाली थाना बलौदा जिला महासमुन्द (छ0ग0) का निवासी होना बताया जिसके कब्जे से दो प्लास्टिक थैला के अंदर 04 प्लास्टिक पालीथीन में प्रत्येक में लगभग 05-05 लीटर भरी हुयी अवैध महुआ शराब एवं दो प्लास्टिक बोरी के अंदर 06 प्लास्टिक पालीथीन में भरी हुयी प्रत्येक में लगभग 05-05 लीटर अवैध महुआ शराब जुमला 50 लीटर महुआ शराब मिला। संदेही को शराब रखनें के संबंध में नोटिस देकर वैध कागजात पेश करनें कहा गया, जो कोई कागजात नही होना लिखित में देने पर आरोपी के कब्जे से 50 लीटर महुआ शराब कीमती 5000 रूपये कर धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया जाकर वैधानिक कार्यवाही की गई है।

महासमुन्द जिले में अवैध शराब के विरूध्द अभियान के तहत् 02 प्रकरणों में 02 व्यक्तियों को गिरफ्तार कर कुल 57.9 लीटर शराब कीमती 10110 रूपये जप्त कर आबकारी एक्ट के तहत् कार्यवाही गई। यह संपूर्ण कार्यवाही महासमुन्द पुलिस के द्वारा की गई।

चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रीय समाज के केन्द्रीय महाधिवेशन में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री साय

चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रीय समाज के केन्द्रीय महाधिवेशन में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री साय

चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रीय समाज का है गौरवशाली अतीत, छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने में सामाजिक संस्थाओं की है महत्वपूर्ण भूमिका – मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रीय समाज का अतीत गौरवशाली रहा है। समाज में छत्रपति शिवाजी महाराज जैसे प्रतापी शासक हुए, वहीं सरदार वल्लभभाई पटेल जैसी महान विभूतियाँ हुईं, जिन्होंने देशी रियासतों के एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रीय समाज न केवल परिश्रम और स्वाभिमान का प्रतीक है, बल्कि यह समाज छत्तीसगढ़ के विकास का आधार स्तंभ भी है। छत्तीसगढ़ को नई दिशा और विकसित राज्य बनाने में इस समाज का महत्वपूर्ण योगदान है। मुख्यमंत्री श्री साय आज दुर्ग जिले के ग्राम कोलिहापुरी में आयोजित चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रीय समाज के केन्द्रीय महाधिवेशन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा तथा विधायक श्री अजय चन्द्राकर, श्री गजेन्द्र यादव एवं श्री ललित चन्द्राकर विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ में चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रीय समाज के अधिकांश लोग मूल रूप से किसान हैं और व्यापक स्तर पर कृषि कार्य से जुड़े हैं। प्रदेश सरकार किसान भाइयों के चेहरों पर हमेशा खुशी देखना चाहती है। सरकार लगातार किसान भाइयों की बेहतरी के लिए कार्य कर रही है। इस समय ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में 29 मई से 12 जून 2025 तक चल रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य वैज्ञानिकों को किसानों से सीधे जोड़ना और नई कृषि तकनीकों, सरकारी योजनाओं तथा सफल कृषि मॉडलों की जानकारी देना है। कृषि वैज्ञानिकों के 100 समूह छत्तीसगढ़ के विभिन्न इलाकों में किसानों से संवाद कर रहे हैं। ये वैज्ञानिक किसानों को ऑर्गेनिक खेती, खाद और ‘सॉयल हेल्थ कार्ड’ के सही उपयोग के बारे में जागरूक कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ का हर किसान तकनीकी रूप से सक्षम हो और उनकी आय में वृद्धि हो।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में खेती-किसानी तभी मजबूत होगी जब किसान भाइयों को उनकी उपज की सही कीमत मिलेगी। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने विधानसभा चुनाव के समय गारंटी दी थी कि प्रदेश में सरकार बनने पर किसानों को दो साल का बकाया बोनस दिया जाएगा। इसे पूरा करते हुए हमने किसानों के खातों में सरकार बनते ही राशि अंतरित की। मोदी जी की गारंटी के अनुरूप छत्तीसगढ़ में किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदी की जा रही है। बीते खरीफ सीजन में राज्य में 149 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदी का नया रिकॉर्ड बना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को उनकी उपज की पूरी कीमत मिल रही है। धान खरीदी के नए रिकॉर्ड बन रहे हैं, जिससे प्रदेश में खेती के प्रति किसानों का रुझान बढ़ रहा है। प्रदेश में सिंचाई के संसाधनों को बढ़ावा देने के साथ-साथ पशुपालन और मत्स्य पालन को भी प्राथमिकता दी जा रही है। दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए गरीब परिवारों को दो-दो दुधारू पशु दिए जाएंगे, जिनकी देखभाल की जिम्मेदारी राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड को सौंपी गई है। किसानों को दूध बेचने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए दुग्ध एकत्र करने के लिए भी व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि दंतेवाड़ा जिले में मिलेट्स (कोदो, कुटकी और रागी) की खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रोसेसिंग संयंत्र की स्थापना की जा रही है। यह अनाज पहले गरीबों का भोजन माना जाता था, लेकिन अब यह पोषणयुक्त होने के कारण उच्च वर्ग में भी लोकप्रिय हो रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमने नई औद्योगिक नीति बनाई है, जिसमें प्रदेश की जरूरत के हिसाब से उद्योग की स्थापना के लिए अनेक प्रावधान किए गए हैं। हमारी सरकार का संकल्प है – सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास। इसी भावना से हम समाज के हर वर्ग के लिए योजनाएँ बना रहे हैं और उन्हें कार्यरूप में परिणत कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में किसानों, महिलाओं, बुजुर्गों और समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएँ लागू की गई हैं। महतारी वंदना योजना के तहत 70 लाख से अधिक महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। इससे महिलाएँ आत्मनिर्भर बन रही हैं और सिलाई, कढ़ाई, सब्ज़ी उत्पादन जैसे कार्यों से अपनी आमदनी बढ़ा रही हैं। मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना को एक बार फिर शुरू किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक 22,000 से अधिक श्रद्धालु लाभान्वित हो चुके हैं। उन्होंने अवगत कराया कि सुशासन तिहार में छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों का दौरा किया। योजनाओं की जमीनी स्तर पर मॉनिटरिंग की और जनता जनार्दन से फीडबैक लिया। तीन चरणों में संपन्न सुशासन तिहार में 40 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनका निराकरण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार प्रशासनिक पारदर्शिता और डिजिटल व्यवस्था की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रही है। अब जमीन की रजिस्ट्री के तुरंत बाद नामांतरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे आम जनता को राहत मिली है। भ्रष्टाचार को रोकने के लिए अधिकांश कार्य ऑनलाइन किए जा रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में सरकार ने विशेष ध्यान दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा केवल नौकरी पाने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन और समाज को बेहतर बनाने का जरिया है। प्रदेश में आईआईटी, आईआईआईटी, लॉ यूनिवर्सिटी और मेडिकल कॉलेज जैसे प्रमुख संस्थान स्थापित किए गए हैं। नई शिक्षा नीति के अंतर्गत सरकार बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने और उन्हें समाज के लिए उपयोगी नागरिक बनाने का कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कुर्मी समाज की सराहना करते हुए कहा कि यह समाज उन्नत कृषक और व्यापारी समाज है, जो छत्तीसगढ़ के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह समाज न केवल खेती और व्यापार में अग्रणी है, बल्कि शिक्षित और संगठित भी है। उन्होंने आग्रह किया कि विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार करने में सभी सामाजिक संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब कोई समाज मजबूत होता है तो उससे पूरा राष्ट्र मजबूत होता है। शिक्षा, सेवा और जागरूकता से ही समाज और राष्ट्र का सशक्त निर्माण संभव है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि समाज को जोड़कर सही मार्ग दिखाने वालों का समाज में हमेशा सम्मान होता है। आज समाज की नई पीढ़ी को संस्कारवान बनाने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम को विधायक श्री अजय चन्द्राकर, श्री ललित चन्द्राकर और बीज विकास निगम के अध्यक्ष श्री चन्द्रहास चन्द्राकर ने भी संबोधित किया। चन्द्रनाहू क्षत्रीय कुर्मी समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री विनोद चन्द्राकर ने स्वागत उद्बोधन में केन्द्रीय महाधिवेशन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर चन्द्रनाहू क्षत्रीय कुर्मी समाज के पदाधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

