जवानों के बुलंद हौसलों से मिटेगा नक्सलवाद का कलंक: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

जवानों के बुलंद हौसलों से मिटेगा नक्सलवाद का कलंक: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री साय ने बासिंग स्थित बीएसएफ कैम्प पहुंचकर की जवानों की हौसला अफजाई

कहा- फोर्स के अदम्य साहस और शौर्य को नमन माओवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में मिली ऐतिहासिक कामयाबी पर जवानों को दी बधाई

प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि हमारे जवानों का हौसला दुर्गम पहाड़ों से भी ऊंचा है। नक्सलवाद के विरूद्ध निर्णायक लड़ाई में हमारे जवानों ने अदभुत, साहस, शौर्य और पराक्रम का परिचय दिया है। जवानों के बुलंद हौसलों से अब वह दिन दूर नहीं जब बस्तर से नक्सलवाद का नामोनिशान मिट जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय आज ओरछा ब्लॉक के ग्राम बासिंग स्थित बीएसएफ कैम्प पहुंचे, जहां पर उन्होंने 21 मई को डीआरजी-बीएसएफ और जिला बल के द्वारा माओवादियों के विरूद्ध नारायणपुर, दंतेवाड़ा और बीजापुर की सरहदी पहाड़ियों में चलाए गए नक्सल विरोधी ऑपरेशन में 27 नक्सलियों को मार गिराने वाले जवानों की हौसला-अफजाई की। उन्होंने बासिंग कैम्प में जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि यह माओवाद के विरूद्ध अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है जिसमें सुरक्षा बलों ने हार्डकोर माओवादी बसवा राजू सहित 27 नक्सलियों को मार गिराया है। मुख्यमंत्री के साथ उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और वन मंत्री श्री केदार कश्यप, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह भी बासिंग पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने जवानों की हौसला अफ़ज़ाई करते हुए तिलक लगाकर उनका अभिनंदन किया। उन्होंने जवानों से कहा कि बस्तर में अमन और शांति लाने में आपकी महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्यमंत्री ने सुरक्षा बल के जवानों को 50 मोटर बाइक पर हरी झंडी दिखाकर गस्त करने के लिए रवाना किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने जवानों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सुरक्षा बलों ने जिस तरह उच्च स्तरीय रणनीति बनाकर ऑपरेशन को अंजाम दिया और कामयाबी हासिल की वह काबिले-तारीफ है। फोर्स के इस अदम्य साहस और शौर्य को नमन है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अब वह दिन दूर नहीं जब बस्तर के माथे से माओवाद का कलंक पूरी तरह से मिट जाएगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक देश से नक्सल समस्या को समूल समाप्त करने का संकल्प लिया है, वह पूरा होता नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि वह दिन दूर नहीं जब बस्तर अंचल छत्तीसगढ़ के विकास से पूरी तरह जुड़ जाएगा। उन्होंने उम्मीद जाहिर करते हुए कहा कि बस्तर के अंदरूनी इलाके, जहां कुछ साल पहले तक जाना भी संभव नहीं था, वहां अब शिक्षा, स्वास्थ्य, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के क्रियान्वयन और निर्माण कार्यों में अब गति आएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि माओवाद प्रभावित क्षेत्रों को शासन की योजनाओं से जोड़ने नियद नेल्लानार, पीएम जनमन जैसी योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिसका सकारात्मक बदलाव अब बस्तर में दिखने लगा है। माओवाद की समाप्ति के साथ ही बस्तर विकास की ओर तेजी से बढ़ेगा। उन्होंने ऑपरेशन में शामिल सभी जवानों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए उनकी बहादुरी के लिए बधाई दी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि इस ऑपरेशन और जवानों की बड़ी और ऐतिहासिक सफलता की सराहना राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी हो रही है। उन्होंने कहा कि अब बस्तर में बड़ा और सकारात्मक परिवर्तन होने जा रहा है जो विकास और प्रगति की राह पर बस्तर को ले जाएगा।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने जवानों को एलईडी सेट और गिफ्ट हैम्पर भेंट किए। इस अवसर पर ऑपरेशन में शामिल जवानों ने की गई तैयारियों और रणनीति की जानकारी मुख्यमंत्री एवं उप मुख्यमंत्री को दी। इसके पहले, जवानों ने मुठभेड़ के बाद माओवादियों से रिकवर किए गए हथियारों का प्रदर्शन किया, जिसमें बीजीएल लॉन्चर, 12 बोर बंदूक, .303 बंदूक, 7.62 रायफल, 5.56 एमएम इंसास, एके-47, 9 एमएम कार्बाइन सहित विभिन्न प्रकार के हथियार सम्मिलित थे।

इस मौके पर पुलिस महानिदेशक श्री अरूण देव गौतम, एडीजी नक्सल ऑपरेशन श्री विवेकानंद सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, बस्तर कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री सुंदरराज पी, डीआईजी श्री अमित तुकाराम कामले, कलेक्टर नारायणपुर श्रीमती प्रतिष्ठा ममगाईं, पुलिस अधीक्षक श्री प्रभात कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।

