सरायपाली।बीईओ कार्यालय सरायपाली द्वारा प्राप्त लघु मरम्मत की स्वीकृत राशि में अनियमितता एवं गडबडी करने का लिखित साक्ष्य सहित शिकायत आरटीआई कार्यकर्ता ने सिद्वार्थ कोमल परदेशी (आइएएस) सचिव स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय को शिकायत किया। जिसमें संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग रायपुर ने जांच का आदेश दिया। जांचकर्ता अधिकारियो ने जांच में शिकायत सही पाया। प्रकाशचन्द्र मांझी बीईओ सरायपाली के विरूद्व कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही करने के लिए अनुशंसा करके संभागीय संयुक्त संचालक ने लोक शिक्षण संचालनालय छ.ग. नवा रायपुर को सम्पूर्ण दस्तावेज भेज दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बीईओ कार्यालय सरायपाली को वर्ष 2021-22 में जिला प्रशासन से 8,87268/- अक्षरी आठ लाख सत्यासी हजार दो सौ अठसठ रूपये व 8,87,274/- अक्षरी आठ लाख सत्यासी हजारी दो चौहत्तर रूपये प्राप्त हुआ था। जिस स्वीकृत राशि को चिन्हाकिंत सूचीबद्व स्कूलो को ही आबंटन किया जाना था। जिससे वे शाला का लघु मरम्मत कार्य करवा सके। लेकिन बीईओ ने उक्त राशि को जिन स्कूलो का नाम डीईओ कार्यालय महासमुन्द से जारी की गई स्वीकृत सूची में नही है, उसको जबरन प्रदाय करके राशि का बन्दरबाट कर दिया। अनियमितता किया।
इस मामले की शिकायत दिनांक 30 जनवरी 2024 को सचिव स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय महानदी भवन एवं संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग रायपुर में किया। संभागीय संयुक्त संचालक के आदेश से जिला स्तरीय तीन सदस्यीय दल नियुक्त करके जांच का आदेश दिया गया।
जांचकर्ता अधिकारीगण एम.जी. सतीश नायर, एन.के. सिन्हा, एस.जे. कुरैशी ने जांच में पाया कि पाया कि प्रकाशचन्द्र मांझी विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी सरायपाली द्वारा लघुमरम्मत के लिए स्वीकृत राशि का अनियमित व्यय किया गया है, जो कि वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है।
जांचकर्ता अधिकारियो के अभिमत सहित प्रतिवेदन प्राप्त करने के उपरान्त संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग रायपुर ने प्रकाशचन्द्र मांझी के विरूद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही हेतु अनुशंसा करके दस्तावेज लोक शिक्षण संचालनालय छ.ग. को भेजा है।



