बसना विकासखंड के ग्राम पर्रापाट में सृष्टि के प्रथम शिल्पकार एवं निर्माण के देवता भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना के बाद प्रतिमा का विसर्जन पूरी श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। विशेष हवन-पूजन एवं महाआरती के पश्चात श्रद्धालुओं द्वारा भगवान विश्वकर्मा की भव्य विसर्जन यात्रा निकाली गई। गाजे-बाजे और “जय भगवान विश्वकर्मा” के गगनभेदी जयकारों के साथ ग्रामीण प्रतिमा को लेकर तालाब घाट पहुंचे। यात्रा के दौरान युवाओं और ग्रामीणों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर खुशियां मनाईं।
वैदिक रीती-रिवाज से दी गई भावभीनी विदाई
तालाब घाट (विसर्जन स्थल) पर मंत्रोच्चार के साथ अंतिम पूजा-अर्चना कराई गई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने अश्रुपूर्णा आंखों से भगवान की प्रतिमा को जल में प्रवाहित कर विदाई दी। इस अवसर पर सभी ने गांव की सुख-समृद्धि, खुशहाली और निर्माण कार्यों में प्रगति की मंगलकामना की।
समिति की रही सराहनीय भूमिका, आयोजन में बने सहयोगी
आयोजन को सफल बनाने में विश्वकर्मा पूजा समिति के सदस्यों और गांव के युवाओं की सक्रिय एवं अनुकरणीय भूमिका रही। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जुजेष्टी यादव, जयकृष्टों यादव, विजय कुमार जगत, चित्रसेन यादव, लक्ष्मण दास मानिकपुरी, सरजू निषाद, घनश्याम पोर्ते, योगेश पोर्ते, शोभाराम जगत, हेमलाल जगत, प्रभुलाल, रूपलाल, कलपराम, दीनानाथ, गोपनाथ, पुजेरी सहित समिति के समस्त पदाधिकारियों, सदस्यों एवं बड़ी संख्या में माताएं-बहनें व ग्रामीणजन उपस्थित रहे। समिति की उत्कृष्ट व्यवस्था और आपसी समन्वय से पूरा कार्यक्रम गरिमामय एवं शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।



