राज्यपाल श्री रमेन डेका ने मोहला मानपुर अंबागढ़ जिले में प्रशासनिक अधिकारियों की ली बैठक

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने मोहला मानपुर अंबागढ़ जिले में प्रशासनिक अधिकारियों की ली बैठक

शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण के क्षेत्र में करें उल्लेखनीय कार्यl आम नागरिकों से  भेंट कर उनकी समस्याओं को सुलझाएं

राज्यपाल श्री रमेन डेका आज जिला मोहला मानपुर अंबागढ़ जिले के प्रवास पर रहे। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद पहली बार जिला मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी जिले की सीमा क्षेत्र में पहली बार राज्यपाल का आगमन हुआ। यह पहला मौका था, जब प्रदेश के राज्यपाल जिले की सीमा में पहुंचे। राज्यपाल ने यहां जिला कार्यालय के सभाकक्ष में प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में चलाये जा रहे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, योजनाओं की जानकारी ली।  राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि अधिकारीगण प्रशासनिक उत्तरदायित्व और जवाबदेही के साथ आम जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझें। जनता से संवाद करें और उसकी समस्या को सुनकर सुलझाएं।

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने जल संचयन और जल संरक्षण के लिए किये जा रहे प्रयासों और कार्यक्रमों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जल संचयन और जल संरक्षण के लिए निजी क्षेत्र के लोगों को डबरी निर्माण के लिए प्रोत्साहित करें। इसके साथ ही सभी शासकीय कार्यालयों और भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग अवश्य बनाएं। उन्होंने बैठक में पौधरोपण एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए सभी अधिकारी कर्मचारियों को एक पेड़ मां के नाम अवश्य लगाने कहा।  पौधरोपण के उपरांत उचित देखभाल करें । पौधों के विकसित होने के लिए कारगर उपाय करें। उन्होंने इस कार्य को चुनौती और मिशन के तौर पर करने कहा।

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने किसानों की आय में वृद्धि करने और सशक्त बनाने की दिशा में कार्य योजना बनाने कहा। उन्होंने कहा कि किसानों को जैविक और पर्यावरण अनुकूल खेती के लिए प्रोत्साहित करें। किसानों द्वारा उत्पादित फसलों के विक्रय के लिए स्थानीय स्तर पर ही बाजार की उपलब्धता सुनिश्चित करने और वाजिब कीमत पर विक्रय हेतु माहौल तैयार करने कहा। उन्होंने कहा कि किसानों का समय-समय पर मार्गदर्शन करें। राज्यपाल ने बैठक में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत जिले में चलाये जा रहे योजना की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत खुले में शौच मुक्त हुए ग्राम पंचायत और ग्रामों में इसे स्थायित्व बनाये रखने के लिए निरंतर जागरूकता अभियान चलाएं। गांवों का भ्रमण कर स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों का मूल्यांकन करें।

राज्यपाल श्री डेका ने बेहतर स्वास्थ्य सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए योगाभ्यास को दैनिक दिनचर्या में शामिल करने हेतु योग शिविर का आयोजन करने कहा। उन्होंने कहा कि विद्यालय स्तर पर विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया जाए। उन्होंने रेड क्रॉस समिति के अंतर्गत सदस्य संख्या बढ़ाने और रोगियों के उपचार के लिए मानवीय संवेदना के साथ सामाजिक सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। बैठक में उन्होंने जिले में श्रमिकों के बच्चों के पुनर्वास और शिक्षा से जोड़ने हेतु विशेष कार्य योजना निर्धारित करने कहा। उन्होंने कहा कि जिले में विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को एनसीसी से जोड़े। एनसीसी जीवन में अनुशासन की सीख देता है। राष्ट्रीय भावना जागृत करने के साथ ही बौद्धिक विकास में मदद करता है। इससे शारीरिक दक्षता में वृद्धि होती है।  उन्होंने कहा कि जिले में एक उच्च सेंट्रल लाइब्रेरी की स्थापना करें। सेंट्रल लाइब्रेरी में विविध प्रतियोगिता परीक्षा और महान हस्तियों की पुस्तकें रखें। उन्होंने बैठक में आगे कहा कि ग्रामीण एवं शहरी महिलाओं का कौशल उन्नयन कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाएं और उनकी आय में वृद्धि करने के लिए विशेष कार्ययोजना संचालित करें। उन्होंने बैठक में लखपति दीदी योजना अंतर्गत जिले की महिलाओं के द्वारा किए जा रहे प्रयासों और कार्यक्रमों की जानकारी ली .उन्होंने कहा कि जिले में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को ध्यान में रखकर पब्लिक आवागमन की सुविधा अवश्य बढ़ाएं। जिससे जिले के आम नागरिकगण शासकीय कार्यालयों तक आसानी से पहुंच सके। उन्होंने नशा मुक्ति के लिए जिले में अभियान चलाने कहा। उन्होंने कहा कि नशा पान समाज के लिए एक अभिशाप है। इसके अवैध व्यापार पर लगातार निगरानी रखें और कार्रवाई करें। जिले में समय-समय पर स्वास्थ्य कैंप लगाने और मरीजों की पहचान कर उपचार की व्यवस्था करने कहा। उन्होंने कहा कि जिले में एंबुलेंस की सुविधा बढ़े और आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को उपलब्ध कराकर उन्हें राहत पहुंचाएं।

