बसना लोहड़ीपुर पंचायत भवन पर लटका रहता ताला, सचिव का ‘शहर से अपडाउन’, ग्रामीण बोले – बिल पास कराने में तेजी, काम कराने में देरी
विशेष संवाददाता | बसना
दिनांक: 26अप्रैल 2026_
बसना। प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने और ग्रामीणों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के बड़े-बड़े दावों के बीच महासमुंद जिले की बसना जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत लोहड़ीपुर में जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।
पंचायत भवन बंद, सचिव नदारद
ग्रामीणों के अनुसार, लोहड़ीपुर पंचायत भवन में अक्सर ताला लटका रहता है। पंचायत में पदस्थ सचिव मुख्यालय में निवास नहीं करतीं और अन्य जगह से अपडाउन करती हैं। इस कारण कार्यालय नियमित रूप से नहीं खुलता। प्रमाण पत्र, योजनाओं के आवेदन और अन्य जरूरी कार्यों के लिए ग्रामीणों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। इससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है।
कागजों में उपस्थिति, जमीन पर गायब
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कर्मचारियों की मौजूदगी केवल कागजों तक सीमित है। समस्याओं के समाधान को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई देती। पूरी पंचायत व्यवस्था लचर नजर आ रही है।
बिलों का भुगतान फटाफट, जनता का काम लटका
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अन्य कार्यों के बिलों का भुगतान सचिव के हस्ताक्षर से समय पर हो जाता है। मगर आम लोगों के जरूरी कामों में लगातार देरी और अनदेखी की जाती है। यह स्थिति प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
ग्रामीणों में आक्रोश, चेतावनी
लगातार हो रही लापरवाही से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है। लोगों का कहना है कि जल्द सुधार नहीं हुआ तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करेंगे।
सिर्फ कागजों तक सीमित पंचायत?
लोहड़ीपुर की यह स्थिति दर्शाती है कि तमाम दावों के बावजूद जमीनी स्तर पर प्रशासनिक ढांचा कमजोर है। अब देखना होगा कि प्रशासन कब संज्ञान लेता है और ग्रामीणों को राहत मिलती है या नहीं।



