पिथौरा/ केसरीपुर तालाब जहर कांड में एफआईआर दर्ज / कलेक्टर के निर्देशन में केसरीपुर पहुंची टीम, 64 ग्रामीणों का किया गया परीक्षण केसरीपुर के तालाब में कीटनाशक जहर डालकर मछलियां मारने का आरोप, अधिवक्ता ने दर्ज कराई रिपोर्ट; सदमे में चाचा को लकवा आने का दावा, तीन लाख के नुकसान की शिकायत
सांकरा/महासमुंद। महासमुंद जिले के थाना सांकरा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम केसरीपुर में स्थित लगभग 10 एकड़ के तालाब में अज्ञात व्यक्ति द्वारा कथित रूप से कीटनाशक जहर डालकर मछलियों को मारने का मामला सामने आया है। इस संबंध में जिला न्यायालय महासमुंद में व्यवसायरत अधिवक्ता रामदाऊ पटेल ने थाना सांकरा में लिखित आवेदन प्रस्तुत कर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने आवेदन के अवलोकन के बाद प्रथम दृष्टया अपराध घटित होना पाए जाने पर अज्ञात आरोपी के विरुद्ध धारा 279-बीएनएस, 324(5)-बीएनएस एवं 325-बीएनएस के तहत मामला कायम कर विवेचना में लिया है।
प्राप्त प्रथम सूचना के अनुसार, रामदाऊ पटेल पिता घुराऊ राम पटेल, उम्र 55 वर्ष, निवासी ग्राम केसरीपुर, थाना सांकरा, जिला महासमुंद ने पुलिस को बताया कि वे जिला न्यायालय महासमुंद में अधिवक्ता हैं। उनके अलावा उनके चाचा परमानंद पटेल, चुडामणी पटेल एवं मोहन लाल पटेल के नाम पर ग्राम केसरीपुर में स्थित एक तालाब है, जिसका खसरा नंबर 300/1, 300/2, 300/3 एवं 300/4 है तथा जिसका कुल रकबा लगभग 10 एकड़ है। उक्त तालाब में वे लोग मछली पालन का कार्य करते हैं। साथ ही गांव के लोग भी इसी तालाब का उपयोग निस्तारी कार्यों के लिए करते हैं।
शिकायतकर्ता के अनुसार, दिनांक 07 जून 2026 को शाम लगभग 6 बजे से 08 जून 2026 की सुबह 6 बजे के मध्य किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा तालाब के पानी में कीटनाशक दवाई डाल दी गई। इसके कारण तालाब की मछलियां मरने लगीं और बड़ी संख्या में मछलियों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद जब वे तालाब पहुंचे तो बड़ी मात्रा में मरी हुई एवं तड़पती हुई मछलियां दिखाई दीं।
रामदाऊ पटेल ने थाना सांकरा में प्रस्तुत आवेदन में उल्लेख किया है कि उक्त घटना को देखकर उनके चाचा मोहन लाल पटेल को गहरा मानसिक आघात पहुंचा। आवेदन के अनुसार, इसी सदमे के कारण उन्हें लकवा मार गया, जिससे उनके शरीर का दाहिना हिस्सा पूर्णतः प्रभावित हो गया तथा वे बातचीत करने में भी असमर्थ हो गए क्योंकि उनके मुंह पर भी लकवे का असर हो गया है। शिकायतकर्ता ने इसे घटना से उत्पन्न मानसिक आघात का परिणाम बताया है।
आवेदन में यह भी कहा गया है कि भीषण गर्मी के इस दौर में यह तालाब गांव का एकमात्र निस्तारी तालाब है। तालाब के पानी में कथित रूप से कीटनाशक मिल जाने के कारण ग्रामीणों का नहाना-धोना बंद हो गया है तथा वे निस्तारी के लिए दूसरे गांव जाने को विवश हो गए हैं। इससे गांव के दैनिक जीवन पर भी असर पड़ा है।
शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि इस घटना से उन्हें एवं उनके चाचाओं को लगभग 3 लाख रुपये की आर्थिक क्षति हुई है। उन्होंने पुलिस से मामले की जांच कर दोषियों की पहचान करने तथा उनके विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना सांकरा में प्रस्तुत आवेदन के अवलोकन के बाद पुलिस ने प्रथम दृष्टया अज्ञात आरोपी का कृत्य अपराध की श्रेणी में पाए जाने पर अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि तालाब में कीटनाशक दवा किसने और किन परिस्थितियों में डाली।
