छत्तीसगढ़ एग्रीस्टेक योजना: किसानों को मिलेगी ऋण से लेकर सभी जरूरी सहायता जीआईएस आधारित होगा डिजिटल फसल सर्वेक्षण!महासमुंद, धमतरी और कर्वधा में जियो रिफरेंसिंग का कार्य अंतिम चरण में

छत्तीसगढ़ एग्रीस्टेक योजना: किसानों को मिलेगी ऋण से लेकर सभी जरूरी सहायता जीआईएस आधारित होगा डिजिटल फसल सर्वेक्षण!महासमुंद, धमतरी और कर्वधा में जियो रिफरेंसिंग का कार्य अंतिम चरण मे

 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार एग्रीस्टेक योजना पर कार्य कर रही है, इसके अंतर्गत जियो रिफरेंसिंग आधारित डिजिटल फसल सर्वेक्षण किया जाएगा। सर्वे में किसानों की फसलों की सभी जानकारियां भारत सरकार के एग्रीस्टेक पोर्टल में दर्ज होंगी। किसानों को फसल उत्पादकता के लिए जरूरी इनपुट जैसे फसल ऋण, विशेषज्ञों की सलाह से लेकर बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही किसानों को आवश्यकतानुसार बैंक ऋण लेने की भी सुविधा मिलेगी।

एग्रीस्टेक पोर्टल का उद्देश्य कृषि उत्पादकों (किसानों) और नीति निर्माताओं-केंद्र सरकार और राज्य सरकार को एक डिजिटल छतरी के नीचे लाना है। इस पोर्टल के जरिए किसानों को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा। किसानों को भूमि फसल, मृदा स्वास्थ्य, मौसम की स्थिति के आधार पर नियमित रूप से सामयिक सलाह फसल की बोआई और उत्पादन के लिए विश्वसनीय डाटा के अलावा सूखा, बाढ़, खराब उत्पादन जैसे जोखिम से निपटने की तैयारी के बारे में जानकारी मिलेगी। एग्रीस्टेक पोर्टल में किसानों का पंजीयन होने के बाद उन्हें एक फार्म तथा फार्मर आईडी दी जाएगी तथा जियो रेफरेन्सड मैप को किसान आईडी से लिंक किया जाएगा। किसानों द्वारा भूमि में लगाई गई फसल का जीआईएस आधारित डिजिटल सर्वेक्षण किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ में डिजिटल फसल सर्वे खरीफ 2024 के लिए पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में धमतरी, महासमुंद, कवर्धा का चयन किया गया है। इन जिलों में डिजिटल फसल सर्वेक्षण के लिए जियो रिफरेंसिंग का कार्य अंतिम चरण में है। महासमुंद जिले के 1150 गांवों में से 973, धमतरी जिले में 613 ग्राम में से 304, कवर्धा जिले में 1012 ग्रामों में से 809 ग्रामों में जियो रिफरेंसिंग का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इन जिलों में 2 करोड़ 2 लाख 90 हजार से अधिक फार्म आईडी बनाए गए हैं। राज्य स्तर पर एग्रीस्टेक योजना के संचालन के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में संचालन समिति और क्रियान्वयन के लिए संचालक कृषि की अध्यक्षता में क्रियान्वयन समिति गठित की गई है।

धान खरीदी समर्थन मूल्य में इतने रूपये की बढ़ोतरी से किसानों में उत्साह का माहौल छत्तीसगढ़ में मानसून की बौछारों के साथ खेती-किसानी का काम शुरू

छत्तीसगढ़ में मानसून की बौछारों के साथ खेती-किसानी का काम शुरू हो गया है। हाल ही में केन्द्र सरकार के द्वारा छत्तीसगढ़ के किसानों को किसान सम्मान निधि मिलने और धान का समर्थन मूल्य में वृद्धि से किसानों में नया उत्साह दिख रहा है। किसान गांव में खेतों की जोताई-बुआई आदि के कार्यों में जुट गए हैं। राज्य की कुछ हिस्सों में बोनी का काम भी शुरू हो गया है। चालू खरीफ वर्ष में 48.63 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों बोनी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने अपने सरकार के 06 माह पूर्ण होने के बाद कृषि विभाग की समीक्षा बैठक में प्रदेश के किसानों को सुगमता से उनके मांग के अनुरूप किसानों को खाद-बीज उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। खाद-बीज वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। सोसायटियों में पर्याप्त खाद-बीज भण्डारण करने को कहा है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 23.59 लाख से अधिक किसानों को उनके बैंक खातें में 483.85 करोड़ रूपए की राशि अंतरित की। इससे किसानों में खुशी और उत्साह का वातावरण दिख रहा है। किसानों के उत्साह उस समय दुगुना हो गया जब केन्द्र सरकार ने चालू खरीफ सीजन में धान का समर्थन मूल्य 117 रूपये प्रति क्विंटल बढ़ाने का का निर्णय लिया।

