बसना – परसकोल हरी संकीर्तन अष्टप्रहरी नामयज्ञ में शामिल हुए डॉक्टर एन के अग्रवाल….

ग्राम परसकोल में अष्टप्रहरी नामयज्ञ कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के प्रदेश सदस्य डॉ एन.के. अग्रवाल शामिल हुए ।

ग्राम वासियों ने डॉक्टर एन के अग्रवाल का हर्ष उल्लास के साथ तिलक,फूलमाला पहनाकर स्वागत किया उन्होंने श्री राधाकृष्ण की पूजा अर्चना कर क्षेत्रवासियों की सुख समृद्धि की कामना की।

इस अवसर पर बेटी बचाओ बेटी पढाओ के प्रदेश सदस्य डॉक्टर एन. के. अग्रवाल ने कहा की इस क्षेत्र में सुख शांति हमेशा बनी रहे भगवान सबको हनुमान जी जैसा शक्ति प्रदान करें,इस अवसर पर समस्त ग्रामवासी  उपस्थित थे

बसना – आदर्श नगर बसना श्री हरी संकीर्तन अष्ट प्रहरी नाम यज्ञ में शामिल हुए बेटी बचाओ बेटी पढाओ के प्रदेश सदस्य डॉ एन.के. अग्रवाल ……

नगरवासियों ने डॉक्टर एन के अग्रवाल का हर्ष उल्लास के साथ स्वागत किया उन्होंने श्री राधाकृष्ण की पूजा अर्चना कर क्षेत्रवासियों की सुख समृद्धि की कामना की।

इस अवसर पर बेटी बचाओ बेटी पढाओ के प्रदेश सदस्य डॉक्टर एन. के. अग्रवाल ने कहा की इस क्षेत्र में सुख शांति हमेशा बनी रहे भगवान सबको हनुमान जी जैसा शक्ति प्रदान करें,इस अवसर पर समस्त नगरवासी उपस्थित थे|

बसना/धामनघुटकुरी- भगवान के भजन,कीर्तन के लिए दिया हुआ एक -एक मिनट भी कल्याणकारी होता है,डॉक्टर एन के अग्रवाल …

धामनघुटकुरी ग्रामवासियों में शुख शांति कामना को लेकर अष्टप्रहरी हरिनाम संकीर्तन का आयोजन किया गया प्रथम दिवस पर कलश यात्रा निकालकर सरोवर से पवित्र जल लाकर वैदिक मंत्रोच्चारण कर हरे राम हरे कृष्ण महामंत्र का जाप शुरू किया गया |

बेटी बचाओ बेटी पढाओ के प्रदेश सदस्य डॉक्टर एन के अग्रवाल ने इस महान अष्टप्रहरी हरिनाम संकीर्तन यज्ञ में शामिल होकर श्री राधाकृष्ण जी की पूजा अर्चना कर समस्त ग्रामवासियों की सुख शांति की कामना की डॉक्टर एन के अग्रवाल जी ने अपने संबोधन में कहा की भगवान के भजन,कीर्तन के लिए एक एक मिनट भी कल्याणकारी होता है भगवान की भक्ति सच्चे मन से करने पर जीवन मरण के चक्र से मुक्ति मिलती है |इस अवसर पर परदेशी प्रधान,राकेश प्रधान,नरेश,चौधरी सहित समस्त ग्रामवासी उपस्थित थे|

बसना – जाड़ामुड़ा श्री हरी संकीर्तन अष्ट प्रहरी नाम यज्ञ में शामिल हुए बेटी बचाओ बेटी पढाओ के प्रदेश सदस्य डॉ एन.के. अग्रवाल ……

ग्राम जाड़ामुड़ा में अष्टप्रहरी नामयज्ञ कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के प्रदेश सदस्य डॉ एन.के. अग्रवाल शामिल हुए ।

ग्राम वासियों ने डॉक्टर एन के अग्रवाल का हर्ष उल्लास के साथ तिलक,लगाकर स्वागत किया उन्होंने श्री राधाकृष्ण की पूजा अर्चना कर क्षेत्रवासियों की सुख समृद्धि की कामना की।

इस अवसर पर बेटी बचाओ बेटी पढाओ के प्रदेश सदस्य डॉक्टर एन. के. अग्रवाल ने कहा की इस क्षेत्र में सुख शांति हमेशा बनी रहे भगवान सबको शक्ति प्रदान करें,इस अवसर पर परदेशी पटेल,राकेश प्रधान,अशोक प्रधान,आनंद प्रधान,पवित्र प्रधान,सुनील प्रधान,निराकार प्रधान,वीरेश प्रधान,वरुण प्रधान,मनोज प्रधान,सहित समस्त क्षेत्रवासी  उपस्थित थे|