ग्रामीणों को मिलेगी बड़ी राहत : रजिस्ट्री की दस नई क्रांतियों पर कार्यशाला आयोजित

रायपुर : ग्रामीणों को मिलेगी बड़ी राहत : रजिस्ट्री की दस नई क्रांतियों पर कार्यशाला आयोजित

 

रजिस्ट्री के साथ-साथ अब नामांतरण भी होगा आसान: मंत्री देवांगन

शासन द्वारा रजिस्ट्री की प्रक्रिया में किए गए दस नई क्रांतियों पर आज  खैरागढ़ कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन रहें।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की मंशा है कि शासन व्यवस्था में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित हो। इसी उद्देश्य को साकार करने हेतु उन्होंने डिजिटलीकरण को बढ़ावा दिया है, जिससे समस्त प्रक्रियाएं ऑनलाइन माध्यम से संचालित हों और फर्जीवाड़ा जैसी समस्याओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

प्रधानमंत्री जी की इस दूरदर्शी सोच के अनुरूप, छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। प्रदेश में “रजिस्ट्री की 10 क्रांतियाँ” प्रारंभ की गई हैं, जिससे आमजन विशेषकर दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करने वाले नागरिकों को सीधे लाभ मिलेगा।

पूर्व में रजिस्ट्री और नामांतरण से जुड़ी जो समस्याएं नागरिकों को झेलनी पड़ती थीं, उन्हें दूर करने की दिशा में यह एक क्रांतिकारी कदम सिद्ध होगा। यह पहल सरलता, पारदर्शिता एवं दक्षता को सुनिश्चित करती है, जिससे नागरिकों को अब अपने भूमि से संबंधित कार्यों के लिए बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने कहा कि प्रशिक्षण और कार्यशालाएं जनसमुदाय को सशक्त बनाने का माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्यशालाओं से आम लोगों को न केवल जानकारी मिलती है, बल्कि वे नई व्यवस्थाओं और बदलावों को भी समझ पाते हैं।

सांसद श्री संतोष पाण्डेय आज यहां एक विशेष कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, “कार्यशालाएं केवल जानकारी देने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि यह परिवर्तन का पहला चरण होती हैं। आज की कार्यशाला जनहित के लिए अत्यंत लाभकारी है।”

श्री पाण्डेय ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए व्यापक सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में बीते वर्षों में निर्णायक बदलाव हुए हैं। उन्होंने कहा, “भारतीय दंड संहिता में संशोधन कर उसे न्यायोचित बनाया गया है। वहीं, कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाना एक ऐतिहासिक निर्णय था, जिससे देश की एकता और अखंडता को बल मिला।”

डिजिटलीकरण के लाभों का उल्लेख करते हुए सांसद पांडे ने कहा कि इससे सरकारी प्रक्रियाएं तेज और पारदर्शी हुई हैं। रजिस्ट्री प्रक्रिया में शामिल किए गए 10 प्रमुख बिंदुओं को उन्होंने “क्रांतिकारी परिवर्तन” बताया। उन्होंने कहा कि इन नवाचारों को जनसामान्य तक पहुंचाने और अधिकतम लोगों को इनका लाभ दिलाने की आवश्यकता है।

जिला पंचायत अध्यक्ष श्री प्रियंका खम्हन ताम्रकार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री विक्रांत सिंह, जिला पंचायत सदस्य श्री ललित चोपड़ा, श्री भुनेश्वरी देवांगन, श्री दिनेश वर्मा, श्रीमती अरुणा बनाफर, श्रीमती हेमलता मांडवी, जमुना महेश कुर्रे ने कहा कि शासन द्वारा संचालित योजना सराहनीय है। 10 नई क्रांति बहुत अच्छी पहल है। रजिस्ट्री, नामंतरण एवं अन्य समस्याओं का हल निकालने सरकार का बेहतर प्रयास है। सरलीकरण एवं सुविधाओं का विस्तार भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आए दिन जनप्रतिनिधियों के पास आमलोग पहुंच कर जमीन से संबंधित विवादों की शिकायत करते है लेकिन अब इन सभी समस्याओं से आम नागरिकों को निजात मिलेगा।

कार्यशाला में कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने बताया कि 03 मई 2025 को माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा जी एवं पंजीयन विभाग के मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी जी की उपस्थिति में “रजिस्ट्री में 10 क्रांतियां” कार्यक्रम के अन्तर्गत पंजीयन विभाग की 10 जन उपयोगी पहलों का शुभारंभ किया गया।

इसका मुख्य उद्देश्य पंजीयन संबंधी सेवाओं का अधिक पारदर्शी, सरल, डिजिटल एवं नागरिकों की सुविधा के अनुरूप बनाना है। आधार आधारित प्रमाणीकरण, ऑनलाईन भारमुक्त प्रमाण-पत्र, व्हाट्सअप सूचना सेवा, घर बैठे रजिस्ट्री और स्वतः नामांतरण जैसी सुविधाओं के माध्यम से आम जनता को पंजीयन सेवाओं का लाभ अब कही अधिक सहजता से प्राप्त हो सकेंगे।