 

1 जून को छिल पावन में विश्व दुग्ध दिवस का आयोजन*

*1 जून को छिल पावन में विश्व दुग्ध दिवस का आयोजन*

01 जून 2025/ पशुधन विकास विभाग एवं छत्तीसगढ़ राज्य दुग्ध सहकारी महासंघ मर्यादित देवभोग के द्वारा आज विश्व दुग्ध संघ के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन संयुक्त रूप से किया गया l कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ पूजा अर्चना कर किया गया

इस अवसर पर पशुधन विकास विभाग से उपसंचालक डॉ अंजना नायडू के मार्गदर्शन में वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ आर जी यादव, डॉ जगमोहन चंद्राकर, डॉ श्रीमती अंजू शर्मा , डॉ प्रमोद कोसरिया तथा छिलपावन दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति के अध्यक्ष श्री पुरुषोत्तम पटेल सचिव श्री भागवत पटेल सरपंच श्री राधेश्याम पटेल दुग्ध उत्पादक पशुपालक, ग्रामवासी एवं विभागीय अधिकारी कर्मचारी भी उपस्थित रहे l

कार्यक्रम के प्रारंभ में डॉ आर जी यादव के द्वारा विश्व दुग्ध दिवस के आयोजन एवं दुग्ध की उपयोगिता के संबंध में पशुपालकों एवं उपस्थित नागरिकों को जानकारी दी गई l डॉ जगमोहन चंद्राकर के द्वारा उन्नत पशुपालन , हरे चारे के महत्व के बारे में जानकारी दी गई l डॉ प्रमोद कोसरिया के द्वारा ऑन स्पॉट थनैला बीमारी के पहचान हेतु सी एम टी टेस्ट किया गया , समिति द्वारा लैक्टोमीटर से फैट प्रतिशत निकाले जाने की विधि का प्रदर्शन किया गया ,शासकीय योजनाओं एवं एन एल एम योजना अंतर्गत पशुधन बीमा की जानकारी प्रदान की गई l कार्यक्रम के अंत में श्री भागवत पटेल समिति सचिव के द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया l

कर चोरी करने वाले व्यवसायियों के विरूद्ध स्टेट जीएसटी की बड़ी कार्यवाही

कर चोरी करने वाले व्यवसायियों के विरूद्ध स्टेट जीएसटी की बड़ी कार्यवाही

मेसर्स बंसल ट्रेडिंग कार्पोरेशन, अंबिकापुर के व्यवसाय स्थल पर स्टेट जीएसटी विभाग अंबिकापुर द्वारा 29 मई को जांच की कार्यवाही की गई है। भारत सरकार द्वारा संचालित जीएसटी पोर्टल के अनुसार इनका रिस्क स्कोर 10 आ रहा था, जिसका आशय होता है कि फर्म कर अपवंचन में संलिप्त है। जब मौके पर जांच टीम पहुंची तो, देखा कि उनके व्यवसाय स्थल पर व्यवसाय से संबंधित कोई भी लेखा पुस्तक या कोई भी सॉफ्टवेयर जैसे कि टैली का संधारण नहीं पाया गया, जिससे कर अपवंचन की संभावना और भी प्रबल हो गई। आगे जांच में पाया गया कि वर्ष 2017-18 से वर्ष 2024-25 तक कुल टर्न ओव्हर लगभग रू. 158 करोड़ से अधिक है किंतु उस पर कर का नगद भुगतान शून्य किया गया है।