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आकांक्षी जिला के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों और कार्यक्रमों की जानकारी ली।  उन्होंने महिलाओं एवं बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान देने, गुणवत्ता युक्त शिक्षा को बढ़ावा देने जैसे प्रयासों पर बड़े स्तर पर कार्य योजना बनाकर कार्य करने कहा।

बैठक उपरांत राज्यपाल श्री रमेन डेका ने 4 ग्राम पंचायत को टीबी मुक्त ग्राम पंचायत होने पर प्रशस्ति पत्र भेंट कर ग्राम पंचायत के सरपंचों को सम्मानित किया। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव श्री सी आर प्रसन्ना, कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति, सहित विभागीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

 

विकसित छत्तीसगढ़’ के रोडमैप पर रखें फोकस : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 

‘विकसित छत्तीसगढ़’ के रोडमैप पर रखें फोकस : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

खरीफ फसल की तैयारी और किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के निर्देश

देरी से न्याय मिलना, न्याय नहीं मिलने के बराबर है डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा दें और समय प्रबंधन पर रखें ध्यान

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज धमतरी में आयोजित समीक्षा बैठक में ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के लिए तैयार किया गया विजन डाक्यूमेंट एक रोडमैप की तरह है, जिसमें लक्ष्य और दिशा-निर्देश स्पष्ट हैं। अधिकारी विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को साकार करने के लिए पूरी तन्मयता और जिम्मेदारी के साथ इसे परिणाम तक ले जाएं। मुख्यमंत्री श्री साय आज रायपुर और धमतरी जिले में योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने सुशासन तिहार के समापन पर कहा कि लोगों की समस्याओं के समाधान का यह सिलसिला थमना नहीं चाहिए। जन-जन से संवाद और उनकी समस्याओं का समाधान निरंतर जारी रहना चाहिए। अधिकारी कड़ी मेहनत और नवाचारी तरीकों से लोगों की समस्याओं का समाधान करें। आम जनता को देरी से न्याय मिलना, न्याय नहीं मिलने के बराबर है। उन्होंने कहा कि राजस्व त्रुटि सुधार जैसे कामों में अधिकारियों-कर्मचारियों से ही गलती होती है, लेकिन इसका नुकसान आम लोगों को होता है और उन्हें ही परेशान होना पड़ता है।

मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग में डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने और समय प्रबंधन पर ध्यान देने की बात कही। उन्होंने कहा कि सक्रिय तहसीलदारों वाले क्षेत्रों में राजस्व प्रकरण कम लंबित रहते हैं। साथ ही, अधिकारियों को जनता के साथ अच्छा व्यवहार करने और उनके कार्यों को न्यूनतम समय में गुणवत्तापूर्वक पूरा करने का निर्देश दिया।

फ्लैगशिप योजनाओं पर दें ध्यान

मुख्यमंत्री ने केंद्र और राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं, जैसे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, पीएम आवास, और जल जीवन मिशन को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि फसल बीमा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा सर्वश्रेष्ठ राज्य चुना गया है। साथ ही, नीति आयोग की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशानुसार धमतरी और रायपुर में पर्यटन स्थल विकसित करने की संभावनाओं को तलाशने को कहा।

शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि पर जोर

मुख्यमंत्री ने जिले में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने दंतेवाड़ा का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां डीईओ के बेहतर प्रदर्शन के कारण दसवीं और बारहवीं के परिणाम शानदार रहे, जिसकी प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ में प्रशंसा की। स्वास्थ्य विभाग में सतत मॉनिटरिंग और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, साथ ही कृषि प्रधान धमतरी और रायपुर जिले में खरीफ फसल की तैयारी और किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने पर बल दिया।

अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से विभागीय लक्ष्यों को प्राप्त करने में आने वाली कठिनाइयों को साझा करने को कहा, ताकि राज्य स्तर पर सहायता प्रदान की जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि अधिकारियों के कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है और प्रत्येक जिले का रिपोर्ट कार्ड उनके पास है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान अधिकारियों ने बड़ी संख्या में आए आवेदनों का समयबद्ध समाधान किया, जिसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों को अच्छा काम करने पर पुरस्कार और काम नहीं करेंगे तो उनकी खैर नहीं होगी।