इन सुधारों से आम नागरिकों को पंजीयन से जुड़े कार्यों हेतु कार्यालयों में बार-बार चक्कर लगाने की आवश्यकता नही होगी और साथ ही सम्पत्ति पंजीयन में होने वाले फर्जीवाड़े की घटनाओं पर भी प्रभावी नियंत्रण होगा।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, प्रिंट व इलेक्ट्रानिक मीडिया के प्रतिनिधिगण जिला पंचायत सीईओ श्री प्रेम कुमार पटेल, अपर कलेक्टर श्री सुरेंद्र कुमार ठाकुर , संयुक्त कलेक्टर श्रीमती सुमन राज, एसडीएम खैरागढ़ श्री टंकेश्वर प्रसाद साहू सहित पंजीयन, राजस्व विभाग अधिकारी आदि उपस्थित थे।

रजिस्ट्री में 10 नई क्रांतियांः –

फर्जी रजिस्ट्री रोकने के लिए आधार सत्यापन

पंजीयन साफ्टवेयर को आधार लिंक किया गया है, पंजीयन के समय क्रेता-विक्रेता एवं गवाहों की पहचान आधार रिकार्ड व बायोमेट्रिक के माध्यम से की जाएगी जिससे गलत व्यक्ति को खड़े कराकर पंजीयन नही हो सकेगा। आम जनता को फर्जीवाड़े का शिकार नही होना पड़ेगा और फर्जी रजिस्ट्री की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।  आम आदमी वर्षों की जमा पूंजी लगाकर स्वयं का घर खरीदते है, इसलिए संपत्ति खरीदने से पहले पूरी जांच पड़ताल आवश्यक है। अभी रजिस्ट्री की जानकारी के लिए पंजीयन कार्यालय में स्वयं या वकील के माध्यम से उपस्थित होकर सर्च करना पड़ता है, रजिस्ट्री खोज का प्रावधान होने से खसरा नंबर डालते ही उस खसरे के पूर्व के समस्त लेनदेन की जानकारी एक क्लिक पर प्राप्त हो सकेगी। खसरा नंबर दर्ज कर संपत्ति की पूर्व रजिस्ट्री की जानकारी देखी जा सकती है और रजिस्ट्री दस्तावेज डाउनलोड किए जा सकते हैं। इससे क्रेताओं को विवादित या बंधक जमीन की जानकारी पहले ही प्राप्त हो जाएगी।

ऑनलाइन भारमुक्त प्रमाण पत्र की सुविधा भार मुक्त प्रमाण पत्र एक बहुत ही आवश्यक प्रमाणपत्र है जो संपत्ति खरीदने के पूर्व उसकी जानकारी उपलब्ध कराता है। संपत्ति पर ऋण, बंधक या पूर्व विक्रय की स्थिति अब ऑनलाइन भारमुक्त प्रमाण पत्र के माध्यम से आसानी से ज्ञात की जा सकती है। कई शासकीय कार्यों एवं बैंक से लोन प्राप्त करने के लिए यह प्रमाण पत्र अनिवार्य होता है। यह प्रमाणपत्र अब आनलाइन ही प्रदाय किया जा सकेगा।  पहले रजिस्ट्री कराने के लिए स्टाम्प शुल्क और पंजीयन शुल्क का अलग-अलग जगह और समय पर भुगतान करना पड़ता था। अब स्टाम्प एवं पंजीयन शुल्क को एक साथ लिये जाने के लिए स्टांप एवं रजिस्ट्री शुल्कों का कैशलेस भुगतान सिस्टम तैयार किया गया है। स्टाम्प एवं पंजीयन शुल्क का एक साथ सुविधानुसार क्रेडिट डेबिट कार्ड, पीओएस मशीन, नेट बैंकिंग अथवा यूपीआई से फीस का भुगतान हो सकेगा। व्हाट्सएप आज के समय में सर्वाधिक उपयोग हो रहा सोशल मीडिया प्लेटफार्म है। पंजीयन कराने वाले क्रेता-विक्रेता को अपाईन्टमेंट सहित पंजीयन होने तक सभी प्रकार के अपडेट एवं एलर्ट व्हाट्सएप में ही प्राप्त होंगे। रजिस्ट्री की प्रति भी व्हाट्सएप से ही डाउनलोड हो जायेगी। इस सुविधा के माध्यम से फीडबैक एवं शिकायतें भी व्हाट्सएप के माध्यम से की जा सकेंगी।

डिजीलॉकर की सुविधा रजिस्ट्री दस्तावेजों को डिजिलॉकर में सुरक्षित स्टोर किया जाएगा, ताकि आवश्यकता पडऩे पर पक्षकार को आसानी से डिजीटल प्रमाणित दस्तावेज उपलब्ध हो जाए।