साथ ही साथ जब ई-वे बिल की जांच की गई तो पता चला कि वर्ष 2023-24 में माल की खरीदी 29.50 करोड़ की गई किंतु माल की सप्लाई मात्र रू. 50 लाख की ही की गई, जिससे यह पता चलता है कि माल का विक्रय आम उपभोक्ता को किया गया है किंतु बिल को अन्य व्यवसायियों को बेचकर बोगस इनपुट टैक्स का लाभ दिया गया है, जिससे कि केंद्र सरकार के साथ राज्य सरकार को कर राजस्व की अत्यधिक हानि हुई है। जांच के दौरान व्यवसायी के द्वारा अपनी गलती / त्रुटि स्वीकार करते हुए स्वैच्छिक रूप से रू. 40.00 लाख कर भुगतान करने की मंशा जाहिर की किंतु जीएसटी विभाग के अधिकारियों नें व्यवसायी से लेखा पुस्तक एवं अन्य दस्तावेज प्रस्तुत करने की मांग की। व्यवसायी की ओर से अभी तक कोई भी जानकारी एवं दस्तावेज प्रस्तुत नही किया गया है।

इसके साथ-साथ दिनांक 30.05.2025 एवं दिनांक 31.05.2025 को मेसर्स लक्ष्मी ट्रेडर्स, अंबिकापुर के व्यवसाय स्थल पर स्टेट जीएसटी विभाग अंबिकापुर द्वारा जांच की कार्यवाही की गई है। इनके यहां जांच में पाया गया कि वर्ष 2017-18 से वर्ष 2024-25 तक कुल टर्न ओव्हर लगभग रू. 96 करोड़ से अधिक है किंतु उस पर कर का नगद भुगतान नगण्य किया गया है। साथ ही साथ जब ई-वे बिल की जांच की गई तो ज्ञात हुआ कि वर्ष 2023-24 में माल की खरीदी 11 करोड़ की गई किंतु माल की सप्लाई मात्र रू. 7 करोड़ की ही की गई है।

जांच के दौरान व्यवसायी के द्वारा अपनी गलती / त्रुटि स्वीकार करते हुए स्वैच्छिक रूप से रू. 17.55 लाख कर भुगतान कर दिया गया है। उक्त व्यवसायी पर स्टेट जीएसटी विभाग द्वारा पूर्व में कोई कार्यवाही नहीं की गई है।

 

 

नवा रायपुर का रिटेल कॉम्प्लेक्स : आधुनिक मनोरंजन और तकनीकी नवाचार का नया केंद्र

नवा रायपुर का रिटेल कॉम्प्लेक्स : आधुनिक मनोरंजन और तकनीकी नवाचार का नया केंद्र

नवा रायपुर रेल्वे स्टेशन के पास 2.65 लाख वर्गफीट में निर्मित है सीबीडी, मल्टीप्लेक्स, रेस्टोरेंट और एएसपी कार्यालय हो रहे संचालित

जल्द शुरू होगा इमर्सिव होलोग्राफिक एंटरटेनमेंट, हर तरह की खरीदारी के लिए सुपर मार्केट भी

स्मार्ट सिटी के अनुरूप एक ही जगह पर विविध सुविधाएं, 100 से अधिक रिटेल दुकानें आबंटित

नवा रायपुर की नई पहचान बनने अग्रसर सीबीडी, रोजगार, पर्यटन, सांस्कृतिक-तकनीकी केंद्र और नवाचार आधारित स्टार्ट-अप्स के लिए नया मंच

छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर के सेक्टर-21 में 2.65 लाख वर्गफीट में निर्मित छह मंजिला सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट (CBD) देश के इस पहली स्मार्ट सिटी की नई पहचान बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। नवा रायपुर का नवनिर्मित रेल्वे स्टेशन इसके पास ही है, जिस वजह से यह सीबीडी रेल्वे स्टेशन के नाम से ही जाना जाता है। अभी सीबीडी में मिराज मल्टीप्लेक्स, आईपी क्लब रेस्टोरेंट और एएसपी कार्यालय संचालित हो रहे हैं। मनोरंजन के अद्वितीय अनुभव के लिए यहां जल्द ही इमर्सिव होलोग्राफिक एंटरटेनमेंट सेंटर प्रारंभ होने जा रहा है। हर तरह की खरीदारी के लिए गोकुल सुपर मार्केट भी शीघ्र शुरू होगा।

