CG सरायपाली। सरायपाली विधायक चातुरी नंद की सोशल मीडिया पर की गई एक टिप्पणी के बाद पट्टा वितरण को लेकर क्षेत्र में चर्चा शुरू हो गई है। विधायक ने अपनी टिप्पणी में गरीबों को पट्टा वितरण की बात कहकर कार्यक्रम में बुलाए जाने और भीड़ बढ़ाने का आरोप लगाया है। हालांकि, विधायक की टिप्पणी में किसी विशेष कार्यक्रम का नाम नहीं बताया गया है और न ही यह स्पष्ट किया गया है कि किस कार्यक्रम में पट्टा वितरण का आश्वासन देकर लोगों को बुलाया गया था।
विधायक की टिप्पणी सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ लोगों ने पट्टा के लिए आवेदन करने के बावजूद अब तक पट्टा नहीं मिलने की बात कही, तो कुछ ने कार्यक्रम में लोगों को बुलाने के तरीके पर सवाल उठाए। वहीं कई कमेंट्स में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिलीं।
हाल ही में सरायपाली को मिली ₹178 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात
गौरतलब है कि हाल ही में छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव के सरायपाली दौरे के दौरान क्षेत्र को विभिन्न विकास कार्यों के लिए करीब ₹178 करोड़ की सौगात मिली थी। इस दौरान विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया था।
वहीं, सरायपाली विधायक चातुरी नंद ने इन विकास कार्यों को लेकर शासन के प्रति आभार भी व्यक्त किया था। ऐसे में एक ओर विकास कार्यों के लिए विधायक द्वारा शासन का आभार व्यक्त किया जाना और दूसरी ओर पट्टा वितरण को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठाया जाना, दोनों ही बातें चर्चा में हैं।
कमेंट बॉक्स में दिखे अलग-अलग सुर
विधायक की पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स ने अपने अनुभव और विचार साझा किए। Pushpendra Bablu Sahu ने लिखा— “समोसा आलूगुंडा भरपूर मिलहि बोलके भी बुला सकत रहीस,,, ये तो गलत बात है।”
Sunadhar Pande ने लिखा— “Uska virodh karo।”
Barsa Sahu ने सरायपाली में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और सांसद रूपकुमारी चौधरी के प्रति आभार जताया।
Mukesh Bhoi और Satyaa Bhoi ने हंसने वाले इमोजी के जरिए प्रतिक्रिया दी, जबकि Uttar Pradhan ने लिखा— “यही तो है अच्छे दिन।”
Krishna Chauhan ने सरकार को लेकर टिप्पणी करते हुए लिखा— “लबरा सरकार सांय सांय लबारी मारके हमन ल ठगत हे।”
Bakde Lalendra ने लिखा— “मैडम जिस दिन जनता समझ जायेगी उस दिन बीजेपी का हाल जैसे अंग्रेजों का हुआ था वैसी होगा।”
Sahu Lalit Sahu ने लिखा— “हो सकता है कुछ भी कर सकता है।”
वहीं Bhukhan Lal Sinha ने विधायक से सवाल करते हुए लिखा— “फिर तो आपको मंच पर बोल देना था महोदया जी।”
लंबित पट्टा आवेदन को लेकर भी उठे सवाल
Sahassingh Chauhan ने लिखा— “सुशासन दिवस में पट्टा का आवेदन दिया गया था आज तक मेरे ग्रामपंचायत वासियो को नहीं मिला लोगो को गुमराह कर रहा है।”
Vinod Das ने टिप्पणी की— “झूठी कहानी गढ़कर ये सत्ता में आए हैं, ये कुछ भी कर सकते हैं, सब कुछ मुमकिन है।”
Virendra Kosariya ने लिखा— “आवेदन दे दे कर थक चुके फिर भी अभी तक न पट्टा का पता है और न ही सामने से कोई अनुकूल जवाब मिला है।”
Mohammad Nawaaz ने टिप्पणी की— “अग्नि पर तो स्वाहा होता है।”
वहीं Nayan Sahu ने पट्टा के बजाय सरायपाली-सागरपाली-सरसींवा मार्ग को लेकर सवाल उठाते हुए लिखा— “बरसात जाते ही सरायपाली सागरपाली सरसींवा मार्ग में गड्ढे भरने का काम शुरू हो जायेगा यानी सड़क नहीं बनेगा।”
Kumud Nand ने पट्टा वितरण को लेकर राजनीतिक टिप्पणी करते हुए लिखा— “पट्टा तो केवल गरीबों को इंदिरा गांधी के शासन काल से अब तक कांग्रेस ही देती हैं…”
किस कार्यक्रम का था संदर्भ, यह अब भी स्पष्ट नहीं
सोशल मीडिया पर आई इन प्रतिक्रियाओं के बीच सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि विधायक ने जिस कार्यक्रम में पट्टा वितरण की बात कहकर लोगों को बुलाने का उल्लेख किया है, वह आखिर कौन-सा कार्यक्रम था? विधायक की मूल टिप्पणी में कार्यक्रम का नाम स्पष्ट नहीं किया गया है।
इसी तरह सोशल मीडिया यूजर्स द्वारा पट्टा आवेदन लंबित होने को लेकर किए गए दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इस मामले में विधायक, संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों अथवा कार्यक्रम आयोजकों का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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