 

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष खरीफ 2024 के लिए प्रदेश में 9.78 लाख क्विटल प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य रखा गया है जिसमें से 7.46 लाख क्विटल बीज का भंडारण कर अब तक 4.64 लाख क्विटल बीज का वितरण किसानों को किया जा चुका है। जो मांग का 47 प्रतिशत है। जबकि खरीफ वर्ष 2023 में प्रदेश में कुल 9.43 लाख क्विटल प्रमाणित बीज वितरण किया गया था। इसी प्रकार प्रदेश में इस खरीफ सीजन में 13.68 लाख मेट्रिक टन उर्वरक का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उक्त लक्ष्य के विरूद्ध 11.23 लाख मेट्रिक टन उर्वरकों का सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में भंडारण किया गया है। उक्त भंडारण के विरूद्ध 6.22 लाख मेट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किसानों को किया जा चुका है। जो लक्ष्य का 46 प्रतिशत है। जबकि गत् वर्ष खरीफ 2023 में कुल 13.41 लाख मेट्रिक टन उर्वरक का वितरण किया गया था।

 

अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश की औसत वार्षिक वर्षा 1232.7 मि.मी. है। 18 जून 2024 की स्थिति में राज्य में औसत वर्षा 27.2 मि.मी. दर्ज की गई है जो इसी अवधि की 10 वर्षों की तुलनात्मक दृष्टिकोण से औसत वर्षा 68.4 मि.मी. से 41.2 मि.मी. कम है। गतवर्ष इसी अवधि में 3.3 मि. मी. वर्षा दर्ज की गई थी।

महासमुन्द / जिला मुख्यालय में भव्य और सर्वसुविधायुक्त जिला ग्रंथालय ले रहा आकार प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं का सपना होगा साकार!

महासमुंद के हृदय स्थल में भव्य और सुसज्जित जिला ग्रंथालय आकार ले रहा है। जिले के प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले युवाओं को इसका लाभ मिलेगा। साथ ही साहित्य और पुस्तक प्रेमी नागरिकों को भी यह सुविधा अपने नगर में ही मिलेगी। कलेक्टर श्री प्रभात मलिक के पहल पर जिला ग्रंथालय का निर्माण किया जा रहा है। यह जल्दी ही बनकर तैयार होगा। विदित है कि आज की युवा पीढ़ी टेक्नोलॉजी का भरपूर इस्तेमाल करती है। इसके बावजूद पुस्तकालय का महत्व कम नहीं हुआ है। लाइब्रेरी को रूचिकर और आकर्षक बनाने के लिए उसका स्वरूप बदला जा रहा है। नगर के कचहरी और २ानि मंदिर के पास 3328.20 वर्ग मीटर क्षेत्र में 6.66 करोड़ की लागत से जिला ग्रंथालय का निर्माण किया जा रहा है। जिसमें 500 से अधिक लोगों के लिए अध्ययन की व्यवस्था होगी।

ज्ञात है कि पिछले वर्ष 2023 से नवकिरण अकादमी में नवकिरण लाइब्रेरी की २ारूआत की गई है। जहां ई-लाइब्रेरी, वाई-फाई सहित ए.सी. जैसी सुविधा के साथ ही 8000 से अधिक की संख्या में पुस्तकें उपलब्ध है। लाइब्रेरी सप्ताह के सभी दिन संचालित हो रही है। इस सत्र में 281 प्रशिक्षु लाइब्रेरी में अध्ययन कर रहे हैं। अब तक लाइब्रेरी से कुल 443 प्रशिक्षु लाभान्वित हुए है। युवाओं की रूचि को देखते हुए जिला ग्रंथालय का सपना भी जल्द ही पूरा होगा।

जिला ग्रंथालय के बनने से प्रशिक्षुओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकों का मूल्य अधिक होने के कारण पुस्तक क्रय करने में होने वाली समस्या से निजात मिलेगी। उन्हें एक ही परिसर में कई विद्वान और नामचीन लेखकों का साहित्य और प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकें ऑनलाईन पढ़ने की सुविधा मिल पाएगी। नवकिरण अकादमी में अध्ययन कर रहे मोहन साहू ने बताया कि जिला ग्रंथालय खुलने से हमें एक ही छत के नीचे सभी लेखकों और जरूरत की विषय वस्तु की जानकारी आसानी से मिल पाएगी। निश्चित रूप से इससे हमें काफी मदद मिलेगी।