रजिस्ट्री दस्तावेजों का स्वतः जनता की सुविधा के लिए रजिस्ट्री को पेपर लेस बनाया गया है। ऑनलाईन दस्तावेज प्रारूप का चयन कर पक्षकार और संपत्ति विवरण दर्ज करने पर स्वतः ही दस्तावेज तैयार हो जाएगा। वही दस्तावेज पेपरलेस होकर उप पंजीयक को ऑनलाइन प्रस्तुत होगा।

घर बैठे स्टाम्प सहित दस्तावेज निर्माण डिजीडॉक सेवा के माध्यम से किरायानामा, शपथ पत्र, अनुबंध जैसे गैर-पंजीकृत दस्तावेज अब घर बैठे डिजिटल स्टाम्प के साथ ऑनलाइन तैयार किए जा सकते हैं।

घर बैठे रजिस्ट्र दस्तावेज निर्माण, स्टाम्प भुगतान और रजिस्ट्री प्रक्रिया अब पूरी तरह ऑनलाइन होकर घर से ही पूर्ण की जा सकती है। अभी यह सेवा 10 प्रकार के दस्तावेजों जैसे-रेंट एग्रीमेंट, मोर्गेज डीड आदि में शुरू की गई है।

रजिस्ट्री के साथ होगा स्वतः नामांतर रजिस्ट्री प्रक्रिया पूर्ण होते ही संबंधित क्रेता का नाम राजस्व रिकॉर्ड में स्वतः दर्ज हो जाएगा। इसके लिए अलग से नामांतरण आवेदन, शुल्क या लंबी प्रतीक्षा की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे नागरिकों के समय, प्रयास और खर्च तीनों की बचत होगी। अब तक अचल संपत्ति खरीदने के लिए पंजीयन कराने के बाद उसके बाद उसे राजस्व रिकार्ड में अद्यतन कराना पड़ता रहा हैं, नामांतरण की इस प्रक्रिया में महीने लग जाते थे, इस बीच वही संपत्ति अन्य को बेच दिये जाने पर पीड़ित पक्षकारों को न्याय के लिए भटकना पड़ता था। अब पंजीयन के तुरंत बाद ही स्वतः नामांतरण होने से न केवल समय की बचत होगी बल्कि आम जनता को फर्जीवाडे का शिकार भी नही होना पड़ेगा।

 

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के समक्ष मुख्यमंत्री साय का आत्मनिर्भर बस्तर विजन

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के समक्ष मुख्यमंत्री साय का आत्मनिर्भर बस्तर विजन

75 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था और 3T मॉडल के साथ 2047 का लक्ष्य प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ का दूरदर्शी विकास मॉडल प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि कभी नक्सल हिंसा के लिए पहचाना जाने वाला बस्तर अब देश को विकास, रोजगार और आत्मनिर्भरता का नया मॉडल देने जा रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने नीति आयोग के मंच पर छत्तीसगढ़ के लिए 75 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था का दीर्घकालिक लक्ष्य रखा और इसके केंद्र में ‘3T मॉडल’ (Technology, Transparency, Transformation) को बताया। उन्होंने कहा कि राज्य प्रशासन अब तकनीक आधारित, पारदर्शी और तेज़ गति से निर्णय लेने वाला बन रहा है। हर योजना को डिजिटली ट्रैक किया जा रहा है, ताकि आम जनता को समय पर और सटीक सेवाएं मिल सकें। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह मॉडल न केवल छत्तीसगढ़ को विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने में सहायक होगा, बल्कि भारत के 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य में भी राज्य की अहम भूमिका सुनिश्चित करेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने वर्ष 2047 तक के लिए एक विस्तृत रणनीति तैयार की है, जिसके तहत राज्य की अर्थव्यवस्था को 6 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 75 लाख करोड़ रुपये तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस दौरान प्रति व्यक्ति आय में 10 गुना वृद्धि का अनुमान है। इस रणनीति को ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन डॉक्यूमेंट’ नाम दिया गया है, जिसमें राज्य के आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय विकास की समग्र योजना निहित है।

उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य की प्राप्ति हेतु शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना, कृषि, आईटी, पर्यटन और कौशल विकास जैसे 13 प्रमुख क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। इन सभी क्षेत्रों के बेहतर क्रियान्वयन हेतु 10 विशिष्ट मिशन प्रारंभ किए गए हैं।

बस्तर अब संघर्ष नहीं, संभावना का प्रतीक

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर अब संघर्ष का नहीं, बल्कि संभावनाओं का क्षेत्र बन गया है। बस्तर और उसके आसपास के 32 ब्लॉकों में स्किल डेवलपमेंट सेंटर खोले गए हैं, जहां युवाओं को कंप्यूटर, स्वास्थ्य सेवा, फूड प्रोसेसिंग और तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। अब यहां के बच्चे जंगल में लकड़ी चुनने के बजाय लैपटॉप और मशीनें चला रहे हैं।

