महासमुंद/पीएम जनमन योजना के तहत खल्लारी के 11 कमार परिवारों के 26 सदस्यों को मिले आधार, राशन कार्ड एवं आवश्यक दस्तावेज
महासमुंद/ जिले के ऐतिहासिक स्थल खल्लारी, जो मां खल्लारी और भगवान जगन्नाथ की आस्था से ओतप्रोत है, प्राचीन काल में रायपुर के कल्चुरियों की राजधानी के रूप में भी प्रसिद्ध रहा है। समृद्ध इतिहास और धार्मिक महत्व के बावजूद इस गांव में निवासरत कमार जनजाति के कई परिवार वर्षों से मूलभूत सरकारी सुविधाओं से वंचित थे। आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में वे शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे थे, जिससे उनका जीवन संघर्षपूर्ण और भविष्य अनिश्चित बना हुआ था।
स्थिति में परिवर्तन तब आया जब प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत विशेष अभियान की शुरुआत की गई। इस अभियान का उद्देश्य ऐसे वंचित एवं दस्तावेज़विहीन परिवारों को चिन्हित कर उन्हें शासन की मुख्यधारा से जोड़ना था। ग्राम खल्लारी में किए गए सर्वेक्षण के दौरान 11 कमार परिवारों के 26 ऐसे व्यक्तियों की पहचान की गई, जिनके पास कोई भी वैध शासकीय दस्तावेज उपलब्ध नहीं था। इसके पश्चात संबंधित विभाग की टीम ने पूर्ण संवेदनशीलता, जिम्मेदारी एवं समर्पण के साथ कार्य प्रारंभ किया। प्रत्येक व्यक्ति के लिए आधार कार्ड, राशन कार्ड सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
इस दौरान जानकारी के अभाव, आवश्यक प्रमाणों की कमी तथा ग्रामीणों की प्रारंभिक झिझक जैसी कई चुनौतियाँ सामने आईं, किन्तु टीम के धैर्य एवं सतत प्रयासों से सभी समस्याओं का प्रभावी समाधान किया गया। कम समय में ही सभी 26 व्यक्तियों के आवश्यक दस्तावेज तैयार कर लिए गए, जिससे वे शासन की विभिन्न योजनाओं के पात्र बन गए। इसके साथ ही सभी चिन्हित परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पक्के आवास स्वीकृत किए गए। आवास निर्माण के दौरान परिवार के सदस्यों ने मनरेगा के तहत कार्य करते हुए मजदूरी के माध्यम से आय अर्जित की, जिससे उन्हें आर्थिक संबल भी प्राप्त हुआ। साथ ही इन परिवारों के साक्षर सदस्यों को जिला मुख्यालय में शासकीय सेवाओं में अवसर भी प्रदान किए गए, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ।
लाभान्वित महिला बहरई कमार ने बताया कि पूर्व में शौचालय के अभाव में उन्हें खुले में शौच के लिए जाना पड़ता था, जिससे असुविधा एवं असुरक्षा का सामना करना पड़ता था। अब प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्मित घर में नल युक्त शौचालय की सुविधा मिलने से उनके जीवन में गरिमा, सुरक्षा एवं सहजता आई है।
इसी तरह लाभान्वित हितग्राही सोनऊ कमार एवं उमेश कमार ने बताया कि पूर्व में सीमित संसाधनों के कारण जीवनयापन अत्यंत कठिन था, किन्तु अब शासकीय नौकरी मिलने से परिवार को स्थायित्व एवं सुरक्षा प्राप्त हुई है। उनके बच्चे अब अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में अध्ययन कर रहे हैं और उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर हैं। आज खल्लारी गांव के ये सभी परिवार पहले की अपेक्षा अधिक आत्मनिर्भर, सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर रहे हैं।