इस मौके पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा, सांसद श्रीमती रूप कुमारी चौधरी, विधायक श्री अजय चंद्राकर, विधायक श्री ओंकार साहू, महापौर श्री रामू रोहरा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरुण सार्वा, पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री नेहरू निषाद, अपर मुख्य सचिव श्रीमती रेणु जी. पिल्ले, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री बसव राजु एस. सहित रायपुर और धमतरी जिले के अधिकारी उपस्थित थे।

 

सुशासन तिहार जनता की समस्याओं के समाधान का अभियान : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

सुशासन तिहार जनता की समस्याओं के समाधान का अभियान : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रिमझिम बारिश के बीच मुख्यमंत्री पहुंचे धमतरी के समाधान शिविर में, कमल के हार से मुख्यमंत्री का जोशिला स्वागत

धमतरी जिले में सौगातों की बारिश: 213 करोड़ रुपये की लागत के विकास कार्याें की घोषणा

54 दिवसीय ‘सुशासन तिहार का धमतरी जिले में समापन मुख्यमंत्री ने स्टॉलों का किया निरीक्षण, हितग्राहियों को किया सामग्री का वितरण

रिमझिम बारिश के बीच आज धमतरी के समाधान शिविर में पहुंचे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नागरिकों की मांग पर 213 करोड़ रूपए की लागत के विकास कार्याें की सौगात दी। उन्होंने हाईटेक बस स्टैण्ड, अत्याधुनिक ऑडिटोरियम और तीन सड़कों के निर्माण की मंजूरी दी। आज जनता की समस्याओं के समाधान के लिए मिशन मोड में प्रदेश भर में पिछले 54 दिनों से संचालित सुशासन तिहार का आज धमतरी के पुराने कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित इस समाधान शिविर और समीक्षा बैठक के बाद समापन हो गया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने धमतरी के समाधान शिविर में आमजनों से योजनाओं की मैदानी स्थिति की जानकारी ली और व्यक्तिगत रूप से आवेदनों के समाधान की प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न शासकीय स्टालों का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों का शीघ्र और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। रिमझिम बारिश के बावजूद जनसमूह का उत्साह देखते ही बनता था। कमल के फूलों के हार के साथ हजारों की संख्या में नागरिकों ने मुख्यमंत्री का जोशिला स्वागत किया।

धमतरी में बड़ी घोषणाएं

सुशासन त्योहार के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने धमतरी जिले की बहुप्रतीक्षित मांगों को पूरा करते हुए 213 करोड़ रुपये के कार्याें की सौगात दी। उन्होंने धमतरी में हाईटेक बस स्टैंड के लिए 18 करोड़ रूपए, एक सर्वसुविधायुक्त ऑडिटोरियम के लिए 10 करोड़ 50 लाख रूपए, सिहावा चौक से कोलियारी तक फोर लेन सड़क निर्माण 5 किलोमीटर के लिए 69 करोड़ रुपए, रत्नाबन्धा से मुजगहन तक फोरलेन सड़क के लिए 56 करोड़ रूपए और धमतरी से नगरी मुख्य मार्ग नवीनीकरण और मजबूतीकरण के लिए 60 करोड़ रुपए की घोषणा की।

सुशासन के मायने अच्छा शासन

मुख्यमंत्री ने समाधान शिविर को सम्बोधित करते हुए कहा कि सुशासन का अर्थ है -अच्छा शासन। ‘सुशासन तिहार’ आपकी समस्याओं के निराकरण के लिए आयोजित त्योहार है। 8 अप्रैल से शुरू हुए इस महाअभियान के प्रथम चरण में राज्य के प्रत्येक जिले में ग्रामीणों से आवेदन लिए गए, दूसरे चरण में आवेदनों पर कार्यवाही की गई और तृतीय चरण में 08 से 10 ग्राम पंचायतों के बीच समाधान शिविरों का आयोजन कर आवेदनों के निराकरण की जानकारी हितग्राहियों को दी गई। सुशासन तिहार के दौरान अचानक गांव में पहुंचकर ग्रामीणों की चौपाल में लोगों से फीडबैक लिया गया और उनकी समस्याओं का यथासंभव समाधान किया गया। इस दौरान विकास कार्याें का औचक निरीक्षण भी किया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेशभर में 40 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 95 प्रतिशत का समाधान किया जा चुका है। यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि प्रशासन जनता के प्रति उत्तरदायी और संवेदनशील है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी का मतलब है, पूरी होने की गारंटी। पूर्व सरकार के कार्यकाल में जिन 18 लाख गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित किया गया था, उनकी चिंता करते हुए हमारी सरकार ने पहली ही कैबिनेट में इन सभी आवासों को स्वीकृति दी। अब तक लाखों हितग्राहियों को गृहप्रवेश कराया जा चुका है। हाल ही में बिलासपुर में आयोजित प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने 3 लाख आवास और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने अंबिकापुर के कार्यक्रम में 51 हजार से अधिक आवासों का गृहप्रवेश कराया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आत्मसमर्पित माओवादियों और पीड़ित परिवारों के लिए विशेष 15,000 आवास स्वीकृत किए गए हैं। इसके साथ ही विशेष जनजातियों कोरवा, पहाड़ी कोरवा, अबुझमाड़िया आदि के लिए 32,000 अतिरिक्त आवास स्वीकृत किए गए हैं। यह सभी पहल दर्शाती हैं कि सरकार समाज के सबसे अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