स्मार्ट सिटी के अनुरूप सीबीडी में एक ही जगह पर विविध सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। स्थानीय व्यवसाईयों को 100 से अधिक रिटेल दुकानें आबंटित की गई हैं जो यहां तेजी से फुटफाल बढ़ाएंगी। सीबीडी नवा रायपुर के आर्थिक विकास को गति देने के साथ ही रोजगार, पर्यटन, सांस्कृतिक-तकनीकी केंद्र और नवाचार आधारित स्टार्ट-अप्स के लिए नया मंच प्रदान करेगा। स्मार्ट सिटी की परिकल्पना को साकार करने वाला यह कॉम्प्लेक्स आने वाले वर्षों में नवा रायपुर की नई पहचान बनेगा जहां शिक्षा, मनोरंजन और दैनिक जरूरतें जैसी सभी चीजें एक ही स्थान पर सुलभ होंगे। इमर्सिव टेक्नोलॉजी, तकनीकी प्रशिक्षण संस्थान और शॉपिंग की सहुलियतों से सुसज्जित यह भविष्य के नए आकर्षण का केंद्र है।

सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट का कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स चार विंग्स में फैला हुआ है, जिसका कुल कारपेट एरिया दो लाख 65 हजार वर्गफीट है। यहां हर तल की योजना नागरिकों की अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। भू-तल में लगभग पांच हजार वर्गफीट एरिया गोकुल सुपर मार्केट को आबंटित किया गया है जो शीघ्र ही प्रारंभ होने वाला है। इसी तल पर नवा रायपुर का अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय भी संचालित है। भू-तल पर 100  से अधिक रिटेल दुकानें भी आबंटित की गई हैं।

सीबीडी का द्वितीय तल एनआईईएलआईटी (National Institute of Electronics & Information Technology) को आबंटित किया गया है, जो युवाओं को इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा एनालिटिक्स और आईटी में प्रशिक्षित कर आत्मनिर्भर बनाएगा। इस तल पर आईपी क्लब रेस्टोरेंट भी संचालित है, जो लोगों को विभिन्न तरह के खानपान उपलब्ध कराता है। तृतीय तल पर पांच करोड़ 33 लाख रुपए की लागत से इमर्सिव होलोग्राफिक एंटरटेनमेंट सेंटर बनाया जा रहा है। यह वीआर (VR), एआर (AR) और होलोग्राफिक तकनीकों के माध्यम से प्रदेशवासियों को मनोरंजन का अद्वितीय अनुभव प्रदान करेगा। चौथे व छटवें फ्लोर पर संचालित मिराज सिनेमा ने सीबीडी को नवा रायपुर में मनोरंजन के लोकप्रिय स्थल के रूप में स्थापित कर दिया है।

सीबीडी केवल शॉपिंग डेस्टिनेशन नहीं है। यह छत्तीसगढ़ की आधुनिक राजधानी नवा रायपुर को निकट भविष्य में आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी रूप से गहरे तक प्रभावित करेगा। देश की पहली स्मार्ट सिटी नवा रायपुर अटल नगर तेजी से भविष्य के शहर के रूप में उभर रहा है, जहां मुख्यमंत्री निवास, मंत्रालय, सचिवालय, विभागाध्यक्ष भवन और अन्य सरकारी कार्यालय संचालित हैं। विधानसभा का नया भवन भी यहां निर्माणाधीन है। शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीकी विकास और निवेश के क्षेत्र में भी नवा रायपुर नई ऊचांईयाँ छू रहा है। वर्ष 2018 में सीबीडी का निर्माण पूर्ण होने के बाद वर्तमान सरकार ने 2025 में ही गोकुल सुपर मार्केट, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय जैसे कई स्थानों को आबंटित किया है। कॉम्प्लेक्स के अन्य बिल्ड-अप स्पेस के आबंटन की कार्यवाही भी तेजी से प्रक्रियाधीन है।

 

विश्व बाल सुरक्षा दिवस : बच्चों की सुरक्षा और खुशहाली के लिए सामूहिक जागरूकता और संवेदनशीलता आवश्यक : मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े

विश्व बाल सुरक्षा दिवस : बच्चों की सुरक्षा और खुशहाली के लिए सामूहिक जागरूकता और संवेदनशीलता आवश्यक : मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने एक जून को विश्व बाल सुरक्षा दिवस के अवसर पर समस्त नागरिकों से बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और समग्र विकास के लिए अधिक सजग और संवेदनशील बनने की अपील की है।

