छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में वंदे भारत ट्रेन पर पत्थरबाजी की घटना सामने आई है। पत्थर मारने से ट्रेन के तीन कोच C2-10 , C4-1,C9-78 के शीशों में दरारें आई है। घटना की सूचना पाकर आरपीएफ पुलिस मौके पर पहुंची और यूथ कांग्रेस नेता के भाई समेत 5 आरोपियों को पकड़ा है। पांचों आरोपी बागबाहरा के रहने वाले हैं। फिलहाल आरपीएफ पुलिस रेलवे एक्ट 1989 के तहत मामला दर्ज कर सभी आरोपियाें को आज रेलवे कोर्ट में पेश करेगी। यह पूरा मामला बागबहरा थाना क्षेत्र का है
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ज्ञात हो कि इस ट्रेन को 16 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हरी झंडी दिखाने वाले हैं। शुक्रवार 13 सितंबर को वंदे भारत ट्रेन का ट्रायल रन था। ट्रेन दुर्ग से सुबह 7.10 बजे महासमुंद ,बागबाहरा होते हुए विशाखापट्टनम गई। लौटते वक्त शुक्रवार की रात करीब 9 बजे बागबाहरा स्टेशन से गुजर (Indian Railway) रही थी, तभी कुछ असामाजिक तत्वों ने पथराव किया। रात 11 बजे दुर्ग पहुंचने पर इस ट्रेन को यार्ड में ले जाया गया। जहां इसकी जांच की गई।
आरोपियों में पार्षद का भाई शामिल
पथराव की वजह से नई चमचमाती ट्रेन के तीन कोच के विंडो क्रेक हुए हैं। पथराव में शामिल पांचों आरोपियों पकड़े गए है। इनमें से एक आरोपी बागबाहरा नगर पालिका के पार्षद का भाई है। हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। आरपीएफ शनिवार 14 सितंबर 2024 को सभी आरोपियों को रायपुर न्यायालय में पेश करेगी। ज्ञात हो कि इससे पहले बिलासपुर नागपुर वंदेभारत एक्सप्रेस पर भिलाई के आसपास पथराव होता रहा है
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Indian Railway: प्रदेश की दूसरी वंदे भारत
दुर्ग से विशाखापत्तनम के बीच चलने वाली यह ट्रेन प्रदेश की दूसरी वंदे भारत होगी। इससे पहले 11 दिसंबर 2022 को बिलासपुर-नागपुर वंदे भारत शुरू हुई थी।
पहली भी हो चुकी कई घटनाएं
आपको बता दें कि ऐसी ही घटनाएं पहले भी हो चुकी है। कई शहरों में वंदे भारत पर पत्थर फेंके जा चुके हैं। कुछ दिन पहले ही लखनऊ से पटना जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस (22346) पर अज्ञात शख्स ने पत्थरबाजी की थी। यह घटना वाराणसी के आसपास बुधवार रात हुई। रात करीब 8:15 बजे (Indian Railway) आरोपी ने पत्थर मारकर ट्रेन के C5 के खिड़की के शीशे को क्षतिग्रस्त कर दिया था।