महतारी वंदन योजना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 70 लाख से अधिक माताओं को इसका लाभ मिल चुका है। उन्होंने कहा कि यदि किसी महिला का नाम छूट गया है या विवाह के बाद नाम अपडेट करना है, तो उसकी भी सुविधा आगे दी जाएगी। सरकार पूरी संवेदनशीलता से सभी को योजना से जोड़ने का कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि ‘मुख्यमंत्री रामलला दर्शन योजना’ और ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ के अंतर्गत बुजुर्गों को लाभ मिल रहा है।

योजनाओं की जानी हकीकत

मुख्यमंत्री श्री साय ने धमतरी समाधान शिविर में पहुंचे ग्रामीणों से संवाद कर योजनाओं का फीडबैक लिया। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभान्वित हितग्राही जोधापुर डाकबंगला वार्ड की श्रीमती सुधा मारकण्डे ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्हें पक्का मकान मिल गया है और अब पानी टपकने और कीड़े-मकोड़े आदि का डर नहीं है। लखपति दीदी श्रीमती संतोषी हिरवानी ने बताया कि वह आजीविका के लिए मुर्गीपालन के साथ ही मछलीपालन, पशुपालन, मशरूम उत्पादन आदि का व्यवसाय कर रही हैं, इससे उन्हें 12 हजार रूपये की अतिरिक्त आय हो रही है। कला केन्द्र में कराटे और डांसिंग सिखाने वाले वेदप्रकाश साहू ने कहा कि, कलाकेन्द्र स्थापित होने से उन्हें रोजगार का अवसर मिला। आयुष्मान वय वंदन कार्ड के हितग्राही श्री घनाराम रजवाड़े ने कार्ड के जरिए मिल रही निःशुल्क इलाज की सुविधा मिल रही है।

कार्यक्रम में राजस्व मंत्री और धमतरी जिले के प्रभारी मंत्री श्री टंकराम वर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद महासमुंद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक कुरूद श्री अजय चन्द्राकर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरूण सार्वा, महापौर श्री रामू रोहरा, अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री नेहरू निषाद, पूर्व विधायक श्रीमती रंजना साहू, श्री इंदर चोपड़ा, श्रीमती पिंकी शाह, श्री श्रवण मरकाम सहित अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं प्रभारी सचिव श्रीमती रेणु पिल्ले, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री बसवराजु एस., आयुक्त, रायपुर संभाग श्री महादेव कांवरे, कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री सूरज सिंह परिहार सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित थे।

 

सरकार के कार्यों से प्रदेश में आ रही है खुशहाली : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

सरकार के कार्यों से प्रदेश में आ रही है खुशहाली : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री ने कोंडागांव में सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की

सुशासन तिहार अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कोंडागांव जिला प्रवास के दौरान विश्राम गृह में विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधिमंडल से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार में 8 अप्रैल से लेकर  11 अप्रैल तक प्रदेश की जनता अपनी समस्याएं औऱ मांगें रखीं। अधिकारियों ने ज्यादातर समस्याओं का समाधान कर लिया है। इस दौरान हमने भी मंत्रियों और अधिकारियों के साथ गांव गांव पहुंचकर और ग्रामीणों की समस्याएं सुनी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने पिछले 2 साल का बकाया बोनस दिया है, इससे किसानों को काफी लाभ हुआ। प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ की जनता की सेवा के लिए जो कार्य कर रही है, उससे प्रदेश में खुशहाली आ रही है और किसानों की आय में वृद्धि हो रही है। श्री साय ने आगे बताया कि 24 अप्रैल को पंचायती राज दिवस के अवसर पर सरकार ने अटल सेवा केंद्र शुभारंभ किया है, आने वाले दिनों में पूरे प्रदेश भर में विस्तार किया जाएगा। गांव में ही लेनदेन की सुविधाएं मिलने से अब ग्रामीणों को बैंक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी  के नेतृत्व में भारत सरकार द्वारा कृषि वैज्ञानिक के माध्यम से हमारे प्रदेश के किसानों के बीच में बातचीत करेंगे, उनको आधुनिक खेती के विषय में बताएंगे। उन्होंने बताया कि पंजीयन में दस नई क्रांति से पारदर्शिता आई है, नियद नेल्लानार योजना से बस्तर क्षेत्र के दूरस्थ अंचल में विकास की रौशनी पहुंची है। इस अवसर पर केशकाल विधायक श्री नीलकंठ टेकाम, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी, नगर पालिका अध्यक्ष श्री नरपति पटेल, उपाध्यक्ष श्री जसकेतु उसेंडी, पूर्व विधायक श्री सेवक राम नेताम, दीपेश अरोरा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, सचिव श्री बसवराजूऔर कोंडागांव के कलेक्टर, एस पी मौजूद थे।