CG-/शिशुपाल पर्वत पर जौहर का इतिहास जान खड़े हो जाएंगे आपके रोंगटे, राजा और अंग्रेजो में भयंकर युद्ध राजा के प्राणांत के बाद 7 रानियों ने मर्यादा की रक्षा के लिए घोड़ा धार में कूद गए

महासमुंद -/ राजा और अंग्रेजो में भयंकर युद्ध अंतिम राजा के प्राणांत के बाद 7 रानियों ने मर्यादा की रक्षा के लिए घोड़ा धार में कूद गए पढ़िए शिशुपाल पर्वत पर जौहर का इतिहास जान खड़े हो जाएंगे आपके रोंगटे,

महासमुंद हेमन्त वैष्णव
mahasamund hemant vaishnav , 9131614309

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जीले के सरायपाली विधानसभा अंतर्गत आने वाले ( बूढ़ा डोंगर ) सिसुपाल पर्वत को आज पिकनिक स्पॉट और ट्रैकिंग पॉइंट के बारे में तो सब जानते है लेकिन बहुत ही कम ही लोग है जो उस सिसुपाल की गौरवशैलीइतिहास को जानते है , कुछ दिनों पहले महाजनपद न्यूज़ में

https://www.mahajanpadnews.com/?p=1820

गढफुलझर के श्रापित महल और राजा रानियों को जलमग्न होने की किवदंती का प्रकाशन किया गया था जिसमे आखिर राजमहल और राजारानी कैसे श्रापित हो गए थे क्या है वह कारण अगला भाग में विस्तृत जानकारी के साथ

वर्तमान में सिसुपाल पर्वत एक पिकनिक स्पॉट और ट्रैकिंग पॉइंट बनते जा रहा है लेकिन कभी यहाँ एक गौरवशाली इतिहास घटित हुवा है जो बहुत कम लोग इन घटनाओं के बारे में जानते है अभी यही बात सामने आता है कि राजा रानियों ने अंग्रेजो द्वारा आक्रमण के बाद घेरे जाने के बाद सिसुपाल पर्वत के ऊपर से घोड़ो में सवार होकर घोड़ो के आंख में पट्टी बांधकर सिसुपाल पर्वत से छलांग लगा दिए थे और इसी का नाम घोड़ा धार पड़ा लेकिन ऐसा नही है ,

भैना राजाओं का इतिहास गौरवपूर्ण रहा है अक्सर सोसल मीडिया प्रिंट और वेबसाइटों में पढ़ने मिल रहा है कि राजा सिसुपाल और रानी को द्वारा अंग्रेजो द्वारा घेर लिए जाने पर पर्वत से घोड़ो के आंख में पट्टी बांधकर कूद गए थे लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नही बता दें कि सिसुपाल पर्वत पर अंग्रेजो द्वारा विजय पाना इतना भी आसान नही था ।

सिसुपाल पर्वत की ऊंचाई तल से हजारो फिट ऊपर है जहां तक आज पिकनिक स्पॉट है लेकिन उसके ऊपर और कई किलोमीटर क्षेत्र में सिसुपाल पर्वत फैला जो राजाओं और सैनिकों के लिए एक अभेद किला था और किले में सस्त्र और सैनिक और इस पर्वत में भी गुप्त सुरंगे और रास्ते थे राजा और रानियां भाग भी सकते थे लेकिन उन्होंने ऐसा नही किया अंग्रेजी सल्तनत द्वारा आक्रमण के बाद जब अंतिम राजा और सैनिकों द्वारा अंग्रेजो के मध्य भयंकर लड़ाई लड़ा गया था युद्ध मे अंतिम राजा के मारे जाने के बाद ही 7 रानियों ने मर्यादा की रक्षा के लिए 1 हजार फीट की चोटी से घोड़ो पर पट्टी बांधकर छलांग लगा दिए और इसी का नाम घोड़ा धार पड़ा ।

सिसुपाल पर्वत की 7 रानियों द्वारा जौहर किया गया या सतीप्रथा

 

महाजनपद न्यूज़ ने कुछ और जानकारी इक्कट्ठा किया तो छग शासन द्वारा भैना जनजातीय का मानवशास्त्रीय अध्ययन आदिमजाति अनुसंधान क्षेत्रीय इकाई बिलासपुर में उल्लेख किया गया है की

भानुवंश प्रकाश सहिता के अनुसार मितध्वज मिथिला का राजा
के राजा कृतध्वज के माहामंत्री थे मितध्वज के पुत्र खण्डिक माहामंत्री बने जब इसी क्रम में मिथिला के राजा कृति देव हुए
उसने इस परम्परा को बदल दिया जिसके बाद माहामंत्री पद के उत्तराधिकारी देवमणि ने मिथिला राज दरबार का ग्याग कर दिया वे अपनी पत्नी भानु मति के साथ अमर कंटक के पुण्य क्षेत्र सोड़कुण्ड आ गए