श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि बच्चे हमारे समाज की नींव और भविष्य हैं। जब वे सुरक्षित, स्वस्थ और स्नेहपूर्ण वातावरण में पलते हैं, तभी एक समृद्ध राष्ट्र का निर्माण संभव होता है। लेकिन आज के दौर में बच्चों के प्रति हो रही हिंसा, उपेक्षा और शोषण की घटनाएं हम सभी को आत्ममंथन करने के लिए विवश करती हैं।

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने यह भी कहा कि बाल अधिकारों की रक्षा केवल सरकारी दायित्व नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति की नैतिक जिम्मेदारी है। हमें बच्चों की मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक जरूरतों को समझते हुए उनके लिए ऐसा वातावरण निर्मित करना होगा, जिसमें वे निर्भय होकर अपने सपनों को साकार कर सकें।

उन्होंने कहा कि हर बच्चे की मुस्कान, उसकी सुरक्षा से जुड़ी होती है। यदि हम आज सजग नहीं हुए, तो आने वाला कल हमसे जवाब मांगेगा। आइए, इस दिवस पर संकल्प लें कि हम हर बच्चे की आवाज बनेंगे और बाल संरक्षण के लिए मिलकर एक मजबूत सामाजिक ढांचा खड़ा करेंगे।

 

छत्तीसगढ़ में होगी शिक्षकों की भर्ती

छत्तीसगढ़ में होगी शिक्षकों की भर्ती

प्रथम चरण में 5,000 पदों पर होगी नियुक्ति

छत्तीसगढ़ में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ एवं प्रभावशील बनाने के लिए शिक्षकों के रिक्त पदों पर चरणबद्ध भर्ती की जाएगी। प्रथम चरण में 5,000 शिक्षकों की भर्ती होगी। इस निर्णय से प्रदेश के शैक्षणिक संस्थानों में अध्ययन अध्यापन व्यवस्था को गति मिलेगी और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त होगी। शिक्षकों के रिक्त पदों पर भर्ती को लेकर विभागीय स्तर पर तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं।

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इन्हीं पहल में शामिल है शालाओं एवं शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण। युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया राज्य में शुरू कर दी गई है। इसके पूरा होेने के बाद शिक्षकों के रिक्त पदों का आकलन कर नई भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

गौरतलब है कि शिक्षा की गुणवत्ता और पहुंच को बेहतर बनाने की पहल के तहत छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य में शालाओं और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह है कि जहां जरूरत है वहां शिक्षक उपलब्ध हों और बच्चों को अच्छी शिक्षा, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और बेहतर सुविधाएं मिल सकें। युक्तियुक्तकरण का मतलब है स्कूलों और शिक्षकों की व्यवस्था को इस तरह से सुधारना कि सभी स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात संतुलित हो और कोई भी स्कूल बिना शिक्षक के न रहे।

राज्य की 30,700 प्राथमिक शालाओं में औसतन 21.84 बच्चे प्रति शिक्षक हैं और 13,149 पूर्व माध्यमिक शालाओं में 26.2 बच्चे प्रति शिक्षक हैं, जो कि राष्ट्रीय औसत से कहीं बेहतर है। हालांकि 212 प्राथमिक स्कूल अभी भी शिक्षक विहीन हैं और 6,872 प्राथमिक स्कूलों में केवल एक ही शिक्षक कार्यरत है। पूर्व माध्यमिक स्तर पर 48 स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं और 255 स्कूलों में केवल एक शिक्षक है। 362 स्कूल ऐसे भी हैं जहां शिक्षक तो हैं, लेकिन एक भी छात्र नहीं है। इसी तरह शहरी क्षेत्र में 527 स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात 10 या उससे कम है। 1,106 स्कूलों में यह अनुपात 11 से 20 के बीच है। 837 स्कूलों में यह अनुपात 21 से 30 के बीच है। लेकिन 245 स्कूलों में यह अनुपात 40 या उससे भी ज्यादा है, यानी छात्रों की दर्ज संख्या के अनुपात में शिक्षक कम हैं।