आवेदन में थाना प्रभारी सांकरा को संबोधित करते हुए रामदाऊ पटेल ने लिखा है कि, “महोदय से मेरा निवेदन है कि आवेदन में बाद जांच उपरांत दोषियों के विरुद्ध उचित कार्यवाही किये जाने की कृपा करें।”
गौरतलब है कि इससे पहले भी इसी तालाब में मछलियों के मरने का मामला चर्चा में रहा था, लेकिन इस बार अधिवक्ता द्वारा दी गई लिखित शिकायत के बाद मामला पुलिस तक पहुंच गया है और अब जांच के निष्कर्षों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
कलेक्टर के निर्देशन में लगा स्वास्थ्य परीक्षण शिविर
मामले की गंभीरता को देखते हुए महासमुंद कलेक्टर के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्राम केसरीपुर पहुंचकर विशेष स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाया। शिविर में तालाब के पानी का उपयोग करने वाले ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जानकारी के अनुसार कुल 64 ग्रामीणों की जांच की गई, जिनमें किसी भी व्यक्ति में जहरीले पानी के प्रभाव, त्वचा रोग अथवा अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्या के लक्षण नहीं पाए गए।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है। वहीं तालाब में हजारों मछलियों की मौत के कारणों की जांच भी जारी है और संबंधित विभागों द्वारा पानी तथा अन्य नमूनों की जांच कराई जा रही है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि स्वास्थ्य परीक्षण में ग्रामीणों में तत्काल कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं मिलने की पुष्टि हुई है, लेकिन मछलियों की सामूहिक मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
क्या कहता है आवेदन?
• शिकायतकर्ता – रामदाऊ पटेल, पिता घुराऊ राम पटेल, उम्र 55 वर्ष।
• पेशा – जिला न्यायालय महासमुंद में व्यवसायरत अधिवक्ता।
• स्थान – ग्राम केसरीपुर, थाना सांकरा, जिला महासमुंद।
• तालाब का खसरा नंबर – 300/1, 300/2, 300/3 एवं 300/4।
• कुल रकबा – लगभग 10 एकड़।
• घटना अवधि – 07 जून 2026 शाम 6 बजे से 08 जून 2026 सुबह 6 बजे के बीच।
• आरोप – अज्ञात व्यक्ति द्वारा तालाब में कीटनाशक दवा डालना।
• प्रभाव – मछलियों की मौत, ग्रामीणों की निस्तारी प्रभावित।
• दावा – लगभग 3 लाख रुपये की आर्थिक क्षति।
• अतिरिक्त दावा – घटना के सदमे से मोहन लाल पटेल को लकवा आने की बात।
डिस्क्लेमर : इस समाचार में अज्ञात व्यक्ति द्वारा कीटनाशक डालने, तीन लाख रुपये के नुकसान तथा मोहन लाल पटेल को सदमे के कारण लकवा आने संबंधी उल्लेख शिकायतकर्ता रामदाऊ पटेल द्वारा थाना सांकरा में प्रस्तुत लिखित आवेदन एवं प्रथम सूचना के आधार पर प्रकाशित किए गए हैं। इन दावों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच, चिकित्सकीय दस्तावेजों एवं संबंधित अधिकारियों की जांच रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी। मछलियों की मौत के वास्तविक कारणों का भी अंतिम खुलासा संबंधित विभागों की जांच रिपोर्ट के बाद ही संभव होगा।– महाजनपदन्यूज.कॉम
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