 

अतिशेष प्रधान पाठकों और सहायक शिक्षकों की काउंसिलिंग प्रक्रिया प्रारंभ

 अतिशेष प्रधान पाठकों और सहायक शिक्षकों की काउंसिलिंग प्रक्रिया प्रारंभ

 अतिशेष प्रधानपाठकों की काउंसलिंग की प्रक्रिया पूरी हुई

काउंसिलिंग में भाग लेने वालों को तत्काल दिया जा रहा चयनित स्कूल में पदस्थापना का आदेश पत्र

राज्य शासन के दिशा निर्देशानुसार कलेक्टर श्री अजीत वसंत की उपस्थिति में आज कोरबा जिले के अतिशेष प्रधान पाठकों और सहायक शिक्षकों की पदस्थापना के लिए काउंसिलिंग की प्रक्रिया राजीव गांधी आडिटोरियम टांसपोर्ट नगर में चल रही है। प्रथम चरण में वरिष्ठता के आधार पर अतिशेष प्रधानपाठकों की काउंसलिंग की गई। सहायक शिक्षकों की काउंसिलिंग प्रक्रिया जारी है। काउंसिलिंग प्रक्रिया में प्रधानपाठकों द्वारा रिक्त स्थानों में से अपने पसंद के विद्यालयों का चयन किया। सहायक शिक्षकों द्वारा भी काउंसिलिंग में सम्मिलित होकर निर्धारित सूची में से पसंद के विद्यालयों का चयन किया जा रहा है।

 कलेक्टर श्री अजीत वसन्त ने शासन के निर्देशों के अंतर्गत पारदर्शिता के साथ काउंसिलिंग की प्रकिया अपनाए जाने की बात कही है। उन्होंने कहा है कि जिले में शिक्षक विहीन विद्यालयों और एकल शिक्षकीय विद्यालय में अतिशेष शिक्षकों का समायोजन होने से दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को नियमित शिक्षक उपलब्ध होंगे। इसके साथ ही विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी। काउंसिलिंग में सम्मिलित शिक्षकों द्वारा चयनित विद्यालय में तत्काल नवीन पदस्थापना आदेश भी जारी किया जा रहा है।

शिक्षिका ने जताई संतुष्टि

काउंसिलिंग में सम्मिलित होकर निर्धारित सूची में से पसंद का स्कूल चयन कर नवीन विद्यालय में जाने वाली प्राथमिक शाला जेन्जरा की शिक्षिका श्रीमती देकुमारी साहू ने काउंसिलिंग की प्रक्रिया की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें खुशी है कि अब नवीन विद्यालय ढेलवाडीह में शिक्षक का दायित्व निर्वहन करेंगी। उन्होंने काउंसिलिंग में पसन्द के विद्यालय मिलने पर खुशी प्रकट की।

 

 

 

 

सुदूर वनांचल में शिक्षा, संस्कृति और नवाचार का संगमः बिरकोल प्री-मैट्रिक अनुसूचित जाति छात्रावास

सुदूर वनांचल में शिक्षा, संस्कृति और नवाचार का संगमः बिरकोल प्री-मैट्रिक अनुसूचित जाति छात्रावास

हाइड्रोपोनिक खेती से लेकर ऑनलाइन कोचिंग तक आधुनिक शिक्षा की नई दिशा

जिले के सुदूरवर्ती वनांचल में स्थित सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की सीमा से लगे गाँव बिरकोल में संचालित प्री-मैट्रिक अनुसूचित जाति बालक छात्रावास बिरकोल आदिवासी विभाग द्वारा, छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना के तहत संचालित किया जा रहा है। यह योजना विशेष रूप से अनुसूचित जाति वर्ग के बच्चों को शैक्षणिक सुविधा, सुरक्षित आवास और समुचित देखभाल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाई जाती है। घने जंगलों और पहाड़ियों  की गोद में बसा यह छात्रावास प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण है, जो बच्चों को शांत और एकाग्र वातावरण प्रदान करता है। वर्तमान में छात्रावास अपने नवीन स्वामित्व भवन में संचालित हो रहा है, जिसमें अध्ययन कक्ष, भोजनालय, पुस्तकालय, खेल सामग्री तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं।

बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए छात्रावास में अनेक योजनाबद्ध गतिविधियों की व्यवस्था की गई है, जो उनके शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक एवं शैक्षणिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने में सहायक हैं। प्रत्येक दिन की शुरुआत प्रातःकालीन सैर और योगाभ्यास से होती है, जिससे बच्चों में न केवल स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ती है, बल्कि उनके भीतर अनुशासन, आत्मनियंत्रण और एकाग्रता जैसी मूलभूत योग्यताओं का भी विकास होता है।

छात्रावास परिसर में विकसित किया गया किचन गार्डन आकर्षण का केंद्र है। इसमें हाइड्रोपोनिक तकनीक के माध्यम से बिना मिट्टी के गोभी, पालक, धनिया, मिर्च आदि सब्जियाँ उगाई जा रही हैं। यह तकनीक पोषक तत्वों से भरपूर जल घोल के माध्यम से पौधों की वृद्धि सुनिश्चित करती है। साथ ही मिट्टी आधारित बागवानी भी समानांतर रूप से की जा रही है, जिससे बच्चों को जैविक खेती का प्रत्यक्ष अनुभव मिल रहा है।

छात्रावास में विभिन्न त्योहारों, महापुरुषों की जयंती एवं राष्ट्रीय पर्वों को पारंपरिक उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इन अवसरों पर बच्चों और अधीक्षक की सहभागिता से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, जिसमें गीत, नृत्य, नाटक आदि के माध्यम से बच्चों की रचनात्मकता और सांस्कृतिक समझ को प्रोत्साहन मिलता है। इन आयोजनों में  पारंपरिक छत्तीसगढ़ी भोजन  पकाया जाता है, जिससे बच्चों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ाव का अनुभव होता है। छात्रावास में संचालित बचत बैंक की अवधारणा बच्चों को छोटी उम्र से ही धन की महत्ता और उसके उचित प्रबंधन की शिक्षा देने का एक प्रभावशाली माध्यम है। इस प्रणाली के अंतर्गत छात्र अपने दैनिक या साप्ताहिक जेब खर्च से एक निश्चित राशि बचाकर उसे बचत बैंक में जमा करते हैं। यह नियमित जमा करने की प्रक्रिया न केवल उन्हें धन संचय की आदत सिखाती है, बल्कि आर्थिक अनुशासन और आत्मनियंत्रण जैसे गुणों का भी विकास करती है।

बच्चों की सुरक्षा को अत्यधिक प्राथमिकता दी गई है। इसी उद्देश्य से छात्रावास परिसर में  सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनसे हर गतिविधि पर निरंतर निगरानी रखी जाती है। यह व्यवस्था न केवल बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करती है, बल्कि उनके माता-पिता को भी मानसिक शांति प्रदान करती है।यह छात्रावास बच्चों के लिए केवल एक निवास स्थान नहीं है, बल्कि एक ऐसा स्नेहिल परिवेश है, जहां वे आत्मीयता और अपनापन महसूस करते हैं। प्रत्येक बच्चे के जन्मदिन को विशेष रूप से मनाया जाता है, जिससे उनमें आत्मसम्मान, खुशी और सामाजिकता की भावना विकसित होती है। प्रतिदिन संध्या समय बच्चे स्वयं वाद्य यंत्रों के साथ भजन प्रस्तुत करते हैं, जिससे उनमें आध्यात्मिक चेतना का संचार होता है और भावनात्मक स्थिरता मिलती है।शैक्षणिक क्षेत्र में भी नवाचार को अपनाते हुए छात्रावास में प्रोजेक्टर के माध्यम से ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था की गई है। इससे बच्चों को न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो रही है, बल्कि वे आधुनिक तकनीकी माध्यमों के प्रति भी जागरूक हो रहे हैं। यह पहल उन्हें प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं की तैयारी में भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है।यह छात्रावास केवल एक आवासीय सुविधा नहीं है, बल्कि यह आदिवासी और अनुसूचित जाति समुदायों के बच्चों के लिए शैक्षणिक, सामाजिक और सांस्कृतिक उन्नयन का एक प्रभावशाली केंद्र बन गया है।

कोयला के अवैध परिवहन के मामले में ट्रैक्टर जब्त 

कोयला के अवैध परिवहन के मामले में ट्रैक्टर जब्त

मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में अवैध कोयला परिवहन और भंडारण के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। कलेक्टर के निर्देश और पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में खनिज विभाग एवं पुलिस की संयुक्त टीम लगातार कार्रवाई कर रही है।