भैना जाती फुलझर राज के प्राचीनराजवंश रहा है ,

महादेव के पुत्र जोहान साय के पुत्र मंडल नाग वंश के पुत्र का नाम जगतसाय था जो मानिकपुर में रहते थे यही जगतसाय रतनपुर के राजा जाजल्लदेव के सेनापति थे जिसने जाजल्लदेव
के राज्य की सीमा का विस्तार किया था एवं भैना राज की नींव डाली थी भानुवंश प्रकाश संहिता के अनुसार भैना जाति में बहुत से राजा प्रमुख हुए थे जो शुद्ध वैदिक आचरण करते थे दान पुण्य करते थे कुछने वैदिक आचरण के विपरीत कार्य किया था सोनसाय राजा धार्मिक विचार के थे

भैना जाति का इतिहास पूर्व से ही गौरवपूर्ण रहा है
भैनो के पूर्वजों में भानुमान के कार्य कार्य में कुछ विकृति का उल्लेख मिलता है किंतु उनकी पत्नी चंद्रकुवरी के कारण उनमें सद विचारों का समावेश हुआ भानुमान अपने कृत्यों से पश्चाताप करने लगे उन्हें अपने पुत्रों की दशा देखकर बहुत चिंता हुई उनके पुत्रों में मात्र सोनसाय योग्य निकले शेष तीनों पुत्र मदिरा मास में लिप्त थे कालांतर में भैना जाती भानुमान के नाम से भानुवंशी कहने कहलाने लगे

भैना जाती का प्राचीन इतिहास विशेषकर फुलझर में गौरावपूर्व रहा है यह जाती गोंड़ राज के पूर्व धमतरी बिलासपुर पेंड्रा बिलाईगढ़ रायगढ़ सारँगढ़ फुलझर भटगांव आदि राज्यो में राज किया इनका शासन काल फुलझर राज्य में लगातार 18 पीढ़ियों तक था

 

भैना इतिहास जौहर या सतीप्रथा

किवदंतियों के अनुसार बूढा डोंगर सिसुपाल पर्वत पर फुलझर के अंतिम प्रमुख राजा की सात रानियां थी राजा के युद्ध मे प्राणांत होने पर उनकी रॉनियो ने भयंकर घोड़ा धार झरने से कूदकर सती धर्म का पालन किया था वर्तमान में प्राचीन गढ केना में उक्त ग्राम के मध्य सती दाई नामक एक देवी की सामान्य प्रस्तर खण्ड के रूप में पूजा की जाती है उक्त सती दाई भी पूर्व कालीन किसी सामन्त राजा की रानी रही होगी जिसने अपनी पति के मृत्यु के पश्चात सती धर्म का पालन किया होगा ।

पिरदा गढ में हीराचंद भैना की कथा विस्वाश घात के कारण हत्या

आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के जानकारी के अनुसार पिरदा गढ में हीराचंद भैना राजा सुनने को मिलती है जिनकी रानी परम सुंदरी थी गोंड़ आक्रमण के फलस्वरूप विश्वासघात के कारण उनकी हत्या हो गई किंतु रानी का कोई उल्लेख सुनने को नही मिलता सम्भवत रानी ने भी वंश परम्परा के अनुसार सती धर्म का पालन किया होगा ग्राम भोथल डीह में दहना पाट नामक एक देवी की सामान्य स्थापना है जिनकी पूजा ग्राम वासियों के द्वारा की जाती है इसी प्रकार ग्राम तोरेसिंहा में जगदलेनपाट देवी की प्रमुखता से पूजा की जाती है सम्भवतः ये महान महिलाएं भैना कालीन शाशन में वैभवर्ण गरिमामयि स्थान रखती थी जिससे लोग उन्हें देवी के रूप में मानते आ रहे है पूर्व काल मे राजा रानी को भगवान के रूप में मानने की परंपरा थी लोग उन्हें पाट प्रमुख के रूप में मानते थे पूर्व में बलिदान के रूप में बकरों की बलि दी जाती थी क्योंकि उक्त कालखण्डों में बलिदान को सम्मान के रूप में माना जाता है ।

