सारंगढ़-बिलाईगढ़ : मिर्च की खेती से दशमत साहू की बदली जिंदगी
दुर्गा महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़कर 40 क्विंटल मिर्च का किया उत्पादन और विक्रय, 2 लाख रुपये की सकल बिक्री
सारंगढ़-बिलाईगढ़, 23 सितंबर 2026। ग्राम मल्दा-अ की श्रीमती दशमत साहू ने मिर्च उत्पादन को अपनी आजीविका का जरिया बनाकर परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। दुर्गा महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने खेती को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाते हुए मिर्च उत्पादन एवं विक्रय का कार्य शुरू किया। मेहनत और लगन का परिणाम यह रहा कि अब तक उन्होंने 40 क्विंटल मिर्च की तुड़ाई कर पूरी उपज का विक्रय कर लिया है।
दशमत साहू के खेत से एक बार में लगभग 10 क्विंटल मिर्च की तुड़ाई हुई। अब तक कुल 40 क्विंटल मिर्च का उत्पादन कर उसका विक्रय लगभग 5 हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से किया गया। इस प्रकार मिर्च की बिक्री से उन्हें 2 लाख रुपये की सकल बिक्री प्राप्त हुई। खेती से प्राप्त इस आय ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को सहारा देने के साथ ही भविष्य में अपनी आजीविका गतिविधि को और आगे बढ़ाने का विश्वास भी दिया है।
स्वयं सहायता समूह से जुड़कर मिली नई राह
दुर्गा महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद दशमत साहू ने खेती को केवल पारंपरिक गतिविधि के रूप में न देखते हुए इसे आय का मजबूत माध्यम बनाने की दिशा में प्रयास किया। मिर्च की खेती में मेहनत, नियमित देखभाल और उपज के बेहतर विक्रय से उन्हें आर्थिक लाभ मिला।
दशमत साहू की सफलता यह दर्शाती है कि ग्रामीण महिलाएं मेहनत, स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और स्वयं सहायता समूह से जुड़कर अपनी आजीविका को मजबूत कर सकती हैं। मिर्च उत्पादन से मिली आमदनी ने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया है। अब वे स्वयं अपनी आर्थिक गतिविधि को आगे बढ़ाने के साथ गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं।
सेवा संकल्प अभियान में सामने आ रही बदलाव की ऐसी कहानियां
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चल रहे सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत शासन की योजनाओं और आजीविका गतिविधियों से लोगों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव की कहानियों को सामने लाया जा रहा है। दशमत साहू की कहानी भी इसी बदलाव की एक मिसाल है।
महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़कर उन्होंने खेती को आय का माध्यम बनाया और अपनी मेहनत से परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ीं। उनके खेत में उगी मिर्च अब केवल एक फसल नहीं, बल्कि परिवार की आय, आत्मनिर्भरता और बेहतर भविष्य की उम्मीद का आधार बन रही है।
40 क्विंटल मिर्च का उत्पादन एवं विक्रय और 2 लाख रुपये की सकल बिक्री दशमत साहू की मेहनत और आजीविका गतिविधि के सफल परिणाम को दर्शाती है। उनकी यह उपलब्धि ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और कृषि आधारित आजीविका गतिविधियों को अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए प्रेरित कर रही है।