उन्होंने बताया कि बस्तर में अब बड़े निवेश आ रहे हैं। नवा रायपुर में स्थापित की जा रही देश की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट और एआई डेटा सेंटर से बस्तर एवं समूचे राज्य में रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे। अब बस्तर ‘मेक इन इंडिया’ का उपयुक्त स्थल बन रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि  सरकार द्वारा मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए पुनर्वास, प्रशिक्षण और स्वरोजगार योजनाएं तैयार की गई हैं। अब बस्तर में आदिवासियों को स्वरोजगार, प्रशिक्षण और बाज़ार की सुविधाएं मिल रही हैं। स्थानीय उत्पादों की बिक्री से रोजगार के नए द्वार खुल रहे हैं। बस्तर का धुड़मारास गांव संयुक्त राष्ट्र द्वारा ‘सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव’ की सूची में शामिल किया गया है।

भौगोलिक और औद्योगिक अधोसंरचना में ऐतिहासिक निवेश

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ में रेल नेटवर्क को 1100 किलोमीटर से बढ़ाकर 2200 किलोमीटर तक ले जाने का कार्य प्रगति पर है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर 21 हजार करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। रायपुर एयरपोर्ट से अब कार्गो सेवा भी प्रारंभ हो चुकी है, जिससे राज्य एक प्रमुख लॉजिस्टिक हब के रूप में उभर रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में प्रचुर मात्रा में खनिज संपदा उपलब्ध है। विशेषकर स्टील, कोयला, डोलोमाइट और लिथियम जैसे संसाधनों की उपलब्धता के चलते छत्तीसगढ़ औद्योगिक दृष्टि से अग्रणी राज्य बनता जा रहा है। स्टील उत्पादन क्षमता को 28 मिलियन टन से बढ़ाकर 45 मिलियन टन और बिजली उत्पादन को 2030 तक देश में शीर्ष स्थान तक ले जाने का लक्ष्य है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जहां लिथियम ब्लॉक की सफल नीलामी हुई है। यह उपलब्धि ग्रीन एनर्जी और इलेक्ट्रिक वाहनों के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक सिद्ध होगी।

प्रशासनिक नवाचार और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन

मुख्यमंत्री श्री  साय ने राज्य सरकार द्वारा किए गए 350 से अधिक नीतिगत सुधारों की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि जमीन पंजीकरण जैसे कार्य अब केवल 500 रुपये में घर बैठे संभव हो गए हैं। नई औद्योगिक नीति के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में प्ले स्कूल, हॉस्पिटल और कॉलेज खोलने वालों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

नीति आयोग में छत्तीसगढ़ के 2047 रोडमैप की प्रमुख बातें

1. छत्तीसगढ़ – ऊर्जा और उद्योग की रीढ़: मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ बिजली, कोयला, स्टील और सीमेंट जैसे संसाधनों के माध्यम से भारत की औद्योगिक नींव को सुदृढ़ करता है। छत्तीसगढ़ की यह विशिष्टता देश के आर्थिक विकास को मजबूत आधार प्रदान करती है।

2. खेती और जंगल – ग्रामीण समृद्धि का आधार: कृषि, मछलीपालन और वनोपज आधारित आजीविका से ग्रामीणों और आदिवासियों की आय और आत्मनिर्भरता बढ़ी है जो आदिवासी और ग्रामीण जीवन की दिशा में सकारात्मक परिवर्तन को परिलक्षित करता है।

3. आदिवासी अधिकारों में नई क्रांति: आदिवासी परिवारों को जमीन का अधिकार पाने की प्रक्रिया सरल होने से आदिवासियों का सुरक्षा और सम्मान बढ़ेगा, जो सामाजिक न्याय और अधिकारों की दिशा में क्रांतिकारी पहल है।

4. HHH मॉडल से पर्यटन को नया विस्तार: HHH मॉडल के माध्यम से हॉस्पिटैलिटी, हाउसिंग और हैंडीक्राफ्ट के जरिए स्थानीय महिलाओं और कारीगरों को रोजगार मिलने के साथ ही छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान मिलेगी।

5. डिजिटल बदलाव से प्रशासन में पारदर्शिता और गति : अब सरकारी कामों में तकनीक का ज़्यादा इस्तेमाल हो रहा है। छत्तीसगढ़ ने “3T” मॉडल अपनाया  है – टेक्नोलॉजी, ट्रांसपेरेंसी और ट्रांसफॉर्मेशन। इसका मतलब है कि सरकारी काम अब साफ-सुथरे और जल्दी होंगे। ऑनलाइन फॉर्म, समय पर सेवाएं और आसान प्रक्रिया से जनता का भरोसा बढ़ेगा। यह भ्रष्टाचार को घटाकर जनता के विश्वास को मजबूत करता है।

6. नीतिगत नेतृत्व में अग्रणी राज्य: मुख्यमंत्री ने बताया कि अब छत्तीसगढ़ सिर्फ संसाधन बहुल राज्य नहीं, बल्कि नीति और प्रशासन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बन रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के “न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन” के विचार को छत्तीसगढ़ पूरी लगन से लागू कर रहा है। अब तक 350 से ज्यादा सरकारी सुधार किए गए हैं।