युक्तियुक्तकरण के अंतर्गत जिन स्कूलों में ज्यादा शिक्षक हैं लेकिन छात्र नहीं, वहां से शिक्षकों को निकालकर उन स्कूलों में भेजा जा रहा है, जहां शिक्षक नहीं हैं। इससे शिक्षक विहीन और एकल शिक्षक वाले स्कूलों की समस्या दूर होगी। स्कूल संचालन का खर्च भी कम होगा और संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा। एक ही परिसर में ज्यादा कक्षाएं और सुविधाएं मिलने से बच्चों को बार-बार एडमिशन लेने की जरूरत नहीं होगी। यानी एक ही परिसर में संचालित प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल संचालित होंगे तो प्राथमिक कक्षाएं पास करने के बाद विद्यार्थियों को आगे की कक्षाओं में एडमिशन कराने की प्रक्रिया से छुटकारा मिल जाएगा। इससे बच्चों को पढ़ाई में निरंतरता बनी रहेगी। बच्चों के स्कूल छोड़ने की दर (ड्रॉपआउट रेट) भी घटेगी। अच्छी बिल्डिंग, लैब, लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं एक ही जगह देना आसान होगा।

शिक्षा विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार शालाओं के युक्तियुक्तकरण के तहत राज्य के कुल 10,463 स्कूलों में से सिर्फ 166 स्कूलों का समायोजन होगा। इन 166 स्कूलों में से ग्रामीण इलाके के 133 स्कूल ऐसे हैं, जिसमें छात्रों की संख्या 10 से कम है और एक किलोमीटर के अंदर में दूसरा स्कूल संचालित है। इसी तरह शहरी क्षेत्र में 33 स्कूल ऐसे हैं, जिसमें दर्ज संख्या 30 से कम हैं और 500 मीटर के दायरे में दूसरा स्कूल संचालित है। इस कारण 166 स्कूलों को बेहतर शिक्षा के उद्देश्य से समायोजित किया जा रहा है, इससे किसी भी स्थिति में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। शेष 10,297 स्कूल पूरी तरह से चालू रहेंगे।

दरअसल छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के शहरी और ग्रामीण इलाकों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए स्कूलों और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण यानि तर्कसंगत समायोजन कर रही है। इसका उद्देश्य यह है कि जहां जरूरत ज्यादा है, वहां संसाधनों और शिक्षकों का बेहतर ढंग से उपयोग सुनिश्चित हो। उन स्कूलों को जो कम छात्रों के कारण समुचित शिक्षा नहीं दे पा रहे हैं, उन्हें नजदीकी अच्छे स्कूलों के साथ समायोजित किया जाए, ताकि  बच्चों को बेहतर माहौल, संसाधन और पढ़ाई का समान अवसर उपलब्ध हो सके।

शालाओं और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण से बच्चों को ज्यादा योग्य और विषय के हिसाब से विशेषज्ञ शिक्षक मिलेंगे। स्कूलों में लाइब्रेरी, लैब, कंप्यूटर आदि की सुविधाएं सुलभ होंगी। शिक्षकों की कमी वाले स्कूलों में अब पर्याप्त शिक्षक मिलेंगे। जिन स्कूलों में पहले गिनती के ही छात्र होते थे, वे अब पास के अच्छे स्कूलों में जाकर बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में इस बदलाव से शिक्षा का स्तर सुधरेगा। छत्तीसगढ़ सरकार की मंशा है कि हर बच्चे को अच्छी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले।यह पहल राज्य की शिक्षा व्यवस्था को ज्यादा सशक्त और संतुलित बनाएगी। युक्तियुक्तकरण से न सिर्फ शिक्षकों का समुचित उपयोग होगा, बल्कि बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा भी मिल सकेगी।

 

जिला उपभोक्ता आयोगोें के अध्यक्ष एवं सदस्यों का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला सम्पन्न

जिला उपभोक्ता आयोगोें के अध्यक्ष एवं सदस्यों का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला सम्पन्न