महासमुंद / पीएम किसान सम्मान निधि अंतर्गत जिले के 1 लाख 13 हजार से अधिक किसानों को 23 करोड़ 31 लाख रूपए जारी

महासमुंद 18 जून 2024/ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज वाराणसी से किसान सम्मान निधि की 17वीं किस्त जारी की। जिसके तहत देशभर के 9.26 करोड़ से अधिक किसानों को 20 हजार करोड़ रूपए से अधिक का लाभ मिलेगा। साथ ही 34000 हजार कृषि सखी को पैरा विस्तार कार्यकर्ता के रूप में प्रमाणीकरण किया गया। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सबसे पहले किसानों के हित में 17वीं किस्त जारी किया। आज महासमुंद जिले के किसानों को भी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि राशि का लाभ मिला।

जिले के एक लाख 13 हजार 229 किसानों के खाते में 23 करोड़ 31 लाख रूपए डीबीटी के माध्यम से पहुंचा। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केन्द्र भलेसर महासमुंद में आयोजित कार्यक्रम में महासमुंद विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा विशेष रूप से उपस्थित थे। उन्होंने सभी किसानों को बधाई देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जो वादा किया था उसे तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के पश्चात तत्काल पूर्ण किया है। आज देश के किसान खुशहाल है और आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। वास्तव में प्रधानमंत्री श्री मोदी का यह योजना किसानों के आत्मनिर्भरता की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।

इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण एवं पी.एम. किसान उत्सव दिवस के रूप में कृषि विकास किसान कल्याण एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग, महासमुंद एवं कृषि विज्ञान केन्द्र, भलेसर, महासमुंद के संयुक्त तत्वाधान में कृषि विज्ञान केन्द्र, भलेसर, महासमुंद में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री योगेश्वर राजू सिन्हा, विधायक, विधानसभा – महासमुंद एवं अन्य अतिथि श्री नानू, श्री सुरेश यादव, श्री बंटी चावला, वेणुगोपाल अग्रवाल उपस्थित हुए। साथ ही जिले के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री एस. आलोक, डीपीओ श्री रेखराज शर्मा, उप संचालक कृषि श्री एफ.आर कश्यप, कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक (इंचार्ज) इंजि. रविश केशरी, विषय वस्तु विशेषज्ञ (जल एवं मृदा अभि.), डॉ निर्झरणी नन्देहा विषय वस्तु विशेषज्ञ (सस्य विज्ञान.), डॉ. पुनिथा कार्तिकेयन, प्रोग्राम सहायक (कम्प्यूटर), श्री कमलकांत लोधी, प्रक्षेत्र प्रबंधक, एवं आस-पास ग्राम के महिला एवं पुरूष कृषकगण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। उसके उपरांत स्वायल हेल्थ कार्ड योजना, फसल अवशेष प्रबंधन, जैविक खाद प्रबंधन, दलहन तिलहन एवं लघु धान्य फसलों को बढ़ावा देने एवं अन्य योजनाओं की जानकारी प्रदान करते हुए कृषकों को प्रशिक्षण दिया गया। जिले के सभी विकासखण्डों में भी पीएम किसान उत्सव दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।
पीएम किसान सम्मान निधि के तहत् विशेष पिछड़ी जनजाति (कमार) अंतर्गत पात्र कृषको को लाभांवित किया जा रहा है। इस योजनांतर्गत समस्त कृषक परिवार को प्रत्येक चार माह में 2000 एवं वर्ष में 6000 रूपये कृषि आदान सामग्री बीज, खाद एवं दवाई हेतु प्रोत्साहन राशि सीधे किसान के खाते में हस्तांतरण किया जाता है।

