सरायपाली : तोषगांव–सिंघनपुर मार्ग का पुराना पुल पानी के उफान में डूबकर आवागमन बाधित बसना के बंसुला स्कूल मे जलभराव से परेशान आज परीक्षा देखें वीडियो
पिथौरा विकासखंड के अंतर्गत कांतारा नाल तूफान पर
बसना/महासमुंद, 24 सितंबर 2025।
लगातार हो रही बारिश ने एक तरफ शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित किया है तो दूसरी तरफ यातायात व्यवस्था को भी ठप कर दिया है। नवीन प्राथमिक शाला बंसुला डीपा में कक्षाओं तक पानी घुस गया है, वहीं तोषगांव–सिंघनपुर मार्ग का पुराना पुल पानी के उफान में डूबकर आवागमन बाधित कर रहा है। दोनों घटनाओं ने ग्रामीणों को गहरी चिंता में डाल दिया है।
📌 बंसुला डीपा स्कूल: पढ़ाई पर संकट
बसना जनपद मुख्यालय और शिक्षा विभाग कार्यालय से महज 500–700 मीटर की दूरी पर स्थित बंसुला डीपा प्राथमिक शाला बुधवार को पूरी तरह जलभराव से घिर गई। रात से लगातार हो रही बारिश के बाद स्कूल का परिसर, कक्षाएँ और कार्यालय तालाब में बदल गए।
बुधवार को पहली से पाँचवीं तक की परीक्षाएँ निर्धारित थीं, लेकिन जलभराव के कारण न तो बच्चों के बैठने की व्यवस्था हो सकी और न ही शिक्षक पढ़ाई करा पाए। नतीजतन बच्चों की परीक्षा स्थगित करनी पड़ी।
हर साल दोहराई जाती है समस्या
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि यह समस्या नई नहीं है। पिछले कई वर्षों से बरसात होते ही स्कूल परिसर डूबान क्षेत्र में बदल जाता है। बारिश के पानी की निकासी का कोई पुख्ता इंतजाम न होने से यह स्थिति हर साल बनती है।
टीवी चैनलों और राष्ट्रीय अखबारों में यह मुद्दा बार-बार उठ चुका है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार बदली, अधिकारी बदले, मगर बच्चों की परेशानी वैसी ही बनी रही।
बच्चों का भविष्य दांव पर
अभिभावकों का कहना है कि जलभराव की वजह से बच्चों की पढ़ाई पर गहरा असर पड़ रहा है। “बरसात आते ही हमें डर लगता है कि कहीं स्कूल फिर से डूब न जाए। हमारे बच्चों की पढ़ाई बार-बार रुक जाती है। परीक्षा के समय तो और भी बड़ी दिक्कत होती है,” एक अभिभावक ने चिंता जताई।
प्रशासन से अपील
ग्रामीणों और अभिभावकों ने जिला प्रशासन से अपील की है कि जल्द से जल्द स्कूल परिसर से पानी निकासी की व्यवस्था कराई जाए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो बच्चों का भविष्य प्रभावित होगा और शिक्षा का अधिकार केवल कागजों तक सीमित रह जाएगा।
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📌 तोषगांव पुल: आवागमन पर रोक
उधर, तोषगांव से सिंघनपुर मार्ग पर बना पुराना पुल भी बुधवार को बारिश के पानी में डूब गया। सुबह से ही पुल के ऊपर तेज़ बहाव होने लगा, जिससे बस, ट्रक और छोटे वाहन रुक गए। ग्रामीण जान जोखिम में डालकर पैदल पुल पार करते देखे गए।
हादसे का खतरा
ग्रामीणों ने बताया कि यह पुल काफी पुराना और जर्जर हो चुका है। बरसात के दिनों में अक्सर पानी ऊपर से बहने लगता है और राहगीर फँस जाते हैं। “कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। बच्चों और बुज़ुर्गों को पार कराने में जान जोखिम उठानी पड़ती है,” ग्रामीणों ने कहा।
नया पुल निर्माण की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि अब समय आ गया है कि इस मार्ग पर नया पुल बनाया जाए। लगातार बाधित यातायात न केवल ग्रामीणों की रोजमर्रा की ज़िंदगी को प्रभावित करता है, बल्कि आपात स्थिति में भी बड़ी दिक्कतें पैदा करता है। स्कूल–कॉलेज जाने वाले बच्चे, किसान और मज़दूर सभी को परेशानी झेलनी पड़ती है।
प्रशासन की जिम्मेदारी
स्थानीय लोगों ने जिला कलेक्टर से माँग की है कि इस गंभीर समस्या का जल्द समाधान किया जाए। उनका कहना है कि जब तक नया पुल स्वीकृत और निर्मित नहीं होता, तब तक हर साल यही स्थिति दोहराई जाएगी।



