राजमिस्त्री और रेजा-कुली के बच्चे अब पढ़ेंगे बड़े आवासीय स्कूलों में
अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना से नारायणपुर के श्रमिक परिवारों के सपनों को मिली नई उड़ान
रायपुर, 20 सितंबर 2026
छत्तीसगढ़ सरकार के भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा संचालित अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना नारायणपुर जिले के श्रमिक परिवारों के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नई और मजबूत राह तैयार कर रही है। आर्थिक तंगी और सीमित संसाधनों के कारण जिन प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में अपने बच्चों को पढ़ाना श्रमिक परिवारों के लिए कभी अधूरा सपना हुआ करता था, आज इसी योजना के माध्यम से उन संस्थानों के दरवाजे मेधावी बच्चों के लिए खुल गए हैं। जिले के पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक निःशुल्क, गुणवत्तापूर्ण और आवासीय शिक्षा प्रदान कर यह योजना उनके सपनों को नई उड़ान दे रही है।
जिले के ग्राम खरगांव में राजमिस्त्री का कार्य करने वाले रामधर दुग्गा के पुत्र साहिल दुग्गा का चयन राज्य के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में शामिल राजकुमार कॉलेज, रायपुर में हुआ है। बेटे के चयन से पूरा परिवार बेहद खुश है। रामधर दुग्गा भावुक होकर बताते हैं कि एक श्रमिक परिवार के लिए इतने बड़े विद्यालय में बच्चे को पढ़ाने की कल्पना करना भी आसान नहीं होता, लेकिन सरकार की इस पहल ने उनके बेटे की शिक्षा की राह आसान कर दी है।
इसी तरह नारायणपुर के जगदीश मंदिर वार्ड की रहने वाली डिगेश्वरी जैन, जो स्वयं रेजा-कुली का कार्य करती हैं, अपनी पुत्री तेजल जैन के चयन से बेहद उत्साहित हैं। तेजल का चयन दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS), राजनांदगांव में निःशुल्क अध्ययन के लिए हुआ है।
वहीं ओरछा तहसील के सुदूर ग्राम कुतुल की रेजा-कुली गणेशिया उसेंडी की बेटी दिप्ती उसेंडी और ग्राम बाकुलवाही के दयाल सिंह पात्र की पुत्री पूर्वी पात्र का चयन संस्कार द गुरुकुल, बस्तर में हुआ है। इसी क्रम में ग्राम बोरण्ड निवासी बेनु राम राना के पुत्र हिमांशु राना को कृष्णा एजुकेशन सोसायटी, भिलाई में रहकर शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिला है।
अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना केवल निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने की पहल नहीं है, बल्कि यह दूरस्थ और आदिवासी अंचलों के बच्चों में आत्मविश्वास, प्रतिभा और बेहतर करियर की संभावनाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। आवासीय एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण मिलने से ये बच्चे अपनी प्रतिभा को निखारने के साथ ही भविष्य की चुनौतियों के लिए भी बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे।
इस सुखद बदलाव से उत्साहित हितग्राही श्रमिक परिवारों ने श्रम विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन का सहृदय धन्यवाद किया है। योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर श्रमिक परिवारों के बच्चों को प्रतिष्ठित विद्यालयों में शिक्षा का अवसर मिलना उनके भविष्य को नई दिशा देने वाला कदम है।