बसना / जाडामुड़ा करोडो के घोटाला मामले मे शाखा प्रबंधक निलंबित

बसना / जाडामुड़ा करोडो के घोटाला मामले मे शाखा प्रबंधक निलंबित

महासमुन्द 20 जून 2024/ ग्रामीण सेवा सहकारी समिति जाड़ामुड़ा में फर्जी रकबा बढ़ाकर धान खरीदी किए जाने की शिकायत को लेकर जांच टीम गठित की गई है। टीम द्वारा उक्त प्रकरण की जांच की गई है। तत्पश्चात फर्जी रकबा बढ़ाकर धान खरीदी करने संबंधी शिकायत की प्रथम सूचना रिपोर्ट पुलिस थाना बसना मे दर्ज कराई गई है।
शिकायत में उल्लेखित किसानों के खातों में कृषक उन्नति योजना की राशि 12 मार्च 2024 को जमा की गई है एवं इन खातों को होल्ड किया गया था। जिसे श्री शिवनाथ पटेल शाखा प्रबंधक शाखा पिरदा द्वारा आरटीजीएस के माध्यम से भुगतान कर दिया गया। राशि भुगतान संबंधी जानकारी संज्ञान में आने पर पुनः संबंधित बैंक से राशि को रिवर्स करवाकर पुनः उन्ही खातों में राशि जमा कर लिया गया है एवं खातों को फ्रीज कर दिया गया है। नोडल अधिकारी श्री जी.एन. साहू ने बताया कि श्री शिवनाथ पटेल तत्कालीन शाखा प्रबंधक शाखा पिरदा द्वारा की गई इस लापरवाही के लिये बैंक मुख्यालय द्वारा उन्हें निलंबित कर दिया गया है।

बसना पिरदा / फर्जीवाड़े में शामिल लोगों के खाते को सीज किया था जिला प्रशासन ने बिना अनुमति के बैंक ने अनहोल्ड कर 25 लाख रुपये दूसरे व्यक्ति के खाते पैसे ट्रांसफर कर दिए।

बसना पिरदा / फर्जीवाड़े में शामिल लोगों के खाते को सीज किया था जिला प्रशासन ने बिना अनुमति के बैंक ने अनहोल्ड कर 25 लाख रुपये दूसरे व्यक्ति के खाते पैसे ट्रांसफर कर दिए।

महासमुंद जिले के जाड़ामुड़ा धान खरीदी फर्जीवाड़ा में को-आपरेटिव बैंक पिरदा Co-operative Bank Pirda का भी अहम रोल सामने आया है। मिडिया रिपोर्ट के अनुसार फर्जीवाड़े में शामिल लोगों के होल्ड (फ्रीज किए) खाते को जिला प्रशासन की बिना अनुमति के बैंक ने अनहोल्ड कर 25 लाख रुपये दूसरे व्यक्ति के खाते पैसे ट्रांसफर कर दिए। आरोपित किसानों के होल्ड अकाउंट निलंबित बीएम शिवनाथ पटेल और यहां पदस्थ

अकाउंटेंट उसत प्रधान के आइडी से अनहोल्ड किया गया था।
इससे अंदाजा लगाया का सकता है कि जाडामुड़ा कांड Jadamuda incident के आरोपितों की पकड़ बैंक व प्रशासन में कितनी गहरी है, क्योंकि बैंक अधिकारी खाता अनहोल्ड करने कलेक्टर तक की सहमति लेना आवश्यक नहीं समझ रहा

 

2023-24 में धान खरीदी में प्रदेश का सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा forgery महासमुंद जिले के पिथौरा ब्लाक Pithora Block के जाड़ामुड़ा खरीदी केंद्र में उजागर हुआ है। यहां जांच में सामने आया कि फर्जी रकबे में करोड़ों की धान खरीदी फर्जी तरीके से की गई। सेवा सहकारी समिति जाड़ामुड़ा के तत्कालीन प्रबंधक उमेश भोई, दो कंप्यूटर आपरेटर मनोज प्रधान, मनीष प्रधान और 18 किसानों ने मिलकर इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया।

बसना के अग्रवाल नर्सिंग होम मे 21 जून से 28 जून तक इन रोगों के लिए उपलब्ध रहेंगे विषेसज्ञ डॉ और टीम!

बसना के अग्रवाल नर्सिंग होम मे 21 जून से 28 जून तक इन रोगों के लिए उपलब्ध रहेंगे विषेसज्ञ डॉ और टीम!

महासमुंद बसना / नरसिंहनाथ से आये बाबा जी के पास इलाज के लिए लग रही है भीड़ क्या बता रहे है ग्रामीण देसी इलाज या ईश्वरीय चमत्कार!

