छत्तीसगढ़ के चार शहरों में चलेंगी 240 इलेक्ट्रिक बसें, 11 अक्टूबर को होगा कंसेशन एग्रीमेंट
उप मुख्यमंत्री अरुण साव की मौजूदगी में चार नगर निगमों और चार्टर्ड स्पीड लिमिटेड के बीच होगा समझौता
रायपुर में सबसे अधिक 100, दुर्ग-भिलाई और बिलासपुर में 50-50 तथा कोरबा में चलेंगी 40 इलेक्ट्रिक बसें
बिलासपुर और भिलाई में 1 नवंबर तक 20-20 बसें शुरू करने का लक्ष्य
रायपुर, 11 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में शहरी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत प्रदेश के चार नगर निगमों में कुल 240 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए 11 अक्टूबर को कंसेशन एग्रीमेंट किया जाएगा। मतलब आज उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव की मौजूदगी में रायपुर, बिलासपुर, भिलाई और कोरबा नगर निगम तथा चयनित एजेंसी चार्टर्ड स्पीड लिमिटेड के बीच यह समझौता होगा। इस समझौते के साथ ही चारों शहरों में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का रास्ता साफ होगा।
उप मुख्यमंत्री के निवास कार्यालय में होगा कार्यक्रम
नवा रायपुर स्थित उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के निवास कार्यालय में आयोजित कंसेशन एग्रीमेंट कार्यक्रम में प्रदेश के आठ नगरीय निकायों के महापौर और आयुक्त शामिल होंगे। इनमें रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, बिलासपुर की महापौर श्रीमती पूजा विधानी, कोरबा की महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, दुर्ग की महापौर श्रीमती अलका बाघमार, रिसाली की महापौर श्रीमती शशि सिन्हा, भिलाई के महापौर श्री नीरज पाल, बीरगांव के महापौर श्री नंदलाल देवांगन तथा भिलाई-चरोदा के महापौर श्री निर्मल कोसरे शामिल हैं।
कार्यक्रम में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, संचालक श्री नीलेश क्षीरसागर और सूडा के सीईओ श्री सुमीत अग्रवाल भी मौजूद रहेंगे।
रायपुर को मिलेंगी सबसे अधिक 100 इलेक्ट्रिक बसें
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने बताया कि प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के पहले चरण में प्रदेश के चार नगर निगमों में कुल 240 इलेक्ट्रिक बसें संचालित करने की योजना है। इसके तहत रायपुर में सबसे अधिक 100 बसें चलाई जाएंगी। वहीं, दुर्ग-भिलाई और बिलासपुर में 50-50 तथा कोरबा में 40 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा।
बसों के संचालन के लिए आवश्यक तैयारियां अंतिम चरण में हैं। बिलासपुर और भिलाई में 1 नवंबर 2026 तक प्रतीकात्मक रूप से 20-20 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इससे इन शहरों में नागरिकों को आधुनिक सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण शुरुआत होगी।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी इलेक्ट्रिक बसें
प्रमुख सचिव श्री बोरा ने बताया कि इलेक्ट्रिक बसों में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है। ये बसें आधुनिक एवं हाईटेक सुविधाओं से लैस होंगी। यात्रियों को किराया भुगतान और टिकट प्राप्त करने के लिए डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
यात्री मोबाइल स्कैनर के माध्यम से किराए का भुगतान कर सकेंगे और ऑनलाइन टिकट भी प्राप्त कर सकेंगे। बसों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्रत्येक बस में छह कैमरे लगाए जाएंगे। इसके अलावा यात्री मोबाइल एप के माध्यम से बसों के रूट की जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे। इन सुविधाओं से यात्रियों की यात्रा अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी।
प्रदूषण कम करने और परिवहन व्यवस्था आधुनिक बनाने पर जोर
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना का प्रमुख उद्देश्य शहरी सार्वजनिक परिवहन को स्वच्छ, सुविधाजनक और पर्यावरण के अनुकूल बनाना है। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम होगी। साथ ही वायु प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में भी मदद मिलेगी।
चार बड़े शहरों में 240 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से नागरिकों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के साथ शहरी परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में भी तेजी आएगी। आधुनिक तकनीक, डिजिटल टिकटिंग और सुरक्षा सुविधाओं से युक्त ये बसें शहरों में सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुविधाजनक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहरों में पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने की तैयारी है। इस 11 अक्टूबर को होने वाला कंसेशन एग्रीमेंट इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।