7. सड़क परिवहन और हवाई सुविधाओं की बढ़ी रफ्तार: 11 साल में 21,380 करोड़ से नई सड़कें बनीं। अब जगदलपुर, बिलासपुर और अंबिकापुर एयरपोर्ट का सीधा सम्पर्क  देश के विभिन्न क्षेत्रों से बन चुका है।                                                                                  8. रेल सुविधाओं  का विस्तार: राज्य में 161 साल में 1100 किमी रेल लाइन बनी थी। अब 2030 तक ये दोगुनी होकर 2200 किमी होगी जो कनेक्टिविटी को बढ़ाने में अत्यंत महत्वपूर्ण होगा।

 

नीति आयोग की बैठक में दिखी आत्मीयता: जब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का थामा हाथ और कहा – छत्तीसगढ़ की बात अभी बाकी है

नीति आयोग की बैठक में दिखी आत्मीयता: जब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का थामा हाथ और कहा – छत्तीसगढ़ की बात अभी बाकी है

नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक के दौरान एक आत्मीय क्षण सामने आया, जिसने सबका ध्यान खींचा। लंच ब्रेक के समय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का हाथ थामते हुए मुस्कराकर कहा कि  “छत्तीसगढ़ की बात अभी बाकी है।” इस एक वाक्य में प्रधानमंत्री का स्नेह, विश्वास और राज्य के प्रति विशेष रुचि झलक रही थी। उस क्षण, आसपास उपस्थित आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री एन. चंद्रबाबू नायडू और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री श्री एम.के. स्टालिन भी मुस्कराते हुए इस संवाद के साक्षी बने।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के आदिवासी अंचलों में हो रहे सकारात्मक बदलाव, औद्योगिक निवेश, और ‘आत्मनिर्भर बस्तर’ की दिशा में राज्य सरकार द्वारा उठाए गए ठोस कदमों की सराहना की। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि कैसे बस्तर अब संघर्ष नहीं, संभावना का प्रतीक बन रहा है – जहाँ कभी बंदूकें चलती थीं, वहाँ अब मशीनें, लैपटॉप और स्टार्टअप की चर्चा हो रही है। नवा रायपुर में देश की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट और एआई डेटा सेंटर की स्थापना से लेकर लिथियम ब्लॉक की नीलामी तक – छत्तीसगढ़ अब न केवल संसाधनों का राज्य है, बल्कि भविष्य के भारत की प्रयोगशाला बन रहा है।

यह क्षण किसी औपचारिक संवाद का नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के द्वारा छत्तीसगढ़ के विकास के लिए प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री श्री साय के प्रयासों की सहज स्वीकृति और सराहना का था। नीति आयोग की बैठक में जहां देशभर के राज्यों ने अपने विकास मॉडल प्रस्तुत किए, वहीं छत्तीसगढ़ की प्रस्तुति ने प्रधानमंत्री की विशेष रुचि और सराहना प्राप्त की। यह स्पष्ट संकेत है कि छत्तीसगढ़ अब केवल एक उभरता हुआ राज्य नहीं, बल्कि देश के समग्र विकास में एक निर्णायक भूमिका निभाने वाला राज्य बन चुका है।

 

रायपुर : विकसित भारत के लक्ष्य की ओर छत्तीसगढ़ का संकल्प- नीति आयोग की बैठक में शामिल होंगे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर : विकसित भारत के लक्ष्य की ओर छत्तीसगढ़ का संकल्प- नीति आयोग की बैठक में शामिल होंगे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

विकास रोडमैप के साथ मुख्यमंत्री पहुंचे नीति आयोग की बैठक में शामिल होने नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने से पहले छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने चर्चा करते हुए राज्य के विकास रोडमैप, नक्सलवाद के अंत और नई औद्योगिक नीति को लेकर अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं।

रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री साय ने बातचीत में कहा कि वह इस महत्वपूर्ण बैठक में छत्तीसगढ़ की भावी विकास योजनाओं और राज्य के दृष्टिकोण को नीति आयोग के समक्ष रखेंगे। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के प्रधानमंत्री के लक्ष्य के अनुरूप, हमारा उद्देश्य “विकसित छत्तीसगढ़” की दिशा में ठोस कदम बढ़ाना है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ सरकार बस्तर और अन्य क्षेत्रों के समावेशी विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्होंने नक्सलवाद की समस्या पर भी बात की और कहा कि राज्य में अब यह समाप्ति की ओर है, क्योंकि सरकार ने सुरक्षा के साथ-साथ विकास को प्राथमिकता दी है।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री साय ने बताया कि वह बैठक में राज्य की नई औद्योगिक नीति, निवेश प्रोत्साहन और औद्योगिक अवसरों की संभावनाओं पर भी प्रकाश डालेंगे। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़, प्रधानमंत्री के विकसित भारत के सपने को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा।