खनिज अधिकारी दयानंद तिग्गा ने बताया कि पोड़ी-चिरमिरी क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान ग्राम चिताझोर में एक ट्रैक्टर को रोका गया। यह महिंद्रा 275 डीआई लाल रंग का ट्रैक्टर रेत से भरा हुआ नजर आ रहा था, लेकिन जांच करने पर ट्रॉली के भीतर रेत की आड़ में कोयला छिपाकर रखा गया था। जांच के दौरान ट्रैक्टर का चालक मौके से फरार हो गया। ट्रैक्टर को तत्काल जब्त कर पोड़ी थाना के सुपुर्द कर दिया गया है।

गौरतलब है कि खनिज विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम कोयले के अवैध कारोबार पर लगातार कार्रवाई कर रही है। हाल ही में की गई छापेमारी में लगभग 20 टन कोयला जब्त किया गया था। संबंधित आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इस मामले में पुलिस ने भी प्रकरण दर्ज किया है।

 

सुशासन तिहार के अंतर्गत बस्तर जिले के नारायणपाल पहुँचे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

सुशासन तिहार के अंतर्गत बस्तर जिले के नारायणपाल पहुँचे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री  ने नारायणपाल की देवगुड़ी में की पूजा-अर्चना, प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना

सुशासन तिहार के तीसरे चरण के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज बस्तर जिले के ग्राम नारायणपाल पहुंचे। इस अवसर पर उन्होंने नारायणपाल स्थित प्राचीन देवगुड़ी परिसर में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ कंकालीन मां, मुसरिया माता एवं घाटी मुड़ीन तेल गिन माता के मंदिरों में विधिवत पूजा-अर्चना की।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। देवगुड़ी में पूजा कर मुख्यमंत्री ने बस्तर की आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार आदिवासी संस्कृति और जनभावनाओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। इस अवसर पर  सांसद श्री महेश कश्यप जिला पंचायत अध्यक्ष श्री मति वेदवती कश्यप सहित क्षेत्र के  जनप्रतिनिधि गण मुख्यमंत्री श्री प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह और सचिव डॉ. बसव राजू एस उपस्थित रहे।

 

जनसुविधाओं का ध्यान, समस्याओं का तत्परता से समाधान और गुणवत्तापूर्ण सेवा से ही सुशासन: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

जनसुविधाओं का ध्यान, समस्याओं का तत्परता से समाधान और गुणवत्तापूर्ण सेवा से ही सुशासन: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री ने कोंडागांव, बस्तर एवं सुकमा जिलों की समीक्षा  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य सरकार द्वारा बीते डेढ़ वर्ष में किए गए कार्यों की जमीन हकीकत का मूल्यांकन और जनता जनार्दन से संवादकर फीडबैक प्राप्त करना है। राज्य शासन का लक्ष्य जनसेवा है और इसके लिए प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी को सजगता और संवेदनशीलता से काम करने की जरूरत है। जनसुविधाओं का ध्यान, समस्याओं का तत्परता से समाधान और गुणवत्तापूर्ण सेवा से ही सुशासन है। मुख्यमंत्री श्री साय ने यह बातें कोंडागांव कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान कहीं।

मुख्यमंत्री ने बस्तर क्षेत्र में वनोपज आधारित रोजगार पर जोर देते हुए कहा कि इमली एवं रेशम कोकून जैसे उत्पादों पर विशेष रणनीति बनाकर वैल्यू एडिशन करें, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अधिकाधिक अवसर प्राप्त हों। उन्होंने रेशम, मधुमक्खी पालन, लाख उत्पादन जैसे उत्पादों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। स्थानीय स्तर पर निर्मित वस्तुओं के प्रचार-प्रसार एवं विपणन के माध्यम से व्यवसायिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने जनसामान्य से उज्ज्वला योजना के अंतर्गत बड़ी संख्या में प्राप्त आवेदनों के मद्देनजर अधिकारियों को रिफिलिंग प्रतिशत बढ़ाने एवं गैस सब्सिडी के प्रचार-प्रसार हेतु विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। राजस्व प्रकरणों, विशेषकर सीमांकन से संबंधित मामलों को 15 जून के पूर्व निराकृत करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर संभाग में मक्का प्रमुख फसल है, इसे उन्न्त तकनीक से जोड़कर उत्पादकता में वृद्धि की जाए। उन्होंने कहा कि जैविक सुगंधित धान की खेती को बढ़ावा देने हेतु कलेक्टर व्यक्तिगत रुचि लेकर कार्य करें तथा सर्टिफिकेशन, मार्केटिंग एवं ब्रांडिंग के लिए भी विशेष प्रयास करें।