मंत्री श्री दयालदास बघेल ने कार्यशाला का किया शुभारंभ

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री दयालदास बघेल ने आज पंडरी, पुराना बस स्टैण्ड के पास छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता आयोग भवन के सम्मेलन कक्ष में जिला उपभोक्ता आयोगों के अध्यक्ष एवं सदस्यों का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री अमरेश्वर प्रताप साही एवं छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री गौतम चौरड़िया सहित  उपभोक्ता आयोगों के अध्यक्ष एवं सदस्यगण उपस्थित थे।

उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री बघेल ने सुभारम्भ सत्र को सम्बोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार की यह मनसा है कि प्रशिक्षण पश्चात् उपभोक्ता आयोगों की कार्यकुशला में वृद्धि हो और कम समय में उपभोक्ताओं को अधिक से अधिक लाभ मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता हितों की रक्षा बहुत जरूरी है।

इस अवसर पर राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री अमरेश्वर प्रताप साही ने कहा कि मानव जीवन में उसके जन्म से लेकर मृत्यु तक जो भी वस्तु और सेवा का संव्यवहार करता है, वह उपभोक्ता की श्रेणी में आता है। इस हेतु संविधान के अंतर्गत और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत बनाए गए व्यवस्था का उपभोक्ता आयोग परिपालक है। इस प्रशिक्षण से निश्चित ही छत्तीसगढ़ राज्य में उपभोक्ता प्रकरणों के गुणवत्तापूर्ण निराकरण में तेजी आएगी।

 

रानी अहिल्याबाई नारी सशक्तिकरण की जीवंत प्रतीक: मंत्री श्रीमती राजवाड़े

रानी अहिल्याबाई नारी सशक्तिकरण की जीवंत प्रतीक: मंत्री श्रीमती राजवाड़े

रानी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में नारी सशक्तिकरण और सेवा भावना पर हुआ मंथन

महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मुख्य आतिथ्य में सूरजपुर जिले के ऑडिटोरियम में रानी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया। श्रीमती राजवाड़े ने  इस अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए रानी अहिल्याबाई होल्कर के जीवन और कर्तृत्व को नारी शक्ति की प्रेरणा बताया।

श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि रानी अहिल्याबाई होल्कर ने कभी भी हिम्मत नहीं हारी और हमेशा अपनी प्रजा की भलाई के लिए समर्पित रहीं। उन्होंने जल संकट से निपटने के लिए तालाब खुदवाए, निर्धनों की सहायता की और शासन को सेवा का माध्यम बनाया। उन्होंने शत्रुओं का डटकर सामना किया और अपने शासन में न्याय, धर्म और जनसेवा को सर्वाेपरि रखा।

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने यह भी कहा कि रानी अहिल्याबाई ने स्त्रियों को समाज में निर्णय लेने का अधिकार दिया और विधवाओं एवं वंचित वर्ग की महिलाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित किया। उन्होंने अपने जीवन से यह संदेश दिया कि स्त्री केवल सहनशीलता की प्रतीक नहीं, बल्कि नेतृत्व, चेतना और परिवर्तन की वाहक भी है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय भी रानी अहिल्याबाई की प्रेरणा से समाज और राष्ट्र के कल्याण के लिए कार्य कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि रानी अहिल्याबाई ने यह भलीभांति समझा था कि समाज की प्रगति महिलाओं की भागीदारी और शिक्षा के बिना संभव नहीं है।

इस अवसर पर सम्मान समारोह का भी आयोजन किया गया, जिसमें जय दुर्गा स्वसहायता समूह को डोर टू डोर कचरा संग्रहण और स्वच्छ भारत मिशन में योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन  में अपने योगदान के लिए श्रीमती माधुरी भंडारी को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की कार्यकर्ताओं को भी सम्मानित किया गया। श्रीमती राजवाड़े ने भटगांव स्थित सांस्कृतिक भवन में आयोजित त्रिशताब्दी समारोह में भी भाग लिया।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के रूप में जिले के गणमान्य नागरिकगण, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चन्द्रमणि पैंकरा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती रेखा राजवाड़े, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती नयन सिदार, श्रीमती कुसुम सिंह, श्री भीमसेन अग्रवाल,रेड क्रॉस सोसाइटी के जिला अध्यक्ष बाबूलाल अग्रवाल,श्री मुरली मनोहर सोनी, जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।