 

रायपुर : शिक्षा का उद्देश्य संस्कार और सेवा होना चाहिए – राज्यपाल श्री रमेन डेका

रायपुर : शिक्षा का उद्देश्य संस्कार और सेवा होना चाहिए – राज्यपाल श्री रमेन डेका

विप्र पब्लिक स्कूल के नव-निर्मित भवन के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल हुए राज्यपाल विप्र पब्लिक स्कूल, रायपुर के नव-निर्मित भवन का लोकार्पण जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती जी महाराज के करकमलों से संपन्न हुआ। इस अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि केवल डिग्री प्राप्त करना ही शिक्षा नहीं है, बल्कि यह हमारे व्यक्तित्व को संवारने और समाज के प्रति जिम्मेदार बनाने की प्रक्रिया है। अपने उद्बोधन में राज्यपाल श्री डेका ने विप्र शिक्षा समिति और विप्र कॉलेज के 30 वर्षों की शिक्षायात्रा को गौरवपूर्ण बताते हुए सभी पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह संस्थान न केवल शिक्षा का केंद्र है, बल्कि यह ज्ञान, सेवा और संस्कृति का संगम है।

राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि “आज जब पूरा विश्व डिजिटल क्रांति और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दिशा में आगे बढ़ रहा है, तब ऐसी शिक्षा की जरूरत है जो आधुनिकता के साथ-साथ हमें हमारी जड़ों और भारतीय जीवन मूल्यों से भी जोड़े रखे।

राज्यपाल ने श्री डेका कहा कि भवन कैसा है यह न देख हुए वहां कैसी शिक्षा मिल रही है यह देखा जाए। हमे ऐसी शिक्षा देना  है जो स्थानीय भाषाओं और सांस्कृतिक समझ के साथ-साथ विज्ञान, गणित और तकनीकी शिक्षा को समन्वित करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नव-निर्मित भवन आने वाले वर्षों में शिक्षा की गुणवत्ता का प्रतीक बनेगा।

श्री डेका ने कहा कि देश में गुरूकुल परंपरा को स्थापित करने में ब्राह्यण समाज का बहुत बड़ा योगदान है। ब्राह्यण समाज ने सदैव शिक्षा और नैतिकता तथा सामाजिक मार्गदर्शन को अपना कर्त्तव्य माना है।

इस अवसर पर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती जी महाराज ने अपना आर्शीवचन दिया।  कार्यक्रम  में सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायकगण श्री राजेश मूणत, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री अनुज शर्मा, रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, पूर्व मंत्री श्री रवींद्र चौबे ने भी अपना संबोधन दिया।  इस अवसर पर संतगण सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, अभिभावक, विद्यार्थी और विप्र समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

महासमुंद : राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत संविदा पदों पर भर्ती हेतु मान्य एवं अमान्य सूची 

महासमुंद : राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत संविदा पदों पर भर्ती हेतु मान्य एवं अमान्य सूची

जारीराष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत जिला महासमुंद में संविदा पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन पश्चात अभ्यर्थियों से द्वितीय दावा आपत्ति मंगाई गई थी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि द्वितीय दावा आपत्ति में प्राप्त आवेदनों का जिला चयन समिति के बैठक में लिए गए निर्णय अनुसार निराकरण कर मान्य एवं अमान्य सूची जारी किया गया है।                                              उक्त सूची का विस्तृत विवरण महासमुंद जिले की वेबसाइट पर अवलोकन किया जा सकता है।

समाधान शिविर में 246 बुजर्गो का बना आयुष्मान वय वंदन कार्ड

बलौदाबाजार : समाधान शिविर में 246 बुजर्गो का बना आयुष्मान वय वंदन कार्ड

70 वर्ष या इससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को मिलेगा 5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा सुशासन तिहार 2025 अंतर्गत कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर समाधान शिविरों में चिकित्सा स्टाफ द्वारा आमजन की स्वास्थ्य जाँच के अतिरिक्त 70 वर्ष या इससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए आयुष्मान वय वंदन कार्ड भी बनाए जा रहे हैं। शिविर में अब तक 246 ऐसे कार्ड बनाये जा चुके हैं। जो लोग शिविर में किसी अशक्तता के कारण नहीं पहुँच पाए उनके घर जा के भी कार्ड बनाए  जा रहे हैं। कलेक्टर दीपक सोनी ने अपील करते हुए कहा है कि जिनका आयुष्मान कार्ड नहीं बना है वह नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र में जा कर बनवा लें ताकि शासन की इस योजना का लाभ मिल सके।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजेश कुमार अवस्थी के जानकारी देते हुए बताया कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत बने आयुष्मान वय वंदन कार्ड के माध्यम से 5 लाख का स्वास्थ्य बीमा लाभ प्राप्त होता है। इससे सम्बद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार कराया जा सकता है। इसमें पुरानी बीमारी का भी उपचार होता है। वर्तमान में जिले में ऐसे 14 सम्बद्ध अस्पताल हैं जो इसका लाभ दे रहे हैं। यह लाभ हर वर्ग के वरिष्ठ नागरिकों को प्राप्त होता है।स्वास्थ्य केंद्रों में रूटीन कार्यों के तहत पूर्व की तरह कार्ड बनना सतत रूप से ज़ारी है।इस बारे में और अधिक जानकारी हेतु कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी अथवा टोल फ्री नंबर 104 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

