महासमुंद/जल उत्सव पखवाड़ा 2026 का सफल आयोजन विश्व जल दिवस पर नानकसागर में हुआ समापन
महासमुंद/जल प्रबंधन एवं जल संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले हितग्राहियों एवं जनप्रतिनिधियों को किया गया सम्मानित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के द्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्रामीण पेयजल प्रदाय सेवा एवं जल संरक्षण के क्षेत्र व्यापक जन भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए महासमुंद जिले में संचालित जल महोत्सव 2026 का समापन कार्यक्रम ग्राम नानकसागर में आयोजित किया गया। 08 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर विकासखंड महासमुंद के ग्राम पाली में इस अभियान की शुरुआत की गई थी।
विकासखंड बागबाहरा के ग्राम पंचायत पतेरापाली निवासी श्रीमती ललिता आवड़े को जय सतनाम स्व-सहायता समूह के माध्यम से ग्राम में जल कर संग्रहण कर योजना के सफल संचालन एवं संधारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 11 मार्च 2026 को आयोजित राष्ट्रीय जल महोत्सव कार्यक्रम में उन्हें प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया है। जिले के विभिन्न ग्रामों में जल प्रबंधन तथा जल संरक्षण का संदेश देते हुए 22 मार्च को विश्व जल दिवस के अवसर पर विकासखंड बसना अंतर्गत ग्राम नानकसागर में अभियान का समापन हुआ।
समापन कार्यक्रम में सर्वप्रथम ग्राम के कीर्तन मंडली द्वारा कीर्तन के माध्यम से सभी अतिथियों का स्वागत किया गया। तत्पश्चात दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता द्वारा उपस्थित जनसमुदाय को सामुदायिक जल शपथ दिलाई गई, जिसमें जल संरक्षण, जल के समुचित उपयोग एवं वर्षा जल संचयन के प्रति जागरूक रहने का संकल्प लिया गया।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोंगरा पटेल ने जल संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भविष्य की जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हमें आज से ही जल के विवेकपूर्ण उपयोग एवं वर्षा जल संचयन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। जिला पंचायत सदस्य श्री मोक्ष प्रधान ने कहा कि हम सभी को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रत्येक गांव को न सिर्फ नल का पानी मिले, बल्कि उसका जिम्मेदारीपूर्वक संरक्षण भी हो। जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दिलेश्वरी निराला ने कहा कि महिलाएं पीढ़ियों से चले आ रहे पारंपरिक जल संरक्षण के तरीकों का उपयोग करती हैं, उन्हें व्यापक स्तर पर जल संरक्षण हेतु प्रयास करने की आवश्यकता है। सरपंच श्री चतुर्भुज आर्य ने कहा कि धरती हमारी माता है और हम इसके पुत्र हैं का भाव धारण करते हुए जल संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है और हमारा परम कर्तव्य है।
कार्यपालन अभियंता श्री देवप्रकाश वर्मा द्वारा बताया गया कि जल महोत्सव को एक राष्ट्रव्यापी अभियान के रूप में मनाया जा रहा है जो ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था के संचालन संधारण से लेकर जल संरक्षण-संवर्धन के लिए ग्राम पंचायतों, ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों, स्वयं सहायता समूहों, युवा स्वयंसेवकों और समुदाय को एक साथ लाकर एक व्यवस्थित ग्रामीण पेयजल व्यवस्था अर्थात सुजल ग्राम निर्माण को लक्षित करता है। इस अवसर पर जल प्रबंधन एवं जल संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले हितग्राहियों एवं जनप्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया।
जिसमें उत्कृष्ट सरपंच जल प्रबंधन सम्मान सरपंच श्री चतुर्भुज कुमार आर्य को मिला। इसी तरह जल वाहिनी प्रशंसा सम्मान – श्रीमती जानकी बारिक, ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति वित्तीय स्थिरता सम्मान – श्रीमती सुचित्रा प्रधान, स्व सहायता समूह जल सेवा प्रेरणा सम्मान – श्रीमती त्रिपत्ता प्रधान एवं नल जल मित्र ग्रामीण जल कौशल सम्मान – श्री मुकेश यादव को प्रदान किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, महिला स्व-सहायता समूह की सदस्याएं, पंचायत प्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने जल संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।