चुकी उस समय कोई राजा हार जाता था तो रानियों को दुर्व्यवहार एवं कब्जे में लेकर मुगल शासक करते थे अपमान बताया जाता है कि जब राजा खास तौर पर मुगल शासक युद्ध में विजय प्राप्त करने के पश्चात किले में प्रवेश करते थे तो वह महारानी के साथ ही सुंदर सुंदर औरतों पर अपना कब्जा चाहते थे। इसके लिए वह महिलाओं का अपमान भी किया करते थे। लेकिन इसके पूर्व वह सभी स्त्रियां या तो जहर खाकर प्राण दे देती थी या फिर जौहर कर लेती थी।

करते थे क्रूरता

इतिहास में ऐसे भी हमलावर मुगल शासक हुए हैं जिन्होंने विजय के पश्चात जब किले में कब्जा किया तो और रानी को मरा हुआ पानी पर गुस्से से पागल हो जाते थे। कई बार तो यह भी बताया गया है कि उस मृत शरीर के साथ क्रूरता की जाती थी।

कई बार मृत शरीर के शरीर के अंगों को काट डाला जाता था। यह तब होता था जब महिलाएं तथा महारानियां जहर खाकर अपना प्राण देती थी। ऐसे में महिलाओं ने अपने शरीर को समूल पंचतत्व में विलीन कर देने जौहर करने लगी।

लेकिन ये भी मानना जरूरी है कि राजघराने की रानियों का जौहर भारतवर्ष में सैकड़ों साल पहले की सती प्रथा की याद दिलाता है। हालांकि जौहर और सती प्रथा एक-दूसरे से जरा भी मेल नहीं खाते। लोग सती प्रथा को सिर्फ सतही तौर पर जानते हैं लेकिन वो इस प्रथा के पीछे छिपे पूरे तथ्य से अनभिज्ञ हैं। पति की मृत्यु के बाद उसकी चिता के साथ जलना सती प्रथा है और दुश्मनों के चंगुल में फंसे अपने वीर पतियों के स्वाभिमान की रक्षा के लिए आत्मदाह करना जौहर है। दोनों को समझने के लिए इतिहास के कुछ पन्ने पलटने की जरूरत है।

 

आज आम लोग घोड़ा धार तक ही पहुंच पाते है बताया जाता है कि सिसुपाल पर्वत के ऊपर में आज भी राजाओं का किला और सस्त्रागार है साथ ही साथ दंड देने का जगह भी जीर्ण शीर्ण अवस्था मे देखा जा सकता है इसके साथ ही कई गुप्त सुरंगे होने की बात बताया जाता है

शिव मंदिर

यहाँ एक प्राचीन शिव मंदिर हैं। भगवान शिव को समर्पित इस मंदिर के बाहर आज भी मकर संक्रांति के अवसर पर विशाल मेला लगता है। हज़ारों की संख्या में श्रृद्धालु यहां आते हैं। कहते हैं इस सूर्यमुखी मंदिर में पहले हनुमान सिक्का जड़ा हुआ था। जिसे बहुत शक्तिशाली और प्रभावशाली माना जाता था। लेकिन अब यह सिक्का यहां से गायब है।

रानी तालाब और राजा कचहरी

बताते हैं कि राजा शिशुपाल की दो रानियां थीं। दोनों के अलग-अलग सरोवर यानि तालाब थे जो अब भी हैं। वहीं राजा की कचहरी के भग्नावशेष भी हैं, जहां राजा प्रजा से मिला करते थे।

सुरंग में था शस्त्रागार

यहाँ एक बहुत लंबी सुरंग है। नदी की रेत ने अब इस सुरंग का मार्ग अवरुद्ध कर दिया है लेकिन स्थानीय निवासी बताते हैं कि सुरंग के भीतर अब भी राजा के अस्त्र-शस्त्र पड़े हुए हैं।

विशाल गुफा

यहाँ पर्वत पर एक बहुत गहरी गुफा है। गुफा इतनी विशाल है कि सैकड़ों लोग एक साथ विश्राम करने के लिए भीतर बैठ सकते हैं।

पंचमुखी हनुमान मंदिर

कुछ सौ मीटर की चढ़ाई करने के बाद आपको एक छोटा सा हनुमान मंदिर मिलेगा। स्थानीय लोग बताते हैं कि इस पंचमुखी हनुमान मंदिर तक पहुंचकर लोग थोड़ा सुस्ता सकें इसके लिए ग्रामीणों ने बड़ी मेहनत की है। वे जब मंदिर के मेले में जाते हैं तो एक थैले में रेत और एकाध ईंट ले आते हैं। और यहां उसको बिछा देते हैं। इससे पर्वत पर चढ़ने वालों के लिए थकने पर थोड़ा बैठने की जगह बन गई है।

जड़ी-बूटियाँ

 

