सरायपाली बसना: आश्रम के महंत मृत्यु के बाद उत्तराधिकार को लेकर दो पक्ष आमने-सामने, कबीर आश्रम मे 8 एकड़ जमीन – उत्तरप्रदेश निवासी और स्थानीय दोनों ओर से मारपीट और धमकी की रिपोर्ट दर्ज
सरायपाली : उत्तराधिकार को लेकर दो पक्ष आमने-सामने, कबीर आश्रम मे 8 एकड़ जमीन उत्तरप्रदेश निवासी और स्थानीय दोनों ओर से मारपीट और धमकी की रिपोर्ट दर्ज
कबीर आश्रम केन्दुढार में उत्तराधिकार को लेकर दो पक्ष आमने-सामने, दोनों ओर से मारपीट और धमकी की रिपोर्ट दर्ज
सरायपाली (महासमुंद)। ग्राम केन्दुढार स्थित सदगुरु कबीर आश्रम में महंत हेमदास की 12 सितम्बर 2025 को रायपुर के बालाजी अस्पताल में मृत्यु हो जाने के बाद आश्रम की देखरेख और उत्तराधिकारी को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मामले में दो अलग-अलग पक्षों ने थाना सरायपाली में मारपीट और जान से मारने की धमकी की शिकायत दर्ज कराई है।
पहली शिकायत ग्राम केन्दुढार निवासी एक युवक ने दर्ज कराई है, जिसने बताया कि वह स्नातक तक पढ़ाई किया है और वर्तमान में सरायपाली में खालसा केबल विजन में काम करता है। उसके पूर्वजों ने रोड किनारे आठ एकड़ भूमि कबीर आश्रम हेतु दान की थी। आश्रम की देखरेख महंत हेमदास करते थे। उनकी मृत्यु के बाद गांव का उपसरपंच धनेश कुमार साहू अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर तरेकेला निवासी लखनमुनि को आश्रम में बैठाना चाहता था। इस संबंध में उपसरपंच ने 20 सितम्बर की सुबह 10 बजे गांव में मीटिंग रखी थी।
शिकायतकर्ता का कहना है कि जब वह मीटिंग में अपनी बात रखने पहुंचा तो उसकी बात सुनने को कोई तैयार नहीं था। इसके बाद जब वह मीटिंग से जाने लगा तो उपसरपंच धनेश साहू ने मां-बहन की गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी और गाल व गर्दन पर दो-तीन थप्पड़ तथा मुक्का मारकर अपमानित किया। इस घटना को मीटिंग में मौजूद फागुलाल डडसेना, मोहन चौहान, डोंगर सिंह साहू और दुबेलाल साहू ने देखा-सुना। शिकायतकर्ता ने परिवार से राय लेकर दर्द अधिक होने पर रिपोर्ट दर्ज कराई है।
दूसरी ओर, संतकबीरनगर उत्तरप्रदेश निवासी एक व्यक्ति, जो मंदिर कबीरदास आश्रम ग्राम हरपुर (थाना महुली, जिला संतकबीरनगर) में रहता है, उसने बताया कि महंत हेमदास की मृत्यु की सूचना मिलने पर डिग्रीलाल साकरे और रामकुमार साकरे के कहने पर 19 सितम्बर को केन्दुढार कबीर आश्रम में आकर रहने लगा।
उसका आरोप है कि 21 सितम्बर की सुबह लगभग 10:30 बजे मनीष विशाल, खिलेश दास और घनश्याम चौहान उसके पास आए और कहा कि “तुम यहां क्यों आए हो, आश्रम से भाग जाओ, नहीं भागोगे तो जान से मारे जाओगे।” इसके बाद तीनों ने आरोप लगाया कि वह मोबाइल से रिकॉर्डिंग कर रहा है और मोबाइल छीनकर उसमें से रिकॉर्डिंग डिलीट कर दिया और पूरा मोबाइल फॉर्मेट कर दिया।
शिकायतकर्ता के अनुसार मौके पर उपस्थित उपसरपंच धनेश साहू ने लखनमुनि को फोन पर बुलाया। लखनमुनि के आने पर उक्त तीनों ने फिर से गाली-गलौज कर मां-बहन की गंदी गालियां दी और जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि कनपटी, सिर और पीठ में भी उन्होंने मारपीट की। इस घटना को कृष्णा दास, भोलानंद साकरे और सूरज प्रकाश वैष्णव ने देखा-सुना है।
दोनों ही शिकायतकर्ताओं ने पुलिस से कार्यवाही की मांग की है। फिलहाल थाना सरायपाली पुलिस ने दोनों पक्षों की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।