पुण्यश्लोक अहिल्या बाई होल्कर जी की 300 वी जयंती* के उपलक्ष में भाजपा मंडल सरायपाली में निवासरत वरिष्ठ भाजपा

*पुण्यश्लोक अहिल्या बाई होल्कर जी की 300 वी जयंती* के उपलक्ष में भाजपा मंडल सरायपाली में निवासरत वरिष्ठ भाजपा नेता एवं जनप्रतिनिधियों ने जोगीतालाब स्थित शिव मंदिर सरायपाली परिसर में साफ सफाई अभियान में अपना योगदान दिया सफाई अभियान के उपरांत उपस्थित वरिष्ठजनों ने शिव मंदिर में भगवान की पूजा अर्चना की जिसमें भाजपा के वरिष्ठ नेता जिला महामंत्री संजय शर्मा जी, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष विपिन उबोवेजा जी, ओबीसी मोर्चा जिला अध्यक्ष चंद्र कुमार पटेल , वरिष्ठ नेता बिहारी लाल अग्रवाल,धनेश नायक, स्वर्ण सिंह सलूजा,मंडल अध्यक्ष गुंजन अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती कुमारी भास्कर, जिला महिला मोर्चा से श्रीमती तारेस्वरी नायक, श्रीमती पुष्पलता चौहान,मंडल उपाध्यक्ष श्रीमती सीता सतपथी, जनपद उपाध्यक्ष मुकेश चौधरी,मंडल उपाध्यक्ष तोषनाथ यादव,मंडल महामंत्री प्रकाश पटेल एवं विदित धनानिया, मनोज दास, तिलक साहु, देवराज चौहान,पार्षद रोहित प्रधान, मंडल कोषाध्यक्ष तरुण बारीक, भूपेश सलूजा, धनेश्वर भास्कर,कमल अग्रवाल,किशन जायसवाल , मुकेश आदित्य,कार्यक्रम प्रभारी मनोज आदित्य, आदर्श गुप्ता एवं भाजपा के कार्यकर्ताओ के साथ वार्ड वासी बड़ी संख्या में शामिल रहे।उक्त जानकारी मंडल अध्यक्ष गुंजन अग्रवाल ने दी.

डरा धमका कर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करती थी पाखण्ड ने ली एक महिला की जान आरोपी गिरफ्तार! 

डरा धमका कर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करती थी पाखण्ड ने ली एक महिला की जान आरोपी गिरफ्तार!

तेल और गरम पानी डालकर अपने पैरो से मृतिका के सीने को मसलती थी और ईसाई धर्म का प्रार्थना करवाती थी। प्रार्थिया सुनिता सोनवानी निवासी पण्डरी रायपुर हाल महासमुंद पचेड़ा के द्वारा थाना राजिम उपस्थित आ कर रिपोर्ट दर्ज कराया कि प्रार्थिया की पुत्री की मानसिक स्थिति ठीक नही होने के कारण सुरसाबांधा निवासी ईश्वरी साहू के पास पूजापाठ के माध्यम से उपचार करवा रही थी। आरोपी महिला ईश्वरी साहू के द्वारा प्रार्थिया की पुत्री को अपने घर सुरसाबांधा में रख कर उपचार के बहाने डारा धमका कर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करती थी। जो पीड़िता के उपर आर्युवेदिक उपचार के बहाने चमत्कारी तेल और गरम पानी डालकर अपने पैरो से मृतिका के सीने को मसलती थी और ईसाई धर्म का प्रार्थना करवाती थी। प्रार्थिया की रिपोर्ट पर प्रथम दृष्टिया अपराध धारा छ.ग. धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2006 की धारा 4 व औषधी और चमत्कारिक उपचार (आक्षेपणीय विज्ञापन) अधिनियम 1954 की धारा 7 का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। उपचार दौरान पीड़िता की मृत्यु होने से थाने में मर्ग कायम कर शार्ट पीएम रिपार्ट प्राप्त किया गया। जो पीएम रिपार्ट में पसली की हड्डी टुटने एवं दबाव के कारण मृत्यु होना लेख किया गया है। जिस पर धारा 105 बीएनएस एक्ट जोडी गई। इस प्रकार गम्भीर मामले की सूचना मिलते ही गरियाबंद पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए तत्काल गंभीर धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी महिला को समक्ष गवाहन के विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।       *गिरफ्तार महिला आरोपी -*ईश्वरी साहू पति सेवक राम साहू उम्र 41 वर्ष निवासी सुरसाबांधा थाना राजिम जिला गरियाबंद