इस पर्वत के इर्द-गिर्द बहुत सी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ देखी जा सकती हैं। शतावर और अश्वगंधा खासकर यहां बहुत अच्छी मात्रा में हैंं। शिशुपाल पर्वत को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किए जाने की तैयारियां शुरू हो ही चुकी हैं हालांकि पहले से भी यहां पर्यटक आते रहे हैं। लेकिन आगे सुविधाएं और बेहतर होंगी। यदि आप भी शिशुपाल पर्वत की ट्रिप प्लान करते हैं तो आप छत्तीसगढ़ के महासमुंद रेलवे स्टेशन पर उतर सकते हैं। या फिर विवेकानंद हवाई अड्डे, रायपुर तक आने के बाद कैब से आगे का सफ़र कर सकते हैं।

बसना – सभी माँ एवं बनने वाली माँ के लिए समर्पित अग्रवाल नर्सिंग होम बसना में 14 मई को हेल्थ कैंप.

डॉ. भारती अग्रवाल स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ

मातृत्व, निस्वार्थ, निर्मल प्यार का प्रतिक हैप्पी मदर्स डे

उपलब्ध उपचार एवं सुविधाएं

■ गर्भवती महिलाओं की जाँच व परामर्श

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बच्चेदानी की रसौली

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अग्रवाल नर्सिंग होम बसना में अब इलाज का नहीं देना पड़ेगा शुल्क,प्रतिदिन निःशुल्क डायलिसिस की सुविधा भी उपलब्ध।

डॉक्टर अमित अग्रवाल ने दिया निःशुल्क सेवा की सौगात ….

बेटी बचाओ बेटी पढाओ के प्रदेश सदस्य डॉक्टर एन के अग्रवाल के मार्गदर्शन में डॉक्टर अमित अग्रवाल ने अंचलवासियों के दुःख दर्द को समझते हुए व आज के मंहगाई के चलते जनता के तकलीफ को समझते हुए अब प्रतिदिन अग्रवाल  नर्सिंग होम बसना में निःशुल्क ओ.पी.डी.एवं परामर्श रखने का फैसला लिया है ,साथ ही साथ C.T. SCANE 30% छूट एवं एक्स-रे में 50% छुट रहेगा व आवश्यकतानुसार खून जांचें व दवाइयां निःशुल्क रहेगा।बता दे की नवजात शिशुओं से लेकर बुजुर्गों तक सभी उम्र वर्ग की सभी बीमारियों का निशुल्क उपचार किया जायेगा।कई लोग सर्वसुविधा युक्त बड़े अस्पताल को देखकर अस्पताल जाने से घबराते है ,की यहाँ पैसा ज्यादा लगेगा ।अतः अग्रवाल नर्सिंग होम बसना ने निःशुल्क जाँच ओपीडी परामर्श का निर्णय लिया है ,ताकि सभी लोगों का सही समय में सही इलाज हो सके। डॉक्टर अमित अग्रवाल ने बताया की हम अपने अंचल के जनता की तकलीफ को समझते हुए हमने सुबह 8 से 10 बजे तक निःशुल्क परामर्श ओपीडी एवं आवश्यकतानुसार जांच निःशुल्क रखा है| एवं आवश्यकतानुसार आपरेशन आयुष्मान कार्ड द्वारा निःशुल्क रहेगा |

 

नोट – समय का विशेष धियान दें यह सभी सुविधाएँ सुबह 8 से 10 तक रहेगा

नए पुराने किडनी रोग के मरीज जिन्हे डायलिसिस की आवश्यकता है उनके लिए 11 मई से प्रतिदिन डायलिसिस की सुविधा आयुष्मान भारत के तहत निःशुल्क उपलब्ध रहेगी।

10 वर्षों से अधिक अनुभवी डायलिसिस टेक्नीशियन एवम मेडिसिन विशेषज्ञ और नेफ्रोलाजिस्ट की देखरेख में आईसीयू बैकअप के साथ प्रतिदिन डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध है।

जरूरतमंद मरीज सुबह 10 बजे अपना पंजीयन कराएं,मरीजों हेतु निःशुल्क जलपान की व्यवस्था रहेगी

बसना – अग्रवाल नर्सिंग होम में उत्साह के साथ मनाया गया अन्तराष्ट्रीय नर्स दिवस |

अग्रवाल नर्सिंग होम बसना में 12 मई शुक्रवार को विश्व नर्स दिवस मनाया गया। इस अवसर पर सभी नर्सों ने केक काटकर खुशियां मनायी। इस अवसर पर अग्रवाल नर्सिंग होम के संचालक डॉक्टर एन के अग्रवाल के द्वारा बताया गया कि नर्सिंग दुनियां में स्वास्थ्य रख रखाव से संबंधित सबसे बड़ा पेशा है।