प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह ने त्रुटि सुधार कार्यों, विशेषकर नाम वर्तनी संबंधी त्रुटियों को शीघ्र सुधारने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत कोंडागांव जिले में अप्रारंभ आवासों की संख्या अधिक होने पर इसका त्वरित निराकरण तथा राजमिस्त्री की कमी को देखते हुए स्थानीय युवाओं को इसका प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने बीजापुर में आत्मसमर्पित माओवादियों को राजमिस्त्री प्रशिक्षण दिए जाने की सराहना करते हुए इसे अन्य जिलों को भी अपनाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए गए कि फॉरेस्ट क्लियरेंस, रिटेंडर प्रक्रिया, मुआवजा प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किया जाए, जिससे निर्माण कार्यों में तेजी लाई जा सके।

बैठक में बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप, केशकाल विधायक श्री नीलकंठ टेकाम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजू एस., कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आई.जी. श्री सुंदरराज पी., तीनों जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, सीईओ जिला पंचायत, वनमंडलाधिकारी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

 

हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है सरकार : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 

हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है सरकार : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

बस्तर के नारायणपाल में लगाई चौपाल, जानी योजनाओं की जमीनी हकीकत

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि हर जरूरतमंद के साथ राज्य सरकार खड़ी है, जनकल्याण ही हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। सुशासन मतलब है अच्छा शासन। सुशासन तिहार के अंतिम चरण के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज बस्तर जिले के ग्राम नारायणपाल पहुंचे। उन्होंने नारायणपाल के देवगुड़ी परिसर में आम के पेड़ के नीचे अपनी चौपाल लगाई और ग्रामीणों से जीवंत संवाद कर योजनाओं की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से बिजली व्यवस्था, राशन वितरण, पीएम आवास योजना और महतारी वंदन योजना के साथ ही गांव में राशन कार्ड की स्थिति, राशन की उपलब्धता, शिक्षकों और पटवारियों की उपस्थिति जैसे बुनियादी मुद्दों पर भी जानकारी ली। ‘महतारी वंदन योजना’ की लाभार्थी श्रीमती सरिता कश्यप ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं, महतारी वंदन से मिलने वाली राशि का उपयोग घरेलू खर्चों और बच्चों के इलाज में करती हैं। श्री जगमोहन कश्यप ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान निर्माण पूरा होने की जानकारी दी।

श्रीमती ललिता बघेल ने बताया कि पहले उन्हें बेल मेटल का काम करने के लिए अपने गहने गिरवी रखने पड़ते थे। अब बिहान योजना के तहत उन्हें 15,000 रूपए की सहायता और बैंक से 1.5 लाख रूपए तक का ऋण मिल रहा है, जिससे उनका काम बेहतर तरीके से चल रहा है। श्रीमती पदमिनी ठाकुर ने बताया कि वे ऑर्गेनिक खाद और कीटनाशक दवाओं के निर्माण से जुड़ी हैं। स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने इस मौके पर मुख्यमंत्री को फूड बास्केट भेंट किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी जरूरतमंदों को आवास मिलेगा, ‘आवास प्लस’ में जिनका नाम है, उन्हें भी आवास दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ‘महतारी वंदन योजना’ में जिन महिलाओं का नाम नहीं जुड़ा है, उनके नाम भी जोड़े जाएंगे। उन्होंने बताया कि सरकार तकनीक के उपयोग से भ्रष्टाचार के सभी रास्ते बंद कर रही है। पंजीयन की नई प्रक्रिया से रजिस्ट्री के साथ नामांतरण की प्रक्रिया को सरल किया गया है। उन्होंने कहा कि 24 अप्रैल से 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र शुरू किए गए हैं। जल्द ही इसका विस्तार सभी ग्राम पंचायतों में होगा।

अनेक विकास कार्यों की घोषणा

मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की मांग पर अनेक घोषणाएं की, जिनमें नारायणपाल माध्यमिक शाला भवन के लिए 20 लाख रूपए, प्राथमिक शाला मंदिरपारा के लिए 20 लाख रूपए, स्ट्रीट लाईट, हाई मास लाईट के लिए 15 लाख रूपए, व्यावसायिक परिसर हेतु 20 लाख रूपए, सी.सी. रोड 600 मी. (गोवर्धन भाटा से बोधघरा घर तक) 15 लाख रूपए, पुलिया 2 मी. स्पान 2 नग के लिए 12 लाख रुपए, सी.सी सड़क धरमु घर से नाव घाट तक 9 लाख रूपए, इस प्रकार कुल 1 करोड़ 11 लाख रूपए की लागत के कार्यों की घोषणा की।

नारायणपाल में मुख्यमंत्री ने कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान की वन समिति के 11 हितग्राहियों को वाहन का वितरण किया। इसमें कोटमसर, तीरथगढ़ और कामानार के वन समिति के हितग्राही शामिल थे। उन्होंने कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं के मेधावी छात्र छात्राओं को टैबलेट और किताबें देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर सांसद श्री महेश कश्यप, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री बसवराजू एस सहित अनेक जनप्रतिनिधि और ग्रामीणजन उपस्थित थे।