बसना : किल ठोककर लगा रहे बेनर तालाब किनारे पूजा जाने वाले पीपल वृक्ष का अभी अनदेखा प्रचार व्यस्थ निजी संस्थानों को कहा लगाना है विज्ञापन इतना भी नही है ज्ञान ।
निजी संस्थान आज फ्री प्रचार में इतने व्यस्त है कि तालाब या मंदिर किनारे जहां पूजा करती है वहा अपने लड़को को भेजकर कील ठोककर बेनर पोस्टर लगाया जा रहा है
हर साल सरकार के नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण और हरियाली त्योहार मनाते है शासन प्रशासन पेड पौधों के संरक्षण के लिए हर साल करोड़ो में खर्च करते है लेकिन जब पेड़ पौधों के संरक्षण की बात आती है तो जिम्मेदार विभाग अपना हाथ उठा लेते है मामला है उड़ेला बड़े साजापाली
मार्ग की जहां आजु बाजू लगे पेड़ो पर निजी संस्थानों द्वारा कील ठोक ठोक कर बेनर लगा रहे है ।
मार्ग में बेनर लगा रहे 3 लड़के मिले अपना नाम पता बताए पुछने पर श्रीवास्तव कपड़ा बाजार दुकान सरायपाली का प्रचार प्रसार करना बताए बता दें आपको मार्ग किनारे प्रत्येक पेड़ पौधों पर बड़ी बड़ी कील बेनर के ऊपर ठुकी हुई मिल जाएगी और बेनर पोस्टर भी देखने को मिल रहा है बता दें कि जहां जहां कील ठोका जा रहा है उन पेड़ो पर कील ठोकने वाली जगहों में सड़न चालू हो चुका है ।निजी संस्थानों द्वारा सिर्फ पेड़ पौधे ही नही बल्कि शासकीय विधुत पोलो पर भी विज्ञापन लगा रहे है जो पूरी तरह अवैध है ।
सबसे पहले हमने रोड के ठेकेदार रानू सिंह जी से बात किया कि मार्ग किनारे लगे पेड़ पौधों का संरक्षण करने का कार्य किस विभाग का है मामले रोड ठेकेदार ने कहा कि राजस्व विभाग का है ।
मामले में एसडीएम सरायपाली से चर्चा करने पर कहा कि जब नई मार्ग का निर्माण होता है तो पेड़ो की कटाई के लिए ही अनुमती के लिए मेरे आदेश मांगे जाते है बाकी पेड़ पौधों का संरक्षण का कार्य वन विभाग का है फिर भी वन विभाग कुछ जांच कार्यवाही नही करती है लिखित शिकायत कीजिए वन विभाग को नोटिस भेजेंगे । SDM सरायपाली ओम्कारेश्वर
वही वन विभाग के रेंजर निराला का कहना है की वन विभाग के अंदर आने पेड़ पौधों की देख रेख की जिम्मेदारी मार्ग किनारे लगे पेड़ पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी राजस्व विभाग का है फिर अगर एसडीएम सहाब कुछ आदेश करते है तो उसके बाद वन विभाग जरूर एक्सन लेगा बसना रेंजर श्री निराला ।