अमेरिका के स्वास्थ्य, शिक्षा और कल्याण विभाग के एक अधिकारी सुदरलैंड के डोरोथी ने पहली बार नर्स दिवस मनाने का प्रस्ताव 1953 मं रखा था। अमेरिका के राष्ट्रपति ने 1965 में इस दिवस को मनाने की घोषणा की। तब से पुरी दुनियां में नर्स दिवस मनाया जाता है। डॉक्टर अग्रवाल ने यह भी बताया की युद्ध के समय नर्सों ने तन और मन से घायलों की सेवा की थी। तभी से नर्सों की सेवा से प्रभावित होकर नर्स दिवस मनाने का प्रस्ताव लाया गया था। जिसके बाद पूरी दुनिया में विश्व नर्स दिवस मनाया जाता है,और डॉक्टर अग्रवाल ने कहा की नर्स की भूमिका अस्पताल या डॉक्टर के लिए बहुत ही अहम् होती है, इस अवसर पर डॉक्टर अमित अग्रवाल,डॉक्टर अजय पटेल,डॉक्टर जे.पी. बर्मन,डॉक्टर संदीप सराफ अग्रवाल,डॉक्टर अश्विनी पटेल सहित अग्रवाल नर्सिंग होम बसना के समस्त नर्सिंग स्टाफ सम्मलित हुए ।

बसना विधानसभा में बेटी और उनके प्रतिभाओं को निखारने के लिए समर्पित डॉक्टर एनके अग्रवाल।

पिथौरा नगर के गुरु तेगबहादुर धर्मशाला में आयोजित जिला स्तरीय बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ मल्टीटैलेंट कार्यशाला के समापन समारोह में विशिष्ट अतिथि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के प्रदेश सदस्य डॉ एनके अग्रवाल प्रदेश सहित बसना विधानसभा में बेटियो और उनके प्रतिभाओं को निखारने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं उन्होंने कार्यक्रम बेटियों को उत्साहवर्धन करते हुए विभिन्न क्षेत्रों में बेटियों को किस तरह आगे बढ़ना चाहिए यह उनको मार्गदर्शन दिए साथ ही बेटियों के आगे बढ़ने में आने वाली बाधाएं को अपनी भाषा समझ कर त्वरित निराकरण करने की बात कही।

 

जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में सांसद चुन्नी लाल साहू,कार्यक्रम में शामिल हुए कार्यक्रम आयोजक मण्डल द्वारा फुलमाला पहनाकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत महासमुंद सांसद चुन्नीलाल साहू, डॉ.एन के अग्रवाल, सम्पत अग्रवाल , किशोर सिन्हा, कलार समाज ब्लॉक अध्यक्ष पुनीत सिन्हा, कलार समाज महिला प्रदेश अध्यक्ष प्रमिला सिन्हा, संस्कार स्कूल सह संचालक सीमा चंद्राकर, गायत्री मंदिर अध्यक्ष तुकाराम पटेल, विक्की सलुजा, जर्नलिस्ट वेलफेयर युनियन जिलाध्यक्ष बलराज नायडू, ब्लॉक अध्यक्ष गौरव चंद्राकर, पत्रकार रमेश श्रीवास्तव, मंदीप होरा, किर्ती पाण्डेय, संतोष गुप्ता, राजाबाबू उपाध्याय, कमलेश डडसेना, ललित मुखर्जी सहित अन्य लोगो ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्कार शिक्षण संस्थान एवं पत्रकार संगठन पिथौरा के पत्रकारों ने अहम भूमिका निभाई।

नीलांचल सेवा समिति युवा खेल महोत्सव 2023 डॉ.सम्पत अग्रवाल के जन्मदिवस के रूप मनाया गया समापन एवं पुरुस्कार वितरण समारोह

नीलांचल सेवा समिति युवा खेल महोत्सव 2023

डॉ.सम्पत अग्रवाल के जन्मदिवस के रूप मनाया गया समापन एवं पुरुस्कार वितरण समारोह

स्वर्णा दिवाकर गरिमा दिवाकर की प्रस्तुति रात्रिकालीन रंगारंग कार्यक्रम का हुआ आयोजन

महासमुंद

नीलांचल सेवा समिति के तत्वावधान में बसना विधानसभा स्तरीय युवा खेल महोत्सव का आयोजन 15 अप्रैल से 10 मई तक किया गया। जिसमें 15 अप्रैल शनिवार से 03 मई मंगलवार तक सिंघनपुर स्थित खेल मैदान एवं रात्रिकालीन वालीबॉल व कबड्डी का आयोजन 07 मई सोमवार से 10 मई बुधवार तक पिथौरा स्थित शहीद भगत सिंह खेल मैदान आयोजित किया गया। जिसका समापन एवं पुरुस्कार वितरण समारोह को नीलांचल सेवा समिति के संस्थापक एवं नगर पंचायत बसना पूर्व अध्यक्ष भाजपा नेता डॉ.सम्पत अग्रवाल के जन्मोत्सव के रूप में पिथौरा नगर स्थित शहीद भगत सिंह खेल मैदान में मनाया गया।