महासमुंद जिले के तहसील बसना अंतर्गत ग्राम बरडीह के श्री राधा माधव मंदिर आश्रम जो छत्तीसगढ़ में अखण्ड हरिनाम जाप के नाम से जन-जन में विख्यात है। ग्रामीणों के अनुसार इस मंदिर आश्रम के मुख्य सिंह द्वार पर इन दिनों ओडिसा नरसिंहनाथ से आये एक बाबा जी ने सभी प्रकार के रोगियों को निःशुल्क चिकित्सा परामर्श मालिश और परम्परागत आयुर्वेदिक शुद्ध देशी गाय घी घरेलू नुस्खे चिकित्सा पद्धति से इलाज कर रहे हैं ।

 

सब तरह थके हारें लोगों और रोगियों के आस्था बाबा तक सहसा खींच लें रहा है। जहां एक ओर चिकित्सा विज्ञान के हर संभव तमाम सभी प्रकार के कोशिशें नाकामयाब हो जाते‌ हैं

डाक्टर भी हार मान लेते हैं वहां धार्मिक आस्था विश्वास और ईश्वरीय सत्कृपा प्रार्थना दुआ अद्भुत आश्चर्यजनक चमत्कार कर जातें हैं । इसलिए जनमानस में कहा भी जाता है चमत्कार को नमस्कार है। इन चार- पांच दिनों में सभी प्रकार के रोगियों आम जनसमुदाय दुःख दर्द शारीरिक मानसिक पीड़ा कष्ट निवारण के मनोकामना भाव लेकर दूर-दूर से लोग-भाग कर आ रहें हैं सुबह से शाम तक लोगों का भीड़ देखा जा रहा है।

महासमुंद बसना / फर्जी अनाथ आश्रम चलाने वाले के खिलाफ आखिर कब होगी कार्यवाही अधिकारी ने कहा जाँच हो चूका है अब कार्यवाही!

 

महासमुंद के बसना थाना अंतर्गत ग्राम जगदीशपुर नर्सिंग पुर मे सालो से लोगो को गुमराह कर एक फर्जी अनाथ आश्रम का संचालन किया जा रहा था यहां सालो से अन्य राज्य और आसपास के स्थानीय बच्चों को रखकर उनको अनाथ बताया जाता रहा और लोगो से खूब धन दौलत अनाथ बच्चे बताकर बच्चों के नाम से दान लेते रहे लेकिन ज़ब महाजनपद न्यूज़ ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया तो कलेक्टर महोदय के संज्ञान मे आने के बाद इस मामले की जाँच सुरु हो गई जिला बाल संरक्षण विभाग द्वारा मामले की जाँच किया गया जिसमे बताया गया की यहां एक भी बच्चे अनाथ नहीं है वही संचालक अपने आपको बचाने के लिए अनाथ आश्रम को छात्रा वास कहकर गुमराह करने लगा है ज़ब की छात्रा वास से संबंधित भी यहां कोई कागज़त या रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं पाया गया बताया जाता है की यहां एक दो दूध मुहे बच्चे थे जो कहा से आये थे अभी कहा है कोई लेखा जोखा नहीं है वही मामले मे बाल संरक्षण अधिकारी ने कहा जांच कर कार्य क्रम अधिकारी को भेज दिया गया है आचार सहिता के चलते कार्यवाही नहीं हो पा रही थी देखवाते है फ़ाइल कहा रुकी हुई है!

महासमुंद बसना / फर्जी अनाथ आश्रम चलाने वाले के खिलाफ आखिर कब होगी कार्यवाही अधिकारी ने कहा जाँच हो चूका है अब कार्यवाही!

महासमुंद के बसना थाना अंतर्गत ग्राम जगदीशपुर नर्सिंग पुर मे सालो से लोगो को गुमराह कर एक फर्जी अनाथ आश्रम का संचालन किया जा रहा था यहां सालो से अन्य राज्य और आसपास के स्थानीय बच्चों को रखकर उनको अनाथ बताया जाता रहा और लोगो से खूब धन दौलत अनाथ बच्चे बताकर बच्चों के नाम से दान लेते रहे लेकिन ज़ब महाजनपद न्यूज़ ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया तो कलेक्टर महोदय के संज्ञान मे आने के बाद इस मामले की जाँच सुरु हो गई जिला बाल संरक्षण विभाग द्वारा मामले की जाँच किया गया जिसमे बताया गया की यहां एक भी बच्चे अनाथ नहीं है वही संचालक अपने आपको बचाने के लिए अनाथ आश्रम को छात्रा वास कहकर गुमराह करने लगा है ज़ब की छात्रा वास से संबंधित भी यहां कोई कागज़त या रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं पाया गया बताया जाता है की यहां एक दो दूध मुहे बच्चे थे जो कहा से आये थे अभी कहा है कोई लेखा जोखा नहीं है वही मामले मे बाल संरक्षण अधिकारी ने कहा जांच कर कार्य क्रम अधिकारी को भेज दिया गया है आचार सहिता के चलते कार्यवाही नहीं हो पा रही थी देखवाते है फ़ाइल कहा रुकी हुई है!