*सभी प्रतियोगिता के विजेता को ट्राफी व पुरुस्कार राशि तथा आफिशियल एवं एंपायरों का किया सम्मान*

नीलांचल सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित इस युवा खेल महोत्सव में ड्युस बाल क्रिकेट प्रतियोगिता में बसना विधानसभा क्षेत्र के 57 टीमों ने हिस्सा लिया। वही वालीबॉल में 16 टीम एवं कबड्डी (पुरुष ) में 64 टीम व कबड्डी (महिला) मे 8 टीमों ने हिस्सा लिया। ड्युस बाल क्रिकेट प्रतियोगिता के विजेता टीमों में प्रथम विजेता सावित्रीपुर टीम को 21000 रु. व ट्राफी, द्वितीय विजेता पिरदा टीम को 15000 रु. व ट्राफी, तृतीय विजेता लाखागढ को 11000 रु. व ट्राफी, चतुर्थ विजेता गढपटनी को 7000 रु. व ट्राफी से सम्मानित किया गया।

 

 

वही प्रतियोगिता के बेस्ट बालर डेविड (सावित्रीपुर टीम), बेस्ट बेट्समैन पिंटू प्रधान ( पिरदा टीम), बेस्ट विकेटकीपर विकास डडसेना ( पिथौरा टीम), बेस्ट फील्डर नवीन (लाखागढ टीम), मैन ऑफ द सिरीज़ गुरुदेव को सम्मानित किया गया। बात करें वालीबॉल प्रतियोगिता की तो प्रथम विजेता किशनपुर टीम को 21000 रु. व ट्राफी, द्वितीय विजेता सराईपतेरा टीम को 15000 रु. व ट्राफी, तृतीय विजेता खटखटी को 11000 रु. व ट्राफी, चतुर्थ विजेता रामपुर को 7000 रु. व ट्राफी से सम्मानित किया गया।

वही प्रतियोगिता के बेस्ट डिफेंडर ब्रजेश प्रधान (किशनपुर टीम), बेस्ट आलराउंडर भवानीचरण सामल (सरायपतेरा टीम), मैन ऑफ द सिरीज़ कृष्ण साहू ( किशनपुर टीम) को सम्मानित किया गया। तथा कबड्डी प्रतियोगिता महिला वर्ग में प्रथम विजेता रैताल टीम को 31000 रु. व ट्राफी, द्वितीय विजेता जम्हर टीम को 21000 रु. व ट्राफी, तृतीय विजेता महासमुंद टीम को 15000 रु. व ट्राफी, चतुर्थ विजेता बसना टीम को 11000 रु. व ट्राफी से सम्मानित किया गया। बेस्ट रेडर प्रीति बरिहा (जम्हर टीम),

बेस्ट डिफेंडर डिगेश्वरी ध्रुव ( रैताल टीम), मैन ऑफ द सिरीज़ प्रीति सबर (रैताल टीम) एवं कबड्डी प्रतियोगिता पुरुष वर्ग में प्रथम विजेता गिधली टीम को 31000 रु. व ट्राफी, द्वितीय विजेता पलसापाली टीम को 21000 रु. व ट्राफी, तृतीय विजेता पेंड्रावन टीम को 15000 रु. व ट्राफी, चतुर्थ विजेता बरिहापाली टीम को 11000 रु. व ट्राफी से सम्मानित किया गया। बेस्ट रेडर छोटु ( पलसापाली टीम), बेस्ट डिफेंडर पिंटू ( गिधली टीम), मैन ऑफ द सिरीज़ मनीष ( गिधली टीम) को साथ ही साथ कबड्डी प्रतियोगिता पुरुष वर्ग के क्वाटर फायनलिस्ट गुढीयारी टीम, पोटापारा टीम, सलडीह टीम व पिथौरा टीम को सम्मानित किया गया।

*कर्मा पार्टी, रावत नाचा,किर्तन पार्टी, ढोल नगाड़ा के साथ निकाली गई नगर भ्रमण जुलूस*

सर्वप्रथम बसना विधानसभा क्षेत्र के कर्मा पार्टी, रावत नाचा,किर्तन पार्टी, ढोल नगाड़ा व अपार जनसैलाब के साथ जुलूस निकाल कर आतिशबाजी करते डॉ.सम्पत अग्रवाल एवं नीलांचल सेवा समिति के सदस्यों के द्वारा पिथौरा नगर भ्रमण करते कार्यक्रम स्थल शहीद भगत सिंह खेल मैदान पहुँच कर जुलूस का समापन किया गया। इस दौरान डॉ.सम्पत अग्रवाल ने समलेश्वरी मंदिर समिति, गायत्री मंदिर समिति, रवि अग्रवाल परिवार, गजानंद सत्यनारायण अग्रवाल परिवार, मुक्ति धाम सेवा समिति, विक्की सलुजा परिवार, टैक्सी युनियन समिति, सन्नी रोहिल्ला परिवार, मंदिर चौक, जतिन ठक्कर परिवार एवं गोविन्द शर्मा परिवार के साथ केक काटकर जन्मदिवस मनाया।

*डॉ.सम्पत अग्रवाल ने केक काटकर क्षेत्रवासियों के साथ मनाया जन्मदिन, लोगों ने बड़ी माला से किया भव्य स्वागत*

नगर भ्रमण के पश्चात भाजपा नेता डॉ. सम्पत अग्रवाल क्षेत्रवासियों से मिलते हुए मंच पर पहुँचे तो समस्त क्षेत्रवासीयों ने काफी उत्साहित होकर बड़ी माला से भाजपा नेता डॉ.सम्पत अग्रवाल का भव्य स्वागत किया। इस दौरान भाजपा नेता डॉ.सम्पत अग्रवाल ने केक काटकर क्षेत्रवासियों के साथ अपना जन्मदिवस मनाये। समस्त क्षेत्रवासियों ने भाजपा नेता डॉ.सम्पत अग्रवाल को बधाई व आशीर्वाद देते हुए उनकी उज्जवल भविष्य की कामना की। भाजपा नेता डॉ.सम्पत अग्रवाल का जन्मदिवस मनाने एवं पुरुस्कार वितरण व खिलाड़ी, कोच, एम्पायर, आफिशियल टीम का सम्मान करने बाद छत्तीसगढ़ लोक गायिका गरिमा दिवाकर व स्वर्णा दिवाकर की प्रस्तुति में रात्रिकालीन रंगारंग कार्यक्रम की शुरुआत की गई।

इस अवसर पर जशपुर राजपरिवार के राजा श्रीमंत विक्रमादित्य सिंह जुदेव, जया सिंह जुदेव, बसना विधानसभा प्रभारी अमरजीत सिंह छाबड़ा, अल्पसंख्यक मोर्चा प्रदेश मंत्री गगन सिंह,सांसद प्रतिनिधि सतपाल सिंह छाबड़ा,
पिथौरा मण्डल अध्यक्ष नरेश सिंघल, अजय अग्रवाल मनोज अग्रवाल, गुणीनिधी मिश्रा, बजरंग अग्रवाल, राजेश शर्मा, नरेश देवांगन, जयनारायण अग्रवाल, त्रिलोक अजमानी, संजय गोयल, यशवंत छाबड़ा, नगर पंचायत बसना अध्यक्ष गजेन्द्र साहू, उपाध्यक्ष सुमीत अग्रवाल,अमित अग्रवाल, किशन अग्रवाल, रेफरी बोर्ड अध्यक्ष ओमप्रकाश जायसवाल, क्षेत्र खेल एवं सांस्कृतिक विभाग ध्रुव मलिक, कबड्डी राष्ट्रीय एम्पायर हेमंत बारीक, मुकेश साहू, केशव सेठ, कमल साहू, वरुण बाघ, रिकाश प्रधान, प्रेमचंद भोई, प्रमित साहू, सतीश प्रधान, राजेश साहू, जगदीश सामल, वेणुधर साहू, शीत गुप्ता, जर्नलिस्ट प्रकाश सिन्हा, विकास वाधवा,

निर्मलदास, विक्की सलुजा, कामेश बंजारा, आकाश सिन्हा,जतिन ठक्कर, कोमल मोहंती, सन्नी रोहिल्ला,संतोष मांझी, उत्तर पटेल, सोनू छाबड़ा, वीरेंद्र प्रधान, संतलाल नायक, कमल ध्वज पटेल, चमरा स्वर्णकार, उपेन्द्र साव, चमन सेन, कन्हैया प्रधान, बालमुकुंद साहू, किरण पटेल, महेन्द्र प्रधान, मुकेश प्रधान, भोज कुमार साव, सोहन पटेल, शिशुपाल प्रधान, ललित साहू, विजय चौधरी, मोहित पटेल, अजय प्रधान, ब्रजेन्द्र प्रधान ,भाजपा कार्यकर्ता, नीलांचल सेवा समिति सदस्य हजारों की संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहें।